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शुभेंदु अधिकारी ने ली पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ, उनके साथ इन 5 लोगों ने ली मंत्री पद की शपथ
शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है.
उन्होंनेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह समेत भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई नेताओं की मौजूदगी में बांग्ला भाषा में शपथ ली.
उनके साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निशिथ प्रमाणिक ने भी मंत्री पद की शपथ ली.
इससे पहले सुबह शुभेंदु अधिकारी ने एक्स पर पोस्ट किया, "पश्चिम बंगाल के लिए यह सचमुच एक ऐतिहासिक सुबह है.'सिटी ऑफ़ जॉय' में दूरदर्शी नेता माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का स्वागत करना गर्व और हर्ष का क्षण है. आज, आज़ादी के बाद पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी बनते हुए, हम अपने संस्थापक पुरखों के सपनों को साकार होते देख रहे हैं."
उन्होंने आगे लिखा, "स्वागत है, प्रधानमंत्री जी."
शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता अमित शाह की मौजूदगी में हुई विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया.
इसके बाद शुक्रवार शाम उन्होंने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया. ये राज्य में पहली बीजेपी सरकार होगी.
चार मई को आए विधानसभा चुनाव के नतीजों में बीजेपी ने 293 में से 207 सीटों पर जीत दर्ज की.
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को 80 विधानसभा सीटों पर ही जीत मिली. वो पिछले 15 सालों से राज्य की मुख्यमंत्री थी.
लेकिन चार मई के बाद से पश्चिम बंगाल की राजनीति में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है.
ममता बनर्जी ने बीजेपी पर चुनाव में बेईमानी का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने से इंकार कर दिया था.
हालांकि इस पर बीजेपी ने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी बात नहीं कर सकता है.
लेकिन पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर एन रवि ने सात मई को विधानसभा भंग करने का आदेश जारी किया.
राज्यपाल के इस फैसले के साथ ही पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया.
चार मई को क्या हुआ?
पश्चिम बंगाल एक महीने से ज्यादा लंबे समय तक चली चुनावी प्रक्रिया के बाद चार मई को जब नतीजे आने शुरू हुए तो रुझानों के साथ ही साफ हो गया कि बीजेपी राज्य में पहली बार सत्ता हासिल करने वाली है.
शुरुआती रुझानों के बाद ही ममता बनर्जी ने बयान जारी कर टीएमसी के वोटिंग एजेंट्स से काउंटिंग सेंटर पर ही रहने की अपील की.
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया है. इसमें उन्होंने कहा, "मैं हाथ जोड़कर निवेदन करती हूं कोई भी वोटिंग एजेंट काउंटिंग सेंटर से दूर ना जाए. ये भारतीय जनता पार्टी की योजना है. मैं ये कल से कह रही हूं कि चुनाव आयोग पहले उनके नतीजे दिखाएगा, फिर हमारी पार्टी के नतीजे दिखाएगा."
लेकिन बीजेपी को बढ़त मिलने के बाद बीजेपी नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "बंगाल में भाजपा को मिली यह ऐतिहासिक जीत हमारे असंख्य कार्यकर्ताओं के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है. यह उन परिवारों के धैर्य की जीत है, जिन्होंने हिंसा सहकर भी भगवा ध्वज नहीं छोड़ा."
लेकिन सोमवार शाम पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पर बीजेपी की भारी बढ़त के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर 'वोट लूट' का आरोप लगाया.
उन्होंने पत्रकारों से कहा, "बीजेपी ने 100 से ज्यादा सीटों की लूट की है. बीजेपी ने धोखाधड़ी की है. चुनाव आयोग अब बीजेपी आयोग बन गया है. हमने समय-समय पर इसकी शिकायत की है. लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था."
इसी बीच बीजेपी ने देर रात तक पश्चिम बंगाल में पहली बार बहुमत हासिल कर लिया.
पांच मई को क्या हुआ
पांच मई मंगलवार को पश्चिम बंगाल की राजनीति में काफी हलचल देखने को मिली.
मंगलवार को चुनाव हारने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने बीजेपी पर बेईमानी से चुनाव जीतने का आरोप लगाया.
ममता बनर्जी ने कहा है कि वो चुनाव नहीं हारी हैं इसलिए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा नहीं देंगी.
पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने ममता बनर्जी के इस्तीफ़ा न देने वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी.
बीजेपी के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "जैसी बातें वो बोल रही हैं, उनसे वो खुद को ही हास्यास्पद बना रही हैं. वो कुछ दिनों तक प्रचार की रोशनी में रहना चाहती हैं, इसलिए वो ऐसी बातें कर रही हैं. इस तरह की हास्यास्पद बातों का कोई जवाब भारतीय जनता पार्टी या संविधान में विश्वास करने वाली कोई पार्टी नहीं दे सकती."
इसी बीच पांच मई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह खुश होने का विषय नहीं है.
राहुल गांधी ने कांग्रेस और दूसरी पार्टियों के कार्यकर्ताओं से छोटी-मोटी राजनीति छोड़ देने की अपील की.
लेकिन बीजेपी ने पांच मई को ही नई सरकार बनाने की कवायद शुरू कर दी. मंगलवार को बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में पार्टी के विधायक दल का नेता चुनने के लिए अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया.
मंगलवार देर शाम तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के काउंटिंग सेंटरों के सीसीटीवी फ़ुटेज रिलीज़ करने की मांग की.
छह मई को क्या हुआ
बुधवार छह मई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद बीजेपी पर एक बार फिर 'वोट चोरी' का आरोप लगाया है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "इससे पहले उन्होंने कहा था कि असम और बंगाल के चुनाव नतीजों से साफ़ है कि चुनाव आयोग की मदद से बीजेपी चुनाव चोरी कर रही है."
"हम ममता जी से सहमत हैं. बंगाल में 100 से ज़्यादा सीटें चुराई गई हैं."
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से कई जगहों पर टीएमसी के दफ़्तरों पर हमले, आगजनी, तोड़फोड़ और पार्टी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले की ख़बरें भी सामने आईं.
पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने इसके जवाब में कहा, "क़ानून अपना काम करेगा. बीजेपी साफ़ और पारदर्शी पश्चिम बंगाल के लिए खड़ी है. किसी भी अपराधी या असामाजिक तत्व को किसी भी हालत में पार्टी में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी."
लेकिन बुधवार देर रात बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई.
बीजेपी ने चंद्रनाथ रथ की हत्या को 'सुनियोजित' बताया है. तृणमूल कांग्रेस ने घटना की निंदा करते हुए इसकी जांच की मांग की है. पुलिस ने कहा है कि उसने मामले की जांच शुरू कर दी है.
सात मई को क्या हुआ
गुरुवार सात मई को शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके निजी सहायक होने की वजह से चंद्रनाथ की हत्या की गई है.
उन्होंने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, "जिस तरह से यह घटना हुई है, उसकी निंदा के लिए शब्द नहीं हैं. चंद्रनाथ रथ की हत्या के पीछे एक ही वजह है. वह भाजपा के शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक थे और हाल में हुए विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर विधानसभा सीट से ममता बनर्जी को हराया है. उनकी हत्या के पीछे यही वजह हो सकती है."
वहीं तृणमूल कांग्रेस ने चंद्रनाथ रथ की हत्या की निंदा करते हुए पूरे घटनाक्रम पर सख़्त कार्रवाई की मांग की.
टीएमसी सांसद सयानी घोष ने एक्स पर लिखा, "चंद्रनाथ रथ के बारे में बेहद परेशान करने वाली घटना सामने आई है. दलगत राजनीति और वैचारिक मतभेदों से ऊपर, सत्ता में कौन है इससे अलग- हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि क़ानून और व्यवस्था बनाए रखें और इस राज्य में रहने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करें."
आठ मई को क्या हुआ
आठ मई को विधायक दल का नेता चुनने के लिए बीजेपी ने कोलकाता में विधायक दल की बैठक बुलाई.
इस बैठक में बीजेपी नेता और गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में घोषणा की कि शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री होंगे.
गृह मंत्री अमित शाह ने शुभेंदु अधिकारी के नाम की घोषणा करते हुए कहा, "भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल विधानसभा के सदस्यों की बैठक यहां की गई है. उस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने मुझे और मोहन चरण माझी जी को केंद्र की ओर से पर्यवेक्षक के रूप में भेजा था."
"कुछ समय पहले ही चुनाव की प्रक्रिया पूरी हुई है. लगभग आठ प्रस्ताव और समर्थन प्राप्त हुए हैं. और सभी प्रस्ताव और समर्थन एक ही नाम के मिले हैं. दूसरे नाम के लिए भी समय दिया गया लेकिन दूसरा नाम नहीं आया है."
"मैं केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में शुभेंदु अधिकारी जी को पश्चिम बंगाल विधानमंडल दल के नेता रूप में निर्वाचित घोषित करता हूं."
इसके बाद बीजेपी नेताओं ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.