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महिला पर 'बॉन्डेज सेक्स' के तरीके से प्रेमी की हत्या का आरोप, पुलिस ने क्या बताया
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बेंगलुरू से बीबीसी हिंदी के लिए
- पढ़ने का समय: 5 मिनट
(चेतावनी: इस रिपोर्ट के कुछ विवरण विचलित कर सकते हैं. )
एक महिला पर आरोप है कि उसने ''अच्छा समय बिताने" का वादा कर अपने प्रेमी को घर बुलाया और उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. इसके बाद प्रेमी की मौत हो गई.
पुलिस के मुताबिक़, प्रेमा और किरण एक मोबाइल सर्विस कंपनी में साथ काम करते थे. उसी दौरान दोनों की दोस्ती हुई और पिछले लगभग एक साल के दौरान वे रिश्ते में रहे. लेकिन पिछले कुछ महीनों में उनके रिश्तों में खटास आ गई थी.
बेंगलुरु (उत्तर-पश्चिम) के डिप्टी पुलिस कमिश्नर नागेश डीएल ने बीबीसी हिन्दी से कहा, "प्रेमा को लगता था कि किरण उससे बच रहा है. असली वजह का पता विस्तार से पूछताछ के बाद ही चल पाएगा."
पुलिस के मुताबिक़, प्रेमा ने कथित तौर पर किरण को बयादरहल्ली थाना क्षेत्र के अंजन नगर स्थित अपने घर बुलाया.उस दौरान प्रेमा की माँ और उसके भाई काम पर जा चुके थे.
पुलिस ने बताया कि किरण के आते ही प्रेमा ने उसकी आंखों पर पट्टी बांधी. उसके हाथ बांध दिए और कपड़े उतार दिए. फिर उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी.
पुलिस इसे "पूर्व-नियोजित हत्या" मान रही है. नागेश डीएल ने साफ़ किया "इस घटना का कोई वीडियो नहीं है.''
उनसे पूछा गया था क्या महिला ने इसे अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया था.
एक छोटी बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर मौजूद घर में आग लगने पर पड़ोसियों ने बाल्टियों से पानी डाला. लेकिन जब आग पर काबू नहीं पाया जा सका, तो उन्होंने दमकल कर्मियों और पुलिस को बुलाया.
शुरुआत में पुलिस को बताया गया कि किरण ने आत्महत्या की कोशिश की. लेकिन बाद में अभियुक्त से पूछताछ के दौरान पुलिस ने पुष्टि की कि यह हत्या का मामला था.
एफ़आईआर में कहा गया है कि मामला दर्ज करने में देरी इसलिए हुई क्योंकि किरण के पिता नरसिम्हाया को तुमकुरु ज़िले के चिक्कनायकानहल्ली स्थित अपने गांव से आना था.
एफ़आईआर में यह भी कहा गया है कि प्रेमा ने किरण की 'हत्या' करने का फैसला इसलिए किया क्योंकि वो उससे शादी नहीं करना चाहता था.
जिस हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम हुआ, वहां नरसिम्हाया ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने अपने बेटे को बहुत प्यार से पाला था.
उन्होंने कहा, "मैंने उसे कभी पीटा तक नहीं. हमने उसे बेंगलुरु भेजा था, इस उम्मीद में कि वहां वो अपना बेहतर भविष्य बनाएगा."
बीडीएसएम क्या है और क्यों माना जाता है अनसेफ़
मामले की जांच करते हुए पुलिस ने इस हत्या के बीडीएसएम से जुड़े होने की आशंका भी जाहिर की है. इस हत्या के बाद से लोग इंटरनेट पर 'बॉन्डेज सेक्स' के बारे में सर्च कर रहे हैं.
किसी पुरुष या महिला को बांधना यौन व्यवहार का हिस्सा माना जाता है, जिसे बीडीएसएम (बॉन्डेज, डिसिप्लिन, डॉमिनेंस, सबमिशन, सैडिज़्म और मैसोकिज़्म) कहा जाता है.
इसमें सहमति से कल्पनाओं के आधार पर भूमिका निभाए जाने वाले यौन व्यवहार शामिल होते हैं.
यह विषय हॉलीवुड फिल्म 'फ़िफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे' के बाद ज्यादा चर्चा में आया.
पिछले साल तमिलनाडु के होसुर में एक मामले में एक जिम ट्रेनर ने पुलिस को बताया था कि "बॉन्डेज सेक्स" के दौरान उसकी पत्नी की नाक से ख़ून बहने लगा, जिसके बाद वह उसे अस्पताल ले गया.
लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि उसने पत्नी के हाथ-पैर बांधकर कपड़े से उसका गला घोंट दिया था. बाद में उसे गिरफ़्तार कर लिया गया.
बताया गया कि पति जिम चलाता था, जबकि पत्नी प्ले-स्कूल चलाती थी.
पत्नी के पिता ने आरोप लगाया कि दामाद दहेज़ के लिए उनकी बेटी को परेशान करता था. इसी वजह से दोनों के बीच झगड़े होते थे. उनके दो बच्चे भी हैं.
दुनिया भर में कई मामलों में हत्या के अभियुक्त यह दावा करते हैं कि मौत बीडीएसएम के दौरान हुई, लेकिन पुलिस जांच में अक्सर यह बचाव झूठा साबित होता है.
ऐसे मामलों को "फ़िफ्टी शेड्स डिफ़ेंस" भी कहा जाने लगा है.
भारत में हत्या के मामलों को आमतौर पर फ़ायदे के लिए हत्या, घरेलू हिंसा, दहेज की मांग वगैरह की कैटेगरी में रखा जाता है. बीडीएसएम के आधार पर नहीं.
ज़्यादातर मामलों में यह मुद्दा जांच के दौरान सामने आता है और वहीं ख़ारिज भी हो जाता है.
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बीडीएसएम "असुरक्षित और असामान्य" है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित