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विजय ने राज्यपाल से तीसरी बार की मुलाक़ात, सरकार बनाने का दावा किया पेश
टीवीके चीफ़ विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मुलाक़ात करके सरकार बनाने का दावा पेश किया है. विजय की राज्यपाल से यह तीसरी मुलाक़ात है.
राज्यपाल से मुलाक़ात के बाद, टीवीके नेता विजय ने व्यक्तिगत रूप से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीएम) के कार्यालयों का दौरा किया और पार्टी नेताओं से मुलाक़ात की.
इससे पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीएम) ने तमिलनाडु में सरकार के गठन के लिए टीवीके का समर्थन किया था.
टीवीके को सीपीआई-सीपीएम और कांग्रेस के समर्थन दिए जाने के बाद सरकार बनाने के लिए 116 विधायकों का समर्थन मिल गया है.
234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं, चूंकि विजय, जिन्होंने दो सीटें जीती हैं, उनको एक सीट से इस्तीफ़ा देना होगा, इसलिए टीवीके की संख्या 107 रह जाएगी. उस समय सदन की संख्या घटकर 233 हो जाएगी, इसलिए बहुमत के लिए 117 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होगी.
इस स्थिति में टीवीके ने वीसीके से भी समर्थन मांगा है, जिसके पास दो विधायक हैं.
सीपीआई नेता डी राजा ने कहा है कि वो तमिलनाडु में धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने के लिए टीवीके का समर्थन करेंगे.
ऐसी ख़बरें हैं कि सीपीआई-सीपीएम के अलावा वीसीके भी टीवीके को समर्थन दे सकती है. इस पार्टी ने चुनावों में दो सीटों पर जीत हासिल की है.
इसके बाद पांच सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने डीएमके से गठबंधन तोड़ते हुए टीवीके को समर्थन का एलान कर दिया था.
सीपीआई ने समर्थन का किया एलान
सीपीएम नेता के. बालाकृष्णन ने कहा है कि तमिलनाडु की जनता की ओर से टीवीके को मिले जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए.
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "भले ही उन्हें बहुमत नहीं मिला हो, लेकिन टीवीके सबसे बड़ी पार्टी है. हम नहीं चाहते कि तमिलनाडु पर राष्ट्रपति शासन या राज्यपाल के ज़रिए शासन हो. इसलिए इस समय जनता की चुनी हुई सरकार की ज़रूरत है. ऐसी स्थिति में टीवीके का समर्थन करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है. इसलिए हमने यह फैसला लिया है."
यह पूछे जाने पर कि क्या टीवीके को समर्थन देने के बारे में डीएमके से कोई बात हुई है, बालाकृष्णन ने कहा, "हर पार्टी को अपना फैसला लेने का अधिकार है. हमें मौजूदा राजनीतिक स्थिति का आकलन करके अहम फैसला लेना होता है. उसी आधार पर हमने यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है. इसके लिए डीएमके या किसी सहयोगी दल की सहमति ज़रूरी नहीं है. सबसे ज़रूरी बात यह है कि जनता की सरकार बने."
सीपीआई नेता डी राजा ने पार्टी के फ़ैसले की जानकारी पत्रकारों को दी है.
उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी की तमिलनाडु यूनिट ने राष्ट्रीय नेतृत्व की सलाह पर फ़ैसला किया है कि हम टीवीके का समर्थन करेंगे."
"हमने राज्यपाल से भी राज्य में सबसे बड़े दल के नेता को सरकार बनाने के लिए निमंत्रण देने की गुज़ारिश की है."
इससे पहले टीवीके ने वीसीके और वामपंथी दलों से समर्थन मांगा था. वहीं सीपीएम के महासचिव बेबी ने पहले ही संकेत दिया था कि ये पार्टियां विजय का समर्थन कर सकती हैं.
पत्रकारों से बात करते हुए बेबी ने कहा था, "नई पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. बहुमत के लिए पार्टी को केवल कुछ सीटों की ज़रूरत है. राज्यपाल को उस पार्टी को आमंत्रित करना चाहिए था."
"कुछ रहस्यमय कारणों से तमिलनाडु के राज्यपाल ने सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी टीवीके के नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया. राज्यपाल को उस पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए था."
उन्होंने कहा, "जब वाजपेयी सरकार बनी, जो सिर्फ़ 13 दिन चली, तब राष्ट्रपति ने यह नहीं पूछा कि सदन में बहुमत साबित करने के लिए उसके पास पर्याप्त संख्या है या नहीं. तब वाजपेयी को एक महीने का समय दिया गया था. यहां टीवीके नेता विजय ने अपना बहुमत साबित करने के लिए सिर्फ दो सप्ताह का समय मांगा है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्यपाल ने केंद्र और कई राज्यों में अपनाई जाने वाली परंपरा का पालन नहीं किया है."
राज्यपाल की ओर से नहीं मिला न्योता
दूसरी ओर विजय की टीवीके को सरकार बनाने के लिए राज्यपाल की ओर से आमंत्रित न किए जाने को लेकर भी विवाद है.
ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि विजय शुक्रवार शाम को राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मिलने जा रहे हैं.
वहीं दिन में तमिलनाडु कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार और राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर के ख़िलाफ़ राजधानी चेन्नई में विरोध प्रदर्शन किया था.
कांग्रेस की मांग है कि विजय को सरकार बनाने का न्योता मिलना चाहिए.
स्टालिन ने भी राज्यपाल से गुज़ारिश की
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके नेता एमके स्टालिन ने एक्स पर पोस्ट कर जल्द से जल्द सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है.
एमके स्टालिन ने एक्स पर लिखा, "तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हो चुके हैं और चुनाव आयोग ने चुने गए विधायकों की सूची जारी कर दी है, जिन्हें जनता ने चुना है."
"मौजूदा विधानसभा पहले ही भंग की जा चुकी है और इस संबंध में महामहिम राज्यपाल अधिसूचना जारी कर चुके हैं."
उन्होंने आगे लिखा, "ऐसे में निर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण करने और राज्य के कल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए नई सरकार का गठन होना न सिर्फ समय की मांग है, बल्कि लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व भी है."
"इस संदर्भ में, डीएमके की ओर से, मैं महामहिम राज्यपाल से अनुरोध करता हूं कि सरकार गठन में किसी भी तरह की देरी से बचने के लिए संविधान के मुताबिक फौरन नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाए."
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है. अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके को सबसे ज़्यादा 108 सीटें मिली हैं. कांग्रेस और वामापंथी दलों ने अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके को समर्थन देने की घोषणा की है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.