विधानसभा चुनाव 2026: रुझानों में पश्चिम बंगाल में बीजेपी टीएमसी से आगे निकली

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चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में बीते महीने हुए विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना शुरू हो चुकी है. पश्चिम बंगाल में शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से आगे निकलती दिख रही है.
डेटानेट के मुताबिक़ टीएमसी 127 सीटों पर और बीजेपी 147 सीटों पर आगे चल रही है.
वहीं असम में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कांग्रेस से काफ़ी आगे चल रही है. रुझानों के मुताबिक़ बीजेपी 66 और कांग्रेस 20 सीटों पर आगे है. तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की डीएमके 87 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है जबकि विपक्षी एआईएडीएमके 37 सीटों पर आगे है. एक्टर विजय की पार्टी टीवीके 21 सीटों पर आगे है.
वहीं केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ़्रंट (यूडीएफ़) 50 और सत्तारूढ़ लेफ़्ट डेमोक्रेटिक फ़्रंट 39 सीटों पर आगे है.
असम, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में 9 अप्रैल को मतदान हुआ था. तमिलनाडु में भी एक चरण में 23 अप्रैल को मतदान हुआ था.
वहीं पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान हुआ था. अधिकतर लोगों की नज़रें पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर हैं क्योंकि इस राज्य में कई एग्ज़िट पोल्स ने सत्तारुढ़ टीएमसी और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर का अनुमान लगाया है.
वहीं असम और पुडुचेरी को लेकर आए अधिकतर एग्ज़िट पोल में बीजेपी की वापसी का अनुमान लगाया गया है.
अगर केरल और तमिलनाडु की बात करें तो यहां पर अधिकतर एग्ज़िट पोल में यूडीएफ़ और डीएमके की सरकार बनने का अनुमान लगाया गया है.

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पश्चिम बंगाल पर सबकी निगाहें
पश्चिम बंगाल में मतगणना जारी है और टीएमसी और बीजेपी के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर भी जारी है.
पार्टी की नेता शशि पांजा ने आरोप लगाया कि पार्टी के एजेंट्स को मतगणना सेंटर्स में जाने से रोका जा रहा है. और काफ़ी मशक्कत के बाद ही वो अंदर जा पा रहे हैं.
इसके पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी जान बूझकर कई इलाकों में लाइट गुल करवा रही है ताकि सीसीटीवी कैमरों को बाधित किया जा सके और गड़बड़ी फैलाई जा सके.
ममता बनर्जी के आरोप पर जवाब देते हुए बीजेपी नेता समिक भट्टाचार्य ने कहा कि दीदी थकी हुई हैं उन्हें थोड़ा आराम करना चाहिए.
उन्होंने कहा, "कुछ घंटों में सीटों के भारी बहुमत से यह साफ हो जाएगा कि ममता बनर्जी और जनता की लड़ाई में जनता ने ममता बनर्जी को नकार दिया है."
राज्य की विधानसभा की 294 में से 293 सीटों के नतीजे सोमवार को आएंगे क्योंकि फाल्टा सीट पर चुनाव आयोग ने दोबारा मतदान कराने का फ़ैसला किया है.
फाल्टा विधानसभा सीट के 285 मतदान केंद्रों पर 21 मई को मतदान होगा जबकि इसके नतीजे 24 मई को आएंगे.
वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा की दो सीटों (मगराहट पश्चिम और डायमंड हार्बर) के 15 बूथों पर शनिवार दो मई को दोबारा मतदान हुआ था.
पश्चिम बंगाल में बहुमत का आंकड़ा 148 सीट है. राज्य की सत्ता पर टीएमसी बीते 15 सालों से काबिज़ है. बीजेपी को उम्मीद है कि वह इस बार टीएमसी को सत्ता से हटा देगी.

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हालांकि पश्चिम बंगाल को लेकर आए अलग-अलग एग्ज़िट पोल्स अलग-अलग कहानियां कह रहे हैं. अधिकतर एग्ज़िट पोल में दोनों दलों के बीच कांटे की टक्कर दिखाई गई है.
इस बार का पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (एसआईआर) की वजह से भी ख़ासी चर्चा में रहा.
पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट से क़रीब 91 लाख वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं.
यह संख्या राज्य के कुल मतदाताओं का लगभग 12% है, जो बीते साल अक्तूबर में एसआईआर शुरू होने के समय क़रीब 7.66 करोड़ थी.
पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव आयुक्त मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया है कि मतगणना के लिए 77 केंद्र बनाए गए हैं.
असम में जीत की हैट्रिक लगा पाएगी बीजेपी?

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126 सीटों वाली असम विधानसभा में जीत का आंकड़ा 64 है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा लगातार तीसरी बार बीजेपी की जीत का दावा कर रहे हैं.
वहीं, कांग्रेस का दावा है कि वह राज्य की सत्ता में लौटने जा रही है.
हालांकि, असम के अधिकतर एग्ज़िट पोल्स में बीजेपी गठबंधन को बढ़त दिखाई गई है.
केरल में क्या यूडीएफ़ की होगी वापसी?
140 सीटों वाली केरल विधानसभा में लगातार 10 साल से वाम मोर्चा सत्ता में है.
केरल विधानसभा चुनावों में अब तक ज़्यादातर दो-तरफ़ा मुक़ाबले देखने को मिले हैं.
एग्ज़िट पोल्स में भी सत्तारुढ़ एलडीएफ़ और विपक्षी यूडीएफ़ के बीच मुक़ाबला दिखाया है जबकि अधिकतर एग्ज़िट पोल्स में यूडीएफ़ को बढ़त दिखाई गई है.
हालांकि चुनाव से पहले राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान था कि इस बार के विधानसभा चुनाव में पहली बार एक मज़बूत 'त्रिकोणीय मुक़ाबला' हो सकता है.
पिछले 10 साल से केरल की सत्ता संभाल रही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ़) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ़) के अलावा, इस चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) भी पूरी ताक़त से मैदान में उतरा था.
तमिलनाडु में क्या डीएमके बरक़रार रखेगी सरकार?

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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इस बार डीएमके और एआईएडीएमके गठबंधन के अलावा तीसरे दल ने भी अपनी मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराई है.
यह दल तमिल सिनेमा के जाने-माने अभिनेता विजय का टीवीके है.
तमिलनाडु विधानसभा की 234 सीटों पर एक चरण में 23 अप्रैल को मतदान हुआ था. यहां पर बहुमत का आंकड़ा 118 है.
अधिकतर एग्ज़िट पोल ने तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन की बढ़त का अनुमान लगाया है.
हालांकि, एक्सिस माई इंडिया जैसे एग्ज़िट पोल का अनुमान लगाया कि डीएमके गठबंधन और टीवीके के बीच कड़ी टक्कर रहेगी.
पुडुचेरी में किसकी सरकार?
बीते महीने चार राज्यों के साथ एक केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी मतदान हुआ था.
पुडुचेरी में पहले से ही बीजेपी के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में है.
पुडुचेरी विधानसभा की 30 सीटों के लिए बहुमत का आंकड़ा 16 है. अधिकतर एग्ज़िट पोल में बीजेपी गठबंधन की बढ़त का अनुमान लगाया गया है.
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