पांच विधानसभा चुनावों में किसने किस जगह मारी बाज़ी
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इमेज कैप्शन, ममता बनर्जी भवानीपुर से चुनाव हार गई हैं
चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में वोटों की गिनती आख़िरी दौर में है.
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक़ असम और पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने भारी जीत दर्ज की है. वहीं तमिलनाडु में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.
केरल में यूडीएफ़ भारी जीत की ओर बढ़ रही है, जबकि पुडुचेरी में एनडीए जीतती दिख रही है.
रात दस बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक़, पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी 184 सीटों पर जीत चुकी थी और 23 सीटों पर आगे थी. वहीं तृणमूल कांग्रेस 64 सीटें जीत चुकी थी और 16 सीटों पर आगे थी.
पश्चिम बंगाल में सीएम ममता बनर्जी भवानीपुर सीट पर बीजेपी के राज्य प्रमुख शुभेंदु अधिकारी से हार गईं. वहीं तमिलनाडु की कोलाथुर सीट पर सीएम एमके स्टालिन टीवीके के वीएस बाबू से हार गए.
ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक़, असम में भारतीय जनता पार्टी 81 सीटें जीत चुकी थी और एक सीट पर आगे थी. वहीं कांग्रेस 18 सीटें जीत चुकी थी और एक सीट पर आगे थी.
चुनाव जीतने के बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने पवन खेड़ा के बारे में क्या कहा
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जालुकबारी सीट पर बड़े अंतर से जीत हासिल करने के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के बारे में बयान दिया है.
उन्होंने कहा, ‘’एक बार हिमंत बिस्वा सरमा कुछ बोलते हैं तो शायद ही पीछे देखते हैं. पवन खेड़ा ने असम की बेटियों के ऊपर जो आरोप लगाए. उसने लोगों को काफी भावुक किया.अगर वो प्रेस कॉन्फ़्रेंस नहीं करते और गौरव गोगोई साथ में नहीं होते तो वो नहीं हारते.’’
उन्होंने कहा, ‘’वो लांछन मेरे ऊपर नहीं था. वो असम की जनता पर था. इसलिए असम की जनता ने पवन खेड़ा का पेड़ा बना दिया है.’’
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत देते हुए टिप्पणी की थी कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने हालिया विधानसभा चुनावों के दौरान उनके खिलाफ कुछ असंसदीय टिप्पणियां की हैं.
हिमंत बिस्वा सरमा ने जालुकबारी भारी अंतर से जीत ली है. उन्होंने यहां कांग्रेस कि बिदिशा नियोग को 89 हजार से भी अधिक वोट से हरा दिया.
हिमंत बिस्वा सरमा ने 127151 वोट हासिल किए जबकि बिदिशा नियोग 37717 वोट ही हासिल कर सकीं.
तमिलनाडु के सीएम स्टालिन ने डीएमके की हार पर दिया बयान
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इमेज कैप्शन, स्टालिन ने कहा है कि "हम जनता के फैसले को सिर झुकाकर स्वीकार करते हैं"
तमिलनाडु के सीएम और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने विधानसभा चुनाव में हार स्वीकार करते हुए कहा है कि वो जनता के फ़ैसले को सिर झुकाकर स्वीकार करते हैं.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "हम जनता के फैसले को सिर झुकाकर स्वीकार करते हैं. विजेताओं को बधाई.''
उन्होंने लिखा, ''पिछले पांच वर्षों में हमने तमिलनाडु के लोगों के लिए कई योजनाएं लागू कीं और अच्छा शासन दिया. हमने हर क्षेत्र में तमिलनाडु को आगे बढ़ाया. चुनाव में हमने सिर्फ़ अपने काम के आधार पर ही वोट मांगे. मैंने सिर्फ़ उन लोगों के लिए नहीं, जिन्होंने हमें वोट दिया, बल्कि उनके लिए भी काम किया, जो वोट नहीं दे सके या नहीं दे पाए.''
उन्होंने लिखा, "अपने सार्वजनिक जीवन में मैंने बड़ी जीतें भी देखी हैं और हार भी झेली है. इसलिए मैं मानता हूं कि जीत-हार से ज़्यादा महत्वपूर्ण हमारे सिद्धांत और नीतियां हैं. इसी सोच के साथ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम की राजनीतिक यात्रा आगे भी बिना रुके जारी रहेगी.''
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक़, तमिलनाडु की 234 सीटों पर रात नौ बजे तक टीवीके 89 सीटें जीत चुकी थी और 18 पर आगे थी. वहीं डीएमके ने 45 सीटें जीती थीं और 15 सीटों पर आगे थी.
'बीजेपी ने 100 से ज़्यादा सीटों की लूट की, जीत अनैतिक' - ममता बनर्जी
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इमेज कैप्शन, ममता बनर्जी ने बीजेपी पर चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाया है
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पर बीजेपी की भारी बढ़त के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर ‘वोट लूट’ का आरोप लगाया.
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “बीजेपी ने 100 से ज्यादा सीटों की लूट की है. बीजेपी ने धोखाधड़ी की है. चुनाव आयोग अब बीजेपी आयोग बन गया है. हमने समय-समय पर इसकी शिकायत की है. लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था.''
ममता बनर्जी ने कहा, "बीजेपी की जीत अनैतिक है. इलेक्शन कमीशन ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के साथ मिलकर जो किया है वो पूरी तरह अनैतिक है. उन्होंने जोर-जबरदस्ती से एसआईआर किया. अत्याचार किया. काउंटिंग एजेंटों को गिरफ़्तार किया है. हम वापसी करेंगे.''
पश्चिम बंगाल में रात आठ बजकर 25 मिनट तक बीजेपी 136 सीटें जीत चुकी थी और 72 सीटों पर आगे थी. वहीं तृणमूल कांग्रेस के खाते में 49 सीटें आई थीं और वो 30 सीटों पर आगे थी.
पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी के प्रदर्शन पर क्या बोले लिएंडर पेस
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इमेज कैप्शन, लिएंडर पेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों के रुझानों में
बीजेपी की विजयी बढ़त पर पूर्व टेनिस प्लेयर और बीजेपी नेता लिएंडर पेस ने कहा है
कि अब ‘सुरक्षित बंगाल’ बनाने का असली
काम शुरू होगा.
लिएंडर पेस ने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किए गए अपने
वीडियो में कहा कि “बंगाल ने इस बार साफ़ बहुमत देते हुए एक संदेश दिया है
उसे कोई भ्रम और शक नहीं है. ये जनता की आवाज़ है जो विकास और बेहतर भविष्य चाहती है.”
“आज में असंख्य
पार्टी कार्यकर्ताओं को सलाम करना चाहता हूं जो कि असली योद्धा हैं, जिन्होंने रात-दिन
काम करके इसको संभव बनाया है.”
“अब सुरक्षित और
सबसे समृद्ध बंगाल बनाने का असली काम शुरू हो रहा है. जहां हमारे महान नेता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में युवा सशक्त हो, महिला नेतृत्व करे और
हर किसी को आगे बढ़ने का मौका मिले. यह बस शुरुआत है जब भयमुक्त बंगाल उभरेगा.”
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की विजयी बढ़त पर अमित शाह ने क्या कहा?
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ताज़ा रुझानों में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी बड़ी जीत की ओर बढ़ती दिख रही है. उसने तृणमूल कांग्रेस पर भारी बढ़त बना ली है.
बंगाल में मिली बीजेपी की इस बढ़त के बारे में बीजेपी नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''बंगाल में भाजपा को मिली यह ऐतिहासिक जीत हमारे असंख्य कार्यकर्ताओं के त्याग, संघर्ष और बलिदान का है. यह उन परिवारों के धैर्य की जीत है, जिन्होंने हिंसा सहकर भी भगवा ध्वज नहीं छोड़ा.''
उन्होंने लिखा, ''भाजपा की शून्य से आज प्रचंड बहुमत तक पहुँचने की इस कठिन यात्रा में जिन कार्यकर्ताओं ने अपने प्राणों की आहुति दी, हिंसा झेली, यातनाएं सहीं और फिर भी विचारधारा के पथ से डिगे नहीं, उन सभी कार्यकर्ताओं और उनके परिजनों को नमन करता हूं. बंगाल की जनता ने इस प्रचंड बहुमत से भाजपा के उन सभी शहीद कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी है.''
रात आठ बजे तक पश्चिम बंगाल में बीजेपी 112 सीटें जीत चुकी थी और 94 सीटों पर बढ़त बनाए हुई थी. वहीं तृणमूल कांग्रेस 45 सीटें जीत चुकी थी और 36 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी.
पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 293 सीटों पर चुनाव हुए थे.
गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक कमल ही कमल खिला हुआ है: पीएम मोदी
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पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव में विजयी
बढ़त के बाद सोमवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई दिल्ली स्थित बीजेपी
मुख्यालय पहुंचे.
पीएम मोदी ने कहा, “पिछले साल
नवंबर में बिहार चुनाव के परिणामों के बाद मैंने कहा था. गंगाजी बिहार से होते हुए गंगासागर तक जाती है. बिहार के
बाद गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक कमल ही कमल खिला हुआ है. उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश,
बिहार और अब पश्चिम बंगाल. मां गंगा के इर्द गिर्द के बसे इन राज्यों में बीजेपी
और एनडीए की सरकार है.”
उन्होंने कहा कि “2013 में
जब भारतीय जनता पार्टी ने मुझे प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के रूप में काम दिया तो
मैं काशी में नामांकन भरने के लिए गया था तो पत्रकारों से मैंने कहा था कि न मैं
आया हूं न मुझे किसी ने भेजा है, मां गंगा ने मुझे बुलाया है. आज मैं हर पल अनुभव
कर रहा हूं कि मां गंगा का आशीर्वाद निरंतर हम सब पर अपनी कृपा बरसा रही हैं.”
“गंगाजी के
साथ-साथ ब्रह्मपुत्र का भी हम पर बहुत आशीर्वाद रहा है. असम की जनता ने लगातार
तीसरी बार बीजेपी-एनडीए पर भरोसा किया है.”
दिनभर : बंगाल, केरल, तमिलनाडु और असम में क्या ‘खेला‘ हुआ? | 04 मई 2026
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पश्चिम बंगाल और असम चुनाव में विजयी बढ़त के बाद पीएम मोदी क्या कह रहे हैं?
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इमेज कैप्शन, पीएम मोदी सोमवार की शाम नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय पहुंचे
पांच विधानसभा चुनावों के सोमवार को परिणाम आ रहे हैं. पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में बीजेपी गठबंधन की विजयी बढ़त के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय पहुंचे हैं.
पीएम मोदी ने परिणामों को भारत की संवैधानिक जीत बताया है. उन्होंने कहा है कि ये लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत है.
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में 92 फ़ीसदी मतदान होना ऐतिहासिक है जो भारतीय लोकतंत्र की सबसे उजली तस्वीर बन रही है.
पीएम मोदी ने चुनाव आयोग और चुनाव आयोग के कर्मियों को बधाई दी.
पीएम मोदी ने कहा, "भाजपा के कार्यकर्ताओं के चेहरों पर मैं उस सिद्धि को
देख रहा हूं. एक कार्यकर्ता के होने के नाते मैं भाजपा के हर कार्यकर्ता की ख़ुशी
में शामिल हूं. आज का यह दिन कई मायनों में विशेष है. यह देश के उज्ज्वल भविष्य की
उद्घोषणा का दिन है. ये भरोसे का दिन है."
"मैं बंगाल की जनता, असम की जनता, पुडुचेरी की जनता और
तमिलनाडु-केरल की जनता का आदरपूर्वक नमन करता हूं. मैं आज बीजेपी की कोटि-कोटि
कार्यकर्ताओं का भी हृदय से अभिनंदन करता हूं. भाजपा के हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता
ने एक बार फिर से कमाल कर दिया है."
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बढ़त पर नितिन गडकरी ने कहा- सपना पूरा हुआ
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की मजबूत बढ़त पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि राज्य में बीजेपी का एक संकल्प और सपना साकार हो गया.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "एक संकल्प की पूर्ति, एक सपना साकार.पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत हर कार्यकर्ता के लिए बेहद भावुक क्षण है.''
उन्होंने कहा, ''माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, अमित शाह जी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जी, पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष शुभेंदु अधिकारी जी, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी, राज्य के चुनाव प्रभारी सुनील बंसल जी को इस ऐतिहासिक और निर्णायक जीत की हार्दिक बधाई.''
''यह जनादेश बीजेपी कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत औरसमर्पण का परिणाम है, जिन्होंने जमीनी स्तर पर लगातार काम करते हुए इस सपने को साकार किया.''
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक़ शाम छह बजकर 50 मिनट तक पश्चिम बंगाल में बीजेपी 55 सीटें जीत चुकी थी और 149 पर बढ़त बनाए हुए थी. वहीं तृणमूल ने 24 सीटें जीती थीं और 59 पर बढ़त बनाए हुए थी. पश्चिम बंगाल में 293 सीटों पर चुनाव हुए थे.
तमिलनाडु के सीएम स्टालिन को कोलाथुर सीट पर टीवीके के वीएस बाबू ने हराया
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इमेज कैप्शन, एमके स्टालिन कोलाथुर सीट से चुनाव हार गए हैं
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन कोलाथुर विधानसभा सीट से चुनाव हार गए हैं.
उन्हें टीवीके के वीएस बाबू ने 8795 वोट से हरा दिया है. वीएस बाबू को 82997 वोट मिले जबकि स्टालिन को 74202 वोट मिले.
स्टालिन 2011 से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे.
स्टालिन तमिलनाडु के चौथे ऐसे मौजूदा मुख्यमंत्री बन गए हैं, जो अपनी ही सीट हार गए.
1996 में जे. जयललिता की हार के बाद यह पहली बार है जब किसी सिटिंग मुख्यमंत्री को अपनी सीट गंवानी पड़ी है.
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इमेज कैप्शन, स्टालिन को हराने वाले वीएस बाबू
1952 के पहले आम चुनाव में कांग्रेस के पीएस कुमारस्वामी राजा श्रीविल्लिपुथुर सीट से हार गए थे.
1967 में कांग्रेस राज्य की सत्ता से बाहर हो गई और डीएमके सत्ता में आई.
उस समय के मुख्यमंत्री एम भक्तवत्सलम भी श्रीपेरेम्बुदुर सीट से हार गए थे.
1996 के विधानसभा चुनाव में डीएमके ने तमिल मानिला कांग्रेस के साथ गठबंधन कर भारी जीत हासिल की. उस समय की सत्तारूढ़ एआईएडीएमके की मुख्यमंत्री जे जयललिता बरगुर सीट से हार गई थीं.
करीब तीन दशक बाद, स्टालिन तमिलनाडु के चौथे ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जो सत्ता में रहते हुए अपनी सीट हार गए. वो डीएमके के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिनके साथ ऐसा हुआ.
सीपीएम ने केरल में एलडीएफ़ के ख़राब प्रदर्शन पर क्या कहा
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इमेज कैप्शन, केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन के नेतृत्व में एलडीएफ़ का चुनावी प्रदर्शन ख़राब रहा है
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीएम ने केरल में लेफ़्ट डेमोक्रेटिक फ़्रंट (एलडीएफ़) की हार पर प्रतिक्रिया दी है.
पार्टी ने अपने बयान में कहा है कि वो जनादेश का सम्मान करती है. पार्टी केरल में उन वजहों की पड़ताल करेगी, जिनसे लेफ़्ट डेमोक्रेटिक फ़्रंट को हार मिली.
पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''हम सुधार के लिए सभी ज़रूरी क़दम उठाएंगे और जनता के अधिकारों के साथ धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के लिए लड़ते रहेंगे.''
बयान में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को लगे चुनावी झटके का ज़िक्र किया गया है.
केरल में चुनाव आयोग के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक़, यूडीएफ़ ने 102 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है. वहीं एलडीएफ़ सिर्फ़ 35 सीटों पर आगे चल रहा है.
केरल में यूडीएफ की बढ़त पर प्रियंका गांधी ने क्या कहा
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कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने केरल विधानसभा चुनाव में पार्टी के नेतृत्व वाले यूडीएफ की बढ़त पर राज्य के मतदाताओं का शुक्रिया कहा है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ‘’केरल के मेरे सभी भाइयों और बहनों को, आपके विश्वास और अपार समर्थन के लिए धन्यवाद. आपने हम पर जो भरोसा जताया है, वही यूडीएफ के लिए मार्गदर्शक शक्ति बनेगा, क्योंकि हम आप सभी के लिए एक बेहतर भविष्य बनाने की दिशा में कड़ी मेहनत करेंगे.’’
उन्होंने लिखा, ‘’वायनाड में मैं अपने परिवार के लोगों से कहना चाहती हूं कि आपने यूडीएफ पर एक बार फिर ज़ोरदार जनादेश के साथ भरोसा जताया है. 7 में से 7 सीटें. अब आपके पास वायनाड के विकास के लिए मिलकर काम करने वाले 8 प्रतिनिधि हैं. हम आपकी उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे.’’
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट बड़ी जीत की ओर बढ़ता दिख रहा है. केरल में विधानसभा की 140 सीटें हैं.फ़्रंट के उम्मीदवार 102 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं.
विजय की कहानी, पहले फ़िल्म और अब 'राजनीति का हीरो' बनने की ओर, मुरलीधरन काशीविश्वनाथन, बीबीसी तमिल संवाददाता
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तमिलनाडु की राजनीति में, टीवीके के नेता विजय ने अपने पहले ही चुनाव में नया इतिहास रच दिया है.
उनकी पार्टी ने डीएमके और एआईएडीएमके जैसी द्रविड़ पार्टियों को पछाड़ती नज़र आ रही है.
यह अभूतपूर्व घटना मानी जा रही है क्योंकि 1967 से ही राज्य की राजनीति में इन पार्टियों ने अपना दबदबा बनाए रखा था.
एमजीआर के बाद तमिलनाडु में अपने पहले ही चुनाव में विजय ने सत्ता में मौजूद सभी प्रमुख पार्टियों को पछाड़कर जनता के बीच अपने असर को साबित कर दिया है.
विजय, जिन्होंने 33 साल पहले एक ‘संकोची हीरी’ के रूप में तमिल सिनेमा में एंट्री की थी. अब राजनीति में आने के बाद पहले ही चुनाव में वो एक नया कीर्तिमान बनाते दिख रहे हैं.
उनका निजी जीवन और फिल्मी करियर लगभग एक जैसा ही रहा है. लेकिन राजनीति में विजय एक नई शैली अपना रहे हैं.
विजय ने कम उम्र में अभिनय शुरू किया और ‘नालैया थीरपू’ जैसी शुरुआती असफलताओं के बावजूद धीरे-धीरे आगे बढ़े. उन्हें असली पहचान ‘पूवे उनक्कागा’ से मिली, जिसने उनकी छवि बदल दी और उन्हें पारिवारिक दर्शकों से जोड़ा.
2010 के बाद उनकी फिल्मों में नेतृत्व के गुण अधिक स्पष्ट रूप से दिखने लगे. रिसर्चर मोहम्मद इलियास के अनुसार, ‘मर्सल’ और ‘सरकार’ जैसी फिल्मों ने “उन्हें एक नेता के रूप में स्थापित करने वाली छवि” बनाई, जिसकी तुलना अक्सर एम जी रामचंद्रन से की जाती है.
इसी के साथ उनकी राजनीतिक रुचि भी धीरे-धीरे बढ़ी. जैसा कि उन्होंने कहा था, “मंच से आगे बढ़कर मदद करने के लिए, सत्ता हाथ में होना जरूरी है.”
ममता बनर्जी के घर के सामने लगे ‘जय श्री राम’ के नारे, चुनाव आयोग ने सुरक्षा कड़ी करवाई
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इमेज कैप्शन, ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ रही हैं
कोलकाता के कालीघाट इलाके में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के आसपास सोमवार को सुरक्षा कड़ी कर दी गई.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश के बाद यह कदम उठाया गया.
पीटीआई के मुताबिक कुछ लोगों ने ममता बनर्जी के घर के पास पहुंच कर “जय श्री राम” के नारे लगाए थे. इसके बाद चुनाव आयोग ने ये निर्देश दिया.
चुनाव आयोग के निर्देश के बाद राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ के आसपास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई.
चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, शाम चार बजे तक 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में बीजेपी 198 सीटों पर आगे चल रही थी, जबकि बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी 89 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी.
असम के सीएम हिमंत ने इस सीट पर मज़बूत बढ़त बनाई, कितने वोट से आगे
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इमेज कैप्शन, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जालुकबारी सीट पर मज़बूत बढ़त बनाई
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जालुकबारी सीट पर 63,029 वोटों की मज़बूत बढ़त बना ली है.
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 13 राउंड की गिनती के बाद सरमा को 89,562 वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार बिदिशा नियोग को 26,533 वोट मिले हैं.
बीजेपी नेता इस सीट को लगातार छठी बार जीतने की कोशिश कर रहे हैं.
हालांकि 1996 में वह यहां अपना पहला चुनाव हार गए थे, लेकिन 2001 से वह लगातार जालुकबारी से जीतते आ रहे हैं.
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बढ़त पर सम्राट चौधरी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को क्यों याद किया
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इमेज कैप्शन, बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बढ़त पर प्रतिक्रिया दी है
पश्चिम बंगाल में चल रही वोटों की गिनती में बीजेपी की बढ़त पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ‘’जहां पैदा हुए श्यामा प्रसाद मुखर्जी, वो बंगाल हमारा है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को ऐतिहासिक जनादेश देने के लिए बंगाल की जागरुक और राष्ट्रनिष्ठ जनता का हृदय से कोटि-कोटि अभिनंदन.’’
श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आरएसएस के साथ मिलकर 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी.
भारतीय जनसंघ ही बाद में भारतीय जनता पार्टी बन गया. इसलिए बीजेपी के सदस्य उन्हें पार्टी के संस्थापक मानते हैं.
असम चुनाव में कांग्रेस का प्रमुख चेहरा रहे गौरव गोगोई 23 हज़ार वोट से हारे
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इमेज कैप्शन, जोरहाट विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार गौरव गोगोई चुनाव हार गए हैं
असम में जोरहाट विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार गौरव गोगोई चुनाव हार गए हैं.
यहां बीजेपी के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने उन्हें 23 हज़ार से अधिक वोटों से हराया है.
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक़, बीजेपी के हितेंद्र नाथ गोस्वामी को 64439 वोट मिले, वहीं गौरव गोगोई को 46257 वोट मिले.
गौरव गोगोई को कांग्रेस असम चुनाव में एक प्रमुख चेहरे के तौर पर पेश कर रही थी.
गौरव गोगोई जोरहाट लोकसभा सीट से सांसद हैं. वो असम कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं.
तमिलनाडु: रुझानों पर डीएमके की पहली प्रतिक्रिया, क्या कहा, विजयआनंद ए, संवाददाता- बीबीसी तमिल
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इमेज कैप्शन, तमिलनाडु के सीएम और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन के साथ पार्टी के संगठन सचिव आर एस भारती (दाएं)
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे के रुझानों में
ख़राब प्रदर्शन पर डीएमके के संगठन सचिव आर एस भारती ने बीबीसी तमिल से कहा कि
राज्य में पार्टी ने अपना कर्तव्य पूरी ज़िम्मेदारी के साथ निभाया था.
उन्होंने कहा, "मेरा
अनुमान है कि त्रिशुंक विधानसभा (हंग) हो जाएगा. मैं इस परिणाम को एक शांत क्रांति
की तरह देखता हूं."
डीएमके और एमके स्टालिन के आक्रामक चुनाव अभियान के
बावजूद आए नतीजों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने बीबीसी से कहा,
“डीएमके ने अपनी ज़िम्मेदारी पूरी तरह निभाई है. लोग
अपना कर्तव्य निभाने में विफल रहे. हमें इस परिणाम के पीछेकी वजहों का विश्लेषण करना होगा.”