कुश्ती महासंघ से तकरार के बीच गोंडा पहुँचीं विनेश फोगाट, बोलीं - 'वे चाहते हैं कि मैं संन्यास ले लूं'

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पहलवान विनेश फोगाट सोमवार को उत्तर प्रदेश के गोंडा पहुंचीं और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफ़आई) के अधिकारियों से वहां होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति मांगी.
अधिकारियों से बातचीत के बाद विनेश फोगाट ने बताया कि उनसे 'कारण बताओ नोटिस' का जवाब मांगा गया लेकिन उन्होंने इसके लिए वक़्त मांगा, फिर भी वक़्त नहीं दिया गया.
भारतीय कुश्ती महासंघ ने शनिवार को विनेश फोगाट को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. इस नोटिस में उन पर अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था.
सोमवार को फोगाट ने आरोप लगाया कि 'वे इतना सब इसलिए कर रहे हैं ताकि मैं थक हारकर बोलूं कि मुझे कुश्ती से विदाई लेनी है.'
डब्ल्यूएफ़आई अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि फोगाट से मुलाक़ात हुई लेकिन जब तक वह कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं देतीं, किसी घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकतीं.
संजय सिंह ने कहा, "वो अपना रिक्वेस्ट ले कर आई थीं कि खेलने दिया जाए जबकि उनको पहले ही कारण बताओ नोटिस दे दिया गया था. उसमें कहा गया था कि जब तक आप इसका जवाब नहीं दे देतीं, आप सस्पेंड हैं."
"उनका कहना था कि वाडा के मुताबिक सब ठीक है. उन्होंने कोई काग़ज़ नहीं दिखाया. हमने कहा जब तक आप स्पष्टीकरण नहीं देंगी और हमारी अनुशासन समिति उस पर निर्णय नहीं ले लेगी, तब तक आप यहां कुश्ती नहीं कर सकतीं."
भारतीय कुश्ती महासंघ ने साफ़ किया कि अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी होने तक विनेश फोगाट को नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती.
सोमवार को गोंडा जाने से पहले विनेश अयोध्या गईं और वहां कहा कि वह गोंडा में होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी और 'संन्यास नहीं लेंगी.'
ताज़ा विवाद तब शुरू हुआ जब डब्ल्यूएफ़आई ने एंटी डोपिंग नियमों के तहत संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ियों के लिए तय छह महीने की अनिवार्य नोटिस अवधि का हवाला देते हुए विनेश को 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया.
गोंडा में क्या हुआ, विनेश ने बताया

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भारतीय कुश्ती महासंघ और पूर्व डब्ल्यूएफ़आई अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ आंदोलन का चेहरा रहीं विनेश अब उन्हीं बृजभूषण से जुड़े कॉलेज में आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की मांग कर रही हैं.
सोमवार को गोंडा पहुंचने के बाद पत्रकारों से मुख़ातिब हुईं और पत्रकारों से कहा, "वो पॉलिटिकली करेक्ट होने की कोशिश कर रहे हैं कि हम सही हैं और आप पहले हमें 14 दिन वाला जवाब दो. मैंने कहा कि अभी टाइम नहीं है आप समझो."
"मैं 14 दिन के अंदर जवाब दूंगी उससे पहले मुझे दोषी कैसे मान सकते हो. आपके पास तो कोई प्रूफ़ नहीं है, लेकिन मेरे पास तो है. लेकिन उन्होंने देखने से इनकार कर दिया."
फोगाट ने कहा, "उन्होंने कहा कि पहले नोटिस का जवाब दीजिए, फिर कमेटी बैठेगी उसके बाद देखेंगे. इस पर मैंने कहा कि आप सीधे बोलिये कि आप मुझे खेलने नहीं देना चाहते."
ये पूछे जाने पर कि उनकी डब्ल्यूएफ़आई के अध्यक्ष से क्या बात हुई, फोगाट ने पत्रकारों को बताया, "वह चाहते हैं कि मैं कुश्ती छोड़कर संन्यास लेकर बैठ जाऊं ताकि मैं हार मान जाऊं और उनकी जो साज़िशें चल रही हैं वो सफल हो जाएं. मुझे खेलना देने नहीं चाहते हैं."
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पोस्ट X समाप्त
इसके बाद विनेश ने एक्स पर लिखा, "मुझे आईटीए की तरफ़ से एक जनवरी 2026 से प्रतिस्पर्धा करने की लिखित अनुमति दी गई है. मुझे नंदिनी नगर, गोंडा में होने वाले 2026 सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट के लिए रजिस्ट्रेशन की अनुमति भी मिली थी."
"मैं आज गोंडा प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंची, लेकिन मुझे न तो वेरिफिकेशन पूरा करने दिया गया और न ही यहां ट्रेनिंग हॉल इस्तेमाल करने की इजाज़त मिली. मैं कोई विशेष सुविधा नहीं चाहती, मैं सिर्फ़ मेरिट के आधार पर मुकाबला करना चाहती हूं."
पोस्ट के साथ ही उन्होंने आईटीए का लेटर भी साझा किया जिसमें उन्हें एक जनवरी 2026 से खेलने की अनुमति दिए जाने की बात कही गई है.
शनिवार को जारी हुए कारण बताओ नोटिस को लेकर फोगाट का कहना था, "मुझे नोटिस का जवाब देने के लिए समय चाहिए. मेरे जवाब से पहले ही आप मुझे दोषी कैसे मान सकते हैं? नोटिस में 14 दिन के भीतर जवाब मांगा है. तब तक तो ना रोकें."
"अगर उसके बाद जवाब नहीं मिलता तो आपको जो एक्शन लेना है, उनके बारे में सोचिए. जो हमारे अधिकार क्षेत्र में आता है, वो हम करेंगें. लेकिन वो अड़े हुए हैं कि नोटिस का जवाब पूरे विस्तार से दें."
अपने ऊपर लगे आरोपों के बारे में फोगाट ने कहा, "अगर मैं किसी रूल का उल्लंघन कर रही होती तो नाडा इंडिया मुझे नोटिस देता या वाडा एक्शन लेता. माँ बनने के बाद और विधानसभा के सत्र के दौरान मेरा एक वेयरएबाउट मिस हुआ था. मैं भूल गई थी."
"मैंने इसके लिए वाडा से माफ़ी भी मांगी थी. उन्होंने मुझे क्लीन चिट दी. वाडा ने कहा था कि एक जनवरी 2026 से आप कोई कुश्ती प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकती हैं."
नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (नाडा) भारत की राष्ट्रीय संस्था है, जो खेलों में प्रतिबंधित पदार्थों (डोपिंग) के इस्तेमाल को रोकने का काम करती है. वहीं, वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (वाडा) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जो वैश्विक स्तर पर डोपिंग-मुक्त खेलों को बढ़ावा देता है.
15 पन्नों का कारण बताओ नोटिस

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भारतीय कुश्ती महासंघ ने शनिवार को विनेश फोगाट को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उन्हें 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया.
महासंघ ने कहा कि फोगाट ने संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ियों के लिए यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) के एंटी-डोपिंग नियमों के तहत अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि पूरी नहीं की है.
15 पन्नों के नोटिस में डब्ल्यूएफआई ने कहा है कि पेरिस में विनेश के आचरण से "भारतीय कुश्ती की प्रतिष्ठा को स्थायी नुकसान" पहुंचा और उन्होंने डब्ल्यूएफ़आई संविधान, यूडब्ल्यूडब्ल्यू अंतरराष्ट्रीय कुश्ती नियमों और एंटी-डोपिंग नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन किया है.
महासंघ का कहना है कि 2024 पेरिस ओलंपिक के बाद विनेश ने अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) को आधिकारिक तौर पर अपने संन्यास की जानकारी दी थी.
पेरिस ओलंपिक में महिलाओं की 50 किलोग्राम फ्रीस्टाइल प्रतिस्पर्धा के स्वर्ण पदक मुकाबले से पहले फोगाट को अयोग्य घोषित कर दिया गया था.
पिछले कुछ दिनों में दोनों पक्षों के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं. विनेश ने डब्ल्यूएफ़आई पर गोंडा प्रतियोगिता में उनकी एंट्री रोकने का आरोप लगाया.
विनेश फोगाट ने इस नोटिस के बारे में सोमवार को एक्स पर एक मीडिया स्टेटमेंट भी जारी की और कहा कि तय सीमा के भीतर इसका जवाब देंगी.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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