योगी सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल, किन 6 नए चेहरों को किया गया शामिल

इमेज स्रोत, ANI
उत्तर प्रदेश में बीजेपी के नेतृत्व वाली योगी सरकार के मंत्रिमंडल में रविवार को फेरबदल किया गया. राज्य सरकार के मंत्रिमंडल में छह नए चेहरों को शामिल किया गया है.
उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं. राज्य में साल 2017 से योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार चल रही है.
ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए मंत्रिमंडल में यह फेरबदल किया गया है.
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कुल आठ नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई जिनमें छह नए चेहरे शामिल हैं.
मंत्रिमंडल विस्तार पर केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि ये बहुत ख़ुशी की बात है कि बहुत दिनों से चीज़ें रुकी थीं और वो निर्णय अब हो रहा है.
राज्य के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा, "मंत्रिमंडल विस्तार की प्रतीक्षा थी और ये हो रहा है. इसका विस्तार कभी भी हो सकता है और केंद्रीय नेतृत्व का मार्गदर्शन हमेशा रहता है. इसका उद्देश्य प्रदेश का संपूर्ण विकास है."
किन चेहरों को किया गया शामिल?

इमेज स्रोत, ANI
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आठ नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई. इनमें दो को कैबिनेट मंत्री, दो को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और चार को राज्य मंत्री के तौर पर शपथ दिलाई गई.
भूपेंद्र सिंह चौधरी और मनोज कुमार पांडे ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है.
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में दो विधायकों अजीत सिंह पाल और सोमेंद्र तोमर ने शपथ ली.
अजीत सिंह पाल और सोमेंद्र तोमर पहले से मंत्रिमंडल में शामिल थे. अब उन्हें स्वतंत्र प्रभार दिया गया है.
अजीत सिंह पाल कानपुर देहात की सिकंदरा सीट से विधायक हैं. मेरठ दक्षिण से सोमेंद्र तोमर विधायक हैं.
कृष्णा पासवान, कैलाश सिंह राजपूत, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा ने राज्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.
इनमें कृष्णा पासवान इकलौती महिला हैं. पासी समुदाय से आने वालीं कृष्णा पासवान फ़तेहपुर की खागा सीट से विधायक हैं.

इमेज स्रोत, ANI
कैलाश सिंह राजपूत कन्नौज के तिर्वा से विधायक हैं. अलीगढ़ की खैर सीट से सुरेंद्र दिलेर विधायक हैं. हंसराज विश्वकर्मा विधान परिषद के सदस्य हैं और वाराणसी बीजेपी के ज़िला अध्यक्ष हैं.
मंत्री बनाए जाने के बाद कृष्णा पासवान ने सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार जताया है.
उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई के साथ बातचीत में कहा, "दलित बिरादरी से आने वाली मुझ जैसी ज़मीनी कार्यकर्ता को बूथ से लेकर भारतीय जनता पार्टी ने यहां तक पहुंचाया है."
वहीं सुरेंद्र दिलेर ने कहा, "जो ज़िम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी ने मुझे दी है. मोदी जी ने और योगी जी ने दी है, उसे अच्छी तरह से पूरा करने की कोशिश करूंगा..."
अखिलेश यादव ने क्या कहा?

इमेज स्रोत, ANI
उत्तर प्रदेश में योगी मंत्रिमंडल के विस्तार के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि आख़िरी 9 महीनों में मंत्री क्या कर लेंगे जब 9 साल तक सरकार ने कुछ नहीं किया.
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "यूपी के मंत्रिमंडल में केवल 6 रिक्तियाँ हैं, इससे ज़्यादा तो दूसरे दल से पाला बदल कर आए लोग हैं, क्या उन सभी को मंत्री पद से नवाज़ा जाएगा? क्या उनमें से सबसे कमज़ोर को चुना जाएगा जिससे कि उसकी कमज़ोरी कुछ कम हो जाए?"
उन्होंने लिखा, "जिन वर्तमान मंत्रियों के विभाग कम किये जाएंगे तो क्या इससे जनता के बीच ये संदेश नहीं जाएगा कि वो नाकाम रहे, इसलिए उनसे मंत्रालय छीन लिया गया है? ऐसे मंत्री तो बिना लड़े ही क्या अपना चुनाव हार नहीं जाएंगे?"
अखिलेश यादव ने इससे पहले भी एक एक्स पोस्ट में लिखा, "सुना है यूपी में कैबिनेट का विस्तार हो रहा है या यूं कहें कि मुख्यमंत्री जी की शक्ति का 'कटाव छटाव' हो रहा है. जिनका मंत्रिमंडल है उनसे भी तो कोई पूछ ले. हमारी मांग है कि यूपी के मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं को आरक्षण दिया जाए."
यूपी विधानसभा में अधिकतम 60 मंत्री ही बनाए जा सकते हैं. संविधान के अनुच्छेद 164 (1ए) के तहत किसी भी राज्य के मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों की कुल संख्या विधानसभा की कुल सदस्य की संख्या के 15 फीसदी से अधिक नहीं हो सकती है. यूपी विधानसभा में 403 सीटें हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.



































