तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और
लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने ख़ुद पर हमले को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी
(बीजेपी) पर निशाना साधा है. उन्होंने यह भी कहा कि वह सिर्फ़ 'जनता के सामने झुकेंगे'.
उन्होंने कांग्रेस सांसद और लोकसभा
में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद भी दिया है.
अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर राहुल
गांधी की पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए लिखा, "पिछले साल मैं ऑपरेशन सिंदूर के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य
के तौर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पांच देशों की यात्रा पर गया था. मैंने
अपने देश का पक्ष रखा और आतंकवाद के ख़िलाफ़ एकजुट होकर खड़ा रहा."
"आज मैं राजनीतिक हिंसा और राज्य
प्रायोजित आतंकवाद का शिकार हूं, जिसे उन
लोगों ने बढ़ावा दिया है जो ख़ुद को राष्ट्रवाद का संरक्षक बताते हैं."
उन्होंने कहा, "आज की बीजेपी की हक़ीक़त यही है. अगर आप उनका
समर्थन करते हैं, तो आप देशभक्त हैं. अगर आप उनसे सवाल
करते हैं, तो आप निशाने पर आ जाते हैं. अगर आप
उनके साथ खड़े हैं, तो आपकी सराहना होती है. अगर आप उनके
ख़िलाफ़ खड़े होते हैं, तो वे आपको चुप कराने की कोशिश करते
हैं."
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वह
सिद्धांतों से समझौता करने की बजाय लोकतंत्र की रक्षा के लिए 'डर और धमकी का सामना करना' पसंद करेंगे.
उन्होंने लिखा, "मैं अपने सिद्धांतों से समझौता करके आराम की
ज़िंदगी जीने के बजाय लोकतंत्र की रक्षा करते हुए धमकियों का सामना करना ज़्यादा
पसंद करूंगा."
उन्होंने कहा, "सत्ता अस्थायी होती है. जनता की इच्छा स्थायी
होती है. मैं सिर्फ़ जनता के सामने झुकूंगा, सत्ता में बैठे लोगों के सामने कभी नहीं."
टीएमसी महासचिव ने यह भी कहा कि वह
उन लोगों के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे जो 'लोकतंत्र को कमज़ोर करना चाहते हैं और देश को बांटना चाहते' हैं.
अभिषेक बनर्जी पर शनिवार को पश्चिम
बंगाल के सोनारपुर में भीड़ ने हमला किया था. वह चुनाव के बाद हुई हिंसा के
पीड़ितों से मिलने गए थे. उनके साथ स्थानीय लोगों ने मारपीट की और उनके ऊपर अंडे
फेंके.
पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार प्रभाकर मणि तिवारी को बताया कि इस मामले में पांच लोगों
को गिरफ़्तार किया गया है. इसके अलावा तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया
गया है.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने
घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए इलाक़े के वीडियो फ़ुटेज की मदद से इन लोगों को
गिरफ़्तार किया है. इस मामले में और भी गिरफ़्तारियां हो सकती हैं.