ब्रिटेन के किंग चार्ल्स अमेरिका दौरे पर हैं. यहां पर उन्होंने मंगलवार को अमेरिकी संसद 'कांग्रेस' को संबोधित किया.
यह दूसरा मौका था जब ब्रिटेन के सबसे बड़े शाही पद पर बैठे व्यक्ति ने अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित किया. इससे पहले उनकी मां क्वीन एलिज़ाबेथ ने कांग्रेस को संबोधित किया था.
किंग चार्ल्स ने अपने भाषण में अमेरिका और ब्रिटेन के साझा इतिहास की ओर इशारा किया और कहा कि यह रिश्ता कई सदियों पुराना है.
किंग चार्ल्स ने कहा, "इतिहास से आगे बढ़कर दोनों देशों के पास साझा लोकतांत्रिक मूल्य हैं, जो उनकी शासन व्यवस्था की नींव हैं."
उन्होंने आगे कहा, "ब्रिटेन और अमेरिका की ख़ास साझेदारी सिर्फ़ पुरानी कामयाबियों पर नहीं टिक सकती, ख़ासकर ऐसे समय में जब दुनिया तेज़ी से बदल रही है."
उन्होंने ब्रिटेन और अमेरिका के बीच रक्षा क्षेत्र में और ज़्यादा सहयोग की अपील की और कहा कि यूक्रेन को समर्थन देना ज़रूरी है ताकि यूरोप में स्थायी शांति हासिल हो सके.
इसके बाद व्हाइट हाउस में हुए स्टेट डिनर के दौरान किंग चार्ल्स ने नेटो और ऑकस अलायंस की अहमियत पर ज़ोर दिया.
उन्होंने ट्रंप की मौजूदगी में कहा कि ऐसे अलायंस से तकनीकी और सैन्य सहयोग को और मज़बूत किया जा सकता है.
उन्होंने आगे कहा, "ऐसा करने से हम मिलकर ऐसी दुनिया की चुनौतियों का सामना कर सकें जो लगातार जटिल होती जा रही है."
गौरतलब है कि ब्रिटेन के किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला चार दिन के राजकीय दौरे पर अमेरिका में हैं.