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वैभव सूर्यवंशी बोले, 'मुझे सिर्फ़ क्रिकेट नहीं खेलना,10-20 साल डॉमिनेट करना है'
राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी ने फ़्रेंचाइज़ी को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि उनका सपना क्रिकेट के तीनों फ़ॉर्मेट में खेलना है.
उन्होंने यह भी कहा कि वह 'सिर्फ़ खेलने के लिए क्रिकेट नहीं खेलना चाहते, वह 10-20 साल क्रिकेट में डोमिनेट करना' चाहते हैं.
आईपीएल फ़्रेंचाइज़ी राजस्थान रॉयल्स ने रविवार को वैभव सूर्यवंशी का एक इंटरव्यू शेयर किया. इसमें वैभव ने भविष्य में क्रिकेट खेलने और अपने सपनों के बारे में बात की.
उन्होंने दिग्गज़ क्रिकेटर विराट कोहली के बारे में भी बात की.
वैभव सूर्यवंशी को हाल ही में भारत की टी-20 टीम में शामिल किया गया है.
टेस्ट क्रिकेट खेलने के बारे में क्या बोले
इंटरव्यू के दौरान वैभव से टेस्ट क्रिकेट खेलने से जुड़ा सवाल किया गया.
वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि वो टेस्ट क्रिकेट भी खेलना चाहते हैं.
उन्होंने कहा, ''मैं रेड बॉल के लिए काफ़ी खेलता हूं. प्रैक्टिस करता हूं. मैंने अपने स्टेट के लिए भी रेड बॉल खेला है. मुझे खेलना है और मैं इसकी प्रैक्टिस करता हूं.''
दिग्गज़ बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर से मुलाक़ात के बारे में हुई बात के बारे में पूछने पर वैभव ने कहा, "बहुत लोग ये सोचते हैं और उन्होंने भी बात की कि आगे रेड बॉल खेलना है कि नहीं खेलना. तो मैंने बस उसी का जवाब दिया कि मैं रेड बॉल से काफ़ी प्रैक्टिस कर चुका हूं और करता हूं. और अपने राज्य के लिए भी मैं काफ़ी रेड बॉल खेला हूं. मुझे रेड बॉल खेलना है क्योंकि मैं रेड बॉल की प्रैक्टिस करता हूं.''
उन्होंने कहा, "ये फ़ॉर्मेट (टी20) में मैं इसलिए ऐसे बैटिंग करता हूं क्योंकि इस फ़ॉर्मेट की यही मांग है. रेड बॉल में जो नीड होगी मैं उस तरीक़े से अपनी बैटिंग में बदलाव करूंगा. वनडे में जो नीड होगी उस तरीक़े से बदलूंगा. मेरा सपना तो तीनों फ़ॉर्मेट खेलने का है."
वैभव ने कहा कि आईपीएल लंबा टूर्नामेंट है और इसमें शारीरिक और मानसिक रूप से काफ़ी फ़िट रहना पड़ता है.
उन्होंने कहा, ''मैच के पहले हम तय करते थे कि कैसे खेलना है. मैच के बाद भी बैठकर ये तय करते थे कि अगले मैच में क्या करना है. क्या हमसे छूट गया जो हम नहीं कर पाए. क्या ग़लती हुई, जिसे हमें अगले मैच में नहीं दोहराना है.''
''इससे टीम को काफ़ी फ़ायदा हुआ. जब आपस में बातें करते हैं तो काफ़ी फ़ायदा होता है काफ़ी कुछ सीखते हैं.''
वैभव को आईपीएल में सबसे ज़्यादा रन बनाने पर ऑरेंज कैप मिला है.
इस बारे में पूछे सवाल के बारे में उन्होंने कहा, ''जब भी आईपीएल में किसी को ऑरेंज कैप में देखता था तो मैं भी सोचता था कि इसे मैं छू सकूं.''
''आज ऑरेंज कैप मिल गई है लेकिन मैं भगवान से कभी ये प्रार्थना नहीं करता कि मेरी परफॉर्मेंस अच्छा कराए. मैं भगवान से यही मांगता हूं कि अपना आशीर्वाद बनाए. मुझे पावर दे और स्ट्रॉन्ग रखे.''
''मैं अकेले कमरे में सोचता हूं कि किसी बॉलर के ख़िलाफ़ कैसे खेलूं. अगर पहले से तैयारी करते हैं तो मैच के दौरान आप मानसिक तौर पर खुद को मजबूत पाते हैं. अगर आप फ़ाइनल खेल रहे हैं तो वहां खुद को मेंटली काफ़ी मजबूत रखना पड़ता है.''
'खुशी है कि राजस्थान रॉयल्स जैसी टीम मिली'
उन्होंने कहा उन्हें फैन्स का काफी सपोर्ट मिल रहा है.
वैभव बोले, ''मैच के बाद मैंने सोशल मीडिया पर देखा कि किस तरह मेरे फैन्स के परिवार में लोग मेरे आउट होने पर निराश होते थे. मेरे अच्छा खेलने पर खुशियां मनाते थे. जिस तरह का सपोर्ट, प्यार और आशीर्वाद मिल रहा है उसकी वजह से मैं खेल पा रहा हूं.''
''मुझे इसका बुरा लगा कि राजस्थान रॉयल्स की टीम फ़ाइनल में नहीं जा पाई और मैं वहां खेल नहीं पाया. उम्मीद है कि ऐसा जल्दी ही होगा. उम्मीद है कि हम चार-पांच ट्रॉफी भी जीतें.''
वैभव सूर्यवंशी ने कहा, ''मैं पहले सोचता था कि मैं इतना अच्छा खेलता हूं मेरे लिए केवल दी ही टीमों ने बिड क्यों किया. लेकिन आज मैं राजस्थान रॉयल्स की टीम में आकर बहुत खुश हूं. यहां का माहौल परिवार जैसा है. मेरे सीनियर खिलाड़ी, कोच सपोर्ट स्टाफ़ सभी काफ़ी मददगार हैं.''
''मैं खुश हूं लेकिन एक तरफ़ फाइनल देखते हुए मुझे ये लग रहा था कि काश मेरी टीम भी फ़ाइनल खेलती. मैं बैठकर मैच नहीं देख रहा होता, खेल रहा तो शायद राजस्थान रॉयल्स ट्रॉफी जीतती.''
'विराट कोहली से बात करना सपने जैसा था'
''मैं सोचता हूं कि आने वाले 20 साल तक जब भी मैं खेलूं तो लोग ये कहे कि ये एक ऐसा प्लेयर है जो अकेले ही खेल ख़त्म कर देता है. वो डॉमिनेंस दिखना चाहिए.''
''ऐसा खेलना है कि सिर्फ़ खेलना नहीं है दस साल, बीस साल तक डॉमिनेट करना है.''
''अच्छा खेलना है. मैंने एन्जॉय करने के लिए क्रिकेट खेलना शुरू किया था. इसलिए जब तक खेलूं अच्छा खेलूं,एन्जॉय करूं.''
''मैं विराट कोहली का बहुत बड़ा फै़न था. मैंने कैप पर उनका ऑटोग्राफ़ लिया था. जब ऑरेंज कैप नहीं पहनता हूं तो वही कैप पहनता हूं. मेरे कंधे पर हाथ रखकर जब वो मुझसे बात कर रहे थे तो ऐसा लग रहा था कि ये सपना है.''
''लगा ही नहीं मैं विराट कोहली से बात कर रहा हूं. उन्होंने एक बड़े भाई की तरह समझाया कि मैं क्या अच्छा कर रहा हूं. क्या अच्छा कर सकता हूं या करना चाहिए. किस चीज पर फ़ोकस करना चाहिए. किस पर ध्यान लगाना चाहिए. भविष्य में क्या करना चाहिए.''
''जय शाह भी जब मुझसे मिलते हैं तो बहुत कुछ बताते हैं. फोक्स्ड रहना है अभी बहुत आगे जाना है. गेम पर ध्यान देना है. पांव ज़मीन पर रखकर बस अपने काम पर फ़ोकस करना है.''
बिहार और बिहार के लोगों के समर्थन के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि वहां के लोग बगैर कुछ सोचे उनका हौसला बढ़ाते हैं.
उन्होंने कहा, ''बिहार के लिए कुछ बोलने की ज़रूरत नहीं है. आप सोशल मीडिया खोलेंगे और देखेंगे कि जिस तरह से आप सपोर्ट करते हैं मुझे, वो अनरियल है. भले मैंने गलत खेला हो. रन न बनाया हो. लेकिन जिस तरह वो मेरे बारे में पॉजिटिव रहते हैं. मेरा सपोर्ट करते हैं उस बारे में जितना बोलो उतना कम है. पटना एयरपोर्ट से निकलता हूँ तो माहौल ही अलग होता है. लगता है घर में आ गया हूं सेफ़ हूं. कोई प्रॉब्लम नहीं है. अब थोड़ा मुश्किल हो गया है बाहर निकलना... नहीं मैं तो ट्राई करता हूं कि पैदल निकलूं, दिन में शाम में रात में .अलग ही अटैचमेंट है. जिसे नहीं भी जानते हैं उनसे भी बात करेंगे तो लगेगा बहुत दिनों से जानते हैं. कुछ पूछेंगे तो बहुत प्यार से बोलेंगे.
'' मैं अपना काम करता हूं. मेरा फ़ोकस बना रहे. बाकी सब मिलता रहेगा.''
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.