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'आईपीएल में कहां लेंगे मुझे', यह बात कहने वाले गेंदबाज़ ने क्वालिफ़ायर वन में कैसे रचा इतिहास
विकेट, डॉट, डॉट, विकेट, डॉट, डॉट
ये टेस्ट मैच के किसी ओवर के आंकड़े नहीं हैं. बल्कि यह आईपीएल की एक उपलब्धि है. 19 साल के आईपीएल के लंबे इतिहास में किसी भी गेंदबाज़ ने प्लेऑफ़ के पावरप्ले में ऐसा ओवर नहीं डाला था.
लेकिन मंगलवार को आईपीएल 19 के क्वालिफ़ायर वन में इतिहास लिखा जा चुका है. इस इतिहास को लिखने वाले गेंदबाज़ का नाम है रसिख सलाम डार.
एक ऐसा नाम जिनके बारे में इस सीज़न से पहले क्रिकेट की दुनिया में ज़्यादा चर्चा नहीं हुई थी. लेकिन रसिख सलाम ने एक ऐसी टीम के साथ इस सीज़न में अलग पहचान बनाई है जिसे अब से पहले तक विराट कोहली, एबी डिविलियर्स और क्रिस गेल जैसे बल्लेबाज़ों की वजह से जाना जाता रहा है.
लेकिन भुवनेश्वर कुमार, जोस हेजलवुड जैसे दिग्गज गेंदबाज़ों के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर से आने वाले रसिख सलाम डार ने आरसीबी की पहचान को बदल दिया है. इस सीज़न में आरसीबी को उसके बल्लेबाज़ों से ज़्यादा कामयाबी गेंदबाज़ों की वजह से मिली है.
भुवनेश्वर कुमार 26 विकेट लेकर पर्पल कैप होल्डर बने हुए हैं. वहीं रसिख डार भी 11 मैचों में 16 विकेट के साथ इस सीज़न के टॉप 10 गेंदबाज़ों में शुमार हैं.
भुवनेश्वर कुमार, हेजलवुड और रसिख की गेंदबाज़ी का ही कमाल है कि 17 सीज़न तक पहले ख़िताब का इंतज़ार करने वाली आरसीबी अब लगातार दूसरी बार आईपीएल के फ़ाइनल में पहुंच गई है. रजत पाटीदार की अगुवाई में आरसीबी अब दूसरा ख़िताब जीतने से महज़ एक कदम दूर है.
अपने फ़ैंस की वजह से चर्चा में रहने वाली आरसीबी की कहानी जितनी रोमांचक है, उससे भी कहीं ज़्यादा दिलचस्प कहानी है रसिख डार की.
17 साल में आईपीएल डेब्यू
रसिख डार की दिलचस्प कहानी के एक हिस्से को बयां किया है पत्रकार मोहसिन कमल ने.
क्वालिफ़ायर वन में जब रसिख डार ने इतिहास रचा तो उन्होंने अपने एक्स पर 15 अप्रैल को लिखे गए पोस्ट को री-पोस्ट किया.
इस पोस्ट में लिखा था, "मैं रसिख सलाम डार से पहली बार 2017 में एक लोकल टूर्नामेंट में एक ही टीम की ओर से खेलते हुए मिला था. कुछ ही गेंद के बाद हर कोई हैरान रह गया था. मैंने उनसे पूछा कि आप ट्रायल के लिए क्यों नहीं जाते हो. उन्होंने कहा, 'उधर कहां लेंगे मुझे', और अब आईपीएल में उन्हें ऐसा करते हुए देखकर गर्व महसूस हो रहा है."
हालांकि, साल 2018-19 में ही रसिख सलाम ने 17 वर्ष की उम्र में ही आईपीएल में अपने सफर की शुरुआत का रास्ता बना लिया था. छह महीने से भी कम वक़्त में उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लिए रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे टॉपी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में डेब्यू कर लिया.
उन्हें आईपीएल 2019 के लिए मुंबई इंडियंस ने 20 लाख रुपये में साइन किया. उस वक्त रसिख डार आईपीएल के लिए सेलेक्ट होने वाले जम्मू-कश्मीर के तीसरे क्रिकेटर बने. उनसे पहले परवेज़ रसूल और मजूर डार को ही आईपीएल खेलने का मौका मिला था.
साल 2022 में रसिख सलाम केकेआर के साथ जुड़े. वहीं साल 2024 में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें मौका दिया. लेकिन रसिख डार पर असल दांव आरसीबी ने ही लगाया और उन्हें मेगा ऑक्शन में छह करोड़ की बड़ी बोली पर ख़रीदा.
लेकिन बीते साल आरसीबी का यह दांव काम नहीं आया. रसिख सलाम को दो मैच खेलने का मौका मिला. उन्होंने दोनों मैचों में ही निराश किया. इन दो मैचों में रसिख डार ने छह ओवर गेंदबाज़ी की और 70 रन खर्च किए. उनके हिस्से पिछले साल महज़ एक विकेट आया.
बावजूद इसके आरसीबी ने रसिख डार पर भरोसा बनाए रखा और उन्हें इस साल के लिए रिटेन किया. और इस साल उन्होंने आरसीबी को निराश नहीं किया.
इंतज़ार करने को कहा, तो जाने लगे...
रखिख डार के इस दिलचस्प सफ़र को करीब डेढ़ महीने पहले पूर्व क्रिकेटर इरफ़ान पठान ने स्टार स्पोर्ट्स के एक शो में भी बयान किया था.
उन्होंने बताया, "मुझे याद है मैंने पहली बार रसिख सलाम को शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में देखा था. उस दिन वहां करीब 70 लड़के आए थे. उन्होंने दो या तीन बॉल डाली. जिनमें से एक स्लो थी और एक तेज़ गेंद थी. इसके बाद मैंने उन्हें बाहर इंतज़ार करने के लिए कहा."
"लेकिन यह सुनने के बाद वह अपने भाई के साथ जाने लगे. मैंने उन्हें वापस बुलाया और पूछा, कहां जा रहे हो."
"उन्होंने बताया, सर मुझे लगा कि इस बार भी मौका नहीं मिलने वाला है."
"वह अंडर-16 और अंडर-19 के सेलेक्शन के लिए आते थे. पर उन्हें टॉप 30 में भी मौका नहीं मिलता था. मैंने उन्हें सीनियर ट्रॉयल के लिए बुलाया और वहां रसिख डार ने हैट्रिक ली."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.