ईरान के शैडो फ़्लीट से जुड़े प्रतिबंधित चार कंटेनरों को दुबई की कंपनी करेगी डिसमेंटल
दुबई स्थित कंपनी जीएमएस ने कहा है कि उसे अमेरिकी सरकार से उन चार कंटेनर जहाज़ों को तोड़ने की मंजूरी मिल गई है, जिन पर ईरान से संबंध होने के कारण प्रतिबंध लगाए गए थे.
बीबीसी पर्शियन के मुताबिक़, कंपनी के सीईओ ने कहा कि यह कदम कथित “शैडो फ़्लीट” को कम करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है.
शैडो फ़्लीट उन जहाज़ो को कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल प्रतिबंधों से बचने के लिए किया जाता है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बिना उचित बीमा, पर्यावरण और सुरक्षा मानकों वाले सैकड़ों जहाज़ों ने ईरान और रूस को प्रतिबंधों से बचने में मदद की है.
साथ ही, व्यस्त समुद्री मार्गों में तेल और ईंधन रिसाव का ख़तरा भी बढ़ाया है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे जहाज़ों को तोड़ने के लिए औपचारिक व्यवस्था बनने से उन्हें सेवा से हटाने को बढ़ावा मिलेगा. इससे पर्यावरणीय जोखिम कम करने और प्रतिबंधित तेल व सामान के व्यापार पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है.
जीएमएस के संस्थापक और सीईओ अनिल शर्मा ने रॉयटर्स से कहा कि कंपनी कई महीनों से अमेरिकी अधिकारियों के साथ प्रतिबंधित जहाज़ों को अपने नियंत्रण में लेकर उन्हें डिसमेंटल करने को लेकर बातचीत कर रही थी.