असुरक्षित वेबसाइटों से बचने की चेतावनी

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जल्द ही ये संभव है कि आप गूगल पर किसी वेबसाइट को सर्च करें तो गूगल आपको चेतावना दे सकता है कि इस वेबसाइट पर ना जाएं नहीं तो आपके कंप्यूटर में मौजूद सारे डेटा ख़तरे में आ सकते हैं.

चौंकिए नहीं, ये संभव है. गूगल इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा. ये चेतावनी आपको तब नज़र आएगी जब आप उन वेबसाइटों पर जाने की कोशिश करेंगे जो एचटीटीपीएस व्यवस्था का इस्तेमाल नहीं कर रहे होंगे.

कई वेबसाइटें सेफगार्ड डेटा के बेसिक्स प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करती हैं, जबकि कई नहीं करती हैं.

गूगल के डेवलपर इस प्रस्ताव पर सर्च फ़र्म क्रोमोसोम ब्राउज़र पर काम कर रहे हैं.

तकनीक की दुनिया के विशेषज्ञ इस प्रस्ताव का स्वागत कर रह हैं, हालांकि कई विश्लेषकों का मानना है कि इससे शुरुआती तौर पर उलझन की स्थिति पैदा होगी.

प्रस्ताव का स्वागत

अगर गूगल इस प्रस्ताव को लागू कर पाया तो एचटीटीपीएस व्यवस्था का इस्तेमाल नहीं करने वाली वेबसाइटों पर जाने पर एक पॉप अप उभर कर आएगा. इस पर लिखा होगा कि इस कनेक्शन पर डेटा के सुरक्षित रहने की गारंटी नहीं है.

एचटीटीपीएस पहले से स्थापित क्रिप्टोग्राफि़क सिस्टम का इस्तेमाल करता है जो यूज़र के कंप्यूटर से जानकारी एक वेबसाइट को भेजता है और फिर उसे वापस करता है.

गूगल की ओर से कहा गया है कि इस चेतावनी की ज़रूरत इसलिए हुई क्योंकि साइबर अपराध करने वाले लोग और कई सरकारी एजेंसियाँ असुरक्षित कनेक्शन के ज़रिए लोगों के डेटा की जानकारी हासिल कर रही है और लोगों की जासूसी कर रही है.

सिक्यूरिटी फर्म ट्रेंड माइक्रो के सीनियर एनेलिस्ट रिक फर्ग्यूसन के मुताबिक लोगों को खतरे के प्रति आगाह करने का विचार अच्छा है.

वेबसाइट पर नज़र रखने वाली संस्था ट्रस्टवर्दी इंटरनेट मूवमेंट के मुताबिक मौजूदा समय में केवल 33 फीसदी वेबसाइट एचटीटीपीएस का इस्तेमाल करती हैं.

वेबसाइटों की मॉनिटरिंग करने वाली फर्म नेटक्राफ्ट के सिक्यूरिटी विशेषज्ञ पॉल मटन ने भी गूगल के प्रस्ताव का स्वागत किया है.

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