बुरी लत से ज़्यादा आनंद मिलता या नुक़सान

सिगरेट
    • Author, डेविड रॉबसन
    • पदनाम, बीबीसी फ़्यूचर
  • प्रकाशित

हम रोज़मर्रा की ज़िंदगी में अपने मज़े के लिए बहुत से काम करते हैं. जिन चीज़ों को नुक़सानदेह कहा जाता है, उन्हें खाते-पीते हैं. जो काम मना किया जाता है, उसे करते हैं. कभी सोचा है कि मज़े के लिए किए गए काम से हमें जो लुत्फ़ आता है, वो होने वाले नुक़सान से ज़्यादा होता है या कम?

जैसे कि शराब पीना. डॉक्टर अक्सर लोगों को शराब पीने से मना करते हैं. फिर भी लोग पीते हैं, क्योंकि शराब पीने में उन्हें मज़ा आता है. बीसवीं सदी के ब्रिटिश उपन्यासकार किंग्सले एमिस ने कहा था कि दुनिया का ऐसा कोई लुत्फ़ नहीं, जिसे दो साल किसी ओल्ड एज होम में काटने के लिए छोड़ा जाए.

कहने का मतलब ये कि ज़िंदगी के जो तमाम मज़े हैं उन्हें इसलिए नहीं छोड़ा जा सकता कि इससे आपकी उम्र बढ़ती है. नुक़सान कम होता है.

कॉफ़ी
शराब

दिक़्क़त तब आती है जब हमें ये अंदाज़ा नहीं होता कि हम अपने मज़े की वजह से ख़ुद को कितना नुक़सान पहुंचाते हैं. जैसे कि रोज़ दो पेग शराब पीने से हमारी उम्र कितनी कम होती है? और शराब पीने से हम कितने दिन ज़्यादा जिएंगे? अब अगर इन सवालों के जवाब मिल जाएं तो शायद कुछ लोग शराब पीना छोड़ने के बारे में सोचें भी.

इसके लिए कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के गणितज्ञ डेविड स्पीगलहाल्टर ने एक नुस्ख़ा तैयार किया है. जिसकी मदद से आप अपने लुत्फ़ के लिए किए जाने वाले ऐसे कामों से नुक़सान का अंदाज़ा लगा सकते हैं.

मोबाइल

डेविड कहते हैं कि ये सोचना ग़लत होगा कि किसी बुरी लत की काट के लिए कोई अच्छी आदत डाल ली जाए. जैसे कि शराब पीने के बाद, लिवर को फ़ायदा देने वाली चीज़ें खा ली जाएं. या फिर रोज़ सिगरेट पीते हैं तो ख़ूब सारे फल खाना शुरू कर दें. सिगरेट पीने से जो नुक़सान होगा, वो फिर भी होगा.

फिर भी कुछ तुलनाओं से साफ़ होगा कि आख़िर आप अपनी बुरी लत से ख़ुद को कितना नुक़सान पहुंचाते हैं.

रोज़ बीस सिगरेट पीने से आपकी ज़िंदगी के सात बरस कम हो जाते हैं. कहने का मतलब ये कि हर सिगरेट आपकी उम्र पंद्रह मिनट घटा देती है.

रोज़ाना दो-तीन कप कॉफ़ी पीने से आपकी उम्र एक साल बढ़ जाती है. यानी कॉफ़ी का हर कप आपकी उम्र पंद्रह मिनट बढ़ा देता है.

टांगे

अगर आप टीवी देखने के शौक़ीन हैं तो जान लें कि रोज़ दो घंटे टीवी देखने का मतलब है ख़ुद की उम्र एक साल घटाना. यानी हर घंटे टीवी देखने से आपकी उम्र पंद्रह मिनट घटती है.

बीस मिनट की वर्ज़िश से आपकी ज़िंदगी में दो साल जुड़ जाते हैं. यानी हर रोज़ बीस मिनट की एक्सरसाइज़ से आपकी ज़िंदगी रोज़ एक घंटे बढ़ जाती है.

इसी तरह रोज़ तीन ग्लास वाइन पीने से मर्दों की उम्र चार महीने घटती है. मगर इतनी ही शराब पीने से औरतों की उम्र सोलह महीने कम हो जाती है. औरतों को शराब पीने से ब्रेस्ट कैंसर होने का ख़तरा रहता है.

औरत

हम अपने परदादा से औसतन साढ़े तेरह बरस की ज़्यादा उम्र जीते हैं. यानी उनके मुक़ाबले हम रोज़ आठ घंटे ज़्यादा जीते हैं.

मर्द होने की भारी क़ीमत चुकानी पड़ती है. मर्द औरतों से औसतन चार साल कम जीते हैं. मलब ये कि औरतों के चौबीस घंटे, मर्दों के लिए 26 घंटे साबित होते हैं.

अब इन कुछ आंकड़ों की मदद से आपको अंदाज़ा हो गया होगा कि ज़िंदगी के कुछ लुत्फ़ों की वजह से आप ख़ुद को कितनी तेज़ी से क़ब्र की तरफ़ धकेल रहे हैं. अब तय आपको करना है. इन आंकड़ों की बुनियाद पर मौज-मस्ती के काम कम करने हैं, या फिर ब्रिटिश उपन्यासकार किंग्सले एमिस की बात माननी है.

(अंग्रेज़ी में मूल लेख पढ़ने के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.com/future/story/20160822-the-real-risks-and-benefits-of-everyday-pleasures" platform="highweb"/></link> करें, जो बीबीसी <link type="page"><caption> फ़्यूचर</caption><url href="http://www.bbc.com/future" platform="highweb"/></link> पर उपलब्ध है.)

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