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लाइव, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने कहा, 'जश्न मनाने वाले अपने अंदर झांक कर देखें'

पेट्रोलियम और नैचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दावा किया है कि भारत में तेल और गैस का कोई संकट नहीं है.

सारांश

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, चंदन कुमार जजवाड़े

  1. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने कहा, 'जश्न मनाने वाले अपने अंदर झांक कर देखें'

    पेट्रोलियम और नैचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दावा किया है कि भारत में तेल और गैस का कोई संकट नहीं है.

    सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में हरदीप पुरी ने लिखा, ''जो लोग 1.4 अरब भारतीयों और देश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक मुश्किल हालात को लेकर जश्न मना रहे हैं, उन्हें अपने अंदर झांकना चाहिए.''

    उन्होंने लिखा, ''प्रधानमंत्री ने नागरिकों को केवल यही सलाह दी है कि वे ऊर्जा की खपत को संयमित रखें, ताकि अर्थव्यवस्था पर कोई वित्तीय बोझ न पड़े.''

    ''जहाँ एक ओर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं, वहीं भारत ने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों को स्थिर रखा है. साथ ही, एक लाख से अधिक पेट्रोल पंपों पर ईंधन की निरंतर उपलब्धता और 33.5 करोड़ परिवारों तक एलपीजी की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित की है.''

    उन्होंने कहा है कि फिलहाल भारत की ओएमसी (ऑयल मार्केटिंग कंपनियाँ) हर रोज़ एक हज़ार करोड़ रुपये का नुक़सान उठा रही हैं.

    "हमने इस चुनौती को एक अवसर में बदलने के लिए कड़े कदम उठाए हैं. भारत ने कच्चे तेल की ख़रीद के स्रोतों का विस्तार किया है. ये सभी एक मज़बूत अर्थव्यवस्था के संकेत हैं, न कि किसी मुश्किल में फँसी अर्थव्यवस्था के."

    इससे पहले बीते दो दिनों में पीएम मोदी कम से कम दो मौक़ों पर लोगों से डीज़ल और पेट्रोल की खपत कम करने की अपील कर चुके हैं. उन्होंने इसके अलावा भी सोने की ख़रीद बंद करने और वर्क फ्रॉम होम जैसी कई अपील की है.

    पीएम के इस बयान के बाद से विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हैं और देश की अर्थव्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं.

  2. नीट पेपर लीक मामला: कमल हासन ने पूछा, 'छात्रों की मानसिक पीड़ा की ज़िम्मेदारी कौन लेगा?'

    अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने नीट परीक्षा के पेपर लीक होने पर सवाल खड़े किए हैं.

    राज्यसभा सांसद कमल हासन ने एक्स पर लिखा, ''नीट की प्रवेश परीक्षा के लिए दिन-रात पढ़ाई करने वाले 22 लाख छात्रों की कड़ी मेहनत और उनके सपने आपराधिक साजिशों के कारण चकनाचूर हो गए हैं. इस मानसिक पीड़ा की ज़िम्मेदारी कौन लेगा?''

    ''आज तक, मुझे एक भी ऐसी नीट की परीक्षा याद नहीं आती, जो धांधली के आरोपों के बिना आयोजित हुई हो, इसलिए हम शिक्षा को वापस 'राज्य सूची' में लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. भारतीय छात्रों को इस अन्यायपूर्ण नीट परीक्षा और इसके पीछे सक्रिय माफ़िया से सुरक्षित रखा जाना चाहिए.''

    नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित हुई नीट 2026 की परीक्षा को पेपर लीक की ख़बरों के बीच रद्द कर दिया है. एनटीए ने कहा है कि केंद्र सरकार की मंज़ूरी के बाद परीक्षा रद्द की गई है.

    एनटीए ने कहा है कि इस परीक्षा को दोबारा आयोजित करवाया जाएगा.

    एनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "भारत सरकार ने इस मामले को पूरी जांच के लिए सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) को सौंपने का फ़ैसला किया है. एनटीए इस जांच में पूरा सहयोग करेगी और सभी ज़रूरी दस्तावेज़ और जानकारी उपलब्ध कराएगी."

  3. नीट की परीक्षा रद्द होने पर केजरीवाल ने कहा, 'जो परीक्षा नहीं करा सकते, वो सरकार क्या चलाएंगे?'

    नीट की परीक्षा रद्द होने पर आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

    केजरीवाल ने कहा, ''मैं जानता हूं कि किस तरह की कठोर तपस्या (पढ़ाई के लिए) करनी पड़ती है…मां बाप कोचिंग के लिए ज़ेवर गिरवी रख देते हैं, ज़मीन बेच देते हैं. नीट के पेपर चार बार लीक हो चुके हैं. पेपर ऐसे तो लीक होते नहीं हैं. इसका मतलब बहुत बड़े स्तर पर कुछ न कुछ मिलीभगत है, राजनीतिक संरक्षण है.''

    ''जिन्होंने साल 2017 का पेपर लीक किया था, वो आज कहाँ हैं? क्या उनको सज़ा मिली? जिन्होंने 2021 का पेपर लीक किया था, उनको सज़ा मिली? जिन्होंने 2024 का पेपर लीक किया था, सबको बेल मिल गई, सब बाहर हैं.''

    केजरीवाल ने आरोप लगाया, ''सबको कहा गया कि अब अगले पेपर लीक करने की तैयारी करो और वो कर रहे हैं. मैं पूरी ज़िम्मेदारी से कह रहा हूं कि सरकार चलाना बहुत मुश्किल काम है. जिन लोगों से बिना लीक हुए, एक पेपर ठीक से नहीं होते हैं वे सरकार क्या चलाएंगे.''

    ''मिले हुए हैं ये लोग. यह पूरी तरह से राजनीतिक मिलीभगत का मामला है. लाखों करोड़ों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. मैं उन सब बच्चों को कहना चाहता हूं कि सड़कों पर उतरना पड़ेगा.''

    इससे पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित हुई नीट 2026 की परीक्षा को पेपर लीक की चर्चाओं के बीच रद्द कर दिया है. एनटीए ने कहा है कि केंद्र सरकार की मंज़ूरी के बाद परीक्षा रद्द की गई है.

    एनटीए ने कहा है कि इस परीक्षा को दोबारा आयोजित करवाया जाएगा. नई परीक्षा की तारीख़ें और एडमिट कार्ड का शेड्यूल जल्द ही आधिकारिक चैनलों पर जारी किया जाएगा.

    एनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "भारत सरकार ने इस मामले को पूरी जांच के लिए सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) को सौंपने का फ़ैसला किया है. एनटीए इस जांच में पूरा सहयोग करेगी और सभी ज़रूरी दस्तावेज़ और जानकारी उपलब्ध कराएगी."

  4. यूपी: पीएम मोदी पर कथित टिप्पणी को लेकर सपा सांसद अजेंद्र लोधी पर एफ़आईआर, गौरव गुलमोहर, बीबीसी हिंदी के लिए

    उत्तर प्रदेश के महोबा ज़िले में समाजवादी पार्टी के सांसद अजेंद्र सिंह लोधी के ख़िलाफ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में मुक़दमा दर्ज किया गया है.

    बीजेपी के मीडिया प्रभारी सत्येंद्र प्रताप की ओर से दी गई शिकायत पर महोबा शहर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है.

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह ने बीबीसी हिंदी को बताया, "आपत्तिजनक बयान मामले में एफ़आईआर दर्ज की गई है. अभी जांच चल रही है."

    एफ़आईआर में भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत 132, 189(2), 352 और 196(1) जैसी धाराएं लगाई गई हैं. ये धाराएं सरकारी काम में बाधा, सार्वजनिक शांति भंग करने, उकसावे या धमकी और विभिन्न समुदायों के बीच शत्रुता फैलाने जैसे आरोपों से संबंधित हैं.

    दरअसल, अजेंद्र सिंह लोधी सोमवार को स्मार्ट मीटर से संबंधित ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट पहुंचे थे. इसी दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को लेकर कथित तौर पर विवादित टिप्पणी की थी.

    सत्येंद्र प्रताप ने बीबीसी हिंदी को बताया, "कल समाजवादी पार्टी के सांसद अजेंद्र सिंह लोधी अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में बिजली विभाग से संबंधित ज्ञापन लेकर पहुंचे थे. वहां उन्होंने प्रेसवार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बहुत ही अमर्यादित और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया. हमारी पार्टी ने निर्णय लिया, इसलिए हमने शिकायत दर्ज कराई."

    वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

  5. अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक इस लाइव पेज के ज़रिये ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.

  6. तमिलनाडु: सीएम विजय ने मंदिरों और स्कूलों के क़रीब स्थित शराब की दुकानें बंद करने का दिया आदेश

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ़ विजय ने आदेश दिया है कि अगले दो हफ़्तों में शराब की 717 दुकानें बंद की जाएंगी. ये दुकानें मंदिरों, स्कूलों और बस स्टैंड से 500 मीटर के दायरे के अंदर चल रही हैं.

    तमिलनाडु सरकार ने बताया, “तमिलनाडु स्टेट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री अभी 4,765 शराब की दुकानें चला रहा है. मुख्यमंत्री विजय ने आदेश दिया है कि मंदिरों, स्कूलों और बस स्टैंड से 500 मीटर के दायरे के भीतर आने वाली दुकानों की जांच और पहचान की गई. जांच में पता चला कि ऐसी 717 दुकानें हैं.”

    प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि मुख्यमंत्री विजय ने आदेश दिया है कि इन शराब की दुकानों को अगले दो हफ़्तों में बंद किया जाए.

    इनमें 276 दुकानें मंदिरों के पास, 186 दुकानें स्कूलों के पास और 255 दुकानें बस स्टैंड के पास हैं.

  7. मशहूर फ़ुटबॉलर लामिन यमाल ने चैंपियनशिप जीतने के बाद फ़लस्तीनी झंडा फहराया

    स्पेन के मशहूर फ़ुटबॉल खिलाड़ी लामिन यमाल ने रविवार शाम अपनी टीम बार्सिलोना के ला लीगा चैंपियनशिप जीतने के बाद हुए जश्न में फ़लस्तीनी झंडा फहराया.

    बार्सिलोना ने रियल मैड्रिड को हराकर यह चैंपियनशिप जीती है. ला लीगा स्पेनिश फ़ुटबॉल लीग है.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक, जब टीम सोमवार को सड़क पर जश्न मना रही थी, तब यमाल ने फ़लस्तीनी झंडा फहराया. इस वजह से वे और भी चर्चा में आ गए हैं.

    बार्सिलोना ने रियल मैड्रिड को 2-0 से हराया. इस जीत से उन्होंने सीज़न ख़त्म होने से तीन हफ़्ते पहले ही चैंपियनशिप पक्की कर ली.

    यह उनका 29वां स्पेनिश लीग ख़िताब है.

    गौरतलब है कि स्पेन यूरोपीय संघ के उन देशों में शामिल है, जो स्वतंत्र फ़लस्तीनी राज्य को मान्यता देते हैं.

  8. नीट 2026 की परीक्षा रद्द हुई, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इस बारे में क्या बताया?

    नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 3 मई को आयोजित हुई नीट 2026 की परीक्षा को पेपर लीक की चर्चाओं के बीच रद्द कर दिया है. एनटीए ने कहा है कि केंद्र सरकार की मंज़ूरी के बाद परीक्षा रद्द की गई है.

    एनटीए ने कहा है कि इस परीक्षा को दोबारा आयोजित करवाया जाएगा. नई परीक्षा की तारीख़ें और एडमिट कार्ड का शेड्यूल जल्द ही आधिकारिक चैनलों पर जारी किया जाएगा.

    एनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "भारत सरकार ने इस मामले को पूरी जांच के लिए सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) को सौंपने का फ़ैसला किया है. एनटीए इस जांच में पूरा सहयोग करेगी और सभी ज़रूरी दस्तावेज़ और जानकारी उपलब्ध कराएगी."

    एनटीए ने बताया, "दोबारा परीक्षा देने के लिए नए सिरे से रजिस्ट्रेशन की ज़रूरत नहीं होगी और कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं लिया जाएगा. पहले से जमा की गई फीस छात्रों को वापस कर दी जाएगी और परीक्षा एनटीए के अपने संसाधनों से कराई जाएगी."

    राहुल गांधी ने परीक्षा पर उठाए थे सवाल

    कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को नीट परीक्षा पर सवाल खड़े किए थे.

    राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा था, ''मैंने नीट 2026 पेपर लीक की ख़बर सुनी. यह अब कोई परीक्षा नहीं रही. नीट अब एक नीलामी बन गई है. परीक्षा से 42 घंटे पहले ही व्हाट्सऐप पर कई सवाल बेचे जा रहे थे.''

    ''22 लाख से ज़्यादा बच्चों ने पूरे साल, रातों की नींद हराम करके, दिन-रात एक करके पढ़ाई की और एक ही रात में, उनका भविष्य सरेआम बाज़ार में नीलाम कर दिया गया. यह पहली बार नहीं हुआ है. 10 सालों में, 89 पेपर लीक, 48 बार दोबारा परीक्षा. हर बार वही वादे, और फिर वही चुप्पी.''

    राहुल गांधी ने लिखा, ''मोदी जी, जब आप हर नाकामी को जनता पर डाल देते हैं, तो उसमें गरीबों के बच्चों का भविष्य भी शामिल हो जाता है. 22 लाख बच्चों का भरोसा टूट गया है और भारत के युवाओं के सपनों के लिए मोदी सरकार से बड़ा ख़तरा कोई नहीं है.''

    इस मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद प्रियंका गांधी समेत अन्य नेताओं ने भी सवाल खड़े किए थे.

  9. असम: हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, ये चार विधायक बने मंत्री

    हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. वो लगातार दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं.

    हिमंत के साथ 4 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली. ये रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नियोग हैं.

    हिमंत के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ग़ृह मंत्री अमित शाह समेत बीजेपी-एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए . साथ ही कई केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता भी पहुंचे.

    असम के विधानसभा चुनाव में एनडीए ने दो-तिहाई बहुमत से सत्ता हासिल की है. बीजेपी ने 82 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने 10-10 सीटें जीतीं.

  10. पश्चिम बंगाल: सीएम शुभेंदु अधिकारी के पीए रहे चंद्रनाथ की हत्या की जांच सीबीआई करेगी, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से बीबीसी हिंदी के लिए

    पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) रहे चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच अब सीबीआई करेगी. केंद्रीय एजेंसी ने इसके लिए एक सात-सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है.

    एजेंसी की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज़ में बताया गया है कि यह टीम कोलकाता स्थित सीबीआई के संयुक्त निदेशक (हेड ऑफ़ ज़ोन) की निगरानी में काम करेगी.

    सीबीआई के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि यह जांच मंगलवार से ही शुरू हो जाएगी. इससे पहले कोलकाता पुलिस और सीआईडी के अधिकारियों को लेकर गठित एक एसआईटी इस मामले की जांच कर रही थी.

    चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई की रात को उत्तर 24-परगना ज़िले के मध्यमग्राम में हुई थी. पहले एक कार ने उनकी कार का रास्ता रोका था और फिर दो मोटरसाइकिलों पर सवार हत्यारों ने उनको बेहद क़रीब से गोली मार दी थी.

    अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया था. इस फ़ायरिंग में चंद्रनाथ के ड्राइवर बुद्धदेव बेरा को भी गोली लगी थी. फ़िलहाल कोलकाता के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.

    इस मामले में बिहार से मयंक मिश्रा, विकास मौर्य और यूपी से राज सिंह नाम के संदिग्ध अभियुक्तों को हिरासत में लिया गया है.

  11. तमिलनाडु: सीएम विजय को एआईएडीएमके के एक गुट का समर्थन मिला

    तमिलनाडु में जोसेफ़ विजय की अगुवाई वाली सरकार को अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के कुछ विधायकों ने समर्थन दिया है.

    चेन्नई के एमआरसी नगर में एआईएडीएमके नेता सीवी शनमुगम ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "बैठक में प्रस्ताव पास किया गया और मुख्यमंत्री विजय की सरकार को समर्थन देने का फ़ैसला लिया गया."

    उन्होंने कहा, "एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन एनडीए यह चुनाव हार गया है. यह गठबंधन असफल रहा है. जनता ने टीवीके को वोट दिया है, ख़ासकर मुख्यमंत्री विजय को. जनता ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए वोट दिया है. हम सिर झुकाकर इस फ़ैसले को स्वीकार करते हैं."

    शनमुगम ने कहा, "हमारी लड़ाई डीएमके के ख़िलाफ़ रही है. लेकिन चुनाव के बाद एआईएडीएमके महासचिव (डप्पाडी पलानीस्वामी) ने कहा कि डीएमके के समर्थन से मुख्यमंत्री बनना चाहिए. हमने उनके इस प्रस्ताव का विरोध किया, किसी भी विधायक ने इसे मंज़ूर नहीं किया. लेकिन उन्होंने हमारी राय को स्वीकार नहीं किया."

    शनमुगम ने बताया, "विधायकों की समिति की बैठक में एक प्रस्ताव पास किया गया. इसमें हमने कहा कि एआईएडीएमके को नया फ़ैसला लेना होगा. इसे फिर से मज़बूत करना होगा. एक नया गठबंधन बनाना होगा. बैठक में प्रस्ताव पास किया गया और मुख्यमंत्री विजय की सरकार को समर्थन देने का फ़ैसला लिया गया."

    गौरतलब है कि जोसेफ़ विजय ने रविवार को सीएम पद की शपथ ली थी. अब उन्हें कल यानी 13 मई को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश करना होगा. उन्हें पहले से ही कांग्रेस, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और वाम दलों से समर्थन प्राप्त है.

  12. मलेशिया के पीएम ने विजय के तमिलनाडु का सीएम बनने पर क्या कहा?

    मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने जोसेफ़ विजय को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी है. उन्होंने कहा है कि तमिलनाडु की जनता ने विजय को बड़ी ज़िम्मेदारी दी है.

    अनवर इब्राहिम ने एक्स पर लिखा, "मैं अपने दोस्त विजय को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री चुने जाने पर दिल से बधाई देता हूं."

    उन्होंने लिखा "कई सालों तक उनके चाहने वालों ने देखा कि वह भ्रष्ट नेताओं और ख़लनायकों को तीन घंटे में हरा देते थे, अक्सर इंटरवल के बाद. अब तमिलनाडु की जनता ने विजय को स्क्रीन पर निभाई गई किसी भी भूमिका से कहीं बड़ी ज़िम्मेदारी दी है."

    अनवर इब्राहिम ने लिखा, "मलेशिया और तमिलनाडु के बीच पीढ़ियों से गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्ते हैं. मैं आने वाले सालों में मुख्यमंत्री विजय के साथ मिलकर काम करने की उम्मीद करता हूं."

    मलेशिया में बड़ी संख्या में दक्षिण भारतीय लोग रहते है.

    गौरलतब है कि जोसेफ़ विजय ने रविवार को सीएम पद की शपथ ली थी. अब उन्हें कल यानी 13 मई को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश करना होगा.

  13. ट्रंप ने शांति प्रस्ताव ख़ारिज किया तो ईरान बोला, 'कोई दूसरा रास्ता नहीं...'

    अमेरिका ने ईरान के युद्ध ख़त्म करने वाले प्रस्ताव को अस्वीकार दिया है. इसके बाद ईरान ने कहा है कि अमेरिका के सामने 14 बिंदुओं वाले प्रस्ताव को मानने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है.

    ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाग़र ग़ालिबाफ़ ने एक्स पर लिखा, "ईरानी लोगों के अधिकारों को मानने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है, जैसा कि 14 बिंदुओं वाले प्रस्ताव में लिखा गया है."

    उन्होंने लिखा, "कोई और तरीका पूरी तरह बेकार होगा, लगातार नाकामियों के अलावा कुछ नहीं मिलेगा. जितनी देर वे टालेंगे, उतना ही अमेरिकी टैक्स देने वालों को अपनी जेब से ख़र्च करना पड़ेगा."

    दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जंग ख़त्म करने के लिए अमेरिका के प्रस्तावों पर ईरान के जवाब को 'पूरी तरह अस्वीकार्य' बताया है.

    ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, पाकिस्तान के ज़रिए भेजे गए ईरान के प्रस्ताव में कई मांगें शामिल थीं.

    इन मांगों में तुरंत जंग ख़त्म करने, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और भविष्य में ईरान पर दोबारा हमला न करने की बात कही गई है.

  14. ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री रहे सुजीत बोस को ईडी ने गिरफ़्तार किया, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से बीबीसी हिंदी के लिए

    पश्चिम बंगाल में नगरपालिका भर्ती घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस के नेता और राज्य के पूर्व मंत्री सुजीत बोस को सोमवार देर रात गिरफ़्तार कर लिया.

    इससे पहले उनसे ईडी के दफ़्तर में क़रीब दस घंटे तक पूछताछ की गई.

    ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि बोस को मंगलवार को कोलकाता की एक अदालत में पेश किया जाएगा. इससे पहले एक मई को भी वो ईडी के सामने हाज़िर हुए थे.

    अधिकारी ने बताया, "नगरपालिका भर्ती घोटाले की जांच के तहत दक्षिण दमदम नगरपालिका में अवैध रूप से उम्मीदवारों की सिफ़ारिश करने के मामले में उनको पूछताछ के लिए बुलाया गया था."

    ईडी सूत्रों ने बताया, "ऐसी सूची में कम से कम डेढ़ सौ उम्मीदवारों के नाम हैं. कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर चुनावी नतीजों के बाद वो साल्टलेक स्थित ईडी के दफ़्तर पहुंचे थे."

    ईडी ने इससे पहले सुजीत बोस के घर और दफ़्तर की भी तलाशी ली थी. ईडी ने विधानसभा चुनाव से पहले भी बोस को कई बार समन भेजा था. लेकिन चुनाव में व्यस्त रहने के कारण वो ईडी के दफ़्तर नहीं जा सके थे.

    इस मामले में ईडी सुजीत के बेटे और परिवार के कई दूसरे सदस्यों से भी पूछताछ कर चुकी है.

    ईडी की ओर से बार-बार समन भेजने के बाद सुजीत ने दावा किया था कि इस मामले में सीबीआई पहले ही चार्जशीट जमा कर चुकी है और उसमें उनका नाम नहीं है.

    गौरतलब है कि ममता बनर्जी की सरकार में फ़ायर ब्रिगेड मंत्री रहे सुजीत इस बार विधाननगर विधानसभा सीट से चुनाव हार गए थे.

  15. असम: हिमंत बिस्वा सरमा आज लेंगे सीएम पद की शपथ, पीएम मोदी समेत ये नेता होंगे शामिल

    हिमंत बिस्वा सरमा आज यानी मंगलवार को दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं. उनके शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के बड़े नेता और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, हिमंत बिस्वा सरमा के अलावा चार और विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे, दो बीजेपी से और एक-एक सहयोगी दल एजीपी और बीपीएफ से.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार रात ही गुवाहाटी पहुंच गए. वे असम में तीसरी बार बनने जा रही बीजेपी-एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे.

    बीजेपी और एनडीए के बड़े नेता शामिल होंगे

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी शपथ समारोह का हिस्सा होंगे. शपथ ग्रहण में शामिल होने वालों में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, सर्बानंद सोनोवाल, शिवराज सिंह चौहान, ललन सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और चिराग पासवान भी हैं.

    इन राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे

    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, गोवा के प्रमोद सावंत, राजस्थान के भजन लाल शर्मा, बिहार के सम्राट चौधरी, छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साय, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, ओडिशा के मोहन चरन माजी और मध्य प्रदेश के मोहन यादव भी गुवाहाटी के पहुंचे हैं.

    पूर्वोत्तर के राज्यों में त्रिपुरा, नगालैंड, मिज़ोरम, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री भी गुवाहाटी पहुंचे हैं.

    उत्तर प्रदेश, राजस्थान, नगालैंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के उपमुख्यमंत्री भी गुवाहाटी पहुंचे हैं.

    शपथ ग्रहण समारोह गुवाहाटी खानापारा वेटरनरी कॉलेज के मैदान में होगा. यहां हज़ारों लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है और मेहमानों के लिए अलग मंच भी बनाया गया है.

    एनडीए ने विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई बहुमत से सत्ता हासिल की है. बीजेपी ने अकेले 82 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने 10-10 सीटें जीतीं.

  16. डोनाल्ड ट्रंप बोले, 'लाइफ़ सपोर्ट पर है सीज़फ़ायर', ईरान ने दिया ये जवाब, एला किपलिंग

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने से चल रहा युद्धविराम "लाइफ़ सपोर्ट पर है."

    व्हाइट हाउस के ओवल ऑफ़िस में सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि युद्धविराम अभी जारी है, लेकिन यह "बहुत ही कमज़ोर" स्थिति में है.

    ट्रंप के इस बयान के बाद ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद ग़ालिबाफ़ ने एक्स पर लिखा, "ईरान की सेना किसी भी हमले का जवाब देने और सबक़ सिखाने के लिए तैयार है."

    दरअसल, रविवार को ईरान ने अमेरिका को एक प्रस्ताव भेजा था जिसमें युद्ध ख़त्म करने और होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने की शर्तें रखी गई थीं. ट्रंप ने इस प्रस्ताव को 'पूरी तरह अस्वीकार्य' बताते हुए कहा कि उन्हें यह पसंद नहीं आया.

    ईरान के इस प्रस्ताव में तुरंत सभी मोर्चों पर युद्ध ख़त्म करने की बात शामिल थीं. लेबनान पर हो रहे इसराइली हमले रोकने की मांग भी की गई थी.

    इसके अलावा इसमें अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी ख़त्म करने और ईरान पर आगे कोई हमला न करने की गारंटी की मांग की गई थी.

  17. ब्रिटेन: लेबर पार्टी के 71 सांसदों ने पीएम स्टार्मर से मांगा इस्तीफ़ा

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर पर इस्तीफ़े का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले हफ़्ते इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स के स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी के ख़राब प्रदर्शन के बाद स्टार्मर के इस्तीफ़े की मांग तेज़ हुई.

    कुल 403 लेबर सांसदों में से 71 सांसद अब तक खुले तौर पर कह चुके हैं कि पीएम स्टार्मर को इस्तीफ़ा देना चाहिए या कम से कम यह बताना चाहिए कि इस्तीफ़ा कब देंगे.

    गृह मंत्री शबाना महमूद ने कहा है कि प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर को अब साफ़-साफ़ बताना चाहिए कि वो कब इस्तीफ़ा देंगे.

    लेकिन कैबिनेट (यानी मंत्रियों की टीम) में इस मुद्दे पर सबकी राय एक जैसी नहीं है. ज़्यादातर मंत्री चाहते हैं कि स्टार्मर अपने पद पर बने रहें.

    लेबर पार्टी की बैकबेंच सांसद कैथरीन वेस्ट ने पहले स्टार्मर के ख़िलाफ़ लीडरशिप चैलेंज शुरू करने की बात कही. लेकिन बाद में उन्होंने क़दम पीछे खींच लिए.

    हालांकि, कैथरीन ने साफ़ कहा है कि स्टार्मर को सितंबर तक पद छोड़ देना चाहिए.

    गौरतलब है कि इससे पहले स्टार्मर ने कहा था कि वह "संदेह करने वालों" को ग़लत साबित करेंगे. उन्होंने माना कि उनकी सरकार से 'ग़लतियां' हुईं, लेकिन दावा किया कि "बड़े राजनीतिक फ़ैसले सही लिए गए."