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लाइव, तमिलनाडु: विधानसभा में बहुमत परीक्षण आज, सीएम विजय को किनका समर्थन

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) चीफ़ सी जोसेफ़ विजय आज विधानसभा में बहुमत परीक्षण का सामना करेंगे.

सारांश

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा

  1. तमिलनाडु: विधानसभा में बहुमत परीक्षण आज, सीएम विजय को किनका समर्थन

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) चीफ़ सी जोसेफ़ विजय आज विधानसभा में बहुमत परीक्षण का सामना करेंगे.

    दरअसल, 234 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए विजय को 118 विधायकों के समर्थन की ज़रूरत है.

    टीवीके के अपने 108 विधायक हैं, जबकि उन्हें कांग्रेस, वीसीके, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और वाम दलों का समर्थन हासिल है. इनके विधायकों की कुल संख्या 13 है.

    वहीं, मंगलवार को ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (एआईएडीएमके) के एक गुट ने विजय को समर्थन देने की बात कही थी.

    चेन्नई के एमआरसी नगर में एआईएडीएमके नेता सीवी शनमुगम ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर बताया था कि बैठक में प्रस्ताव पास किया गया और मुख्यमंत्री विजय की सरकार को समर्थन देने का फ़ैसला लिया गया.

    हालांकि, इस बीच एआईएडीएमके ने पार्टी के सभी 47 विधायकों के लिए व्हिप जारी किया है.

  2. इन देशों ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों का किया समर्थन

    क़तर और तुर्की ने पाकिस्तान की उन कोशिशों का समर्थन किया है, जो ईरान युद्ध को ख़त्म करने के लिए की जा रही हैं.

    क़तर के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, "क़तर और तुर्की मिलकर पाकिस्तान की कोशिशों का समर्थन करते हैं, जिनका मक़सद युद्धविराम समझौते तक पहुंचना, इस युद्ध को जल्द से जल्द ख़त्म करना और होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलकर समुद्री यातायात को सामान्य करना है."

    यह बयान मंगलवार को दोहा में हुई बैठक के बाद आया. बैठक में क़तर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी और तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फ़िदान शामिल हुए.

    बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में क़तर और तुर्की ने चेतावनी दी कि अगर क्षेत्र में फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू होती है तो इसका गंभीर असर वैश्विक सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा.

    ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान मध्यस्थता के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. दोनों देशों के बीच इस्लामबाद में वार्ता भी हुई थी, लेकिन यह बेनतीजा रही थी.

  3. राहुल गांधी ने सीबीआई डायरेक्टर की सिलेक्शन प्रक्रिया पर जताई असहमति, कहा- 'मैं रबर स्टैम्प नहीं हूं'

    लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को पीएम आवास पर हुई मीटिंग में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) केनए डायरेक्टर की चयन प्रक्रिया पर असहमति जताई है. इसको लेकर राहुल गांधी नेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है.

    राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पत्र साझा किया. इसमें लिखा है, "आपकी सरकार ने बार-बार सीबीआई का ग़लत इस्तेमाल किया है. यह संस्था भारत की सबसे बड़ी जांच एजेंसी है, लेकिन इसे राजनीतिक विरोधियों, पत्रकारों और आलोचकों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया. इसी वजह से चयन समिति में विपक्ष के नेता को शामिल किया जाता है, ताकि संस्था पर क़ब्ज़ा न हो सके. अफ़सोस है कि आपने मुझे इस प्रक्रिया में कोई असली भूमिका नहीं दी."

    "कई बार लिखित अनुरोध करने के बावजूद मुझे योग्य उम्मीदवारों की रिपोर्ट नहीं दी गई. इसके बजाय मुझे समिति की बैठक में पहली बार उन 69 उम्मीदवारों की रिपोर्ट देखने के लिए कहा गया. 360-डिग्री रिपोर्ट तो मुझे सीधे ही देने से मना कर दिया गया. इन रिपोर्टों की गहराई से समीक्षा करना ज़रूरी है, ताकि हर उम्मीदवार के काम और बैकग्राउंड को समझा जा सके."

    उन्होंने लिखा, "चयन समिति को ज़रूरी जानकारी न देकर सरकार ने इसे सिर्फ़ औपचारिकता बना दिया है. विपक्ष का नेता कोई "रबर स्टैम्प" नहीं है. मैं अपनी संवैधानिक ज़िम्मेदारी छोड़कर इस पक्षपाती प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन सकता."

    गौरतलब है कि पीएम आवास पर हुई बैठक में भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और राहुल गांधी शामिल हुए थे. बता दें कि मौजूदा सीबीआई डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल 24 मई को ख़त्म होने वाला है.

  4. डोनाल्ड ट्रंप बोले- ईरान युद्ध ख़त्म करने के लिए चीन की ज़रूरत नहीं

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन की यात्रा के लिए रवाना हो चुके हैं. इससे ठीक पहले उन्होंने कहा कि ईरान के साथ युद्ध ख़त्म करने के लिए चीन की मदद की ज़रूरत नहीं है.

    डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि वह चीन दौरे पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग से विस्तार से बातचीत करेंगे.

    ट्रंप ने कहा, “हमारे पास बात करने के लिए बहुत सारी चीज़ें हैं. सच कहूं तो, ईरान हमारे एजेंडे में नहीं है, क्योंकि ईरान पहले से ही हमारे नियंत्रण में है.”

    उन्होंने ईरान के लिए चेतावनी भरे शब्दों में कहा, “या तो हम समझौते पर पहुंचेंगे या फिर वे (ईरान) तबाह हो जाएंगे.”

    गौरतलब है कि चीन के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की थी कि ट्रंप 13 से 15 मई तक चीन की राजकीय यात्रा पर रहेंगे.

    यह लगभग नौ साल बाद किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की चीन यात्रा होगी. ट्रंप की यह यात्रा मार्च में होनी थी, लेकिन मध्य पूर्व में चल रहे तनाव की वजह से टाल दी गई थी.