लाइव, इसराइली हमलों में मारे गए 12 लोग, लेबनान ने अमेरिका से की ये अपील
दक्षिणी लेबनान में इसराइली हमलों में 12 लोग मारे गए हैं. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, मृतकों में दो बच्चे, चार महिलाएं और एक पैरामेडिक शामिल हैं.
इसराइली हमलों में मारे गए 12 लोग, लेबनान ने अमेरिका से की ये अपील
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इमेज कैप्शन, बढ़ते तनाव के बीच दक्षिणी लेबनान में पिछले तीन दिनों में 27 लोगों की मौत हो चुकी है (फ़ाइल फ़ोटो)
दक्षिणी लेबनान में इसराइली हमलों में 12 लोग मारे गए हैं. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, मृतकों में दो बच्चे, चार महिलाएं और एक पैरामेडिक शामिल हैं.
बीबीसी अरबी के अनुसार, नबातियेह शहर के पास कफ़्र रमान कस्बे में रात के दौरान हुए एक हमले में 11 लोगों की मौत हुई. हमले में तीन मंज़िला एक रिहायशी इमारत पूरी तरह तबाह हो गई. इसी कस्बे में वाहन को निशाना बनाकर किए गए एक अन्य हमले में एक पैरामेडिक की मौत हुई.
इसराइली सेना का कहना है कि उसने रात में दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया.
इसराइली सेना का दावा है कि इससे पहले विस्फोटकों से लदे दो ड्रोन उनके सैनिकों की तरफ़ भेजे गए थे, इसके बाद उसने जवाबी कार्रवाई की थी.
सेना के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य हिज़्बुल्लाह से पैदा हुए 'ख़तरों को ख़त्म करना' था.
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ़ आउन ने कहा कि इसराइल की ओर से हो रहे हमले संघर्ष विराम के लिए ख़तरा पैदा कर रहे हैं.
उन्होंने अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसराइली हमलों को रोकने के लिए तत्काल क़दम उठाने की अपील की है.
बढ़ते तनाव के बीच दक्षिणी लेबनान में पिछले तीन दिनों में 27 लोगों की मौत हो चुकी है. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह आंकड़ा जारी किया है.
पीएम मोदी डॉक्यूमेंट्री: गुजराती एनजीओ ने बीबीसी के ख़िलाफ़ मानहानि का मुक़दमा वापस लिया
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इमेज कैप्शन, बीबीसी की दो भागों वाली डॉक्यूमेंट्री ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ साल 2023 में आई थी
गुजरात के ग़ैर लाभकारी संगठन 'जस्टिस ऑन ट्रायल' ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी डॉक्यूमेंट्री को लेकर ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) के ख़िलाफ़ दायर 10,000 करोड़ रुपये का मानहानि का मुक़दमा वापस ले लिया है.
क़ानूनी ख़बरों और विश्लेषण की वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक़, मुक़दमा 2023 में दिल्ली हाई कोर्ट में दायर किया गया था.
‘जस्टिस ऑन ट्रायल’ एनजीओ ने आरोप लगाया था, "बीबीसी की दो भागों वाली डॉक्यूमेंट्री ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ में भारत की प्रतिष्ठा, उसकी न्यायपालिका और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को नुक़सान पहुंचाने वाली बातें दिखाई गई हैं."
3 सितंबर को दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस तुषार राव गेडेला की अदालत में एनजीओ की ओर से एडवोकेट सिद्धार्थ शर्मा पेश हुए.
सिद्धार्थ शर्मा ने अदालत को बताया कि उन्हें एनजीओ मुक़दमा वापस लेने के निर्देश मिले हैं और इसी मामले को लेकर नए सिरे से मुक़दमा दायर किया जाएगा.
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इमेज कैप्शन, लंदन में बीबीसी का दफ़्तर (फ़ाइल फ़ोटो)
अदालत ने मुक़दमा वापस लेने की अनुमति दे दी और कहा कि मामला "वापस लिया गया मानकर ख़ारिज" किया जाता है.
एनजीओ ने यह फ़ैसला अदालत की ओर से मुक़दमे की वैधता और सुनवाई योग्य होने को लेकर बार-बार उठाए गए सवालों के बाद लिया है.
अदालत ने यह भी कहा था कि मुक़दमा 2023 में दायर किया गया था, लेकिन उसके बाद बार-बार सुनवाई टालने की मांग की गई.
15 अप्रैल 2026 को अदालत ने बार-बार सुनवाई टालने की मांग करने पर एनजीओ पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया था.
कॉकरोच जनता पार्टी ने सत्य निकेतन में हुए हादसे को लेकर की ये सात मांगें
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इमेज कैप्शन, कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास (फ़ाइल फ़ोटो)
दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सरकार के सामने सात मांगें रखी हैं.
सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर सात मांगें रखी हैं.
1. मालिक की ही नहीं, बल्कि नेताओं और दूसरे लोगों के बीच संबंधों की भी स्वतंत्र रूप से आपराधिक जांच हो. बड़े स्तर पर चल रहे पीजी माफ़िया की भी जांच की जाए.
2. सरकार तुरंत इमारतों की स्ट्रक्चरल ऑडिट शुरू करे. ख़ास तौर पर स्कूलों, कॉलेजों और छात्रों के रहने की जगहों की जांच तय समय के अंदर की जाए. स्टूडेंट्स के रहने का इंतज़ाम किया जाए और नियमों को लागू किया जाए. अवैध निर्माणों को सील किया जाए और उनके मालिकों पर जुर्माना लगाया जाए.
3. जून 2026 की हौज़ रानी घटना के बाद बनाई गई 13 ज़िला समितियों की सभी रिपोर्ट 48 घंटे के अंदर सार्वजनिक की जाए.
4. ऐसा पब्लिक डेटाबेस हो जिसमें यह देखा जा सके कि हर हॉस्टल या संस्थान सुरक्षित है या नहीं.
5. सरकार को डीयू और दूसरे स्टूडेंट्स के लिए हॉस्टल बनाने चाहिए. पूरे डीयू में सिर्फ़ 7000 स्टूडेंट्स के रहने की जगह है, जबकि स्टूडेंट लाखों में हैं.
6. मरने वालों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये और घायल लोगों को 20 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाए.
7. मंत्रियों की जवाबदेही तय की जाए. दिल्ली के शहरी विकास, प्लानिंग और शिक्षा मंत्री आशीष सूद से पूछा जाए कि उनकी देखरेख में 13 ज़िला कमेटियों का काम क्यों बंद कर दिया गया?
सत्य निकेतन हादसा
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इमेज कैप्शन, दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को एक इमारत गिर गई थी, जिसमें पीजी होस्टल चलता था
दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को हुए हादसे में मृतकों की संख्या सात हो गई है. वहीं, पांच लोग घायल बताए जा रहे हैं.
सोमवार को पुलिस ने पांच मंज़िला इमारत के कथित मालिक हरिराम को भिवाड़ी से गिरफ़्तार किया है.
हादसे के बाद सोमवार को दिल्ली नगर निगम साउथ ज़ोन के पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया.
सत्य निकेतन हादसा: मारे गए और घायल हुए बच्चों के परिजनों ने बीबीसी को क्या बताया, शुभ राणा, बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, दो मृतकों और एक घायल के परिजनों ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बात की है (तस्वीर: हादसे वाली जगह)
दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को हुए हादसे में मृतकों की संख्या सात हो गई है. वहीं, पांच लोग घायल बताए जा रहे हैं.
दो मृतकों और एक घायल के परिजनों ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बात की है.
हादसे में जान गंवाने वाले 19 वर्षीय अक्षत सिंह यादव के रिश्तेदार धीरज ने बताया कि अक्षत बिल्डिंग की पहली मंजिल पर रहता था और दिल्ली यूनिवर्सिटी में सेकेंड ईयर का छात्र था.
धीरज ने बताया, "हादसे की खबर मिलने के बाद से अक्षत की मां सदमे में हैं और ज्यादातर समय चुप रहती हैं. परिवार अक्षत के शव को मध्य प्रदेश के कटनी ले जा रहा है, जहां उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा."
धीरज ने कहा कि अगर अक्षत को जल्दी रेस्क्यू कर लिया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी.
हादसे में मारे गए अर्पित जहाज के परिवार ने बताया कि उन्हें उसकी मौत की जानकारी दोस्तों के जरिए मिली. अर्पित जहाज की चाची स्वाति ने बताया कि परिवार मध्य प्रदेश के देवास से करीब दोपहर 3 बजे फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना हुआ था.
स्वाति ने कहा, "हादसे में अर्पित का चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था. शव की हालत ऐसी थी कि शुरुआत में उसकी पहचान नहीं हो पाई. बाद में परिवार ने उसके दाहिने हाथ पर बने तिल के जरिए पहचान की."
अर्पित के पिता भूपेंद्र जहाज ने बताया कि परिवार ने अर्पित की आंखें दान कर दी हैं. उन्होंने कहा, "अगर समय रहते रेस्क्यू हो जाता तो हमारा बच्चा आज हमारे बीच होता."
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इमेज कैप्शन, घायलों का इलाज़ एम्स ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है
हादसे में घायल नीरज बावा के पिता दर्शन दास ने बताया कि उन्हें बेटे के साथ हुए हादसे की जानकारी रविवार दोपहर करीब 3 बजे टीवी न्यूज देखकर मिली.
दर्शन दास ने बताया कि उन्होंने राखी और कपड़ों के जरिए नीरज को पहचाना. उनकी बेटी ने भी टीवी पर उसे पहचान लिया.
दर्शन दास के मुताबिक़, घटना के तुरंत बाद नीरज ने अपने एक दोस्त को अपनी लोकेशन भेजी थी. इसके बाद उसने अपना फोन बाहर की तरफ फेंक दिया.
उन्होंने कहा, "मेरे पास उसका फोन है. इस पर स्क्रैच है. ये उसकी समझदारी थी कि जैसे ही हादसा हुआ, उसने तुरंत अपनी लोकेशन भेज दी, जिससे उसके दोस्त उस तक पहुंच पाए."
नीरज को अंदरूनी चोटें आई हैं और उसे इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया है. दर्शन दास ने बताया कि परिवार रात करीब 2 बजे अस्पताल पहुंचा था. घटना के अगले दिन दोपहर करीब साढ़े 3 बजे नीरज को एम्स में भर्ती कराया गया.
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सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा, घटनास्थल पर कोई और कैज़ुअल्टी नहीं
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इमेज कैप्शन, घटनास्थल से पूरा मलबा हटा दिया गया है और खोजबीन के दौरान कोई और हताहत नहीं मिला
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाक़े में बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद राहत और बचाव अभियान पूरा कर लिया गया है.
दिल्ली के चीफ़ फ़ायर ऑफ़िसर अभिलाष मलिक के मुताबिक़, शाम 5:10 बजे सूचना मिली कि घटनास्थल से पूरा मलबा हटा दिया गया है और खोजबीन के दौरान कोई और हताहत नहीं मिला.
मलबा हटाने और लोगों की तलाश का काम पूरा करने के बाद सभी यूनिट्स को घटनास्थल से वापस बुला लिया है.
अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल पर अब आगे किसी तरह की कैज़ुअल्टी की सूचना नहीं है.
वहीं, रविवार को इमारत गिरने की घटना में अब तक मरने वाले स्टूडेंट की संख्या सात हो गई है.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट कर बताया है कि बिल्डिंग के मालिक को गिरफ़्तार कर लिया गया है.
मृतकों की सूची
अभिषेक- निवासी सोनभद्र, उत्तर प्रदेश, उम्र- 20 वर्ष (छात्र)
युवराज सोनी- निवासी दुर्ग, छत्तीसगढ़, उम्र- 20 वर्ष (छात्र)
पवन- निवासी औरैया, उत्तर प्रदेश, उम्र-17 वर्ष (छात्र)
अर्पित जहाज- निवासी देवास, मध्य प्रदेश, उम्र- 19 वर्ष (छात्र)
अक्षत सिंह यादव- निवासी कटनी, मध्य प्रदेश, उम्र- 18 वर्ष (छात्र)
सुरिंदर सिंह- उम्र- 75 वर्ष (मजदूर)
एक अज्ञात पुरुष
घायलों की सूची
असगर अली- उम्र 30 वर्ष
नीरज बावा- उम्र 19 वर्ष
आदित्य कुमार- उम्र 19 वर्ष
नितिन चिब- उम्र 19 वर्ष
मोहम्मद अयान- उम्र 18 वर्ष
नेपाल में बाढ़ से मारे गए लोगों के लिए रखा गया राष्ट्रीय शोक, हेलेन सुलिवन, बीबीसी न्यूज़
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इमेज कैप्शन, नेपाल में लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी
नेपाल में आई भीषण बाढ़ में मारे गए लोगों की याद में सोमवार को राष्ट्रीय शोक मनाया गया.
इस दौरान लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी. नेपाल में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा. गृह मंत्रालय के मुताबिक़, सरकारी कार्यालयों और विदेशों में स्थित नेपाली मिशनों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा.
अधिकारियों के मुताबिक़, बाढ़ से अब तक कम से कम 1,355 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.
घटना के क़रीब दो सप्ताह बाद भी 5,000 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं. राहत और बचाव दल प्रभावित इलाक़ों में लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं.
नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के अधिकारी फणीन्द्र पौडेल ने रॉयटर्स को बताया कि बचाव और तलाश अभियान जारी रहने के कारण सरकार की ओर से कोई आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा.
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सोमवार को बाढ़ से प्रभावित हुए इलाक़ों का दौरा किया. राष्ट्रपति के सहयोगी ने रॉयटर्स को इसकी जानकारी दी.
राहुल गांधी ने पीएम मोदी के 'नाराज़ फूफा' वाले बयान पर क्या कहा
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने सत्य निकेतन में हुए हादसे का ज़िक्र करते हुए पीएम मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया दी है (फ़ाइल फ़ोटो)
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा है कि जवाबदेही मांगने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'दिमाग़ी नक्सल' और 'नाराज़ फूफा' जैसे अपमानजनक तमगे देते हैं.
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स (एसआरसीसी) के शताब्दी समारोह में 'दिमागी नक्सल' और 'नाराज़ फूफा' शब्द का इस्तेमाल किया था.
इसके जवाब में राहुल गांधी ने सत्य निकेतन में हुए हादसे का ज़िक्र करते हुए सोमवार को एक्स पर लिखा, "हर बार बीजेपी सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न - हादसों से पहले रोकथाम नहीं, उनके बाद बयानबाज़ी होती है, कुछ छोटे अफ़सरों पर ज़िम्मेदारी मढ़ दी जाती है, और असली गुनहगार जवाबदेही मुक्त रहते हैं."
"सत्य निकेतन में छात्रों से भरी इमारत का गिरना कोई अकेली त्रासदी नहीं है. पिछले 4 महीनों में सैदुलाजाब में ऐसी त्रासदी में 6 लोगों की मौत हुई, हौज़ रानी में आग ने 22 जानें ले लीं. हर बार जिंदगियां, सपने और अरमान मलबे में दबते हैं - और हर बार कार्रवाई गायब रहती है."
उन्होंने लिखा, "जवाबदेही मांगने पर प्रधानमंत्री खुद आपको “दिमागी नक्सल, नाराज़ फूफा” जैसे अपमानजनक तमगे दे देते हैं - मकसद, सवाल पूछने वालों को शर्मिंदा करो, बदनाम करो और चुप करा दो."
राहुल ने लिखा, "12 साल में ये सरकार दुनिया भर की बातें कर के आपको गोल-गोल घुमाती रही, लेकिन मुद्दे की बात नहीं की. दिल्ली में ट्रिपल इंजन सरकार है, तो अब किस बात से लाचार है? लाचारी है नीयत की - क्योंकि जहां नीयत नहीं होती, वहां जवाबदेही भी नहीं होती."
गौरतलब है कि दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को इमारत गिरने की घटना में अब तक मरने वाले स्टूडेंट की संख्या सात हो गई है.
यूपी के सहारनपुर में मस्जिद ढहाए जाने पर क्या बोले अखिलेश यादव
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इमेज कैप्शन, यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस करते हुए कहा कि प्रदेश को सांप्रदायिक रास्ते पर ले जाने की कोशिश हो रही है (फ़ाइल फ़ोटो)
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक मस्जिद को अवैध घोषित किए जाने के बाद ढहाए जाने पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है.
अखिलेश यादव ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस करते हुए कहा कि प्रदेश को सांप्रदायिक रास्ते पर ले जाने की कोशिश हो रही है.
अखिलेश यादव ने कहा, "न्याय के लिए हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट हैं. क्या ज़रूरत थी 12 या 13 घंटे में मस्जिद को गिरा दिया जाए? ये सोची-समझी साज़िश है जिसके तहत ये पूरे प्रदेश को अधिकारियों के माध्यम से सांप्रदायिक रास्ते पर ले जाना चाहते हैं."
उन्होंने कहा, "इनके पास ना महंगाई का कोई जवाब है, ना देने के लिए रोज़गार है, ना निवेश में ये सफल हुए हैं, ना ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई धमक बना पाए हैं. जो चीज़ें थीं उनको ये बेच रहे हैं. ये सरकार अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए चीज़ों को बेच रही है."
उधर, यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने दावा किया है कि वो मस्जिद ध्वस्तीकरण के पीड़ितों से मिलने जा रहे थे और उन्हें पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था.
उन्होंने एक्स पर बताया कि अब उनकी लखनऊ से रिहाई हो गई है और बीजेपी सरकार के इशारे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर बलप्रयोग हुआ था.
कार्टून: खेल और वर्ल्ड कप
इमेज कैप्शन, ईरान की अमेरिका को चेतावनी पर आज का कार्टून
सत्य निकेतन हादसे पर दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा, सरकार ज़िम्मेदारी से नहीं बच सकती
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इमेज कैप्शन, अदालत ने सोमवार को हादसे पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि 'सरकार ज़िम्मेदारी से नहीं बच सकती है (फ़ाइल फ़ोटो: सत्य निकेतन हादसा)
दिल्ली हाई कोर्ट ने सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए राहत और बचाव अभियान तेज करने का निर्देश दिया है.
अदालत ने सोमवार को हादसे पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि 'सरकार ज़िम्मेदारी से नहीं बच सकती है.'
बार एंड बेंच के मुताबिक़ कोर्ट ने कहा, "आप (सरकार) अपनी ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकते... 50 छात्र जो अपनी ज़िंदगी के एक नए पड़ाव पर खड़े थे, उनमें से ज़्यादातर शायद अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं, इससे ज़्यादा दुखद और कुछ नहीं हो सकता."
पीठ ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को निर्देश दिया कि वह उच्चतम स्तर पर जांच करे और यह पता लगाए कि हादसे में ढही इमारत का निर्माण वैध अनुमति के तहत किया गया था या नहीं.
अदालत ने यह भी कहा कि लापरवाही के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और उनके ख़िलाफ़ प्रस्तावित कार्रवाई की जानकारी अदालत को दी जाए.
हाईकोर्ट ने दिल्ली में इस तरह की घटनाओं के बार-बार होने पर भी नाराज़गी जताई. अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में लगभग हर दूसरे साल ऐसी त्रासदियां सामने आती हैं.
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार, एमसीडी और दिल्ली पुलिस की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए. उन्होंने अदालत को बताया कि बचाव अभियान पूरी गति से चल रहा है और सभी संभव उपाय किए जा रहे हैं.
मेहता ने सोशल मीडिया पर हादसे से जुड़े ऐसे वीडियो प्रसारित किए जाने पर भी चिंता जताई, जिनमें घायल या मलबे में फंसे लोगों को दिखाया जा रहा है. उन्होंने अदालत से संवेदनशील वीडियो के प्रसार पर रोक लगाने के लिए निर्देश जारी करने का अनुरोध किया.
गौरतलब है कि यह सुनवाई अनिकेत कुमार गुप्ता की ओर से दायर जनहित याचिका (पीआईअल) पर हुई थी. याचिका में हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवज़ा देने और दिल्ली के सभी पीजी आवासों और होस्टल का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की मांग की गई है.
भारत के ख़िलाफ़ एशिया कप के मैच में फ़ातिमा सना ने ऐसा क्या किया कि लग गया जुर्माना
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम की कप्तान फ़ातिमा सना (फ़ाइल फ़ोटो)
पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम की कप्तान फ़ातिमा सना पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने मैच फ़ीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया है.
दुबई में शनिवार को खेले गए मुकाबले में पाकिस्तान की टीम पहले बल्लेबाज़ी करते हुए महज़ 55 रन पर ऑलआउट हो गई थी. इसके जवाब में भारतीय टीम ने सात विकेट से मुकाबला अपने नाम किया.
मैच के दौरान फ़ातिमा सना ने तीन विकेट हासिल किए. इनमें शेफाली वर्मा का विकेट भी शामिल था. शेफाली को आउट करने के बाद फ़ातिमा ने पवेलियन की ओर इशारा किया था. आईसीसी ने फ़ातिमा के इस इशारे को आचार संहिता का उल्लंघन माना.
फ़ातिमा को आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.5 के उल्लंघन का दोषी पाया गया. यह प्रावधान आउट होने के बाद बल्लेबाज़ के ख़िलाफ़ ऐसी भाषा, हरकत या इशारे से संबंधित है, जो उसे अपमानित करने या उकसाने वाला हो.
फ़ातिमा को इससे पहले 6 अगस्त 2025 को डबलिन में आयरलैंड के ख़िलाफ़ टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के दौरान भी डिमेरिट अंक मिला था.
दिल्ली की अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा
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इमेज कैप्शन, इन्फ़्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को 5 सितंबर को उत्तर प्रदेश से गिरफ़्तार किया गया था (फ़ाइल फ़ोटो)
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को इन्फ़्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
दरअसल, मामला जुलाई में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान एक दलित छात्रा-कार्यकर्ता के पिता से कथित मारपीट से जुड़ा है.
बार एंड बेंच के मुताबिक़, एडिशनल सेशन जज सौरभ प्रताप सिंह ललर ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए अदालत में पेश किए गए भारद्वाज को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया.
भारद्वाज को 5 सितंबर को उत्तर प्रदेश से गिरफ़्तार किया गया था. उनके ख़िलाफ़ मारपीट के आरोपों के अलावा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (एससी/एसटी एक्ट) और पॉक्सो अधिनियम के तहत भी मामले दर्ज किए गए हैं.
स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में दावा किया था कि उन्होंने सीजेपी प्रदर्शन के दौरान छात्रा के पिता के साथ मारपीट की थी और पुलिस ने उन्हें केवल कुछ घंटों के लिए हिरासत में लिया था. उन्होंने बीजेपी नेता कपिल मिश्रा और सहयोगी दल के नेता चिराग पासवान से नज़दीकी होने का भी दावा किया था.
हालांकि, चिराग पासवान ने भारद्वाज के दावे को ख़ारिज कर दिया था. उन्होंने भारद्वाज के ख़िलाफ़ उनके नाम के कथित दुरुपयोग को लेकर अलग से शिकायत भी दर्ज कराई थी.
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं ने छात्रा और उसके पिता के साथ संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया. इसके बाद भारद्वाज के ख़िलाफ़ अधिक गंभीर धाराएँ जोड़ी गईं और उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया.
सत्य निकेतन में हुए हादसे पर आरजेडी सांसद मनोज झा ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
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इमेज कैप्शन, राज्यसभा सांसद और दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर मनोज कुमार झा (फ़ाइल फ़ोटो)
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के राज्यसभा सांसद और दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर मनोज कुमार झा ने सत्य निकेतन में हुए हादसे को लेकर सोमवार कोप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के बीचोंबीच बहुमंज़िला इमारत का इस तरह ढहना गंभीर सवाल खड़े करता है.
मनोज झा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पत्र सार्वजनिक किया है.
मनोज झा ने पत्र में लिखा, "इमारत में स्ट्रक्चरल रूल्स के उल्लंघन, पानी जमा होने और पुरानी इमारत में निर्माण या मरम्मत कार्य किए जाने जैसी बातें सामने आई हैं. ऐसे में हादसे की निष्पक्ष जांच ज़रूरी है."
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ़ इमारत की सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि इससे सरकारी निगरानी और ज़िम्मेदारी में भी बड़ी कमी सामने आती है.
मनोज झा ने कहा, "विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए पर्याप्त छात्रावास उपलब्ध नहीं होने के कारण हज़ारों छात्र आसपास के इलाक़ों में अनियमित और महंगे किराये के आवास लेने को मजबूर हैं."
"इन आवासों में रहने वाले छात्रों के लिए इमारत की स्ट्रक्चरल सिक्योरिटी, फ़ायर सिक्योरिटी, साफ़-सफ़ाई और क़ानूनी स्थिति की जांच करना अक्सर संभव नहीं होता. ऐसे में छात्रों और उनके परिवारों को भारी किराये के साथ-साथ अपनी सुरक्षा का जोखिम भी उठाना पड़ता है."
सार्वजनिक छात्रावासों के लिए विशेष फ़ंड की मांग
मनोज झा ने केंद्र सरकार से दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए सार्वजनिक हॉस्टल के निर्माण हेतु आपातकालीन और अलग से वित्तीय पैकेज की घोषणा करने की मांग की.
उन्होंने कहा कि इसके तहत नॉर्थ और साउथ कैंपस के साथ-साथ विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों के लिए स्टूडेंट हाउसिंग प्रोग्राम बनाया जाना चाहिए.
उन्होंने केंद्र सरकार, दिल्ली विश्वविद्यालय और संबंधित एजेंसियों के पास उपलब्ध सार्वजनिक ज़मीन की पहचान कर वहां हॉस्टल बनाने का सुझाव दिया. साथ ही निर्माण की समयसीमा तय करने और प्रोग्रेस रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की.
उन्होंने हॉस्टल में लड़कियों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों के साथ विकलांग विद्यार्थियों और आर्थिक रूप से कमज़ोर स्टूडेंट के लिए विशेष प्रावधान किए जाने की मांग भी की.
सत्य निकेतन हादसा: दिल्ली नगर निगम ने पांच अधिकारियों को किया सस्पेंड
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इमेज कैप्शन, सत्य निकेतन हादसे में पांच अधिकारी निलंबित
दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में दिल्ली नगर निगम साउथ ज़ोन के पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया.
दिल्ली नगर निगम के साउथ ज़ोन के जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, उनके नाम हैं- राकेश कुमार (डिप्टी कमिश्नर साउथ ज़ोन), रणवीर सिंह (सुपरिटेंडेंट इंजीनियर साउथ ज़ोन), ललित कुमार गोयल ( एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, साउथ ज़ोन) सुनील चौहान ( एई- बिल्डिंग), साउथ ज़ोन) आशीष कुमार (जूनियर इंजीनियर- बिल्डिंग).
दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार दोपहर पांच मंज़िला पीजी इमारत गिरने के बाद रात भर मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी रही.
समाचार एजेंसी एएनआई ने एम्स के हवाले से बताया कि हादसे में मरने वालों की संख्या अब छह हो गई है.
एम्स के मुताबिक़ ट्रॉमा सेंटर में दस लोगों को लाया गया जिनमें से पांच की पहले ही मौत हो चुकी थी. गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति की बाद में मौत हो गई.
तीन लोगों का इलाज चल रहा था और एक घायल को मामूली चोटों के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.
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सत्य निकेतन हादसा: दिल्ली हाई कोर्ट ने दायर याचिका तत्काल सुनवाई के लिए मंज़ूर की
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इमेज कैप्शन, रविवार को इमारत गिरने के बाद बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है
दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना से जुड़ी जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई की अनुमति दे दी. इस हादसे में अब तक छह लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हैं.
बेंच ने मामले को तुरंत सुनवाई के लिए लिस्ट करने की अनुमति दे दी.
इस इमारत में पीजी चलाया जा रहा था.आशंका है कि इमारत के मलबे में अभी भी कई लोग दबे हो सकते हैं.
दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच के सामने एक वकील ने मामले का तत्काल सुनवाई के लिए ज़िक्र किया.
वकील ने कहा, "कल दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक दुखद घटना हुई, जहां इमारत अचानक ढह गई और करीब 30 छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका है."
दिल्ली पुलिस के मुताबिक़, हादसे के बाद पुलिस, एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस और डीडीएमए की टीमें फ़ायर टेंडरों और कैट्स एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया.
दिल्ली पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त, डीसीपी दक्षिण-पश्चिम और अतिरिक्त डीसीपी बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं.
दुनिया के नए नक़्शे में जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर भारत के एतराज़ पर पाकिस्तान ने क्या कहा
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भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से दुनिया के नए नक़्शे में जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर जताई गई आपत्तियों का पाकिस्तान ने जवाब दिया है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर ख़ान ने कहा, ''पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर भारत के बेबुनियाद दावों को पूरी तरह ख़ारिज करता है. भारत के दावे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त तथ्यों के उलट हैं. भारत की एकतरफा कार्रवाई और लगातार जारी अवैध कब्जा जम्मू-कश्मीर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विवादित स्थिति को नहीं बदल सकता.''
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भारत ने दुनिया के नए नक़्शे में जम्मू-कश्मीर की स्थिति लेकर आपत्ति जताई थी. विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख समेत भारत का पूरा इलाका भारत के आधिकारिक नक्शे के हिसाब से ही दिखना चाहिए.
''भारत के इलाके को गलत या भ्रामक तरीके से दिखाना हमें मंजूर नहीं है. भारत की सीमाएं अटल हैं, इससे समझौता नहीं हो सकता.''