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नोटिस में कहा गया, "गुलिस्ताने-ग़ालिब बिल्डिंग में आपकी मौजूदगी ग़ैरक़ानूनी है. इस बिल्डिंग में राजनीति विज्ञान विभाग और अर्थशास्त्र विभाग स्थित हैं."
संदीप राय, अरशद मिसाल
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को गुलिस्ताने-ग़ालिब लॉन को तुरंत ख़ाली करने का निर्देश दिया है.
प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स को भेजे गए नोटिस में कहा गया, "गुलिस्ताने-ग़ालिब बिल्डिंग में आपकी मौजूदगी ग़ैरक़ानूनी है. इस बिल्डिंग में राजनीति विज्ञान विभाग और अर्थशास्त्र विभाग स्थित हैं. आपकी मौजूदगी से इन विभागों के सुचारू कामकाज में बाधा आ रही है."
दरअसल, जब दो दिन पहले प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स को धरना स्थल से हटाने की कोशिश की गई थी, तब वे राजनीति विज्ञान विभाग की बिल्डिंग के अंदर चले गए थे. अभी भी कुछ स्टूडेंट्स उस इमारत में मौजूद हैं.
नोटिस में आगे कहा गया, "मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए आपको आख़िरी मौका दिया जा रहा है कि इस नोटिस के मिलने के तुरंत बाद बिना किसी और देरी के बिल्डिंग और नॉर्थ कैंपस में ग़ालिब लॉन में धरना स्थल को ख़ाली कर दें. साथ ही, अपने साथियों के साथ कैंपस से चले जाएं."
नोटिस में चेतावनी दी गई, "अगर आप तुरंत परिसर ख़ाली नहीं करते हैं, तो आपके ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक और क़ानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी."
वहीं, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ऑर्डर जारी करते हुए बताया कि ऑनलाइन क्लासेज़ 8 नवंबर तक जारी रहेंगी. विश्वविद्यालय प्रशासन ने 26 अक्तूबर को हुई बैठक में यह फ़ैसला लिया.
विश्वविद्यालय ने अपने आदेश में बताया कि दूसरे मिड-टर्म सेमेस्टर की परीक्षाएं भी ऑनलाइन होंगी. परीक्षाओं का शेड्यूल और अन्य दिशा-निर्देश संबंधित डीन, विभागाध्यक्ष और निदेशक, परीक्षा नियंत्रक से सलाह लेकर तय करेंगे.

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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) और हाई कोर्ट्स को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में महिला वकीलों के लिए अलग बार रूम और वॉशरूम की सुविधा उपलब्ध कराएं.
सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने यह आदेश दिया.
लाइव लॉ और बार एंड बेंच के मुताबिक, कोर्ट ने कहा कि जहां ज़रूरत हो, वहां राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश इसके लिए ज़रूरी फंड आवंटित करें. साथ ही, हाई कोर्ट की बिल्डिंग-कम-इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटियों को इस आदेश को अमल में लाने की निगरानी करनी होगी.
यह आदेश कुछ महिला वकीलों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई पर दिया गया. याचिका में देश भर की अदालतों में महिला वकीलों के लिए अलग बार रूम और दूसरी ज़रूरी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया गया था.
कोर्ट ने कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बुनियादी सुविधाओं का स्तर एक जैसा होना चाहिए.

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रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए बयान के बाद सोमवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं ने देशभर में प्रदर्शन किए.
पटना में बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए विवादित बयान के ख़िलाफ़ मार्च निकाला. बीजेपी ने आरोप लगाया कि खड़गे की टिप्पणी विपक्षी पार्टी की हताशा को दिखाती है.
बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और समर्थकों ने बीजेपी मुख्यालय से डाक बंगला चौराहे तक 'जन आक्रोश मार्च' निकाला. करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे इस मार्च के बाद खड़गे का पुतला भी जलाया गया.
रविवार को बिहार की राजधानी पटना में एक कार्यक्रम के दौरान खड़गे के बयान से विवाद खड़ा हो गया था. कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा था कि प्रधानमंत्री कहीं नहीं जाएंगे. इसके जवाब में खड़गे ने कहा था, “मोदी का बाप भी जाएगा.”
सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष के इस बयान के ख़िलाफ़, गुवाहाटी, चंडीगढ़, दिल्ली और मध्य प्रदेश समते देश के कई हिस्सों में बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया.
चंडीगढ़ में खड़गे के बयान के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे बीजेपी कार्यकर्ताओं और नेताओं को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया.
वहीं मध्य प्रदेश में कांग्रेस कार्यालय के पास खड़गे के बयान के विरोध में बीजेपी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए.
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ब्राज़ील के नेता लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की है.
उन्होंने देश के राष्ट्रपति चुनाव में कट्टर दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वी और लिबरल पार्टी के नेता फ्लावियो बोल्सोनारो को मामूली अंतर से हराया.
इस जीत के साथ वर्कर्स पार्टी के 80 वर्षीय लीडर लूला को चौथी बार राष्ट्रपति बनने का मौक़ा मिला है.
लूला की जीत पर दुनिया के नेता लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. अब तक सामने आई प्रतिक्रियाएं इस तरह हैं.
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह लूला के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं. उन्होंने कहा कि दोनों नेता ग्लोबल साउथ की साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाएंगे और एक अधिक समावेशी, समानतापूर्ण और टिकाऊ दुनिया बनाने की दिशा में काम करेंगे.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली जरदारी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उन्हें भरोसा है कि पाकिस्तान और ब्राज़ील के बीच लंबे समय से चले आ रहे दोस्ताना संबंध और मज़बूत होंगे.
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि उनके देश और ब्राज़ील के बीच साझेदारी के तहत संबंध पहले ही मज़बूत हुए हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश व्यापार के नए अवसर पैदा करेंगे और पर्यावरण की रक्षा के लिए मिलकर काम करेंगे.
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने कहा कि लूला की जीत ग्लोबल साउथ और दुनिया भर की प्रगतिशील ताकतों की जीत है.
इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ अज़िन ने भी लूला को बधाई दी. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के देशों के दुश्मन और चुनौतियां साझा हैं और मिलकर काम करने से उन्हें बहुत कुछ हासिल हो सकता है.

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फ़्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइटों के आंकड़ों से पता चलता है कि यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों की वजह से सऊदी अरब के रियाद के आसमान से फ़्लाइट्स बहुत कम हो गई हैं. हालात ऐसे हैं कि हर 10 में से करीब 9 उड़ानें रद्द हो रही हैं.
फ्लाइट डेटा का विश्लेषण करने वाली कंपनी सिरियम के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 8 से 25 अक्तूबर के बीच यानी पिछले करीब दो हफ्तों में, निर्धारित 4,736 उड़ानों में से 4,071 उड़ानें रद्द कर दी गईं.
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने पिछले एक महीने में सऊदी अरब की तेल सुविधाओं, बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज़ कर दिए हैं.
सऊदी अरब का रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जेद्दा के बाद देश का दूसरा सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है. हूती विद्रोहियों ने कई बार इसे निशाना बनाया है. इनमें 10 अक्तूबर को हुआ हमला भी शामिल है, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी.
रविवार को सऊदी अधिकारियों ने घोषणा की थी कि दो हफ़्ते तक बंद रहने के बाद रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को फिर से खोला जाएगा.
हालांकि, ख़बरों के मुताबिक, हूती विद्रोहियों के हमले जारी रहे और बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होती रहीं.
हूती विद्रोहियों ने चेतावनी दी है कि रियाद का हवाई अड्डा अब भी उनके लिए एक "सैन्य ठिकाना" है और वो "असुरक्षित" है.

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चीन के विदेश मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश में दोनों देशों के सैनिकों के बीच गतिरोध की ख़बरों पर सोमवार को प्रतिक्रिया दी.
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि चीन भारत के साथ हुए संबंधित समझौतों और अहम सहमतियों का लगातार और सख्ती से पालन करता रहा है.
चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय संप्रभुता और सीमा पर स्थिरता बनाए रखने के लिए चीन सीमावर्ती इलाकों में नियमित गश्त और प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियां करता है.
उन्होंने यह बात चीन-भारत सीमा पर एक बार फिर गतिरोध की ख़बरों के जवाब में कही.
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि इस तरह की घटनाएं तब होती हैं, जब चीनी सैनिक गश्त के तय तरीकों से हटकर काम करते हैं.
गुओ ने कहा कि चीन और भारत कूटनीतिक और सैन्य माध्यमों से एक-दूसरे के संपर्क में हैं.
उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत भी चीन के साथ मिलकर दोनों पक्षों के बीच बनी सहमतियों को लागू करने की दिशा में काम करेगा और सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाएगा.
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक (डीजी) शत्रुजीत कपूर ने गुरुवार को कहा था, "पिछले कुछ दिनों में ऐसी स्थिति बनी, जब अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर दोनों पक्ष (भारत और चीन) आमने-सामने आ गए. यह स्थिति अब भी जारी है."
आईटीबीपी के डीजी के बयान के बाद, 23 अक्तूबर को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, "दोनों पक्ष वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर लंबित मुद्दों को सुलझाने और गलतफहमियों या ग़लत आकलन से बचने के लिए मौजूदा कूटनीतिक और सैन्य माध्यमों का इस्तेमाल जारी रखे हुए हैं."


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बिहार सरकार ने नीलम देवी को पटना के मॉल रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का नोटिस जारी किया है.
भवन निर्माण विभाग के नोटिस के मुताबिक, राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की सदस्यता समाप्त होने के बाद उन्हें 25 नवंबर तक आवास खाली करने का निर्देश दिया गया है.
नीलम देवी, मोकामा के विधायक अनंत सिंह की पत्नी हैं. बीते शनिवार को जनता दल (यूनाइटेड) ने नीलम देवी और अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था.
उन्हें जेडी (यू) ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी से निकाला है.

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जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर स्टूडेंट्स अभी भी प्रदर्शन कर रहे हैं.
स्टूडेंट्स की मांग है कि छात्र संघ चुनाव की तारीखों की घोषणा की जाए.
प्रदर्शन के दौरान जिन स्टूडेंट्स पर कार्रवाई की गई है, उसे वापस लिया जाए और यूनिवर्सिटी के चीफ़ प्रॉक्टर और सिक्योरिटी एडवाइज़र अपने पद से इस्तीफ़ा दें.
जामिया प्रशासन ने देर रात छात्रों की मांगों को मानने का दावा करते हुए एक आदेश जारी किया है. आदेश में कहा गया है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्र संघ का संविधान बनने के 15 दिनों बाद छात्र संघ का चुनाव कराया जाएगा.
देर रात को स्टूडेंट्स प्रदर्शन ख़त्म करने पर सहमत हो गए थे.
बाद में भूख हड़ताल पर बैठे तीन स्टूडेंट्स ने जामिया प्रशासन पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया. एबिन बासिल, रेहान और निदा अभी भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं.
बीबीसी संवाददाता शुभ राणा के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के बाहर से कुछ स्टूडेंट्स को हिरासत में भी लिया गया है.
पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे एबिन बासिल ने कहा, "जब तक प्रशासन छात्र संघ चुनाव की तारीख तय नहीं करता, हम अपनी भूख हड़ताल ख़त्म नहीं करेंगे. हम प्रशासन से माफ़ी भी नहीं मांगने वाले हैं."
फिलहाल, कैंपस के अंदर स्टूडेंट्स और बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद हैं.

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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को एक्स पर पोस्ट कर चुनाव आयोग और मोदी सरकार पर निशाना साधा.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "वोट चोरी के अनगिनत मामलों के सामने के बाद भी मोदी सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए सारे हथकंडे अपना रही है."
खड़गे ने कहा कि एसआईआर में इस्तेमाल किए गए सॉफ़्टवेयर की जानकारी आरटीआई के ज़रिए मांगी गई, तो चुनाव आयोग ने 'ट्रेड सीक्रेट्स' का हवाला देकर जवाब देने से ही इनकार कर दिया.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में फ़ॉर्म-6 के 16.18 लाख आवेदनों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया.
"पीलीभीत में 10,470 मतदाताओं के रिकॉर्ड में अनियमितताएँ पाई गईं. अब पूरे प्रदेश में फ़ॉर्म-6, फ़ॉर्म-7 और फ़ॉर्म-8 की जाँच के आदेश देने पड़े हैं."
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की तीन मांगें हैं. पहली मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दें और उन्हें संरक्षण देने वाला क़ानून निरस्त किया जाए. दूसरी मांग है कि एसआईआर को तुरंत रोका जाए और ग़ैरक़ानूनी ढंग से हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल किए जाएँ.
इंडिया गठबंधन की तीसरी मांग है कि सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएँ.
साथ ही, कांग्रेस अध्यक्ष ने लोगों से एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली 'वोट बचाओ-देश बचाओ' रैली में शामिल होने की अपील की.

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पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग का कहना है कि फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर आज ईरान के आधिकारिक दौरे पर हैं.
इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की थी कि मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में शामिल देश तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल सोमवार यानी 26 अक्तूबर को तेहरान का दौरा करेंगे.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने बताया कि तेहरान में इस संयुक्त बैठक का प्रस्ताव फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अपने हालिया ईरान दौरे पर दिया था.
सोमवार को अपनी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में बकाई ने कहा कि इस तरह की यह पहली बैठक होगी. इसमें ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई भी शामिल होंगे.
उन्होंने बताया कि बैठक में क्षेत्रीय और सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होगी. इनमें ईरान और अमेरिका के बीच हाल में बढ़ा सैन्य तनाव भी शामिल है.
वहीं, सऊदी अरब के उप विदेश मंत्री (पब्लिक डिप्लोमेसी) डॉ. रायद करीमली ने कहा है कि रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान आज तेहरान में होने वाली बैठकों में सऊदी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करेंगे.
इन बैठकों में मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में शामिल देशों पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के प्रतिनिधियों और ईरान के नेताओं के बीच बातचीत होगी.
डॉ. रायद के मुताबिक, इन बैठकों में पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और तुर्की की राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी के प्रमुख इब्राहिम कालिन भी शामिल होंगे.
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दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को आयोजित होने वाली रैली से पहले कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी नेव्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं."
उन्होंने एक्स पर लिखा, "मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया. जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं - न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य."
राहुल गांधी ने अपने बयान में यह भी लिखा कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटा दिया जाता है, तो आंदोलन 30 सेकंड में रुक जाएगा.
व्यापारियों के एक संगठन चैंबर ऑफ़ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने रामलीला मैदान की रैली को लेकर आपत्ति जताई थी और कारोबार पर असर पड़ने की आशंका व्यक्त की थी.
सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि सीटीआई ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली को टालने की मांग की है. संगठन ने इस संबंध में रैली के आयोजकों को पत्र लिखा है.
सीटीआई का कहना है कि धनतेरस और दिवाली के लिए खरीदारी का सीज़न आमतौर पर त्योहारों से कम से कम एक सप्ताह पहले शुरू हो जाता है. ऐसे में किसी बड़ी रैली या विरोध प्रदर्शन का असर सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि तीन से चार दिन पहले ही दिखने लगता है.
संगठन के मुताबिक, हर दिन करीब 3 से 4 लाख लोग दिल्ली के बाहर से खरीदारी करने आते हैं. रैली के चलते कारोबार और त्योहारों की खरीदारी पर असर पड़ने की आशंका है.
उधर, कांग्रेस और विपक्ष के नेताओं ने बड़ी रैली का दावा किया है.
समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा है कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक बड़ी रैली होगी.
उन्होंने दावा किया कि इसमें 25 लाख लोग शामिल होंगे.
रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि रैली के दौरान कहीं भी बैरिकेडिंग नहीं की जाएगी और न ही सड़कें रोकी जाएंगी. इतने लोगों के आने से स्थानीय कारोबार और बिक्री को बढ़ावा मिलेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी में किसानों को गाड़ी से कुचलने के मामले में पूर्व गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को परिवार के साथ दिवाली मनाने की अनुमति दी है.
बार एंड बेंच के अनुसार, लखनऊ में अपने पैतृक घर जाने की यह अनुमति 24 मार्च 2025 के आदेश में तय शर्तों के अधीन दी गई है.
मुकदमे की प्रगति की समीक्षा करते हुए चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत ने कहा कि अभियोजन पक्ष को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गवाह अदालत में पेश हों और सुनवाई में लंबे समय तक देरी न हो.
उन्होंने यह भी कहा कि जिरह जल्दबाज़ी में नहीं होनी चाहिए और न ही किसी अहम सबूत को दर्ज किए बिना छोड़ा जाना चाहिए.
9 अक्तूबर 2021 को क़रीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार किया था.
आशीष मिश्रा लखीमपुर खीरी के तिकुनिया किसान हत्या कांड के मुख्य अभियुक्त हैं और उनपर हत्या, गैर इरादतन हत्या और हत्या की साज़िश के साथ अन्य कठोर क़ानूनों के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया था.

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सोमवार को सुबह संसद के नजदीक नॉर्थ ब्लॉक के पास एक घना धुआं देखा गया है.
बीजेपी सांसद मिलिंद देवड़ा ने एक्स पर लिखा, “संसद जाते समय नॉर्थ ब्लॉक के पीछे से घना धुआं उठता देखा. ऐसा लग रहा है कि वहां आग लगी हो सकती है. उम्मीद है कि सभी लोग सुरक्षित होंगे और आपातकालीन सेवाएं तेजी से कार्रवाई कर रही होंगी.”
द हिंदू के मुताबिक़, “दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक में मामूली आग लग गई. इमारत के चिलर प्लांट में लगा कूलिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला फ़ाइबर टैंक आग की चपेट में आ गया. इमारत से काला धुआं उठता देख आसपास के लोगों में कुछ देर के लिए घबराहट फैल गई.”
समाचार एजेंसी एआईएनएस के अनुसार, नॉर्थ ब्लॉक में वेल्डिंग का काम चलने के दौरान मामूली आग लग गई. बताया जा रहा है कि वेल्डिंग से निकली चिंगारी पास में रखे एक टैंक तक पहुंच गई, जिससे उसमें आग लग गई.
आग पर काबू पा लिया गया है. मौके पर इमारत के अंदर कुछ हिस्सों को खोलने का काम भी चल रहा था. घटना में किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है.
आग लगने की सूचना सोमवार की सुबह 11 बजे के क़रीब मिली.
दिल्ली फ़ायर डिपार्टमेंट ने कहा कि दमकल की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पा लिया गया.

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उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में बरी कर दिया है.
कोर्ट के जज शुभम वर्मा ने सोमवार, 26 अक्टूबर को यह फैसला सुनाया. राहुल गांधी फैसले के वक़्त अदालत में ही मौजूद थे.
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के चेयरमैन कुंवर सिंह निषाद ने राहुल गांधी को बरी किए जाने की जानकारी दी है.
शिकायतकर्ता विजय मिश्रा के वक़ील संतोष कुमार पांडे ने बताया कि राहुल गांधी को कोर्ट ने बरी कर दिया है. लेकिन कोर्ट ने हमारे द्वारा दाखिल की गई सीडी को सही माना है और उनके स्टेटमेंट को भी माना है लेकिन उनके बयान को मानहानि नहीं माना है.
यह मामला साल 2018 का है, जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी.
शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी की टिप्पणी से अमित शाह की छवि को नुकसान पहुंचा. इसी आधार पर उनके ख़िलाफ़ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई.

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2018 में दर्ज हुई थी शिकायत
इस मामले में स्थानीय बीजेपी नेता और सुल्तानपुर ज़िला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के ख़िलाफ़ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी.
मामले में अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को पेश होने के लिए समन जारी किया था. इसके बाद राहुल गांधी अदालत में पेश हुए और उन्हें ज़मानत मिल गई थी.
वॉयस सैंपल को लेकर भी हुई थी क़ानूनी लड़ाई
समाचार एजेंसी पीटीाई और द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, शिकायतकर्ता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के वॉयस सैंपल का फ़ॉरेंसिक टेस्ट कराने की मांग भी की थी, ताकि उसका मिलान कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण की ऑडियो रिकॉर्डिंग से किया जा सके.
हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने इस मांग को ख़ारिज कर दिया था. इसके बाद सेशन कोर्ट ने भी शिकायतकर्ता की याचिका ख़ारिज कर दी.
बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी निचली अदालतों के फैसलों को चुनौती देने वाली याचिका ख़ारिज कर दी.
मामले में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसले के लिए 26 अक्तूबर की तारीख तय की थी.

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के काफ़िले की कुछ गाड़ियां उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आपस में टकरा गईं.
पवन खेड़ा ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया कि 'सभी सुरक्षित' हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, हादसा मामूली था और कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है.

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काफ़िले में शामिल कांग्रेस नेता ने क्या बताया
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सेक्रेटरी और उत्तर प्रदेश के सह-प्रभारी अब्दुल हनन ने बीबीसी हिन्दी न्यूज़ को बताया कि वह भी उस काफ़िले का हिस्सा थे और कई गाड़ियां थीं.
हनन ने बताया, "एक गाड़ी रुक गई थी, जिससे पीछे की कुछ गाड़ियां आकर टकरा गईं. एक एंबुलेंस भी इसकी चपेट में आ गई थी. लेकिन यह हादसा बहुत मामूली था. किसी को कोई चोट नहीं आई है. सब सुरक्षित हैं."
हादसा सुलतानपुर ज़िले के हलियापुर थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर 90 के पास हुआ.
दुर्घटना में चार कारें और एक एंबुलेंस शामिल थीं.
हलियापुर के थाना अध्यक्ष अतुल कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक़, राहुल गांधी के वाहन के पीछे चल रही चार कारें और एक एंबुलेंस आपस में टकरा गईं.
प्रारंभिक जानकारी में अचानक ब्रेक लगने को वाहनों की टक्कर की संभावित वजह बताया जा रहा है. हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक़, इस हादसे में एक कार का बोनट क्षतिग्रस्त हो गया. राहुल गांधी सुरक्षित हैं और सुल्तानपुर के लिए रवाना हो गए.
राहुल गांधी सोमवार को सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में पेश हो रहे हैं. अदालत 2018 के एक आपराधिक मानहानि मामले में फैसला सुनाने वाली है.
इससे पहले राहुल गांधी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे थे. वहां से वे सड़क मार्ग से सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए थे.
एयरपोर्ट के बाहर कांग्रेस के कार्यकर्ता भारी संख्या में इकट्ठा हुए थे.

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जम्मू रेलवे स्टेशन के पास शिव मार्केट में रविवार रात भीषण आग लगने से करीब 40 दुकानें जलकर राख हो गईं.
अधिकारियों के मुताबिक़, रविवार रात करीब 10.30 बजे लगी आग लगभग पांच घंटे तक जलती रही. इस घटना में किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है.
अधिकारियों ने बताया कि आग से प्रभावित ज़्यादातर दुकानों में खाने-पीने का सामान, सूखे मेवे और कंबल बेचे जाते थे.
शुरुआती जांच में आग लगने की वजह एक दुकान में शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है. तेज़ हवाओं के कारण आग तेज़ी से पूरे बाज़ार में फैल गई.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, स्थानीय लोगों ने बताया, "नुक़सान बहुत ज़्यादा हुआ है. दमकल की गाड़ियां एक या डेढ़ घंटे बाद पहुंचीं, तबतक सबकुछ जल चुका था."
एक दुकानदार ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "पूरा बाजार जलकर राख हो गया है. कम से कम 25 से 30 दुकानों को पूरी तरह नुकसान पहुंचा है. यह पूरी तरह से बर्बादी है. हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि सभी को इस मुश्किल घड़ी से उबरने की ताकत मिले."
"नुक़सान बहुत बड़ा है. मैं प्रशासन से भी अपील करता हूं कि वह जल्द से जल्द हस्तक्षेप करे और बिना देरी के मुआवज़ा सुनिश्चित करे."