साइक्लोन "अर्नब" की वजह से आंध्र प्रदेश में स्कूल-कॉलेज बंद, और कहां-कहां असर?

समुद्र में ऊंची लहरें (फ़ाइल फ़ोटो)
    • Author, लक्कोजु श्रीनिवास
    • पदनाम, बीबीसी के लिए
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 5 मिनट

विशाखापत्तनम के साइक्लोन वॉर्निंग सेंटर ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी में बना गंभीर दबाव का क्षेत्र तूफ़ान में बदल गया है.

साइक्लोन वॉर्निंग सेंटर के निदेशक पीएलएन मूर्ति ने बीबीसी से कहा कि 'अर्नब' तूफ़ान पिछले छह घंटों में 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से आगे बढ़ा है.

मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तूफ़ान अभी विशाखापट्टनम से 650, काकीनाडा से 730, मछलीपट्टनम से 830 और बापटला से 910 किलोमीटर दूर है.

'अर्नब' के बुधवार (28 अक्तूबर) को तट से टकराने की आशंका के मद्देनज़र ओडिशा और आंध्र प्रदेश में एहतियाती कदम उठाए गए हैं. दोनों राज्यों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं, समुद्र में मछली पकड़ने पर रोक लगा दी गई है और राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है.

फिलहाल चक्रवात बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य हिस्से में विशाखापत्तनम से लगभग 610 किलोमीटर दूर स्थित है. यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है.

अनुमान है कि यह बहुत गंभीर चक्रवाती तूफ़ान में बदल सकता है. इसके 28 अक्तूबर की सुबह तक बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यानम के तट से टकराने की आशंका है. इस दौरान हवा की रफ़्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है.

'अर्नब' तूफ़ान का कितना असर होगा?

इसका असर किन-किन इलाक़ों पर पड़ेगा?

हवाओं की रफ़्तार कितनी होगी?

लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, इन मुद्दों पर विशाखापट्टनम तूफ़ान चेतावनी केंद्र और आंध्र यूनिवर्सिटी के मौसम विभाग से 'बीबीसी तेलुगू' ने बात की.

'अर्नब' चक्रवात के चलते आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है (फाइल फोटो)
इमेज कैप्शन, 'अर्नब' चक्रवात के चलते आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है (फाइल फोटो)

भारी नुकसान की आशंका

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बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात 'अर्नब' मज़बूत हो गया है, जिसके कारण आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.

विशाखापत्तनम चक्रवात चेतावनी केंद्र ने बताया है कि इस महीने की 27 और 28 तारीख़ को तटीय आंध्र प्रदेश (कोस्तांधरा) में अत्यधिक भारी बारिश और 140 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.

मौसम विभाग ने 28 अक्तूबर को 12 जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है. सोमवार को रायलसीमा के जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.

'अर्नब' चक्रवात के प्रभाव से डॉक्टर बी.आर. आंबेडकर कोणसीमा जिले के अल्लावरम मंडल स्थित ओडालारेवु समुद्र में लहरों का उफान बढ़ गया है. आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि वहां तटीय इलाके में भारी कटाव हो रहा है, इसलिए स्थानीय लोग अनिवार्य रूप से सतर्कता और सावधानियां बरतें.

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने अपील की है कि राज्य भर के लोग अगले तीन दिनों तक सतर्क रहें.

इसके अलावा, इस चक्रवात का प्रभाव ओडिशा राज्य पर भी पड़ेगा, जिसके चलते वहां के कई जिलों में शिक्षण संस्थानों (स्कूलों/कॉलेजों) में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं. मौसम विभाग के अनुसार ओडिशा के गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकनगिरि जिलों में 28 और 29 अक्तूबर को चक्रवात का असर रहेगा.

विशाखापत्तनम का चक्रवात चेतावनी केंद्र
इमेज कैप्शन, विशाखापत्तनम का चक्रवात चेतावनी केंद्र

ख़तरे की चेतावनी

चक्रवात (तूफान) के प्रभाव से 28 अक्तूबर को विशाखापत्तनम, अल्लूरी सीताराम राजू, अनाकापल्ली, काकीनाडा, डॉक्टर बी.आर. आंबेडकर कोणसीमा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिम गोदावरी, एलुरु, एन.टी.आर., कृष्णा, गुंटूर और बापटला जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है. इन जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है.

वहीं 27 अक्तूबर को काकीनाडा, आंबेडकर कोणसीमा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिम गोदावरी और एलुरु जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है.

रेड अलर्ट का मतलब है अत्यंत गंभीर मौसम स्थितियों के प्रति अधिकारियों और जनता को तुरंत आवश्यक कार्रवाई और सुरक्षा उपाय करने की चेतावनी देना.

मौसम विभाग ने सलाह दी है कि:

मछुआरे किसी भी हाल में समुद्र में न जाएं. 27 और 28 तारीख को आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों पर मछुआरों के समुद्र में जाने पर पूरी तरह रोक रहेगी.

तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए तथा आम जनता पूरी तरह सतर्क रहे.

अधिकारियों को चक्रवात प्रभावित तटीय क्षेत्रों में आवश्यक एहतियाती कदम उठाने और निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.

प्रोफ़ेसर रामकृष्ण
इमेज कैप्शन, प्रोफ़ेसर रामकृष्ण

गंभीर स्थिति का संकेत

आंध्र यूनिवर्सिटी के मौसम विज्ञान विभाग के प्रोफेसर रामकृष्ण ने बीबीसी को बताया कि 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं अत्यंत गंभीर चक्रवाती स्थिति का संकेत देती हैं.

उन्होंने कहा कि इसकी तुलना सामान्य रूप से चलने वाली तेज हवाओं से नहीं की जा सकती, क्योंकि इसमें पेड़ उखड़ने, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने और घरों की छतें उड़ने जैसे हादसों की संभावना बहुत अधिक होती है.

उन्होंने बताया कि 'अर्नब' चक्रवात के दौरान हवा की गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी, जो कभी-कभी बढ़कर 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. प्रोफेसर रामकृष्ण ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक अनुमान है और चक्रवात की दिशा तथा तीव्रता के आधार पर इसमें बदलाव हो सकता.

प्रोफ़ेसर रामकृष्ण ने बताया कि आंध्र प्रदेश, ख़ासकर उत्तरी तटीय इलाक़े में, पहले भी इस स्तर की तेज़ हवाएं चल चुकी हैं. उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में आए हुदहुद और 2018 में आए तितली तूफ़ान के दौरान तेज़ हवाएं चली थीं.

उन्होंने कहा, "इन तूफ़ानों के तट से टकराने के दौरान हवा की अधिकतम रफ़्तार लगभग 150 से 185 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी. इससे पेड़ों, इमारतों और बिजली व्यवस्था को भारी नुक़सान हुआ था."

"हुदहुद चक्रवात के दौरान गिरे हुए पेड़ (फ़ाइल फ़ोटो)"
इमेज कैप्शन, हुदहुद चक्रवात के दौरान गिरे हुए पेड़ (फ़ाइल फ़ोटो)

सावधान रहने की अपील

बंगाल की खाड़ी में चक्रवात की आशंका के मद्देनज़र आपदा प्रबंधन और गृह मंत्री अनिता ने राज्य के प्रशासन को सतर्क रहने का निर्देश दिया है.

उन्होंने लोगों से अगले पांच दिनों तक बेहद सावधान रहने की अपील की. मंत्री ने कहा कि आज से धीरे-धीरे बारिश शुरू होने और मंगलवार-बुधवार को तटीय आंध्र प्रदेश के ज़िलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है.

उन्होंने चक्रवात से प्रभावित होने वाले ज़िलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों (एसपी) और ज़मीनी स्तर पर तैनात अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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