पेपर लीक से जुड़ा संशोधन बिल पास होने पर कॉकरोच जनता पार्टी ने क्या कहा
लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' बुधवार को पास हो गया. इस पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से प्रतिक्रिया आई है.
पेपर लीक से जुड़ा संशोधन बिल पास होने पर कॉकरोच जनता पार्टी ने क्या कहा
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इमेज कैप्शन, सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार इस पर बात नहीं कर रही कि पेपर लीक रोकने के लिए क्या क़दम उठाए जा रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' बुधवार को पास हो गया. इस पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से प्रतिक्रिया आई है.
सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार पेपर लीक होने के बाद की बात कर रही है, लेकिन इस पर बात नहीं कर रही कि पेपर लीक रोकने के लिए क्या क़दम उठाए जा रहे हैं.
आशुतोष रांका ने कहा, "जब तक एनटीए रिफ़ॉर्म, एग्ज़ाम कैलेंडर और सिलेबस में पारदर्शिता, वेंडर हैंडलिंग, फ़िज़िकल-डिजिटल ऑडिटिंग और एग्ज़ाम इन्फ़्रास्ट्रक्चर को ठीक करने की बात नहीं करेंगे, तब तक पेपर लीक की समस्या नहीं हल होगी."
उन्होंने आगे कहा, "जल्दबाज़ी में फ़ैसले लेने की बजाय सरकार को विशेषज्ञों से राय लेनी चाहिए."
इससे पहले मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने राहुल गांधी के सदन में दिए गए भाषण को साझा करते हुए एक्स पर लिखा, "20 जुलाई के पुलिस बर्बरता मामले में गृह मंत्री की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल हैं. उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. हर ज़िंदगी क़ीमती है. गृह मंत्री के आदेश पर एक छात्र ने हमेशा के लिए अपनी आंखों की रोशनी खो दी. अब जवाब दें."
वैभव सूर्यवंशी को मिली बड़ी ज़िम्मेदारी, इस टीम के बने उपकप्तान
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इमेज कैप्शन, वैभव सूर्यवंशी की हाल ही में भारत के इंग्लैंड दौरे पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एंट्री हुई थी (फ़ाइल फ़ोटो)
दलीप ट्रॉफ़ी 2026 के लिए ईस्ट ज़ोन की 15 सदस्यों की टीम का एलान कर दिया गया है. टीम की कप्तानी ईशान किशन को सौंपी गई है, जबकि युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को उपकप्तान बनाया गया है.
वैभव सूर्यवंशी की हाल ही में भारत के इंग्लैंड दौरे पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एंट्री हुई थी. इसके बाद उन्होंने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ में भी हिस्सा लिया, जहां शानदार प्रदर्शन करने पर उन्हें 'प्लेयर ऑफ़ द सिरीज़' चुना गया था.
ईस्ट ज़ोन की टीम में अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, अभिमन्यु ईश्वरन, मुकेश कुमार, शाहबाज़ अहमद और कुमार कुशाग्र जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं.
35 वर्षीय शमी ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफ़ी फ़ाइनल के बाद से भारत के लिए कोई मुक़ाबला नहीं खेला है, लेकिन वह घरेलू क्रिकेट में लगातार एक्टिव हैं. उन्होंने आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए 14 में से 13 मुक़ाबले खेले.
दलीप ट्रॉफ़ी 23 अगस्त से बेंगलुरु में खेली जाएगी, जिसमें अलग-अलग ज़ोन की टीमें हिस्सा लेंगी.
ईस्ट ज़ोन टीम: अभिमन्यु ईश्वरन, सुदीप कुमार घरामी, शाहबाज़ अहमद, सूरज सिंधु जायसवाल, मोहम्मद शमी, मुकेश कुमार, ईशान किशन (कप्तान), कुमार कुशाग्र, शिखर मोहन, अनुकूल रॉय, विराट सिंह, शुभ्रांशु सेनापति, वैभव सूर्यवंशी (उपकप्तान), डेनिश दास और अभिजीत सरकार.
स्टैंडबाय खिलाड़ी: आयुष लोहारुका, श्रीदाम पॉल, संबित एस बराल, शरनदीप सिंह और स्वास्तिक सामल.
मणिपुर: सुरक्षा बलों और नगा विलेज गार्ड्स के बीच गोलीबारी, एक की मौत और चार घायल, दिलीप कुमार शर्मा, बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, घायलों में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ़) के दो जवान भी शामिल बताए जा रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
मणिपुर के नोनी ज़िले में बुधवार सुबह सुरक्षा बलों और नगा विलेज गार्ड्स के बीच हुई गोलीबारी में एक नगा विलेज गार्ड की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए.
घायलों में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ़) के दो जवान भी शामिल बताए जा रहे हैं. घटना के विरोध में मणिपुर जॉइंट ट्राइब्स काउंसिल (एमजेटीसी) की वर्किंग कमिटी ने नगा-बहुल इलाक़ों में तत्काल प्रभाव से अनिश्चितकालीन शटडाउन का एलान किया है.
नोनी ज़िले की पुलिस अधीक्षक दिव्या तंवर ने घटना की पुष्टि करते हुए बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा, "गोलीबारी की घटना हुई है. इलाक़े में कुछ अभियान चलाए गए थे. हालांकि, इस घटना में मृतक और घायलों की संख्या को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस सभी जानकारी जुटाने में लगी है."
जानकारी के मुताबिक़, यह घटना बुधवार सुबह क़रीब आठ बजे नोनी ज़िले के बिटियांग गांव में हुई. बताया जा रहा है कि कोबरा कमांडो और सीआरपीएफ़ के जवानों कथित तौर पर ने नगा गांव के वॉलंटियर्स के एक कैंप में जॉइंट ऑपरेशन चलाया था.
इसी दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें एक नगा विलेज गार्ड की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य विलेज गार्ड घायल हो गए.
मृतक की पहचान नोनी बाज़ार निवासी काज़ीरंगा लियांगमाई के 22 वर्षीय बेटे लियानबिलुंग लियांगमाई के रूप में हुई है.
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में सीआरपीएफ़ की 186वीं बटालियन के हेड कॉन्स्टेबल राधेश्याम और कॉन्स्टेबल जितेंद्र कुमार भी घायल हुए हैं.
घटना के बाद नगा संगठन ने सुरक्षा बलों की कथित कार्रवाई के विरोध में अनिश्चितकालीन शटडाउन का आह्वान किया है.
संगठन का कहना है कि यह बंद तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्र सरकार नगाओं की हत्या के लिए ज़िम्मेदार लोगों की गिरफ़्तारी के लिए "ठोस और सार्थक क़दम" नहीं उठाती. संगठन ने नगा-बहुल इलाक़ों में हाईवे, रेलवे और राष्ट्रीय परियोजनाओं को भी बंद रखने की अपील की है.
इराक़ में अमेरिका और सऊदी अरब की ओर से हुए हमलों पर ईरान ने क्या कहा
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इमेज कैप्शन, ईरान ने कहा कि यह हमला मध्य पूर्व में युद्ध का दायरा बढ़ाने के मक़सद से किया गया है.
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इराक़ में अमेरिका और सऊदी अरब की ओर से किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, मंत्रालय ने इन हमलों को 'आक्रामक कार्रवाई' और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का 'स्पष्ट उल्लंघन' बताया.
साथ ही कहा, "यह हमला मध्य पूर्व में युद्ध का दायरा बढ़ाने के मक़सद से किया गया है."
दरअसल, अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक़ में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए थे.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी और सऊदी बलों ने संयुक्त अभियान के तहत इराक़ में ईरान समर्थित 'आतंकवादी समूहों' के ख़िलाफ़ हवाई हमले किए.
सेंटकॉम के मुताबिक़, इन समूहों का नेतृत्व रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े लोग कर रहे थे और वे अमेरिकी सैन्य बलों और सऊदी के ऊर्जा ठिकाने पर हमलों में शामिल थे.
संबित पात्रा ने कहा- राहुल गांधी को माफ़ी मांगनी चाहिए
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इमेज कैप्शन, बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद संबित पात्रा ने उन पर सदन और सदन के बाहर 'अराजकता फैलाने की कोशिश' का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपने व्यवहार के लिए देश से माफ़ी मांगनी चाहिए.
संबित पात्रा ने कहा, "राहुल गांधी ने देश में फिर से अराजकता फैलाने की कुचेष्टा करने की कोशिश सदन में की. जब यह सदन में फ़ेल हो गया तो उन्होंने यही काम बाहर करने की कोशिश की. राहुल गांधी को इसे लेकर माफ़ी मांगनी चाहिए."
राहुल गांधी के उस आरोप पर भी पात्रा ने जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें बीच में रोका और बोलने का मौक़ा नहीं दिया.
बीजेपी सांसद पात्रा ने कहा, "किरेन रिजिजू ने जो दो-तीन लाइनों पर आपत्ति उठाई, वे पूरी तरह सही थीं. ये आपत्तियां 'इडियट' जैसे संसदीय नियमों के ख़िलाफ़ शब्द के इस्तेमाल को लेकर थीं, जिसे संसद के नियमों के मुताबिक़ सदन में नहीं कहा जा सकता."
"संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते इस पर जवाब मांगना उनकी ज़िम्मेदारी थी. किरेन रिजिजू ग़ुस्से में नहीं थे. उन्होंने शांत तरीक़े से कहा कि हम आपको सुनना चाहते हैं. कृपया इडियट शब्द का इस्तेमाल मत कीजिए, क्योंकि सदन संसदीय नियमों के अनुसार चलता है."
उन्होंने आगे कहा, "रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सिर्फ़ एक अपील की. उन्होंने कहा कि राहुल जी, कृपया बोलिए. सत्ता पक्ष के सांसदों से राहुल गांधी की बात ध्यान से सुनने की अपील की. इससे बड़ा लोकतांत्रिक परंपरा का उदाहरण और क्या हो सकता है?"
राहुल गांधी ने अमित शाह को लेकर पीएम मोदी को क्या सलाह दी
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष स्टूडेंट्स को गारंटी देता है कि आज नहीं तो कल जवाबदेही तय होगी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बर्ख़ास्त करने की मांग की है. उनका आरोप है कि अमित शाह के आदेश पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई.
राहुल गांधी ने एक प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा कि विपक्ष स्टूडेंट्स को गारंटी देता है कि आज नहीं तो कल जवाबदेही तय होगी.
राहुल गांधी ने एक प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा, "हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जिन स्टूडेंट्स को पीटा गया, उन्हें न्याय मिले. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जिन लोगों ने हमारे स्टूडेंट्स पर पेलेट गन से गोली चलाई, उन्हें सज़ा मिले. विपक्ष स्टूडेंट्स को गारंटी देता है कि जवाबदेही तय होगी."
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री को हमारी सलाह है अमित शाह को बर्ख़ास्त करें. सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाली स्वतंत्र उच्च-स्तरीय कमेटी से जांच कराएं. प्रधानमंत्री कम से कम इतनी शालीनता तो दिखाएं कि ज़िम्मेदारी लें."
राहुल गांधी ने यह दावा भी किया कि उन्होंने ख़ुद देखा कि अमित शाह पुलिस अधिकारियों से फ़ोन पर बात कर रहे थे.
राहुल गांधी ने कहा- मैंने अपनी आंखों से देखा कि अमित शाह...
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्होंने ख़ुद देखा कि अमित शाह पुलिस अधिकारियों से फ़ोन पर बात कर रहे थे
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा.
उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई अमित शाह के निर्देश पर की गई.
राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्होंने ख़ुद देखा कि अमित शाह पुलिस अधिकारियों से फ़ोन पर बात कर रहे थे.
उन्होंने कहा, "मैंने अपनी आंखों से देखा कि अमित शाह पुलिस अधिकारियों को कॉल कर रहे थे. मैंने यह भी देखा कि जितेंद्र सिंह को अमित शाह के लिए लगातार कॉल आ रहे थे. इसका मतलब है कि उन्हें पता था कि वहाँ क्या हो रहा था."
राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले में दो संभावनाएं हैं.
उन्होंने कहा, "पहली संभावना यह है कि अमित शाह ने पैलेट गन चलाने और लाठियां बरसाने के आदेश दिए. अगर ऐसा है तो वह दोषी हैं. दूसरी संभावना यह है कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं थी. अगर ऐसा है तो वह अयोग्य हैं."
गौरतलब है कि इससे पहले केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में कहा कि मंत्री गोली चलाने का आदेश नहीं देते और प्रदर्शनकारियों पर गोली नहीं चलाई गई थी.
पाकिस्तानी सेना का दावा, '24 घंटों में 32 आतंकवादियों को मारा'
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान की सेना का कहना है कि उसके अभियान चरमपंथियों और उनके मददगारों के ख़िलाफ़ चलाए गए थे (फ़ाइल फ़ोटो)
पाकिस्तान की सेना के जनसंपर्क विभाग (आईएसपीआर) ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में सुरक्षा बलों ने ख़ैबर पख़्तूनख़्वा और बलूचिस्तान में चलाए गए संयुक्त अभियानों के दौरान '32 आतंकवादियों को मारा' है.
आईएसपीआर के मुताबिक़, ये अभियान चरमपंथियों और उनके मददगारों के ख़िलाफ़ चलाए गए थे.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़ आईएसपीआर के अनुसार, 28 और 29 जुलाई 2026 की रात ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर ख़ैबर ज़िले में कई अभियान चलाए गए.
बयान में कहा गया, "इस दौरान सुरक्षा बलों ने चरमपंथियों के ठिकानों को निशाना बनाया और ‘फ़ितना अल-ख़ारिज़’ से जुड़े 24 आतंकवादियों को मार दिया."
इसमें कहा गया, "बलूचिस्तान के नुश्क़ी ज़िले में भी ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर अभियान चलाया गया, जहाँ सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में आठ आतंकवादी मारे गए."
सुरक्षा बलों ने इन अभियानों के दौरान हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक उपकरण भी बरामद किए, जिन्हें बाद में नष्ट कर दिया गया.
रूस ने टेलीग्राम के फ़ाउंडर के ख़िलाफ़ क्यों जारी किया अंतरराष्ट्रीय गिरफ़्तारी वारंट, एलेक्स बॉयड
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इमेज कैप्शन, मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के फ़ाउंडर पावेल दुरोव
रूस ने मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के फ़ाउंडर पावेल दुरोव पर 'आतंकवाद को बढ़ावा देने' के आरोप में मामला दर्ज़ किया है.
रूस की सुरक्षा एजेंसी एफ़एसबी (फ़ेडरल सिक्योरिटी सर्विस) का आरोप है कि टेलीग्राम का इस्तेमाल यूक्रेनी सीक्रेट सर्विसेज की ओर से 'भर्ती और आतंकी गतिविधियों' के लिए किया जा रहा था.
एफ़एसबी ने दावा किया कि टेलीग्राम का इस्तेमाल रूस के अंदर "तोड़फ़ोड़ और आतंकी गतिविधियों की तैयार" के लिए किया गया.
एजेंसी का आरोप है कि टेलीग्राम ने उन चैनलों, चैट और बॉट्स को हटाने में सहयोग नहीं किया, जिनका इस्तेमाल यूक्रेन की ओर से किया जा रहा था.
रूस में जन्मे पावेल दुरोव के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय गिरफ़्तारी वारंट जारी किया गया है. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि दूसरे देश या उनकी एजेंसियां रूस की ओर से जारी इस वारंट पर कार्रवाई करेंगी या नहीं.
इससे पहले दुरोव रूसी अधिकारियों पर आरोप लगा चुके हैं कि वे टेलीग्राम की रीच को लिमिट करने के लिए नए बहाने तलाश रहे हैं.
दुरोव ने 2014 में रूस छोड़ दिया था, क्योंकि उन्होंने सरकार की उस मांग को मानने से इनकार कर दिया था जिसमें उनसे प्लेटफ़ॉर्म पर मौजूद विपक्षी कम्युनिटीज़ को बंद करने के लिए कहा गया था.
इससे पहले वह रूस की लोकप्रिय सोशल मीडिया कंपनी वीकॉन्टैक्ट की स्थापना कर चुके थे, जिसे 'रूस का फ़ेसबुक' कहा जाता है.
कार्टून: क्या-क्या चल रहा
इमेज कैप्शन, प्रोटेस्ट के दौरान जेन ज़ी की भाषा पर आज का कार्टून
पाकिस्तान में पेट्रोल और हाई स्पीड डीज़ल के दामों में बढ़ोतरी, इतने रुपये प्रति लीटर हुआ
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इमेज कैप्शन, पेट्रोल की क़ीमत 335.81 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो गई है (फ़ाइल फ़ोटो)
पाकिस्तान सरकार ने वैश्विक बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतों में उछाल और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच पेट्रोल और हाई-स्पीड डीज़ल की क़ीमतों में बढ़ोतरी कर दी है.
बीबीसी उर्दू के अनुसार, पेट्रोल की क़ीमत में 1.63 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद इसकी क़ीमत 335.81 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
वहीं, हाई-स्पीड डीज़ल की क़ीमत 1.56 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 388.38 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है.
दूसरी ओर, अमेरिका और सऊदी अरब की ओर से इराक़ में संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद वैश्विक बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतों में तेज़ उछाल दर्ज किया गया है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की क़ीमत 3.30 डॉलर यानी 3.9 फ़ीसदी बढ़कर 87.39 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई.
जंतर-मंतर पर लेफ़्ट से जुड़े छात्र संगठन क्यों कर रहे हैं प्रदर्शन, कीर्ति दुबे, बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने आरोप लगाया कि बिहार, असम और पश्चिम बंगाल के उन छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है, जो आंदोलन में शामिल हुए थे
दिल्ली के जंतर-मंतर पर बुधवार को लेफ़्ट से जुड़े छात्र संगठनों स्टूडेंट्स फ़ेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और दिशा ने विरोध प्रदर्शन किया.
छात्र संगठनों का आरोप है कि बड़े पैमाने पर हुए छात्र आंदोलनों के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस कार्रवाई की गई, जिसके विरोध में यह प्रदर्शन किया जा रहा है.
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने चेतावनी दी थी कि अगर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की गई तो दोबारा आंदोलन शुरू किया जाएगा.
वहीं, लेफ़्ट छात्र संगठनों का कहना है, "केवल चेतावनी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सीजेपी को भी सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना चाहिए."
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने आरोप लगाया कि ख़ासतौर पर बिहार, असम और पश्चिम बंगाल के उन छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है, जो आंदोलन में शामिल हुए थे.
छात्रों का कहना है, "बिहार पुलिस ने भले ही 26 जुलाई शाम 6 बजे तक प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया हो, लेकिन आशंका है कि एफ़आईआर में तारीख बदलकर कार्रवाई की जा सकती है."
छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा, "यदि बिहार पुलिस जेलों में बंद प्रदर्शनकारियों को रिहा नहीं करती है, तो वहां 30 जुलाई को मार्च किया जाएगा."
राज्यसभा में पास हुआ वंदे मातरम् से जुड़ा बिल, जानें इसमें क्या प्रावधान
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इमेज कैप्शन, उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह ने ध्वनि मत के ज़रिए विधेयक को मंज़ूरी दी
राज्यसभा में बुधवार को 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' पारित कर दिया गया.
उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह ने ध्वनि मत के ज़रिए विधेयक को मंज़ूरी दी.
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने 24 जुलाई 2026 को राज्यसभा में यह विधेयक पेश किया था.
यह संशोधन मूल रूप से 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971' में बदलाव करता है.
विधेयक में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के अपमान को लेकर क़ानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है.
क़ानून लागू होने के बाद यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर वंदे मातरम् का अपमान करता है या राष्ट्रीय गीत के गायन में बाधा डालता है, तो उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा सकेगी.
ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सज़ा का प्रावधान किया गया है.
लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा संशोधन बिल पास हुआ
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इमेज कैप्शन, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने ध्वनि मत के आधार पर बिल को पास कर दिया
लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 बुधवार को पास हो गया.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने ध्वनि मत के आधार पर बिल को पास कर दिया.
बिल पास होने से पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन को संबोधित किया था.
राहुल गांधी ने पेपर लीक से जुड़े बिल पर 50 मिनट तक सदन में अपनी बात रखी. उन्होंने यह दावा किया कि गृहमंत्री ने दिल्ली में छात्रों पर फायरिंग के आदेश दिए.
इसके जवाब में जितेंद्र सिंह ने कहा, "राहुल जी कहते हैं कि गोली चलाने का आदेश गृह मंत्री ने दिया और उसका प्रमाण भी नहीं दे पाए. गोली चलाने का आदेश मंत्री नहीं मजिस्ट्रेट, डीएम, एसडीएम देता है."
उन्होंने आगे कहा, "राहुल को सार्वजनिक जीवन के अनुभव का भी अभाव है. गोली नहीं चली, टियर गैस का इस्तेमाल हुआ."
अमेरिका और सऊदी अरब ने मिलकर कहां किया हवाई हमला, डेविड ग्रिटेन
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इमेज कैप्शन, पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फ़ोर्सेज़ (पीएमएफ़) ने दावा किया है कि इन हमलों में उसके कम से कम 20 लड़ाकों की मौत हुई है और 32 अन्य घायल हुए हैं
सऊदी अरब और अमेरिका ने बुधवार को इराक़ में ईरान समर्थित मिलिशिया ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए.
अमेरिका ने इसे अपने सैनिकों और सऊदी के ऊर्जा ठिकानों पर हुए ड्रोन हमलों के जवाब में की गई कार्रवाई बताया है.
वहीं, ईरान समर्थित पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फ़ोर्सेज़ (पीएमएफ़) ने दावा किया है कि इन हमलों में उसके कम से कम 20 लड़ाकों की मौत हुई है और 32 अन्य घायल हुए हैं.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा, "हमले इराक़ के पूर्वी हिस्से में मौजूद ईरान समर्थित आतंकवादी ठिकानों पर किए गए. पिछले 72 घंटों में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के निर्देश अमेरिकी बलों और सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाकर 30 से अधिक ड्रोन हमले किए गए थे, जिन्हें विफल कर दिया गया."
सेंटकॉम ने दावा किया कि मंगलवार को ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमला करने की भी कोशिश की थी, लेकिन इन्हें इंटरसेप्ट कर लिया गया.
वहीं, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने जॉर्डन स्थित एक अमेरिकी एयरबेस और कमांड सेंटर को अमेरिका की 'आक्रामक कार्रवाइयों' के जवाब में निशाना बनाया.
आईआरजीसी ने यह भी कहा कि उसकी नौसेना ने होर्मुज़ स्ट्रेट में तीन तेल टैंकरों पर कार्रवाई की, क्योंकि वे चेतावनी के बावजूद वहां से गुज़र रहे थे.
दूसरी ओर, पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फ़ोर्सेज़ (पीएमएफ़) ने अमेरिका और सऊदी अरब के हमलों को इराक़ की संप्रभुता का उल्लंघन और क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया.
कोयला घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने मनमोहन सिंह के ख़िलाफ़ मामला बंद किया, कांग्रेस ने क्या कहा
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के ख़िलाफ़ कोयला घोटाला मामले में सीबीआई की क्लोज़र रिपोर्ट स्वीकार करते हुए उनके ख़िलाफ़ चल रही कार्यवाही को समाप्त कर दिया.
लाइव लॉ के मुताबिक़, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहन की पीठ ने 2015 में ट्रायल कोर्ट की ओर से जारी समन को चुनौती देने वाली मनमोहन सिंह की याचिका स्वीकार कर ली.
अदालत ने कहा कि ट्रायल कोर्ट के पास सीबीआई की क्लोज़र रिपोर्ट ख़ारिज करने और मामले में संज्ञान लेने का कोई ठोस आधार नहीं था.
यह फ़ैसला डॉ मनमोहन सिंह के निधन के डेढ़ साल से अधिक समय बाद आया है. उनका निधन 26 दिसंबर 2024 को हुआ था.
सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से माफ़ी की मांग की है.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कोर्ट के फ़ैसले को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर साझा करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री देश से माफ़ी मांगें."
इस पर कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा, "अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन वास्तव में करप्शन अगेंस्ट इंडिया था."
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राहुल गांधी के भाषण के दौरान हंगामा, अमित शाह पर लगाया शूटिंग का आदेश देने का आरोप
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पेपर लीक से जुड़े 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर बहस के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में कुछ ऐसा कहा जिस पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने काफ़ी हंगामा किया.
राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा, "गृह मंत्री अमित शाह ने स्टूडेंट्स पर गोली चलाने का आदेश दिया था."
उन्होंने कहा, "गृह मंत्री के अंदर इतनी हिम्मत नहीें है कि वो सदन में आकर बैठें. मैंने देखा कि 30 कारों के काफ़िले में गृहमंत्री कांपते हुए बैठे हुए थे. गृह मंत्री आज यहां क्यों नहीं है? गृह मंत्री ने स्टूडेंट्स पर शूटिंग का आदेश दिया था."
इस पर सदन में भारी हंगामा हुआ और सत्तारूढ़ दलों के सांसदों ने उनसे माफ़ी मांगने को कहा.
इससे पहले भाषण शुरू करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "कुछ युवा लड़कियों से मेरी बात हुई. मैंने उनसे पूछा कि आप स्टूडेंट हैं इसका क्या मतलब है. उस लड़की ने बहुत ख़ूबसूरत जवाब दिया. उसने कहा, स्टूडेंट वो है जिसका दिल और दिमाग खुला है. स्टूडेंंट जानते हैं कि उन्हें और जानना है और ब्रह्मांड लगातार बदल रहा है. इसलिए वो मानते हैं कि ज्ञान भी लगातार बदलता रहता है."
"उसने कहा कि कुछ लोग ऐसे होते हैं जो स्टूडेंट नहीं होते, वे पूरी तरह मानते हैं कि उन्हें सब कुछ पता है और ज्ञान उनके अंदर से आता है. वो खुद को भगवान मानते हैं. वे अहंकारी हैं और किसी की नहीं सुनते. वे दूसरे के सच का सम्मान नहीं करते."
इसके बाद सदन में भारी हंगामा होने लगा और सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों ने इसे आपत्तिजनक कहा.
भारी हंगामे के बीच जब राहुल गांधी ने कहा कि अब वो भाषण नहीं देंगे और बैठ गए तो संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने आग्रह किया कि वो वह शब्द न इस्तेमाल करें और अपना भाषण जारी रखें.
इससे पहले, जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को लेकर राहुल गांधी ने कहा, “मैं बहुत उत्साहित था. देश के भविष्य ने हमारी सड़कों पर जो दिखाया, उससे मुझे भरोसा मिला. यह गुस्सा नहीं था, हिंसा नहीं थी, नफ़रत नहीं थी.“
“यह इस देश के युवाओं, इस देश की आने वाली पीढ़ी की गहरी अभिव्यक्ति थी. मेरा मानना है कि सभी राजनीतिक दलों को इस अभिव्यक्ति का सम्मान करना चाहिए, जिसमें बीजेपी में मेरे मित्र भी शामिल हैं.“
“मुझे पूरा भरोसा है कि अगर बीजेपी में मेरे मित्र अपने बच्चों से पूछें कि उन्होंने अपने भाइयों और बहनों को जो करते देखा, उसके बारे में उनकी क्या भावना है, तो उन्हें अपने ही बच्चों के बीच सहमति मिलेगी. जो हुआ उसमें कुछ भी ग़लत नहीं है और हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए.”
भोपाल में किसानों का विशाल आंदोलन, सीएम आवास की ओर कूच की तैयारी, शुरैह नियाज़ी, भोपाल से बीबीसी हिन्दी के लिए
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भोपाल में लगभग तीन हज़ार किसानों ने सड़क पर डेरा डाल दिया है और वे मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करने की तैयारी में हैं. न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मूंग की 100 प्रतिशत खरीद की मांग को लेकर मध्य प्रदेश के किसान मंगलवार को भोपाल की सीमा तक पहुंच गए थे.
संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले 19 किसान संगठनों के नेतृत्व में निकले किसानों ने राजधानी के दक्षिणी छोर पर पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी थी.
किसान अपने साथ अनाज की बोरियां, बिस्तर, खाना बनाने के बर्तन और एक सप्ताह का राशन भी लेकर आए हैं. उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
किसानों की प्रमुख मांग है कि केंद्र सरकार तुअर, उड़द और मसूर की तरह मूंग की भी 100 प्रतिशत खरीद एमएसपी पर सुनिश्चित करे. फ़िलहाल मूंग की खरीद मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत सीमित मात्रा में होती है, जिसके कारण बड़ी संख्या में किसानों को अपनी उपज खुले बाज़ार में एमएसपी से कम क़ीमत पर बेचनी पड़ती है. किसान खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग भी कर रहे हैं.
किसान नेता संतोष पटवारी ने कहा कि पिछले 20 दिनों से प्रदर्शन के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला है. उनका कहना है कि किसानों को मूंग का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, इसलिए वे मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत की मांग कर रहे हैं.
आंदोलन की शुरुआत नर्मदापुरम से हुई थी. वहां से किसान ओबेदुल्लागंज और रायसेन होते हुए भोपाल की ओर बढ़े. रास्ते में कई जगह पुलिस ने बैरिकेड लगाए और किसानों को रोकने की कोशिश की, जबकि प्रशासन ने उनसे भोपाल में प्रवेश करने के बजाय ज्ञापन सौंपने की अपील की.
किसान संगठनों का आरोप है कि रायसेन, विदिशा, हरदा, नर्मदापुरम और बुधनी सहित कई ज़िलों में समर्थकों को भोपाल पहुंचने से रोकने के लिए सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए हैं. प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि पुलिस की तैनाती केवल क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है.
मूंग खरीद को लेकर तेज़ होता यह आंदोलन मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार के सामने एक अहम राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें स्वीकार नहीं की जातीं, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा.
वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि उन्होंने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए एक समिति बनाई है, जो किसानों से संवाद करेगी और उनकी समस्याओं का समाधान तलाशेगी.