अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शूटर जसपाल राणा का 49 साल की उम्र में निधन हो गया है. मशहूर शूटर होने के साथ ही वो भारत की ओलंपिक मेडल विजेता मनु भाकर के कोच भी थे.
उनके निधन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "जसपाल राणा के आकस्मिक निधन से मैं स्तब्ध और शोकाकुल हूँ. एक उत्कृष्ट खिलाड़ी और कोच होने के साथ-साथ अत्यंत सहज, सरल और बहुत ही नेकदिल इंसान थे. भारत में शूटिंग को एक खेल के रूप में लोकप्रिय बनाने में उनकी बड़ी प्रभावी भूमिका थी.''
उन्होंने लिखा, ''जसपाल राणा ने वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप एवं एशियन गेम्स में भारत को गोल्ड मेडल दिला कर भारत का नाम पूरे विश्व में रोशन किया. उनके निधन से भारतीय खेल जगत को एक बड़ी क्षति हुई है.''
साल 1994 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय जूनियर प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर जसपाल राणा ने निशानेबाज़ी में अपना सिक्का जमाया था और तब से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
मैक्स अस्पताल ने क्या बताया
शूटर जसपाल राणा की मौत के बाद मैक्स अस्पताल (साकेत) ने बायान जारी उनकी मौत की वजह के बारे में बताया है.
बयान के मुताबिक, "जसपाल राणा को हार्ट अटैक आया था, जो तीन दिन पुराना हो चुका था. वो यात्रा कर रहे थे और अस्पताल पहुंचने तक उन्हें लगातार सीने में दर्द हो रहा था. उनकी हालत बहुत गंभीर थी. हार्ट अटैक के लिए ज़िम्मेदार आर्टरी पूरी तरह से बंद हो गई थी."
"जांच में पता चला कि उनके दिल की पंपिंग क्षमता बहुत कमज़ोर हो गई थी और उन्हें हार्ट फ़ेलियर की समस्या हो गई थी."
"हार्ट अटैक के बाद देर से अस्पताल पहुंचने वाले मरीज़ों में गंभीर जटिलताओं का ख़तरा होता है, जिसमें कार्डियक रप्चर (दिल की दीवार का फटना) भी शामिल है, जिससे अचानक मौत हो सकती है."
"बयान में बताया गया था कि राणा काफ़ी हद तक ठीक हो गए थे और आज उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिलने वाली थी. लेकिन दुर्भाग्य से, सोते समय उन्हें अचानक कार्डियक रप्चर हुआ, जिससे उनकी मौत हो गई."