आइए पढ़ें फ़ारसी में महाभारत!

ये उर्दू में लिखी महाभारत है जो कि साल 1865 से पहले की भी हो सकती है. इसका तर्जुमा फ़ारसी में है और इसमें असली सोने का प्रयोग किया गया है.
इमेज कैप्शन, ये उर्दू में लिखी महाभारत है जो कि साल 1865 से पहले की भी हो सकती है. इसका तर्जुमा फ़ारसी में है और इसमें असली सोने का प्रयोग किया गया है.
    • Author, विदित मेहरा
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, नई दिल्ली
  • प्रकाशित

दिल्ली के चांदनी चौक इलाक़े मौजूद हरदयाल म्युनिसिपल पब्लिक लायब्रेरी को 100 साल पुरे हो गए हैं.

दिल्ली नगर निगम की इस लायब्रेरी में बड़ी नायाब किताबें हैं, कुछ तो 17वीं सदी की.

दिल्ली का नक़्शा
इमेज कैप्शन, मौलवी बशिरूदीन की इस किताब में चांदनी चौक के हर गली कूचे का ज़िक्र है और ये किताब सिर्फ़ यहीं है. ये साल 1919 की है.

पुस्तकालय को 1970 से पहले लॉर्ड हार्डिंग लायब्रेरी कहते थे.

श्री भृगुसंहिता महाशास्त्रम
इमेज कैप्शन, ये ज्योतिष विद्या की किताब है और ये हाथ से लिखी हुई है.

यहां हिन्दी, अंग्रेज़ी, उर्दू, फ़ारसी और अरबी की 1,70,000 से ज़्यादा किताबें हैं.

सन 1634 में छपी 'अ रिलेशन ऑफ़ सम इयर्स' यहां की सबसे पुरानी किताब है.

प्रेम सागर
इमेज कैप्शन, ये लल्लू लाल ने लिखी है. इसमें कृष्ण के बारे में ज़िक्र किया गया है. ये साल 1881 में लिखी गई थी.

सामने ही है मशहूर चांदनी चौक, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन यहां से सिर्फ़ 10 मिनट की दूरी पर है.

लंदन और वेस्टमिन्सटर
इमेज कैप्शन, साल 1755 की ये किताब ब्रिटेन के लंदन और वेस्टमिन्सटर के नक्शे और जलमार्ग को दिखाती है. नाविक ब्रिटेन पहुंचने के दुनिया में कौन से जलमार्ग का इस्तेमाल करते थे उसका ज़िक्र किया हुआ है.
हिस्ट्री ऑफ़ द वर्ल्ड
इमेज कैप्शन, ये किताब वॉल्टर राले ने साल 1677 में लिखी थी और ये किताब दुनियाभर के नक़्शे के बारे में बताती है. ये इस लायब्रेरी की सबसे पुरानी किताब है.

किताबों को बचाकर रखने के लिए लायब्रेरी के अंदर ही कारीगर काम करते हैं.

वॉन्डरिंगस ऑफ़ अ पिलग्रिम
इमेज कैप्शन, ये किताब सन 1850 की है. किस तरह लोगों को बंदी बनाकर सज़ाय 'काला पानी' के लिए ले जाया जाता था, इस किताब में उसका ज़िक्र है.

लायब्रेरी में 150 साल पुराना लकड़ी का ज़ीना भी है जिसपर चढ़ते वक़्त आपको देवानंद का गाना 'दिल का भंवर करे पुकार' की याद आ जाएगी.

भगवत महापुराण
इमेज कैप्शन, बाज़ार में यूं तो भगवत महापुराण के कई संस्करण उपलब्ध हैं पर ये महापुराण हाथ से लिखी हुई है. ये साल 1800 में कलम और दवात से लिखी गई है.

रोज़ाना लायब्रेरी में 30 अख़बार आते हैं और महीने में 55 मैगज़ीन आती हैं जिसमें लोग 'सरिता', 'मेरी सहेली', 'मेरी लक्ष्मी' जैसी मैगज़ीन भी पढ़ते हैं.

क़ुरान मजीद
इमेज कैप्शन, ये क़ुरान शरीफ़ का हिंदी में तर्जुमा है और असिसटेंट लायब्रेरियन ने बताया कि ये हिंदी में किया गया पहला तर्जुमा है. ये साल 1928 में लिखी गई थी.

कई बड़ी बड़ी अलमारीयों में हिंदी, उर्दू और अंग्रेज़ी की किताबों को संभाल कर रखा गया है.

हरदयाल म्युनिसिपल पब्लिक लायब्रेरी
इमेज कैप्शन, ये है लायब्रेरी का स्टाफ़ जो किताबों के इस नायाब खज़ाने की देखरेख करता है.

इस लायब्रेरी की छत से आप पुरानी दिल्ली के कमाल के नज़ारे का लुत्फ़ उठा सकते हैं.

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