भ्रष्टाचार में नप गए महाराष्ट्र के मंत्री

    • Author, अश्विन अघोर
    • पदनाम, महाराष्ट्र से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
  • प्रकाशित

'न खाऊंगा न खाने दूंगा' का नारा देते हुए केंद्र और राज्य में सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ा झटका महाराष्ट्र में लगा है.

राज्य के राजस्व मंत्री और पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे को भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों के चलते इस्तीफ़ा देना पड़ा है.

पिछले पखवाड़े से संगीन आरोप झेल रहे महाराष्ट्र भाजपा के इस कद्दावर नेता खडसे ने शनिवार सुबह अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया.

खडसे ने कहते हैं कि "मेरा 40 साल के राजनीतिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए हैं, नैतिकता की वजह से मैंने इस्तीफ़ा दिया. मैंने चुनौती दी थी कि सुबूत दीजिए. आरोप लगाने वालों ने अभी तक कोई सबूत नहीं दिए हैं. मैंने सारे काम कानून के मुताबिक़ किए हैं."

ये सिलसिला तब शुरू हुआ जब उनके कथित सहायक को उनके ही दफ़्तर में 30 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

इस घटना के दाग़ धोने की पुरज़ोक कोशिश कर रहे खडसे को एक बड़ा झटका लगा जब आम आदमी पार्टी ने उन पर अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम से संपर्क में होने का आरोप लगाया.

पूरे विवाद में ये ध्यान देने वाली बात थी कि भाजपा के सभी वरिष्ठ नेता इससे दूर ही रहे. कोई भी खडसे की मदद के लिए आगे नहीं आया.

यहाँ तक के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन आरोपों की जांच के आदेश दे दिए. उधर खडसे अपनेआप को बेगुनाह साबित करने की जी तोड़ कोशिश कर रहे थे.

तभी उन पर पुणे के पास महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन की ज़मीन अवैध तरीके से ख़रीदने का आरोप लगाया गया.

महाराष्ट्र में उद्योग मंत्रालय शिव सेना के पास है और इस आरोप का पूरा फायदा उठाते हुए शिव सेना के सारे नेता भाजपा पर टूट पड़े.

उन्होंने खडसे के इस्तीफ़े की मांग की .

कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी खडसे पर हल्ला बोलते हुए इस्तीफ़े की मांग की.

हालांकि खडसे लगातार अपनी बेगुनाही की गुहार लगाते रहे, लेकिन इसका पार्टी के आला नेतृत्व पर कोई असर नहीं हुआ.

उनके ख़िलाफ़ लगे आरोपों की गंभीरता देखते हुए पार्टी आला कमान ने राज्य के मुख्यमंत्री फडणवीस को दिल्ली तलब कर मामले की रिपोर्ट मांगी.

इसके बाद खडसे का जाना लगभग तय हो गया था. लेकिन गुरुवार रात से वह अपने जलगांव स्थित फार्महाउस से अज्ञात स्थल के लिए रवाना हो गए.

कहा जा रहा था के इस्तीफ़े की मानहानि से बचने की अंतिम कोशिश के तौर पर नागपुर में संघ के आला नेताओं से वह मिलने गए थे.

लेकिन इस बात की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है.

उधर बीजेपी के पार्टी अध्यक्ष रावसाहेब दानवे ने कहा कि खडसे ने नैतिक आधार पर इस्तीफ़ा दिया है, उनके ख़िलाफ़ लगे आरोप बेबुनियाद हैं और पार्टी उनके साथ मज़बूती से खड़ी है.

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