झारखंड में एनआरआई की हत्या

    • Author, रवि प्रकाश
    • पदनाम, रांची से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
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भारतीय मूल के जर्मन नागरिक डॉक्टर बिनय सिंह की बुधवार रात अपराधियों ने बोकारो में हत्या कर दी.

पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया है. इनमें एक महिला भी शामिल है और उनसे पूछताछ की जा रही है.

डॉक्टर सिंह की पत्नी और दो बच्चे म्यूनिख में रहते हैं. उन्हें जर्मन दूतावास के माध्यम से इस घटना की सूचना दी गई है.

बोकारो की एसपी अन्नेपु विजयलक्षमी ने बताया कि उनके परिजन म्यूनिख से रवाना हो चुके हैं.

मृतक एनआरआई के भाई विपिन कुमार सिंह उनका शव लेकर रांची आ गए हैं, उनकी उम्र 70 साल की थी.

13 जून को डॉक्टर बिनय का अंतिम संस्कार किया जाएगा. डॉक्टर सिंह आशा विहार नामक एक गैर सरकारी संस्था से जुड़े हुए थे.

वह इस संस्था द्वारा संचालित जोहार अस्पताल आशा विहार के प्रोजेक्ट मैनेजर थे. इस अस्पताल की स्थापना जर्मन महिला क्लाउडिया जेसेल ने 1995 में की थी. इलाके के लोग क्लाउडिया को कल्याणी दीदी पुकारते हैं.

डंडे से पीटकर हत्या

पुलिस एसपी विजयलक्ष्मी ने बीबीसी को बताया ,'' बुधवार को डॉ बिनय सिंह तीन और लोगों के साथ रांची गए थे. बोकारो लौटने के बाद सिंह जैनामोड़ पर कार से उतर गए. वहां से बाइक से जोहार अस्पताल जाने के क्रम में छह नकाबपोश अपराधियों ने उनपर लाठी डंडों से हमला कर दिया. इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गयी.''

एसपी विजयलक्ष्मी का कहना है कि हत्या अस्पताल संचालन समिति के पुनर्गठन को लेकर की गई है और हत्या के अभियुक्त पहले अस्पताल संचालन समिति में महत्वपूर्ण पदों पर थे.

विजयलक्ष्मी के मुताबिक डॉक्टर सिंह ने कथित अनियमितता पकड़ने के बाद उन्हें इस काम से अलग कर दिया था.

जर्मन महिला से शादी

डॉ बिनय सिंह बिहार के छपरा के लोहाटोला निवासी शत्रुघ्न सिंह के बेटे थे. वर्ष 1996 में वह जर्मनी चले गए.

उन्होंने जर्मन महिला से शादी कर ली थी इसके बाद वहां की नागरिकता लेकर वह म्यूनिख़ में रहने लगे थे. वर्ष 2004 में वह रांची लौटे और 2010 में आशा विहार से जुड़ गए. वे गैर सरकारी संस्था द्वारा संचालित अस्पताल में निशुल्क सेवाएं दे रहे थे.

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