बेतहाशा ताक़त एक मुसीबत है: राहुल गांधी

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चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अब प्रमुख मसलों पर मुखर दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने सत्ता के विभिन्न स्तरों पर बेलगाम ताक़त को बड़ी चुनौती क़रार दिया है.

देश के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा, "सिस्टम के सभी स्तरों पर लोगों के पास बेलगाम ताक़त हो गई है और यही सबसे बड़ी समस्या है. भारत में हम इसका सामना कर रहे हैं.''

उद्योगों से जुड़े प्रस्तावों को मंज़ूरी दिए जाने के मसले पर उठे सवालों पर राहुल का कहना था, ''पर्यावरण मंत्री या मुख्यमंत्री अपनी मर्ज़ी के मुताबिक़ कोई भी फैसला ले सकते हैं."

यूपीए-दो में उद्योगों को विभिन्न विभागों में मंज़ूरी दिए जाने को लेकर कई शिकायतें रही हैं.

अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उनका कहना था कि यूपीए सरकार के आरटीआई कानून के कारण ही कई बड़े अपराधी आज जेल में हैं. उन्होंने कहा, "हमने यह सुनिश्चित किया है कि दोषी अपराधी संसद से दूर रहें."

राहुल उद्योग जगत के संगठन फ़िक्की के कार्यक्रम में बोल रहे थे. राहुल गांधी ने कहा कि देश की सबसे बड़ी समस्या भ्रष्टाचार है और भ्रष्टाचार से लड़ाई के लिए यूपीए सरकार गंभीर है और यही वजह है कि उनसे लोकसभा में लोकपाल विधेयक पारित कराया है.

उनका कहना था कि यूपीए सरकार की आलोचना की जाती है और अख़बारों में सरकार के अच्छे कामों की चर्चा नहीं होती. उन्होंने कहा, "लेकिन भ्रष्टाचार से मुक़ाबले के लिए किसी भी अन्य सरकार की तुलना में इस सरकार ने सबसे ज़्यादा काम किया है."

विकास की ज़रूरत

भारतीय संसद

राहुल ने कहा कि इस दिशा में भ्रष्टाचार निरोधक कानून और शिकायत निवारण विधेयक में संशोधन महत्वपूर्ण कदम हैं.

दाग़ी सांसदों की सदस्यता रद्द होने से बचाने और उन्हें दोबारा चुनाव लड़ने का मौका देने की कोशिश पर <link type="page"><caption> राहुल गांधी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/10/131030_rahul_gandhi_hamirpur_rns.shtml" platform="highweb"/></link> ने अपनी ही सरकार की खुलकर मुख़ालफ़त की थी.

राहुल ने कहा, "मेरे दिमाग़ में इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं कि विकास के बिना गरीबी से लड़ाई नहीं की जा सकती."

उन्होंने कहा कि सभी को रोज़गार मुहैया कराना सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है. इसके लिए मध्य वर्ग और दस्तकारों को वैश्विक बाजारों से जोड़ना होगा.

फ़ैसले लेने में देरी को लेकर <link type="page"><caption> यूपीए सरकार</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/12/131220_lalu_yadav_bihar_upa_rjd_nn.shtml" platform="highweb"/></link> की आलोचना होती रही है. इस मसले पर कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि निर्णय लेने की धीमी प्रक्रिया के चलते कारोबार के क्षेत्र में पीछे की ओर लौटना भारत को मंज़ूर नहीं है.

उन्होंने कहा कि अगले दस साल में हमें दस करोड़ नौकरियां तैयार करनी होंगी. हमारा लक्ष्य है कि जब भारत आज़ादी के 100 साल पूरे होने का जश्न मना रहा होगा, उस समय भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो.

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