ज़िंदगी के मज़े लेते थे पंचम- गुलज़ार

आर डी बर्मन
इमेज कैप्शन, 27 जून को आरडी बर्मन उर्फ़ पंचम दा का 72वां जन्मदिन है.
    • Author, स्वाति बक्शी
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • प्रकाशित

फिल्म इजाज़त, और गाना 'कतरा कतरा' गाने के बोल शायद संगीतकार आरडी बर्मन यानी राहुलदेव बर्मन की ज़िंदगी का दर्पण हैं.

एक जगह और एक ही जैसा काम करना उनकी फितरत नहीं थी. नए प्रयोग करना, नए तरह की संगीत यंत्रों से धुनें बनना और नई तरह की आवाज़ों को गानों में इस्तेमाल करना यही तो खूबी थी आरडी बर्मन की जिन्हें लोग प्यार से पंचम दा भी कहते हैं.

क़रीबी मित्र और उनके साथ कई फिल्मों में काम कर चुके शायर गुलज़ार, बीबीसी से ख़ास मुलाकात में पंचम दा को उनके 72वें जन्मदिन पर याद करते हुए कहते हैं, "पंचम के संगीत में नवीनतम प्रयोग होते थे इसलिए आज भी उनका संगीत पुराना नहीं लगता."

गुलज़ार
इमेज कैप्शन, गुलज़ार के मुताबिक आरडी बर्मन ज़िंदगी को पूरे मज़े लेकर जीते थे.

गुलज़ार के मुताबिक़, "पंचम के पास शास्त्रीय संगीत से लेकर वेस्टर्न संगीत का एक बड़ा संग्रह था." पंचम दा उर्फ़ आरडी बर्मन को याद करते हुए गुलज़ार कहते हैं "जब भी पंचम कोई नया यंत्र खरीदते थे तो मुझे बुलाकर उस वाद्य यंत्र की खासियत से वाक़िफ करवाते थे." किसी इंसान की शख़्सियत के कई पहलू होते हैं. और अगर वो शख़्सियत पंचम जैसी हो तो फिर क्या कहने.

गुलज़ार कहते हैं कि आरडी बर्मन को फुटबाल का भी बहुत शौक था. उन्होंने बताया कि पंचम बेहद मजाकिया थे और बहुत अच्छा खाना भी बनाते थे.

गुलज़ार कहते हैं कि अक्सर पंचम और उनकी पत्नी गायिका आशा भोंसले में ये प्रतियोगिता होती थी की कौन ज़्यादा अच्छा खाना बनाता है.