यूरोप में क्यों बढ़ रहे हैं अमेरिकी सैन्य अड्डे, क्या है उनकी भूमिका

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- Author, अतेफ अब्दुल हामिद
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़ अरबी
- पढ़ने का समय: 6 मिनट
अमेरिका की यूरोप में बड़ी सैन्य मौजूदगी है और कई शोध संस्थानों के मुताबिक वहाँ दर्जनों अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं. इन अड्डो में 80 हज़ार से ज़्यादा सैनिक तैनात हैं.
अमेरिका सेना की मौैजूदगी दूसरे विश्व युद्ध के बाद से यूरोप की सुरक्षा की रीढ़ रही है. ये मौजूदगी मुख्य रूप से जर्मनी, इटली, ब्रिटेन और पोलैंड में केंद्रित है.
काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के अनुसार 2025 की शुरुआत तक यूरोप में अमेरिकी सैनिकों की संख्या करीब 84 हज़ार थी. यह समय-समय पर तैनाती और प्रशिक्षण के हिसाब से घटती-बढ़ती रहती है.
अमेरिकी रिसर्च सेंटर के मुताबिक यूक्रेन युद्ध के दौरान पूर्वी यूरोप में अतिरिक्त सैनिक भेजे जाने से यह संख्या बढ़कर 75 हजार से 1 लाख 5 हज़ार के बीच तक पहुंच गई.
यूरोप में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति का सबसे बड़ा केंद्र जर्मनी है. यहां रामस्टीन वायु अड्डा है जो अमेरिका के बाहर उसका सबसे बड़ा हवाई अड्डा है.
यूरोप में अमेरिकी सैन्य कमान का मुख्यालय स्टटगार्ट में और यूरोप-अफ्रीका के लिए अमेरिकी सेना का मुख्यालय विस्बाडेन में है.
ग्राफेनवोहर और होहेनफेल्स जैसे शहरों में बड़े प्रशिक्षण केंद्र भी हैं. जर्मनी में करीब 38 हज़ार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं. इसके अलावा हज़ारों नागरिक कर्मचारी और उनके परिवार भी वहां रहते हैं.
सैन्य अड्डों और सैनिकों की संख्या के मामले में इटली दूसरे स्थान पर है.
यहाँ पांच अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं. इनमें एवियानो वायुसेना अड्डा सबसे अहम है. यह अड्डा अमेरिका और इटली दोनों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है. यहां करीब साढ़े आठ हज़ार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं.
एवियानो वायु सेना अड्डा उत्तरी इटली में वेनिस से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित है. माईबिज़गाइड वेबसाइट के अनुसार यह नेटो के सबसे अहम सैन्य ठिकानों में से एक है.
इटली में अमेरिकी सेना के कई और अड्डे भी हैं. इनमें कैंप डार्बी, विसेंज़ा में कैंप एडेरले, सिसिली में सिगोनेला नौसैनिक अड्डा और नेपल्स में नौसेना कमान शामिल हैं. इस तरह इटली अमेरिका के लिए भूमध्य सागर क्षेत्र में एक बेहद महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र बना हुआ है.
ऐतिहासिक रणनीतिक सहयोगी

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अमेरिका के लिए ब्रिटेन का रणनीतिक महत्व बहुत ज्यादा है. इसीलिए ब्रिटिश जमीन पर कई अमेरिकी सैन्य अड्डे बने हुए हैं.
एक पुराने और भरोसेमंद साझेदार के तौर पर ब्रिटेन कई अमेरिकी अड्डों की मेज़बानी करता है. इनमें आरएएफ लेकनेथ शामिल है. यहां अमेरिकी एफ-35 लड़ाकू विमान तैनात रहते हैं.
आरएएफ मिल्डेनहॉल का इस्तेमाल हवाई अभियानों और रसद यानी सैन्य सामान की आपूर्ति के लिए किया जाता है.
आरएएफ फेयरफ़र्ड नाम के अड्डे पर बड़े बम वर्षक विमान उतारे जाते हैं और आमतौर पर इसका इस्तेमाल नेटो के परमाणु अभियानों के लिए होता है.
पोलैंड में भी कई अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं. इनमें रेडज़िकोवो अड्डा सबसे अहम है. इसे नवंबर 2024 में पहले स्थायी अड्डे के रूप में आधिकारिक तौर पर खोला गया.
यह ब्रिटेन के उत्तर में स्थित है और नेटो की मिसाइल रक्षा प्रणाली का हिस्सा है. कैंप कोशियुशको अमेरिकी सेना के पांचवें कोर का अड्डा है. इसके अलावा बोवेड्ज़ बेस सैन्य उपकरणों के भंडारण और रसद के लिए इस्तेमाल होता है.
लास्क एयर बेस पर अमेरिकी वायु सेना की टुकड़ियां और एफ-16 विमान तैनात हैं. इसके अलावा स्कोवेरज़ीना और बोलेस्लावीएक में भी फॉरवर्ड ऑपरेटिंग साइट्स मौजूद हैं.
पोलैंड के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद से पोलैंड में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी की अहमियत और भी बढ़ गई है.
यूरोप में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की तस्वीर को पूरा करने वाला एक और बेहद जरूरी अड्डा तुर्की में भी है. इसका नाम है- इंसिरलिक वायु सेना अड्डा.
इसे मध्य पूर्व और भूमध्य सागर के इलाके में अमेरिका के लिए सबसे रणनीतिक अड्डों में से एक माना जाता है. यहां अमेरिकी वायु सेना और सैन्य अभियानों में सहायता देने वाले दल हमेशा तैनात रहते हैं.
यूरोप में अमेरिकी सैन्य अड्डों की क्या भूमिका है?

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यूरोप में तैनात अमेरिकी सैनिक कई तरह के काम करते हैं. इसमें सीमाओं की रक्षा से लेकर सैन्य सामान की आपूर्ति और सहयोगी देशों की सेनाओं को प्रशिक्षण देने तक का काम शामिल है.
जर्मनी के ब्यूशेल एयर बेस में अमेरिकी सैनिक वहां रखे गए 10 से 20 बी-61 परमाणु बमों की देखरेख करते हैं. यह जानकारी काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस थिंक टैंक की वेबसाइट पर दी गई है.
अमेरिकी नेशनल गार्ड और पूर्वी यूरोपीय देशों के बीच साझेदारी कार्यक्रम के तहत पेंसिल्वेनिया नेशनल गार्ड के सैनिक लिथुआनियाई सेना के साथ मिलकर संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं.
इसके अलावा अमेरिकी 10वीं स्पेशल फोर्सेज के सैनिक मुख्य रूप से जर्मनी में यूक्रेनी सेना को विशेष अभियानों की ट्रेनिंग भी दे रहे हैं.
2022 से अब तक अमेरिका ने यूक्रेन को किसी भी दूसरे देश से ज्यादा सैन्य मदद दी है. इसमें बड़ी मात्रा में हथियार और सैन्य उपकरण शामिल हैं.
अमेरिकी शोध संस्था ने पुष्टि की है कि यूरोप में अमेरिकी मौजूदगी यूक्रेनी सैनिकों को नए हथियारों की ट्रेनिंग देने के साथ-साथ हथियारों और गोला-बारूद को यूक्रेन तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभा रही है.
यूरोप में तैनात अमेरिका सेना

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यूरोप में अमेरिकी सेना चार तरह से तैनात रहती है.
- स्थायी रूप से तैनात सैनिक यूरोपीय अड्डों पर हमेशा मौजूद रहती हैं. ये रक्षा अभियानों की जिम्मेदारी संभालते हैं.
- रोटेशन के आधार पर सैनिकों की तैनाती होती है लेकिन नेटो की तैयारी बनाए रखने के लिए ये लंबे समय तक यूरोप में मौजूद रहते हैं.
- नेशनल गार्ड साझेदारी कार्यक्रम: इसके तहत अमेरिकी नेशनल गार्ड की टुकड़ियां यूरोपीय देशों की सेनाओं के साथ मिलकर ट्रेनिंग करती हैं.
- कुछ अस्थायी टुकड़ियां भी तैनात रहती हैं. ये टुकड़ियां संयुक्त युद्धाभ्यास के लिए थोड़े समय के लिए भेजी जाती हैं.
अब सवाल यह है कि यूरोप में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी का महत्व क्या है?
दुनिया भर में अमेरिका के सैन्य अड्डे रक्षा, कूटनीति और मानवीय अभियानों के बड़े केंद्र हैं.
यूरोप में खासतौर पर दूसरे विश्व युद्ध के बाद से अमेरिका की लगातार सैन्य मौजूदगी बनी हुई है.
यूरोप में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी कई अहम मकसद पूरे करती है. यह खासतौर पर पूर्वी मोर्चे से आने वाले किसी भी खतरे के खिलाफ रोकथाम और अगली पंक्ति की रक्षा का काम करती है.
अमेरिकी सेना संयुक्त प्रशिक्षण और एकीकृत अभियानों के जरिए नेटो गठबंधन की ताकत को बढ़ाती है.
माईबिज़गाइड के अनुसार दूसरे विश्व युद्ध के बाद यूरोप में स्थिरता बनाए रखने के लिए शुरू हुई यह सैन्य तैनाती आज यूरोप की सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था का एक अहम हिस्सा बन चुकी है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.


































