विधानसभा चुनाव 2026: ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट पर क्या हाल

पढ़ने का समय: 7 मिनट

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव के नतीजे आज घोषित हो रहे हैं.

जिन सीटों पर लोगों की सबसे ज़्यादा नज़रें हैं उनमें पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट भी है.

चुनाव आयोग के आंकड़ों के हिसाब से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस सीट पर अपने निकटम प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी के शुभेंदु अधिकारी से क़रीब डेढ़ हज़ार वोटों से पीछे चल रही हैं.

असम, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान हुआ था. वहीं तमिलनाडु में भी एक चरण में ही चुनाव हुआ, लेकिन यहां मतदान 23 अप्रैल को हुआ था.

वहीं पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटों पर दो चरण में मतदान हुआ. पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हुई थी. राज्य की बाकी बची 142 विधानसभा सीटों पर दूसरे चरण में 29 अप्रैल को वोट डाले गए.

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की अगुवाई में टीएमसी लगातार चौथी सत्ता में आने की कोशिश कर रही है. वहीं बीजेपी की कोशिश राज्य में पहली बार सरकार बनाने की है. असम में बीते दो विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जीत मिली है. वहीं तमिलनाडु में एम. के स्टालिन की अगुवाई में डीएमके की सरकार है.

बात केरल की करें तो वहां पिनाराई विजयन की अगुवाई में बीते दो चुनाव से लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) को जीत मिली है.

पुडुचेरी में एन रंगास्वामी एआईएनआरसी और बीजेपी के गठबंधन की अगुवाई कर रहे हैं.

नीचे सिलसिलेवार ढंग से उन अहम चेहरों और विधानसभा सीटों के बारे में जानकारी मिलेगी, जिन पर चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के नतीजों के घोषणा के दौरान सभी की नज़रें रह सकती हैं.

पश्चिम बंगाल

भवानीपुर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली विधानसभा सीटों में से एक है. इस सीट को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता है.

लेकिन इस बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भवानीपुर में ममता बनर्जी को कड़ी चुनौती देने के लिए राज्य में विपक्ष के सबसे बड़े चेहरे शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा है.

पिछले विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी को टक्कर देने के लिए ममता बनर्जी नंदीग्राम से भी चुनाव लड़ी थीं. हालांकि तब शुभेंदु ने करीब दो हजार वोट के अंतर से ममता बनर्जी को हरा दिया था.

लेकिन इस बार शुभेंदु ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ भवानीपुर में चुनौती दे रहे हैं.

वहीं नोआपारा विधानसभा सीट से बीजेपी के अर्जुन सिंह चुनाव लड़ रहे हैं. टीएमसी ने इस सीट पर अपने युवा चेहरे त्रिनांकुर भट्टाचार्य को उतारा है. यह सीट बराकपुर औद्योगिक क्षेत्र में अहम है. इस क्षेत्र में टीएमसी और बीजेपी दोनों की नजर अपना प्रभाव बढ़ाने की है.

टॉलीगंज को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता का पॉश इलाका माना जाता है. इस सीट पर टीएमसी के अरूप बिस्वास चुनाव लड़ रहे हैं.

राज्य के बीजेपी के प्रमुख चेहरों में से एक स्वप्न दासगुप्ता राशबेहारी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. पिछले चुनाव में टीएमसी के देबाशीष कुमार ने इस सीट पर करीब 21 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी.

भवानीपुर के अलावा शुभेंदु अपने गढ़ नंदीग्राम से भी चुनाव लड़ रहे हैं. खड़गपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी के दिलीप घोष चुनावी मैदान में हैं.

पश्चिम बंगाल की सिलीगुड़ी विधानसभा सीट की पहचान लंबे समय तक लेफ्ट के गढ़ के रूप में रही है. लेकिन 2016 के बाद से ही बीजेपी इस सीट पर काफी मजबूत पकड़ बना चुकी है.

बहरामपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं.

असम

असम विधानसभा चुनाव में सीधी टक्कर बीते 10 साल से राज्य की सत्ता में काबिज बीजेपी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच मानी जा रही है. हालांकि दोनों ही दल अलग-अलग दलों के साथ गठबंधन करके मैदान में उतरे हैं.

असम की जलुकबारी विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा चुनाव लड़ रहे हैं. इस सीट पर हिमंत बिस्वा सरमा ने बीते पांच चुनाव से जीत दर्ज की है. इनमें से तीन बार वो कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते हैं और दो बार बीजेपी के टिकट पर. कांग्रेस ने इस बार उन्हें टक्कर देने के लिए बिदिशा नियोग को टिकट दिया है.

2026 के असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की अगुवाई गौरव गोगोई कर रहे हैं. जोरहाट से लोकसभा सांसद गौरव गोगोई इसी सीट से विधानसभा चुनाव भी लड़ रहे हैं. इस सीट से बीजेपी के मौजूदा विधायक हितेन्द्र नाथ गोस्वामी भी चुनाव लड़ रहे हैं. 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने करीब 68 हजार वोट के अंतर से जीत हासिल की थी.

असम के नेता विपक्ष देबब्रत सैकिया नाजिरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. उन्होंने पिछले चुनाव में बीजेपी के मयूर बोरगोहेन को 683 वोट के बेहद नजदीकी अंतर से हराया था.

असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य में कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे रिपुन बोरा बीजेपी में शामिल हो गए थे. अब वह बरछला विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.

गोलाघाट विधानसभा सीट से बीजेपी के अजंता नियोग चुनाव लड़ रहे हैं. पिछले चुनाव में बीजेपी ने ये सीट करीब 80 हजार वोट के अंतर से जीती थी.

शिवसागर विधानसभा चुनाव सीट पर भी सबकी नजरें रहने वाली हैं. रायजोर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. उनकी पार्टी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है.

तमिलनाडु

तमिलनाडु की राजनीति में दो मुख्य दलों डीएमके और एआईएडीएमके के अलावा अभिनेता विजय की टीवीके भी मैदान में उतरी है.

कोलाथुर राज्य की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में से एक है. यहां से मुख्यमंत्री एमके स्टालिन चुनाव लड़ रहे हैं. स्टालिन ने इस सीट पर 2011, 2016 और 2021 में जीत दर्ज की है.

राजनीति में अभिनेता विजय की एंट्री ने तमिलनाडु की जिन दो विधानसभा सीटों को चर्चा में ला दिया है वो हैं पेरम्बूर और तिरुचि. विजय इन दोनों सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं.

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम चुनाव से ठीक पहले डीएमके में शामिल हुए हैं. वह बोडिनायकनूर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. पिछले चुनाव में उन्होंने इस सीट पर करीब एक लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी.

एआईएडीएमके प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के पलानीस्वामी एडप्पाडी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.

वहीं चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी विधानसभा सीट से राज्य के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन चुनाव लड़ रहे हैं. एआईएडीएमके ने इस सीट पर आदिराजाराम और टीवीके ने सेल्वम डी को उम्मीदवार बनाया है.

केरल और पुडुचेरी

केरल विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्ता में काबिज लेफ़्ट डेमोक्रेटिक फ़्रंट (एलडीएफ) गठबंधन और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ़्रंट (यूडीएफ) गठबंधन के बीच है.

एलडीएफ की अगुवाई कर रहे पिनाराई विजयन कन्नूर जिले के धर्मदम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. विजयन ने इस सीट पर 2021 और 2016 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की है.

वहीं यूडीएफ की अगुवाई नेता विपक्ष वी.डी. सतीशान एर्नाकुलम जिले की परावूर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.

केरल की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा राज्य के लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं. कोविड-19 महामारी के दौरान वो काफी चर्चा में रहीं थीं. वह कन्नूर जिले की मट्टन्नूर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं.

राज्य में पकड़ बनाने की कोशिश कर रही बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन एक बार फिर कासरगोड जिले के मंजेश्वरम से चुनाव लड़ रहे हैं.

चार राज्यों के अलावा केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के नतीजे भी आज ही घोषित हो रहे हैं. थट्टनचावडी पुडुचेरी की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में से एक है. इस सीट से मुख्यमंत्री एन रंगासामी चुनाव लड़ रहे हैं. उन्हें कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री वी वैथिलिंगम चुनौती दे रहे हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.