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त्विषा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह को सीबीआई ने किया गिरफ़्तार
भोपाल में त्विषा शर्मा की मौत मामले में सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को गिरफ़्तार कर लिया गया.
सीबीआई की मुख्य सूचना अधिकारी बीना यादव ने पत्रकारों को बताया कि भोपाल स्थित घर में छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ और जांच के बाद सीबीआई ने गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया.
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम ज़मानत बुधवार 27 मई को रद्द कर दी थी.
अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि मामले की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच की स्थिति को देखते हुए उन्हें राहत देना उचित नहीं था.
अदालत ने कहा कि मामले की परिस्थितियों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, व्हाट्सऐप चैट्स और गवाहों के बयानों को देखते हुए निचली अदालत द्वारा दिया गया आदेश टिक नहीं सकता.
जस्टिस देवनारायण मिश्रा की एकल पीठ ने बुधवार को दिए आदेश में कहा कि ट्रायल कोर्ट ने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों और केस डायरी में मौजूद सामग्री पर पर्याप्त विचार नहीं किया.
(आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुजर रहे हैं तो भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)
कोर्ट ने क्या कहा
हाई कोर्ट ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी के अलावा शरीर पर कई एंटी मॉर्टम चोटों का भी उल्लेख है."
मध्यप्रदेश सरकार ने कोर्ट में तर्क दिया कि शरीर पर लगी यह चोटें शव नीचे उतारने या अस्पताल ले जाने के दौरान नहीं लगी हैं.
हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद "गवाहों के बयान और व्हाट्सऐप चैट्स समेत अन्य सामग्री का ट्रायल कोर्ट ने पर्याप्त रूप से परीक्षण नहीं किया."
हाई कोर्ट ने नोट किया कि मृतका के परिवार ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर गर्भपात का दबाव बनाने और मृतका के चरित्र पर सवाल उठाने के आरोप लगाए हैं.
कोर्ट के अनुसार, "जांच एजेंसियों के मुताबिक़ गिरिबाला सिंह को कई नोटिस भेजे गए थे लेकिन उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया. ज़मानत मिलने के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस और मीडिया इंटरव्यू दिए, जिनमें मृतका के ख़िलाफ़ आरोप लगाए गए."
इन्हीं आधारों पर अदालत ने 15 मई को भोपाल की निचली अदालत द्वारा गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम ज़मानत को रद्द कर दिया.
33 वर्षीय त्विषा शर्मा का शव 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित घर में मिला था. उनकी शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी.
सीबीआई ने भी दर्ज की एफ़आईआर
त्विषा के परिवार ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और गर्भपात के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं.
परिवार का दावा है कि शादी के कुछ समय बाद से ही त्विषा परेशान रहने लगी थीं और वापस नोएडा लौटना चाहती थीं.
मामले में पुलिस ने पहले दहेज प्रताड़ना से जुड़ी धाराओं में एफ़आईआर दर्ज की थी.
बाद में राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फ़ैसला किया. सीबीआई ने भी इस मामले में अपनी एफ़आईआर दर्ज की है.
इस बीच त्विषा के पति समर्थ सिंह को हाल ही में हिरासत में लिया गया था और उन्हें शनिवार 23 मई को सात दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है.
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने त्विषा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने का भी आदेश दिया था. इसके बाद एम्स दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भोपाल पहुंची और दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया.
मृत्यु के 12 दिन बाद 24 मई को दूसरे पोस्टमॉर्टम के बाद त्विषा का अंतिम संस्कार किया गया.
त्विषा की मौत के बाद यह मामला लगातार चर्चा में रहा है. एक ओर परिवार हत्या और सबूत मिटाने के आरोप लगा रहा है, वहीं गिरिबाला सिंह ने सार्वजनिक रूप से इन आरोपों से इनकार किया है.
गिरिबाला ने दावा किया था कि त्विषा मानसिक और चिकित्सकीय समस्याओं से गुजर रही थीं.
क्या है पूरा मामला
त्विषा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं. परिवार के मुताबिक़, उनकी मुलाक़ात भोपाल के वकील समर्थ सिंह से 2024 में एक डेटिंग ऐप के ज़रिए हुई थी. दोनों की दिसंबर 2025 में शादी हुई थी.
एफ़आईआर के मुताबिक़, शादी के बाद से ही त्विषा और उनके ससुराल पक्ष के बीच तनाव शुरू हो गया था.
त्विषा के परिवार का आरोप है कि शादी में दहेज देने के बावजूद उन्हें लगातार ताने दिए जाते थे कि शादी उनके "स्टैंडर्ड" के हिसाब से नहीं हुई.
एफ़आईआर में परिवार ने आरोप लगाया कि शादी के बाद त्विषा को ख़र्च के लिए पैसे नहीं दिए जाते थे और उनके माता-पिता ऑनलाइन पैसे भेजते थे.
इसी एफ़आईआर के अनुसार, अप्रैल 2026 में त्विषा गर्भवती थीं. परिवार का आरोप है कि पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह उनके चरित्र पर सवाल उठाते थे.
परिवार का कहना है कि मई के पहले सप्ताह में कथित दबाव के बाद त्विषा का गर्भपात कराया गया.
परिवार के मुताबिक़,12 मई की रात क़रीब 9:41 बजे त्विषा ने अपने पिता को व्हाट्सऐप कॉल किया.
उनके पिता नवनिधि शर्मा का कहना है कि उनकी पत्नी त्विषा से बात कर रही थीं तभी पीछे से समर्थ सिंह की आवाज़ आई और अचानक फ़ोन कट गया.
परिवार का कहना है कि इसके बाद उन्होंने करीब 20 मिनट तक लगातार फ़ोन किए लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया.
बाद में गिरिबाला सिंह ने फ़ोन उठाया और कहा, "शी इज़ नो मोर."
पुलिस के अनुसार, त्विषा को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना बताया गया. रिपोर्ट में शरीर पर अन्य हिस्सों में कई चोटों का भी ज़िक्र था.
मामले में भोपाल पुलिस ने छह सदस्यीय एसआईटी भी बनाई. बाद में यह मामला सीबीआई को सौंपा गया.
त्विषा के पिता ने लगाए आरोप
त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा और उनके भाई मेजर हर्षित शर्मा का आरोप है कि 'यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या' का मामला है.
नवनिधि शर्मा ने कहा था, "पुलिस ने खुद अदालत में कहा है कि आरोपी प्रभावशाली लोग हैं और सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं. फिर पहले उन्हें ज़मानत कैसे मिल गई?"
उन्होंने आरोप लगाया कि अभियुक्त परिवार का न्यायपालिका, लोकायुक्त और चिकित्सा क्षेत्र में प्रभाव है.
नवनिधि शर्मा ने कहा था, "हम एक बहुत बड़े सिस्टम से लड़ रहे हैं. मेरी त्विषा बहुत टैलेंटेड थी. शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे हमेशा प्रताड़ित किया…"
उनका आरोप था कि घटना के बाद सबूतों से छेड़छाड़ की गई.
उन्होंने कहा, "त्विषा की सास कह रही हैं कि उन लोगों ने त्विषा को सीपीआर देने की कोशिश की थी, लेकिन मैं ये पूछना चाहता हूँ की जब मेरी बेटी ने कथित तौर पर दूसरी मंज़िल पर ख़ुदकुशी की तो उसे नीचे लाकर कैमरे के सामने सीपीआर देने का क्या मतलब है?"
नवनिधि शर्मा ने यह भी सवाल उठाया कि घर के पास पुलिस चौकी होने के बावजूद पुलिस को तुरंत सूचना क्यों नहीं दी गई?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी परिवार ने लगातार सवाल उठाए और यह मामला कोर्ट तक में गया.
नवनिधि शर्मा ने आरोप लगाया था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में त्विषा की लंबाई ग़लत दर्ज की गई और मृत्यु कैसे हुई इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया.
'त्विषा मॉडलिंग से जुड़ी हुई थीं'
33 वर्षीय त्विषा शर्मा के परिवार के मुताबिक़, उन्होंने एमबीए की पढ़ाई की थी और मार्केटिंग व कम्युनिकेशन क्षेत्र में काम कर रही थीं.
उन्होंने दिल्ली और दूसरे शहरों में कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया था.
त्विषा की पहचान सिर्फ़ कॉर्पोरेट दुनिया तक सीमित नहीं थी. उनके पिता बताते हैं कि त्विषा मॉडलिंग, अभिनय और ब्यूटी पेजेंट्स से भी जुड़ी रही थीं.
नवनिधि शर्मा ने कहा, "मेरी बेटी मिस पुणे रह चुकी थी, कई बड़ी कंपनियों के लिए एडवर्टाइज़ भी कर चुकी थी और एक तेलुगु फ़िल्म में भी काम कर चुकी थी. फिर कोविड के बाद उसने कहा कि पापा अब कोई बेहतर स्टेबल जॉब करूँगी. उसने इस क्षेत्र में भी अपनी जगह बना ली थी."
त्विषा के परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि शादी के बाद त्विषा को 'मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित' किया गया. उनके मुताबिक़, त्विषा वापस नोएडा लौटना चाहती थीं.
व्हाट्सऐप चैट्स में त्विषा ने अपनी मां को लिखा था, "मुझे बहुत ज़्यादा घुटन हो रही है मां." एक अन्य संदेश में उन्होंने कथित तौर पर लिखा, "मेरी ज़िंदगी नरक बन गई है."
परिवार का कहना है कि अभियुक्त पक्ष अब त्विषा के 'चरित्र और मानसिक स्थिति' को लेकर आरोप लगा रहा है ताकि मामले का रुख़ बदला जा सके.
नवनिधि शर्मा ने कहा था, "मेरी बेटी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.