फोन से दो दिन दूर रहने के बाद दिव्या को कैसा लगा

फोन से दो दिन दूर रहने के बाद दिव्या को कैसा लगा
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क्या होता है जब कोई ऑनलाइन की दुनिया से ऑफ़लाइन हो जाए? कुछ लोगों को ये कदम सुकून वाला लग सकता है.

जेन-ज़ी जेनरेशन के लिए ये फ़ैसला उतना भी आसान नहीं होता. ये नौजवान पीढ़ी जब ऑफ़लाइन होती है तो क्या अकेलेपन से घिर जाती है?

दिव्या की कहानी भी ऐसी ही है. दिव्या को ये अहसास हुआ कि वो सोशल मीडिया की लत से जूझ रही हैं. इसलिए दिव्या ने 48 घंटे का डिजिटल डिटॉक्स तरीका अपनाया. यानी 48 घंटे के लिए डिजिटल दुनिया से दूरी.

फिर दिव्या की ज़िंदगी पर कैसा हुआ असर... इससे मदद मिली या अकेलापन बढ़ा? अकेलेपन पर बीबीसी की ख़ास सिरीज़ की ये रिपोर्ट शायद कई लोगों को अपनी सच्चाई लगे.

रिपोर्टर: सारिका सिंह

शूट- एडिट: सेराज अली

प्रोड्यूसर: शैली भट्ट

(बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित)