यूएई के न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हमला, भारत ने जताई चिंता, सऊदी अरब क्या बोला

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भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बराकाह परमाणु केंद्र को निशाना बनाकर किए गए हमले की निंदा की है.
एक बयान में भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा, "ऐसे कार्य अस्वीकार्य हैं और तनाव बढ़ाने का काम करते हैं. हम तत्काल संयम बरतने और संवाद और कूटनीति की ओर लौटने का आह्वान करते हैं."
यूएई के अबू धाबी स्थित बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट में रविवार रात ड्रोन हमला हुआ. इसकी जानकारी अबू धाबी के सरकारी मीडिया ऑफ़िस ने दी है.
हालांकि, यूएई ने अब तक यह नहीं बताया है कि यह हमला किस ओर से हुआ है.
हमले के बाद पावर प्लांट में आग लग गई, जिस पर काबू पा लिया गया है. अधिकारियों के मुताबिक़, यह पावर प्लांट अल दफ़रा क्षेत्र में स्थित है.
सरकारी मीडिया ऑफ़िस की ओर से जारी बयान में कहा गया, "अबू धाबी के अधिकारियों ने अल दफ़रा क्षेत्र स्थित बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट की सीमा के बाहर एक बिजली जनरेटर में लगी आग की घटना पर तुरंत कार्रवाई की."
"यह आग ड्रोन हमले की वजह से लगी थी. इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और रेडियोलॉजिकल सुरक्षा स्तर पर भी कोई असर नहीं पड़ा है. सभी एहतियाती क़दम उठाए गए हैं."
बयान में यह भी बताया गया कि आग का असर पावर प्लांट की सुरक्षा या उसकी ज़रूरी प्रणालियों की तैयारियों पर नहीं पड़ा है और सभी यूनिट सामान्य रूप से काम कर रही हैं.
सऊदी अरब और आईएईए ने जताई चिंता
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बीबीसी न्यूज़ फ़ारसी के मुताबिक़, इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने गहरी चिंता व्यक्त की है.
आईएईए के महानिदेशक राफ़ेल ग्रॉसी ने यूएई के विदेश मंत्री शेख़ अब्दुल्ला बिन ज़ायेद से फ़ोन पर बातचीत की और इस हमले की कड़ी निंदा की है.
यूएई के विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान में हमले की कड़ी निंदा की है और कहा है कि किसी भी ख़तरे या दुश्मन के हमले के जवाब में उसने अपने 'कूटनीतिक और सैन्य अधिकार' सुरक्षित रखे हैं.
यूएई विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि दफ़रा क्षेत्र में बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र को पश्चिमी सीमा से यूएई में प्रवेश करने वाले एक ड्रोन ने निशाना बनाया.
यूएई विदेश मंत्रालय ने हमले को 'अस्वीकार्य' बताते हुए इसे उसकी सुरक्षा के लिए सीधा ख़तरा और अंतरराष्ट्रीय क़ानून का साफ़ उल्लंघन बताया.
हाल ही में ईरान और यूएई के बीच तनाव बढ़ गया है.
यूएई ने शुक्रवार को कहा कि ईरान ने अमेरिका और इसराइल के साथ युद्ध के दौरान उसकी नागरिक सुविधाओं पर 3,000 से ज़्यादा हमले किए हैं.
इस बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने संयुक्त अरब अमीरात पर आरोप लगाया कि उसने ईरान पर अमेरिकी और इसराइल के हमलों में सक्रिय भूमिका निभाई.
ईरान का कहना है कि उसने अमीरात में केवल सैन्य ठिकानों और अमेरिका और इसराइल से जुड़े संस्थानों को निशाना बनाया है.
सऊदी अरब ने भी यूएई परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर ड्रोन हमले की निंदा की.
सऊदी बयान में कहा गया कि देश यूएई पर हुए ड्रोन हमले की 'कड़ी निंदा' करता है.
संयुक्त अरब अमीरात ने ड्रोन हमले को 'बिना उकसावे की आतंकवादी कार्रवाई' बताया जो क्षेत्र में तनाव बढ़ाएगा.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित































