ईरानी, जो भारत के लिए खेलना चाहता है

जमशेद नासिरी
    • Author, नूशीन ईरानी
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • प्रकाशित

कोलकाता में सियासत और फ़ुटबॉल पर एक ही सांस में बातें करना कोई अजीब बात नहीं.

असाधारण बात ये होगी कि अगर यहाँ के नागरिक शहर के दो बड़े फ़ुटबॉल क्लब यानी मोहन बगान और ईस्ट बंगाल के समर्थक न हों.

<italic><link type="page"><caption> (एक शहर जो फुटबॉल के लिए मचलता है...)</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2013/05/130530_kolkata_football_vr.shtml" platform="highweb"/></link></italic>

इस शहर को भारत में फुटबॉल का मक्का कहा जाता है. यहाँ मोहन बगान, ईस्ट बंगाल और मोहम्मडन स्पोर्टिंग जैसे फुटबॉल क्लब्स भी मौजूद हैं.

ये शहर जानता है कि फुटबॉल को किस तरह से जिया जाता है और इसने भारत को कई फुटबॉल सितारे भी दिए हैं. कुछ सितारे विदेशी मूल के भी हैं.

पढ़िए पूरी कहानी

कियान, जमशेद नासिरी का बेटा

इन्हीं में से एक जमशेद नासिरी भी हैं. वे ईरानी हैं और भारत पढ़ने आए थे लेकिन आज उन्हें देश के क्लब फुटबॉल के बड़े नामों में शुमार किया जाता है.

भारत में खेलने वाले दूसरे विदेशी खिलाड़ियों के उलट नासिरी ने यहाँ एक तरह से अपना स्थायी ठिकाना बना लिया है.

54 साल की उम्र में वे इन दिनों खिलाड़ियों की नई नस्ल को <link type="page"><caption> कोचिंग</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/05/130508_alex_ferguson_psa.shtml" platform="highweb"/></link> देने में मसरूफ़ हैं. इन्हीं में से उनका बेटा कियान भी है.

13 साल का ये लड़का अपने पिता की तरह ही एक महान स्ट्राइकर बनना चाहता है. हालांकि यहाँ एक फर्क है.

जमशेद नासिरी के उलट कियान भारत की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना चाहते हैं. उनकी चाहत लुभावनी सी लगती है क्योंकि वह आसानी से ईरान की टीम में जगह बना सकते हैं.

भारत से प्यार

कियान टीम के साथियों के साथ

हाल ही में फीफा वर्ल्ड कप के दौरान अर्जेंटीना के खिलाफ ईरान के <link type="page"><caption> जबरदस्त प्रदर्शन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/05/130517_football_world_cup_dp.shtml" platform="highweb"/></link> को लोग लंबे अरसे तक याद रखेंगे.

इसलिए समझदारी तो यही कहती है कि कियान अगर अपने मुल्क के लिए खेले तो उनका भविष्य अधिक बेहतर रहेगा.

लेकिन मालूम पड़ता है कि इस बाप बेटे की जोड़ी को भारत से प्यार हो गया है.

जमशेद ने जब भारत में रहने और कोलकाता के क्लबों के लिए खेलने का फैसला किया था तब वे ईरानी टीम में नियमित तौर पर शामिल होने ही वाले थे.

ये पूछे जाने पर कि कियान भारत के लिए खेलेगा या फिर ईरान के लिए, जमशेद कहते हैं, "कियान एक भारतीय नागरिक है, इसलिए उसे भारत के लिए खेलना ही होगा."

कियान खुद भी भारत के लिए खेल कर फीफा रैंकिंग में देश की स्थिति सुधारना चाहते हैं.

मेसी के मुरीद

मेसी

स्कूल के दिनों में उनके <link type="page"><caption> शुरुआती प्रदर्शनों</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2013/05/130506_brazilian_football_taliban_compaign_rd.shtml" platform="highweb"/></link> में उनके पिता के खेल का अक्स देखा जा सकता है. पाँच बरस की उम्र में ही उन्होंने पिता की कोचिंग में खेलना शुरू कर दिया था.

अंडर-14 वर्ग की राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल प्रतिस्पर्द्धा में कियान ईस्ट बंगाल के लिए खेले. टीम की कप्तानी कर रहे कियान ने छह मैचों में चार गोल दागे थे.

मेसी के मुरीद कियान अर्जेंटीना के खिलाड़ियों की तकनीक पर नज़र रखते हैं और अभ्यास के दौरान अपने प्रदर्शन में सुधार की कोशिश करते हैं.

जमशेद नासिरी को उम्मीद है कि कियान को 2017 के अंडर-17 फुटबॉल वर्ल्ड कप में भारत की ओर से खेलने का मौका मिल जाएगा.

<italic><bold>(बीबीसी हिन्दी के <link type="page"><caption> एंड्रॉएड ऐप</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold></italic>