कत्ल के बाद खुदकुशीः क्यों करता है कोई?

आंद्रियास लूबिट्ज़
    • Author, फिलिप्पा रॉक्सबी
    • पदनाम, स्वास्थ्य संवाददाता, बीबीसी न्यूज़
  • प्रकाशित

मुसाफ़िरों से भरे हवाई जहाज़ को गिरा कर सभी की जान लेने वाले 27 वर्षीय सह पायलट आंद्रियास लूबिट्ज़ के मामले में ये सवाल उठा है.

फ्रांस में नरसंहार की जांच से जुड़ी ख़बरों के बीच जर्मन पुलिसवालों को आंद्रियास लूबिट्ज़ के अभिभावकों के घर से सबूतों के पुलिंदे ले जाता दिखाया गया. ऐसा लग रहा है जैसे जांचकर्ता मामले की जड़ तक पहुंचने की ठान चुके हैं.

लेकिन आंद्रियास लूबिट्ज़ का मामला कत्ल के बाद खुदकुशी का केस है. ये एक अलग मामला है और ऐसा बहुत कम होता है.

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तनाव

इन घटनाओं में एक आदमी जो अपनी ज़िंदगी खत्म करना चाहता है और दूसरों की जान ले लेता है और इस मामले में तो मारे गए लोग पूरी तरह से अजबनी थे.

आंकड़ें बताते हैं कि कत्ल के बाद खुदकुशी के ज़्यादातर मामले घरेलू वजहों से होते हैं और इनमें कोई पुरुष और उसकी पत्नी शामिल होती है.

वैसे मामलों में जहां कोई पायलट शामिल होता है या फिर बंदूक से क़त्लेआम को अंजाम दिया जाता है, वास्तव में बहुत कम होते हैं.

आखिर सवाल उठता है कि कोई ऐसा क्यों करता है. घटना की जड़ तक पहुंचना भी लगभग नामुमकिन हो जाता है क्योंकि हर मामले की अलग अलग वजहें होती हैं और इन्हें अंजाम देने वाले अपने कारगुज़ारियों के बारे में बताने के लिए ज़िंदा नहीं होते.

जानलेवा पतन

विमान

ठीक इसके विपरीत खुदकुश बम हमलावर बेहद सोचे समझी तरीके से काम करते हैं जबकि कत्ल के बाद खुदकुशी करने वाले लोगों की थाह लेना एक दुष्कर काम होता है.

कोई ये नहीं बता सकता कि आंद्रियास लूबिट्ज़ के मन में आखिर क्या रहा होगा कि उसने कॉकपिट का दरवाज़ा क्यों बंद कर दिया था और हवाई जहाज़ को जानलेवा पतन की ओर धकेल दिया था.

रॉयल कॉलेज ऑफ़ साइकिय़ाट्रिस्ट्स के प्रेज़ीडेंट सिमोन वेसेली कहते हैं कि इसकी वजह शायद ही कभी हम जान पाएं.

वे कहते हैं, "ये मुमकिन है कि कोई जानकारी उभरकर सामने आए. खुदकुशी के ज्यादातर मामलों में लोग कोई न कोई सुराग या संदेश छोड़ते हैं. लेकिन इस तरह अविश्वसनीय घटनाओं ऐसी हैं जिनके बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता है."

व्यक्तित्व की समस्या

तनाव

लेकिन इसके बावजूद मीडिया ने आंद्रियास लूबिट्ज़ के डिप्रेशन की समस्या के इतिहास पर उंगुली उठाई. जर्मनी के अख़बारों ने लिखा कि आंद्रियास लूबिट्ज़ का मानसिक इलाज हो रहा था और उसके निजी जिंदगी में कुछ मुश्किलें चल रही थीं.

वास्तव में ऐसी कई बातें हो सकती हैं, उसकी भावनाएं, व्यक्तित्व की समस्या जिनकी वजह से कोई इस इंतेहा तक चला जाता है.

शराब की लत, ड्रग के असर, टूटे हुए रिश्ते या शादी का न चल पाना या फिर काम के दबाव के कारण ऐसा हो सकता है.

डिप्रेशन का शिकार

तनाव, डिप्रेशन

यह अतीत की किसी घटना के कारण हो सकता है या वर्तमान की किसी मुश्किल की वजह से भी.

मानसिक स्वास्थ्य के लिए काम करने वाली संस्थाएं इस बात की पैरवी कर रही हैं कि डिप्रेशन के बारे में लोगों की जानकारी बढ़ें और कम सनसनीखेज भाषाएं इस्तेमाल में लाई जाएं.

उनका कहना है कि डिप्रेशन का शिकार ज़्यादातर लोग किसी को नुक़सान नहीं पहुंचाते हैं और शोध के नतीजे भी ये कहते हैं कि उनका खतरा प्रमुखतः उन्हीं तक सीमित रहता है.

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