असदुद्दीन ओवैसी ने स्टूडेंट्स के प्रदर्शन पर कार्रवाई की तुलना इन आंदोलनों से की

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एआईएमआईएम के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि सोमवार को जो कुछ भी हुआ है, वह सरकार का लगातार चला आ रहा व्यवहार है.
उन्होंने कहा, "जब वकीलों का प्रदर्शन हुआ तब भी इस तरह कुप्रबंधन किया गया, जब किसानों का प्रदर्शन हुआ तो लाल क़िले में इसे तरह का कुप्रबंधन किया गया.''
ओवैसी ने कहा, ''आप लोग भूल रहे हैं सीएए के प्रदर्शन के वीडियो को चलाइए, जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया में लाइब्रेरी और कैंटीन में घुसकर स्टूडेंट्स को मारा गया, उसमें एक लड़के की आंख चली गई.''
असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि कई हफ़्तों से प्रदर्शन के बावजूद भी सरकार ने सोमवार को प्रदर्शकारियों से बात की, जबकि ऐसा पहले ही होना चाहिए था.
ओवैसी ने कहा, ''जिसके पास दिल होगा और थोड़ा सा दिमाग़ होगा, वो देखेगा कि छात्रों के साथ किस तरह की मारपीट की गई है...''
नरेंद्र मोदी सरकार के ख़िलाफ़ सोमवार को बड़े पैमाने पर युवाओं का ग़ुस्सा सड़कों पर दिखा.
हज़ारों की संख्या में सड़कों पर उतरे युवा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर संसद की तरफ़ मार्च कर रहे थे.
इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें भी हुईं. इसमें दर्जनों की संख्या में प्रदर्शनकारी ज़ख़्मी भी हुए हैं.





















