लाइव, यूक्रेन के बंदरगाह पर एक कमर्शियल जहाज़ पर हमले में चार भारतीयों की मौत
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया है कि यूक्रेन के ओडेसा से रवाना होते समय एमवी गोल्डन लियो नाम के वाणिज्यिक पोत के ऊपर हमला हुआ, जिसमें चार भारतीयों की मौत हो गई है.
सारांश
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यूक्रेन के बंदरगाह पर एक कमर्शियल जहाज़ पर हमले में चार भारतीयों की मौत
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इमेज कैप्शन, काला सागर में ओडेसा के पास अनाज लेकर जा रहे मालवाहक जहाज़ गोल्डन लियो से धुआं उठता दिख रहा है
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया है कि यूक्रेन के ओडेसा से रवाना होते समय एमवी गोल्डन लियो नाम के वाणिज्यिक पोत के ऊपर हमला हुआ, जिसमें चार भारतीयों की मौत हो गई है.
बयान में बताया गया है कि 19 जुलाई को यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना होते समय जहाज़ पर हमला हुआ. इसमें एक अन्य भारतीय नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गया. भारत सरकार ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए हमले की कड़ी निंदा की है.
हालांकि बयान में कहीं यह स्पष्ट नहीं है कि हमला किसने किया.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, घटना के समय जहाज़ पर कुल 17 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक शामिल थे.
भारत ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि वाणिज्यिक जहाज़ों को निशाना बनाना और निर्दोष नागरिक चालक दल के सदस्यों की जान को ख़तरे में डालना बेहद निंदनीय है. सरकार ने यह भी कहा कि समुद्री आवाजाही और व्यापार की स्वतंत्रता में बाधा पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है.
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यूक्रेन में भारतीय मिशन स्थिति पर क़रीबी नज़र बनाए हुए है और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास कर रहा है.
भारत ने दोहराया कि वाणिज्यिक नौवहन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित करने वाली ऐसी घटनाओं से बचा जाना चाहिए और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए.
जंतर मंतर से संसद तक हुए सीजेपी के प्रदर्शन को तस्वीरों में देखिए
सीजेपी ने दावा किया कि सोमवार को पूरे दिन चला उनका विरोध प्रदर्शन शाम तक जारी रहा. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के मंच पर क़ब्ज़ा करके उसे तोड़कर हटा दिया.
इस प्रदर्शन में बड़ी तादाद में प्रदर्शनकारी पहुंचे थे, इस दौरान दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे.
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इमेज कैप्शन, संसद के मानसून सत्र और सीजेपी के संसद मार्च के मद्देनज़र संसद परिसर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई, मौके पर तैनात एक सीआईएसएफ़ जवान
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इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक की तस्वीर लिए उनकी पत्नी गीतांजलि
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इमेज कैप्शन, प्रदर्शन के दौरान की तस्वीर
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इमेज कैप्शन, प्रदर्शन के दौरान भीड़
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इमेज कैप्शन, सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान मौजूद युवा लड़के-लड़कियां
ईरान का दावा- बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए
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इमेज कैप्शन, बहरीन में अमेरिकी बेस पर पहले भी हमला हो चुका है (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी बलों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग के बयान के मुताबिक़, उसकी नौसेना ने "ऑपरेशन नस्र-2" की 23वीं लहर के तहत तीन चरणों में अमेरिकी बलों को 'भारी नुक़सान' पहुंचाया.
इन हमलों में बहरीन के अल-सख़िर हवाई अड्डे पर मौजूद अमेरिकी इकाइयों की ड्रोन मरम्मत और रख-रखाव सुविधाओं को निशाना बनाने की बात कही है. इसके अलावा, बहरीन के सलमान बंदरगाह पर टीएफ़59 पोतों की तैयारी से जुड़ी सुविधाओं और कुवैत के अरिफ़जान बेस पर भी हमला करने का दावा है.
दूसरी ओर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने तस्वीरें जारी करके कहा है कि उसने लगातार नौवीं रात ईरान में हमले किए. ये हमले ईरान के सैन्य कमांड सेंटरों, वायु रक्षा और तटीय निगरानी ठिकानों पर करने का दावा किया गया है.
ईरान ने उर्मिया, तबरीज़ और बुशेहर में हमलों की पुष्टि की है. रिपोर्टों के मुताबिक़, तबरीज़ में एक व्यक्ति की मौत हुई है, उर्मिया और तबरीज़ में कई लोग घायल हुए हैं.
ग़ालिबाफ़ बोले- क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाग़र ग़ालिबाफ़ ने अमेरिका पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि अमेरिका एक तरफ़ युद्ध रोकने की बात करता है, लेकिन दूसरी तरफ़ क्षेत्र में लगातार नया सैन्य सामान और हथियार भेज रहा है.
ग़ालिबाफ़ ने कहा कि ईरान अमेरिकी रणनीति को पूरी तरह समझता है और उसने उसके मुताबिक़ तैयारी कर रखी है.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा दोबारा बनाई जाए एसआईटी
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इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर चढ़ावा मामले पर दाख़िल कई याचिकाओं के समूह पर सुनवाई की
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी की राज्य सरकार को दोबारा एसआईटी बनाने का आदेश दिया है.
साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले पर राजनीति न की जाए, अदालतें राजनीति करने की जगह नहीं हैं.
कानूनी मामलों की रिपोर्टिंग करने वाली बार एंड बेंच के मुताबिक़, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ सोमवार को राम मंदिर चंदा विवाद मामले में दायर जनहित याचिकाओं के एक समूह पर सुनवाई कर रही थी. ये याचिकाएं अयोध्या राम मंदिर के निर्माण के लिए आवंटित धन के कथित गबन की सीबीआई जांच कराने की मांग से जुड़ी हैं.
सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, "मैं केवल एक चेतावनी देना चाहता हूँ कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण मत कीजिए. अदालतें राजनीति करने की जगह नहीं हैं. यह अपराध होने या न होने की जांच का सीधा-सादा मामला है. हमारा काम सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि जांच सही तरीके से हो."
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इमेज कैप्शन, राम मंदिर (फ़ाइल फ़ोटो)
यूपी पुलिस की जगह एसआईटी से जांच का निर्देश
अभी इस मामले की जांच यूपी पुलिस कर रही है, इस जांच की एक स्टेट्स रिपोर्ट को सोमवार को अदालत के सामने पेश किया गया. इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने कहा कि इस मामले में एसआईटी का नए सिरे से गठन हो.
सर्वोच्च अदालत ने कहा कि नई एसआईटी की जांच किसी सीनियर स्पेशलिस्ट आईपीएस अधिकारी की अगुवाई में हो ताकि जांच किसी निर्णायक स्तर तक पहुंचे.
अदालत ने पूछा कि अब इस मामले की जांच कौन कर रहा है. इस पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जवाब दिया, "सच्चाई का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था. अब मामले की जांच पुलिस कर रही है. एसआईटी ने केवल यह पाया कि इस मामले में एक संज्ञेय अपराध बनता है."
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वह यूपी सरकार से निर्देश लें कि क्या स्थानीय पुलिस के बजाय एसआईटी को इस मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जिसने प्राथमिकी दर्ज होने से पहले पूरे मामले की जांच की थी.
साथ ही, केंद्र से अधिकारी का नाम भी मांगा है. इस मामले की सुनवाई अब अगले सप्ताह 27 जुलाई को होगी.
कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा- 'जंतर-मंतर से दिल्ली पुलिस ने हमारा मंच हटाया'
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इमेज कैप्शन, सीजेपी ने यह तस्वीर साझा करके कहा है कि उनके प्रदर्शन स्थल को तोड़कर हटा दिया गया है
कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा है कि जंतर मंतर से उनके प्रदर्शन स्थल को तोड़कर दिल्ली पुलिस ने हटा दिया है.
सीजेपी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, "पुलिस ने प्रदर्शन के मंच पर क़ब्ज़ा कर लिया और वहाँ लगी सारी चीज़ें तोड़कर हटा दीं. वहाँ केवल बाबासाहेब आंबेडकर का एक चित्र, भारत के संविधान की एक प्रति, श्रीरामचरितमानस, बाइबिल और बाबासाहेब आंबेडकर की एक छोटी मूर्ति बची रह गई, जो एक तरफ़ गिरी हुई थी. आज भारत पर बेहद क्रूर हमला हुआ."
सीजेपी ने इसी से जुड़ी एक तस्वीर भी पोस्ट की है.
इससे पहले सीजेपी की कॉल पर सोमवार को संसद मार्च में बड़ी तादाद में सीजेपी के समर्थक जुटे. सीजेपी ने शाम को दावा किया कि उनका प्रदर्शन जारी है.
उधर, सोनम वांगचुक के एक्स हैंडल पर साझा हुए एक लिखित संदेश में कहा गया है कि वे अपना अनशन तब तक जारी रखेंगे, जब तक सरकार उनके युवा नेताओं को संसद में सांसदों से मिलने नहीं देती. अथवा उनके युवा नेताओं को उनसे अस्पताल में मिलने नहीं दिया जाता.
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इमेज कैप्शन, 19 जुलाई को जंतर-मंतर पर सीजेपी के मंच की तस्वीर
सीजेपी प्रदर्शन: पार्टी का मूड भांपने में चूकी सरकार? | दिनभर
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सोनम वांगचुक ने कहा जारी रखेंगे अनशन, प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस कार्रवाई को बताया वजह
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इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती हैं
17 जुलाई से सफ़दरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने कहा है कि वे अपना अनशन जारी रखेंगे.
उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला पुलिस के 'अहिंसक प्रदर्शनकारियों के साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार' के बाद लिया गया है.
वांगचुक का यह संदेश उनके आधिकारिक एक्स हैंडल पर कागज़ पर लिखे संदेश के रूप में पोस्ट किया गया है.
इसमें लिखा है कि वे चाहते हैं कि सरकार मंगलवार या बुधवार को युवा नेताओं को अपनी बात सांसदों के सामने रखने के लिए संसद जाने की अनुमति दे, या फिर उनके युवा नेता उनसे अस्पताल में मिलने आ सकें. तभी वे अपना अनशन तोड़ेंगे.
अपने संदेश में उन्होंने सोमवार को संसद मार्च के दौरान जुटी समर्थकों की अहिंसक भीड़ का शुक्रिया अदा किया है और आगे भी इसी तरह समर्थन देने की अपेक्षा जताई है.
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इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद लिखित संदेश ही सार्वजनिक हो रहे हैं जो उनकी पत्नी या उनके आधिकारिक एक्स हैंडल से शेयर किए गए हैं
ग़ौरतलब है कि सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर बीती रविवार को उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि ने सीजेपी के मंच से घोषणा की थी कि अगर विपक्षी नेता और सांसद उनकी मांगों को संसद में उठाने का आश्वासन उन्हें अस्पताल में मिलकर देते हैं तो वे अनशन तोड़ देंगे.
सोमवार को संसद मार्च शुरू होने पर आइसा से जुड़ी एक छात्रा और दो छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल को समाप्त किया. जबकि अभिजीत दीपके ने भी कुछ घंटों के बाद अनशन ख़त्म कर दिया था.
सोनम वांगचुक की सेहत
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, वांगचुक के शरीर में ब्लड शुगर का स्तर घट गया है, हालांकि उनके शरीर के अन्य महत्वपूर्ण पैरामीटर स्थिर हैं. उन्हें विशेष डॉक्टरों की निगरानी में रखा जा रहा है.
त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ पुलिस मुख्यालय में मृत पाए गए, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी हिन्दी के लिए
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़
सोमवार को अगरतला में राज्य पुलिस मुख्यालय स्थित अपने कार्यालय में मृत पाए गए.
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी धनखड़ को अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज और गोविंद बल्लभ पंत
अस्पताल ले जाया गया.
इस घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री माणिक साहा और मुख्य सचिव जेके सिन्हा समेत सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे.
अगरतला में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "यह घटना सोमवार दोपहर की है, जहां डीजीपी पुलिस मुख्यालय में अपने चैंबर से जुड़े वॉशरूम में वो मृत पाए गए. फ़िलहाल उनकी मौत से जुड़े हालात का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है."
मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. प्रदीप भौमिक ने मीडिया को बताया कि उन्हें अस्पताल में बिना किसी जीवन-संकेत के लाया गया था और डॉक्टरों ने उनके ज़रूरी शारीरिक संकेतों की जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
डॉ. भौमिक ने आगे बताया, "हमने अनुराग के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज
दिया है. मौत के सही कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो
सकेगी."
किन परिस्थितियों में मिले डीजीपी धनखड़
हालांकि, पुलिस महानिदेशक की संदिग्ध हालात में हुई मौत को लेकर
मीडिया रिपोर्टों में कई तरह की जानकारियां सामने आ रही हैं.
त्रिपुरा सरकार और
राज्य पुलिस मुख्यालय ने अभी तक डीजीपी की मौत से जुड़ी परिस्थितियों या वजह के बारे में
आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी है.
मुख्यमंत्री के सचिव किरण गिट्टे ने मीडिया
को बताया, "डीजीपी की मौत से
जुड़े असल हालात की अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है."
एक साल पहले संभाला था पदभार
1994 बैच के भारतीय पुलिस
सेवा (आईपीएस) अधिकारी अनुराग धनखड़ ने पिछले साल 17 मई को राज्य के पुलिस
महानिदेशक का पद संभाला था.
डीजीपी का पद संभालने से पहले, अनुराग त्रिपुरा में पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) के तौर
पर काम कर चुके थे.
इससे पहले उन्होंने सीबीआई में करीब आठ साल काम किया. और उसके पूर्व 2003-04 के दौरान उन्होंने कोसोवो में यूनाइटेड नेशंस मिशन के
साथ भी काम किया था.
एंडी बर्नम ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बने, किंग चार्ल्स ने दिया सरकार बनाने का आमंत्रण
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इमेज कैप्शन, एंडी बर्नम राजमहल में राजा चार्ल्स से मिलने पहुंचे जहां उन्हें सरकार बनाने का आमंत्रण मिला
एंडी बर्नम आधिकारिक तौर पर ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बन गए हैं.
उन्हें बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स से हुई एक निजी मुलाक़ात के दौरान सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया है.
इससे कुछ देर पहले कीएर स्टार्मर ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया.
उधर, डाउनिंग स्ट्रीट पर लेबर पार्टी के दर्जनों नेता इकट्ठा हो रहे हैं. इनमें से कुछ को नई सरकार में अहम भूमिकाएं मिल सकती हैं.
एंडी बर्नम इससे पहले भी लेबर पार्टी का नेता बनने की कोशिश कर चुके हैं लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी.
1970 में लिवरपूल में जन्मे बर्नम का पालन-पोषण वॉरिंगटन के पास एक गांव में हुआ. उनके पिता ब्रिटिश टेलीकॉम में इंजीनियर थे, जबकि मां रिसेप्शनिस्ट थीं. दोनों लेबर पार्टी के मज़बूत समर्थक थे, जिसके कारण बर्नम की राजनीति में दिलचस्पी कम उम्र में ही पैदा हो गई.
कार्टून: इतने सारे!
इमेज कैप्शन, सीजेपी के प्रदर्शन पर आज का कार्टून
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने अपने पद से दिया इस्तीफ़ा
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इमेज कैप्शन, बकिंघम पैलेस के चीनी डाइनिंग रूम में स्टार्मर ने किंग चार्ल्स से मुलाक़ात की और हाथ मिलाया जो यहां सत्ता परिवर्तन के समय की रीति है
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. अब ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री पद पर जल्द ही एंडी बर्नम शपथ लेंगे.
इस्तीफ़ा देने के बाद उन्होंने बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स से मुलाक़ात की. सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया के दौरान यह एक पारंपरिक औपचारिकता मानी जाती है.
इस मुलाक़ात के थोड़ी देर बाद एंडी बर्नम, किंग चार्ल्स से मिलने पहुंचे हैं.
स्टार्मर के राजमहल आने के संबंध में 'बकिंघम पैलेस' ने एक बयान जारी कर कहा, "सांसद सर कीएर स्टार्मर ने आज सुबह राजा से मुलाक़ात की. प्रधानमंत्री और ट्रेज़री के फ़र्स्ट लॉर्ड के पद से अपना इस्तीफ़ा सौंपा. महामहिम ने इसे सहर्ष स्वीकार कर लिया. लेडी स्टार्मर का भी राजा ने स्वागत किया."
स्टार्मर के इस्तीफ़े के बाद ब्रिटेन में जीवित पूर्व प्रधानमंत्रियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है, जो अब तक का एक रिकॉर्ड है.
इन पूर्व प्रधानमंत्रियों में जॉन मेजर, टोनी ब्लेयर, गॉर्डन ब्राउन, डेविड कैमरन, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज़ ट्रस, ऋषि सुनक और कीएर स्टार्मर शामिल हैं.
83 वर्षीय जॉन मेजर सबसे उम्रदराज़ जीवित पूर्व प्रधानमंत्री हैं, जबकि 46 वर्षीय ऋषि सुनक सबसे कम उम्र के पूर्व प्रधानमंत्री हैं.
ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा बातचीत के लिए मिले नए प्रस्ताव, युद्धविराम पर क्या बताया?
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इमेज कैप्शन, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने प्रेस ब्रीफ़िंग में शांति की दोबारा हो रही पहल के बारे में बताया
ईरान ने पुष्टि
की है कि उसे अमेरिका के साथ तनाव कम करने के लिए कई मध्यस्थों की ओर से
प्रस्ताव मिले हैं.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, ईरान के विदेश
मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने पुष्टि की कि तेहरान को मध्यस्थों की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव मिल गए हैं. हालांकि कहा कि इन प्रस्तावों का ब्योरा सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा.
सोमवार को
विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान सरकारी समाचार एजेंसी
आईआरएनए ने क़तर की नई पहल के बारे में सवाल किया.
इन प्रस्तावों में तेहरान और
वॉशिंगटन के बीच 10 दिनों के युद्धविराम का सुझाव भी शामिल बताया गया. आईआरएनए के
सवाल में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची की हालिया क़तर यात्रा का भी ज़िक्र
किया गया.
जवाब में बक़ाई
ने कहा कि "यह साफ़ है कि मध्यस्थ आगे तनाव बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि ईरान, अमेरिका
के अपराधों को रोकने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा."
साथ ही उन्होंने बताया कि तेहरान अपनी कूटनीतिक कोशिशों के साथ-साथ सैन्य जवाबी कार्रवाई भी जारी रखेगा.
दूसरी ओर, ईरानी
अधिकारियों ने कहा है कि सोमवार को हुए अमेरिकी हमलों में कम से कम एक व्यक्ति की
मौत की पुष्टि हुई है. इसके अलावा कई लोग घायल हुए हैं.
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राहुल गांधी समेत इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने की संसद में बैठक
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इमेज कैप्शन, संसद में इंडिया गठबंधन के फ़्लोर नेताओं के बीच हुई, आठ जून को इस विपक्षी गठबंधन ने अपनी अंतिम बैठक की थी (फ़ाइल फ़ोटो)
विपक्षी दलों ने सोमवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान बैठक की. यह बैठक संसद परिसर में इंडिया गठबंधन के फ़्लोर नेताओं के बीच हुई.
पीटीआई के मुताबिक़, बैठक में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद थे.
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब सीजेपी का संसद मार्च जारी है.
इस बैठक किन मुद्दों को लेकर बात हुई इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
ग़ौरतलब है कि एक दिन पहले सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिसके बाद विपक्षी दलों ने यह बैठक की है. उस बैठक में काफ़ी हंगामा हुआ था और विपक्षी दलों ने बैठक से वॉकआउट कर दिया था.
इसकी मुख्य वजह टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) के बागी गुट को इस बैठक में निमंत्रित करना था.
इससे पहले इंडिया ब्लॉक के दलों की बैठक में सभी दलों के बीच सहमति बनी थी कि वे मानसून सत्र के दौरान फ़्लोर कोऑर्डिनेशन राहुल गांधी के नेतृत्व में करेंगे. हालांकि हालिया बैठक में इस बाबत कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है मगर राहुल की मौजूदगी रही.
अरविंद केजरीवाल ने सीजेपी के प्रदर्शन पर क्या कहा
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इमेज कैप्शन, अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार को अहंकार छोड़कर युवाओं से बात करनी चाहिए (फ़ाइल फ़ोटो)
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करना ग़लत है.
अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर वीडियो जारी करते हुए कहा कि सरकार को अहंकार छोड़कर युवाओं से बात करनी चाहिए.
अरविंद केजरीवाल ने कहा, "मैं पंजाब में हूं. सोशल मीडिया पर देख रहा हूं कि कनॉट प्लेस, जनपथ और जंतर-मंतर पर हज़ारों की संख्या में युवा पहुंचे हैं. सरकार इन पर लाठीचार्ज कर रही है, इन्हें मार रही है और इंटरनेट बंद कर दिया, यह ग़लत है."
उन्होंने कहा, "जब बच्चे न्याय मांगने के लिए उतरे हैं तो उन्हें पीटा जा रहा है. मैं मोदी जी से कहूंगा कि बच्चों के ग़ुस्से को संभालिए, वरना ये आप पर भारी पड़ेगा."
केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, "मैं सरकार से अपील करता हूँ कि ये हमारे ही देश के बच्चे हैं जो न्याय माँगने सड़कों पर उतरे हैं. अहंकार छोड़िए और इनकी बात सुनिए."
अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता शिवांगी जायसवाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगी.
बीबीसी हिन्दी के पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए लिंक्स पर क्लिक करें.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में सीजेपी के प्रदर्शन पर ये कहा
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार युवाओं की आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा संसद में उठाया है.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा, "पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए हज़ारों बच्चों पर लाठीचार्ज हुआ है."
उन्होंने आगे कहा, "मोदी सरकार युवाओं की आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है."
इस पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने खड़गे को धन्यवाद करते हुए एक्स पर लिखा, "संसद में युवाओं की आवाज़ उठाने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे का धन्यवाद!"
उन्होंने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा, "जो छात्र-नौजवान दिल्ली आकर बात करना चाहते हैं, उन्हें मारना और तंग करना गलत है. हमने इस पर सरकार का कई बार ध्यान खींचा लेकिन उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ रहा. एक तरफ- बेरोजगारी है, दूसरी तरफ ये सरकार परीक्षा तक नहीं करा पा रही है, इसलिए हमारा यही कहना है कि ये सत्ता में रहने के लायक नहीं हैं."
गौरतलब है कि सीजेपी के 'संसद मार्च' के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस भी छोड़ी गई.
कॉकरोच जनता पार्टी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने अनशन तोड़ा
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इमेज कैप्शन, कॉकरोच जनता पार्टी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके शनिवार को अनशन पर बैठे थे (फ़ाइल फ़ोटो)
कॉकरोच जनता पार्टी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने सोमवार को अपना अनशन समाप्त कर दिया है.
समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से साझा किए गए एक वीडियो में अभिजीत दीपके अपनी भूख हड़ताल समाप्त करते हुए नज़र आ रहे हैं.
दरअसल, शनिवार को जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया था, इसके बाद अभिजीत दीपके अनशन पर बैठ गए थे.
दूसरी ओर, सोनम वांगचुक ने सफ़दरजंग अस्पताल को पत्र लिखकर संसद मार्च में शामिल होने की अनुमति मांगी है.
इससे पहले अभिजीत दीपके के पिता भगवान दीपके ने बीबीसी मराठी से बातचीत में अपने बेटे की सेहत को लेकर चिंता जताई.
भगवान दीपके ने कहा था, "अभिजीत ने इससे पहले कभी भूख हड़ताल नहीं की है. अगर वह लंबे समय तक खाना नहीं खाता है, तो उसे चक्कर आने लगते हैं. अगर मैं भी ज़्यादा देर तक भूखा रहता हूँ तो मुझे चक्कर आने लगते हैं. यह हमारे परिवार में पीढ़ियों से है. उसे अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए. मैं बहुत चिंतित हूँ."
सोनम वांगचुक ने सफ़दरजंग अस्पताल को पत्र लिखकर ये मांग की
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इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक ने कहा कि वो ठीक महसूस कर रहे हैं और उन्हें अस्पताल से जाने की अनुमति दी जाए (फ़ाइल फ़ोटो)
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सफ़दरजंग अस्पताल को पत्र लिखकर संसद मार्च में शामिल होने की अनुमति मांगी है.
सोनम वांगचुक ने कहा कि वो ठीक महसूस कर रहे हैं और उन्हें अस्पताल से जाने की अनुमति दी जाए.
उन्होंने अस्पताल पत्र में लिखा, "मैं आज पूरी तरह ठीक महसूस कर रहा हूं और मेरी सेहत से जुड़े सभी पैरामीटर्स सामान्य हैं. इसलिए मेरा आपसे अनुरोध है कि मुझे अस्पताल से जाने की अनुमति दी जाए, चाहे कुछ समय के लिए ही सही, ताकि मैं आज संसद चलो मार्च में शामिल हो सकूं. इसके लिए मैं आपका बहुत आभारी रहूंगा."
इससे पहले सोनम वांगचुक ने सोमवार सुबह एक पत्र और जारी किया था, जिसमें उन्होंने अपना अनशन ख़त्म करने की शर्तें बताई.
इसमें उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार हाल के शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं की ज़िम्मेदारी स्वीकार कर लेती है या सांसद उन्हें आश्वस्त करते हैं कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा, तो वह अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 20 जुलाई को समाप्त कर देंगे.
सीजेपी के कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया
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इमेज कैप्शन, जनपथ मेट्रो स्टेशन के पास सीजेपी के प्रदर्शनकारी
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च के दौरान दिल्ली में कई स्थानों पर हलचल देखने को मिली है.
पार्टी ने शांतिपूर्ण संसद मार्च का एलान किया था, हालांकि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी.
इस बीच, समाचार एजेंसी पीटीआई ने वीडियो जारी कर दावा किया कि पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है.
पीटीआई की ओर साझा किए गए एक वीडियो में सीजेपी के प्रदर्शनकारी मेट्रो स्टेशन के अंदर दिखाई दे रहे हैं. वहीं, सोशल मीडिया पर सामने आए अन्य वीडियो में प्रदर्शनकारियों को नारेबाज़ी करते हुए भी सुना जा सकता है.
उधर, सीजेपी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से जनपथ मेट्रो स्टेशन के पास की कुछ तस्वीरें साझा की हैं. इन तस्वीरों में भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी नज़र आ रहे हैं.
इस घटनाक्रम के बीच, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर जानकारी देते हुए बताया कि राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक समेत कुछ अन्य मेट्रो स्टेशन प्रभावित हुए हैं.