भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच
अमोल मजूमदार ने कहा है कि उनकी टीम को टी20 फ़ॉर्मेट में अपनी रणनीति में बदलाव
करने की ज़रूरत है.
आईसीसी के मुताबिक़, यह टिप्पणी उन्होंने आईसीसी महिला
टी20 वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में भारतीय टीम जगह बनाने में नाकाम रहने के
बाद की.
महिला टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल
में भारत ने आख़िरी बार 2023 में जगह बनाई थी. रविवार को लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया
के ख़िलाफ़ छह विकेट की हार के साथ भारत लगातार दूसरी बार इस टूर्नामेंट के नॉकआउट
स्टेज में पहुंचने से चूक गया.
अमोल मजूमदार का मानना है कि अगर
भारत को ऑस्ट्रेलिया जैसी शीर्ष टी20 टीमों की बराबरी करनी है तो उसे अपनी रणनीति
में कुछ बदलाव करने होंगे.
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमें अपने टी20 खेल की रणनीति पर
फिर से विचार करना होगा. हमें इस बात पर गंभीरता से काम करना होगा कि हम किन
कॉम्बिनेशंस के साथ खेलेंगे."
जब उनसे पूछा गया कि टी20 क्रिकेट
में भारत को किन बदलावों की ज़रूरत है, तो अमोल
मजूमदार ने गेंदबाज़ी और फ़ील्डिंग में तुरंत सुधार की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.
उन्होंने कहा, "बल्लेबाज़ी की बात करें तो मुझे लगता है कि हम
काफ़ी इंटेंट के साथ बल्लेबाज़ी कर रहे हैं. हमारी सोच पॉज़िटिव रही है. हम चौके
और छक्के लगाने के बारे में सोच रहे हैं. मॉर्डर्न क्रिकेट में यही अहम है और मेरा
मानना है कि टी20 क्रिकेट पूरी तरह चौकों और छक्कों का खेल है. इसलिए हमारी सोच और
हमारा खेलने का तरीक़ा वैसा ही रहा है."
उन्होंने आगे कहा, "लेकिन मुझे लगता है कि हमारी गेंदबाज़ी को भी
अपना स्तर थोड़ा और ऊंचा करना होगा. सच कहूं तो गेंदबाज़ी और फ़ील्डिंग ने हमारी
मदद नहीं की. इसलिए हमें पीछे जाकर यह सोचना होगा कि टी20 क्रिकेट में हमारा
अप्रोच क्या होगा और हम सकारात्मक मानसिकता के साथ कैसे आगे बढ़ेंगे."
मजूमदार ने कहा कि भारत का बॉलिंग
अटैक अभी युवा और कम अनुभवी है. टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में नंबर एक गेंदबाज़
श्री चरणी और तेज़ गेंदबाज़ क्रांति गौड़, दोनों की
उम्र अभी 23 वर्ष से कम है.
कोच ने स्पिनर श्रेयंका पाटिल की
ग़ैर-मौजूदगी को भी अहम बताया. टूर्नामेंट के दौरान चोट लगने के कारण वह
ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ महत्वपूर्ण मैच नहीं खेल सकीं.
उन्होंने कहा, "अगर आप हमारी बॉलिंग अटैक को देखें, तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अनुभव के लिहाज़ से
यह काफ़ी अनुभवहीन रहा है. मैं पहले भी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में यह बात कह चुका हूं
कि हमें 18 महीने का समय दीजिए, यह
बॉलिंग अटैक पूरी तरह अलग नज़र आएगा."