लाइव, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: राहुल-खड़गे ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में क्या कहा?

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है.

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  • भूख हड़ताल पर बैठे अभिजीत दीपके
  • सोनम वांगचुक को पुलिस ने जंतर-मंतर से हटाया
  • सर गारफ़ील्ड सोबर्स का 89 वर्ष की उम्र में निधन
  • नारंगी होंठ वाले बंदर की नई प्रजाति
  • एक कबूतर को ऑक्सीजन देकर बचाया गया
  • सोनम वांगचुक के अनशन का 20वां दिन
  • भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा

  1. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: राहुल-खड़गे ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में क्या कहा?

    मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी

    इमेज स्रोत, Vipin Kumar/Hindustan Times via Getty Images

    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने जांच पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है (फ़ाइल फ़ोटो)

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है.

    राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने जांच पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है. साथ ही ट्रस्ट के खातों और दान के ख़र्च की जानकारी भी लोगों के सामने रखी जाए.

    राहुल और खड़गे ने पत्र में लिखा, "आपको पता है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हज़ारों करोड़ की चोरी हुई है. लाखों भक्तों ने अपनी मेहनत की कमाई आस्था और विश्वास से दान की थी, लेकिन इस चोरी से वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं."

    "आपने संसद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ट्रस्ट बनाने की घोषणा की थी, लेकिन इसके सदस्य सिर्फ़ आपकी सरकार ने ही नियुक्त किए. यह सबको पता है कि ट्रस्ट के सदस्य आरएसएस, वीएचपी और इनके संगठनों से जुड़े हैं. इसका बदनाम पूर्व महासचिव भी आपका क़रीबी था. अब इतनी बड़ी चोरी पर आपकी चुप्पी स्वीकार्य नहीं है. जवाबदेही तय करना और नुकसान की भरपाई करना आपका कर्तव्य है."

    पत्र में आगे लिखा, "हम आपसे आग्रह करते हैं कि तुरंत एक स्वतंत्र और पूरी जांच का आदेश दें. इसमें ट्रस्ट के सभी आर्थिक मामलों की जांच होनी चाहिए, जिसमें नकद, सोना, चांदी समेत सभी चढ़ावे शामिल हों. जांच की रिपोर्ट और ट्रस्ट के खाते सार्वजनिक किए जाएं ताकि हर भक्त को पता चले कि उनके चढ़ावे का इस्तेमाल कैसे हुआ. जो भी दोषी पाए जाएं, उन्हें पद या प्रभाव की परवाह किए बिना सज़ा मिले."

    गौरतलब है कि अयोध्या के राम मंदिर में चंदे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच जारी है. राज्य सरकार की गठित एसआईटी इस क्रम में अलग-अलग लोगों से पूछताछ कर रही है.

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  2. सर्वदलीय बैठक से विपक्ष का वॉकआउट, टीएमसी के बाग़ी सांसदों को बुलाने पर विवाद

    टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा

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    इमेज कैप्शन, विपक्षी सांसदों का तर्क है कि सरकार ने टीएमसी के बाग़ी 20 सांसदों के गुट को बैठक में बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने अभी इनके गुट को मान्यता नहीं दी है

    संसद के मॉनसून सत्र से एक दिन पहले सरकार ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई. इस बैठक में विपक्षी सांसदों ने वॉकआउट किया.

    दरअसल, यह बैठक संसद भवन में सुबह 11 बजे एनेक्सी के मुख्य समिति कक्ष में शुरू हुई. इसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और डीएमके सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए. लेकिन कुछ देर बाद ही विपक्षी सांसदों ने वॉकआउट कर दिया.

    विपक्षी सांसदों का तर्क है कि सरकार ने टीएमसी के बाग़ी 20 सांसदों के गुट को बैठक में बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने अभी इनके गुट को मान्यता नहीं दी है.

    टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, "आज पूरे विपक्ष ने ऑल पार्टी मीटिंग से वॉकआउट किया है. यह विरोध इसलिए किया गया क्योंकि तथाकथित एनसीपीआई, जो कि एक मान्यता प्राप्त पार्टी नहीं है. टेबल ऑफिस की ओर से दी गई सूची में टीएमसी की सांसद संख्या 28 दिखाई गई है."

    महुआ मोइत्रा ने कहा कि 20 बाग़ी सांसदों के विलय को अभी तक स्पीकर ने मंज़ूरी नहीं दी है. इन 20 सांसदों के खिलाफ़ अयोग्यता की याचिकाएं भी अभी लंबित हैं.

    उन्होंने कहा कि 91वें संशोधन के बाद अलग समूह बनाने की कोई जगह नहीं है. ऐसे में संसदीय कार्य मंत्री ने इन 20 बाग़ी सांसदों को किस आधार पर बैठक का निमंत्रण दिया और वे इस बैठक में कैसे शामिल हुए.

    महुआ मोइत्रा ने कहा कि विपक्ष ने इस पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया और विरोध के तौर पर सर्वदलीय बैठक से बाहर निकल गया.

    उन्होंने सभी विपक्षी दलों का धन्यवाद भी किया.

    कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि हमने विपक्षी दलों के समर्थन में बैठक से वॉकआउट किया.

    उन्होंने बताया, "संविधान की अवहेलना करके टीएमसी, आम आदमी पार्टी और शिवसेना के साथ जो कुछ हुआ है... उनके समर्थन में संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस ने बैठक से वॉकआउट किया है."

    गौरतलब है कि 18वीं लोकसभा का 9वां संसदीय सत्र यानी मॉनसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा.

  3. सोनम वांगचुक के इलाज को लेकर पत्नी गीतांजलि ने खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा

    गीतांजलि

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमों

    सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमों ने कहा है कि उन्होंने अपने पति के इलाज से जुड़े मामले में हाई कोर्ट का रुख़ किया है.

    उन्होंने अदालत से सोनम वांगचुक की तबीयत और ख़राब होने से पहले किसी दूसरे अस्पताल में शिफ़्ट करने की अनुमति देने की मांग की है.

    गीतांजलि ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सफ़दरजंग सरकारी अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाए.

    गीतांजलि ने एक्स पर पोस्ट किया, "मेरा सफ़दरजंग सरकारी अस्पताल से भरोसा उठ गया है. अस्पताल ने हमें बताया कि वांगचुक का पोटैशियम लेवल गिरकर 2.9 हो गया है. उन्होंने इसे चिंता वाली और जान के लिए ख़तरा बताने वाली स्थिति बताया. लेकिन अपने पब्लिक हेल्थ बुलेटिन में उन्होंने असल लेवल नहीं बताया."

    उन्होंने आगे लिखा, "10 घंटे बाद और बार-बार मांग करने के बाद, उन्होंने रात 10.30 बजे हमें उनके ब्लड सैंपल लेने की अनुमति दी. एक स्वतंत्र लैब की जांच में पोटैशियम का स्तर 3.5 आया, जो नॉर्मल लेवल के अंदर है."

    "बार-बार अनुरोध करने के बावजूद, अस्पताल ने उन्हें छुट्टी देने या हमारी पसंद के निजी अस्पताल में ले जाने की अनुमति देने से मना कर दिया है. हमारे फ्लोर पर करीब 30 पुलिसकर्मी और पूरे अस्पताल में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिससे हमारी आवाजाही बहुत सीमित हो गई है. यह इलाज नहीं है. यह ग़ैरकानूनी हिरासत है."

    गीतांजलि ने लिखा, "अगर सोनम को कुछ भी होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन और सरकार की होगी. इसलिए मैंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और आज तुरंत सुनवाई की मांग की है. मैंने अपील की है कि सोनम की तबीयत और ख़राब होने से पहले उन्हें कहीं और ले जाने की अनुमति दी जाए. किसी भी परिवार को सिर्फ इस बात के लिए सिस्टम से लड़ाई नहीं लड़नी चाहिए कि उनके अपने व्यक्ति का इलाज कहां हो."

    गौरतलब है कि सोनम वांगचुक को पुलिस शनिवार को दिल्ली स्थित जंतर-मंतर से उठाकर सफ़दरजंग अस्पताल लेकर गई थी. इसके बाद रविवार को एक संदेश में वांगचुक ने दावा किया कि वो अवैध हिरासत में हैं.

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  4. केन-बेतवा परियोजना: 12 दिन से अनशन पर बैठे अमित भटनागर को पुलिस ने धरना स्थल से हटाया, विष्णुकांत तिवारी, बीबीसी संवाददाता

    अमित भटनागर

    इमेज स्रोत, Vishnukant Tiwari

    इमेज कैप्शन, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर को पुलिस धरना स्थल से मेडिकल जांच के लिए अपने साथ ले गई (फ़ाइल फ़ोटो)

    केन-बेतवा लिंक परियोजना समेत अन्य विकास परियोजनाओं के विरोध में चल रहे चिता आंदोलन को रविवार सुबह पुलिस ने समाप्त करा दिया.

    आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर को पुलिस धरना स्थल से मेडिकल जांच के लिए अपने साथ ले गई. प्रदर्शनकारियों के अनुसार, भटनागर पिछले 12 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे.

    प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस अमित भटनागर को उनकी इच्छा के विरुद्ध धरना स्थल से उठाकर ले गई. इसके साथ ही प्रशासन ने आंदोलन में शामिल अन्य लोगों को भी धरना स्थल खाली करने के लिए कहा.

    छतरपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले ने बताया कि अमित भटनागर कई दिनों से भूख हड़ताल पर थे और उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ रही थी. उन्होंने कहा कि उन्हें शांतिपूर्वक मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया है. वहीं, अन्य प्रदर्शनकारियों को बसों के जरिए उनके घरों की ओर रवाना कर दिया गया.

    यह आंदोलन मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में केन-बेतवा लिंक परियोजना के अलावा मझगवां, रुन्झ, नेगुवां और एनटीपीसी परियोजनाओं से प्रभावित लोगों की तरफ से किया जा रहा था. प्रदर्शनकारी मुआवजे, पुनर्वास और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले करीब दो सप्ताह से आंदोलन कर रहे थे.

    प्रदर्शन करते लोग

    इमेज स्रोत, Vishnukant Tiwari

    इमेज कैप्शन, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई प्रभावित परिवारों को अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिला है

    आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने विरोध दर्ज कराने के लिए कई प्रतीकात्मक तरीके अपनाए थे. कुछ लोग लकड़ी की चिताओं पर लेटकर प्रदर्शन कर रहे थे, जबकि कुछ महिलाओं ने प्रतीकात्मक फांसी का फंदा लगाकर विरोध जताया. कई प्रदर्शनकारी नदी में खड़े होकर जल सत्याग्रह भी कर रहे थे. इन तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर भी काफी ध्यान आकर्षित किया था.

    प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई प्रभावित परिवारों को अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिला है. उनका कहना है कि कुछ परिवारों को पुनर्वास पैकेज नहीं मिला, जबकि कुछ पात्र लोगों को लाभार्थियों की सूची से बाहर कर दिया गया. ग्रामीणों ने मुआवजा वितरण में भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए हैं.

    हालांकि, छतरपुर के कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने इससे पहले कहा था कि धरने में शामिल अधिकांश लोग पन्ना जिले की परियोजनाओं से प्रभावित हैं. उनके अनुसार, प्रभावित लोगों की सभी मांगों का समाधान किया जा चुका है और कोई मुद्दा लंबित नहीं है.

    केन-बेतवा लिंक परियोजना देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है. केंद्र सरकार के मुताबिक, करीब 44,600 करोड़ रुपये की इस परियोजना से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के 13 जिलों में सिंचाई और पेयजल की सुविधा में विस्तार होगा.

    वहीं, परियोजना के लिए मध्य प्रदेश के कई गांवों के डूब क्षेत्र में आने और हजारों परिवारों के विस्थापन को लेकर शुरुआत से ही विरोध होता रहा है.

  5. सोनम वांगचुक का अस्पताल से संदेश- मुझे अवैध हिरासत में रखा गया है

    सोनम वांगचुक

    इमेज स्रोत, Vipin Kumar/Hindustan Times via Getty Images

    इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक का संदेश उनकी पत्नी गीतांजलि के माध्यम से सामने आया.

    सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर से पुलिस उठाकर अस्पताल ले गई थी.

    इसके बाद रविवार को वांगचुक की ओर से एक लिखित संदेश जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने खुद को अवैध हिरासत में रखे जाने का आरोप लगाया.

    वांगचुक का यह संदेश उनकी पत्नी गीतांजलि के माध्यम से सामने आया है.

    संदेश में लिखा गया है, "आज़ादी का दूसरा आंदोलन, भय मुक्त भारत, अन्याय मुक्त भारत. 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च को सफल बनाएं."

    संदेश में लोगों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में शामिल होने और इसे सफल बनाने की अपील की गई है.

    वहीं, वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद अभिजीत दीपके अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं.

    सोनम वांगचुक का संदेश

    इमेज स्रोत, X/@Wangchuk66

    इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक का संदेश
  6. यमाल के साथ वायरल तस्वीर पर फ़ुटबॉल स्टार मेसी ने क्या कहा, बेन कॉलिन्स, बीबीसी स्पोर्ट जर्नलिस्ट

    लियोनेल मेसी और लामिन यमाल

    इमेज स्रोत, Joan Monfort

    इमेज कैप्शन, साल 2007 में मेसी ने पांच महीने के यमाल के साथ तस्वीर खिंचवाई थी (फ़ाइल फ़ोटो)

    अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने कहा है कि वर्ल्ड कप फ़ाइनल में स्पेन के लामिन यमाल के ख़िलाफ़ खेलना उनके लिए 'क्रेज़ी' होगा.

    इसकी वजह एक पुरानी तस्वीर है, जिसमें यमाल को मेसी ने गोद में लिया था. यह यमाल के बचपन की तस्वीर है.

    दरअसल, साल 2007 में यमाल के माता-पिता ने बार्सिलोना में एक चैरिटी फ़ोटोशूट जीता था. उस दौरान 20 साल के मेसी ने पांच महीने के यमाल को गोद में लेकर तस्वीर खिंचवाई थी. अब क़रीब दो दशक बाद दोनों खिलाड़ी वर्ल्ड कप फ़ाइनल में आमने-सामने होंगे.

    न्यूयॉर्क में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान मेसी ने इस फ़ोटो पर कहा, "वह तस्वीर कमाल की है. हम दोनों (मेसी और यमाल) वर्ल्ड कप में खेल रहे हैं, यह कितनी क्रेज़ी बात है."

    मेसी ने यमाल की तारीफ़ करते हुए कहा कि वह मौजूदा समय में दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों में शामिल हैं.

    उन्होंने आगे कहा, "वह शानदार खिलाड़ी हैं और दुनिया भर में पहचाने जाने वाले स्टार हैं. वह 19 साल के हैं और उनका पूरा करियर अभी बाक़ी है. मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं, लेकिन हम पूरी कोशिश करेंगे कि इस बार वह चैंपियन न बन पाएं."

    यमाल ने 15 साल की उम्र में एफसी बार्सिलोना के लिए अपना डेब्यू किया था. बाद में उन्होंने मेसी की मशहूर नंबर-10 जर्सी संभाली. उन्होंने स्पेन को यूईएफ़ए यूरो 2024 का ख़िताब जिताने में अहम भूमिका निभाई थी.

    अब 19 साल की उम्र में उनके पास यूरोपीय चैंपियनशिप और वर्ल्ड कप दोनों जीतने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बनने का मौक़ा है.

  7. अभिजीत दीपके के अनशन का दूसरा दिन, बोले- अब पता लगा कि ये कितना मुश्किल

    अभिजीत दीपके

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    इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं

    कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके का अनशन रविवार (19 जुलाई) को दूसरे दिन भी जारी है.

    इस दौरान उन्होंने कहा कि अब उन्हें एहसास हुआ है कि भूख हड़ताल करना कितना कठिन होता है. उन्होंने अनशन पर बैठे अन्य लोगों के प्रति सम्मान भी व्यक्त किया.

    अभिजीत दीपके ने कहा, "मेरी भूख हड़ताल का आज दूसरा दिन है. अब मुझे पता चला है कि यह कितना मुश्किल है. मैं सोनम सर और यहाँ भूख हड़ताल कर रहे छात्रों को सलाम करता हूं. मैं कल होने वाले मार्च के लिए अपनी ऊर्जा बचा रहा हूं."

    इससे पहले सोनम वांगचुक दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे थे, लेकिन शनिवार सुबह पुलिस उन्हें उठाकर अस्पताल ले गई. इसके बाद अभिजीत दीपके अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं.

    वहीं, सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी का प्रस्तावित संसद मार्च है, जिसमें बड़ी संख्या में शामिल होने के लिए लोगों से अपील की जा रही है.

  8. ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा की अमेरिका को चेतावनी- इस बार ऐसा सबक सिखाएंगे कि...

    मोजतबा ख़ामेनेई

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    इमेज कैप्शन, मोजतबा ख़ामेनेई ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की कोई अहमियत या विश्वसनीयता नहीं है (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरानी सरकारी टीवी पर प्रसारित एक कार्यक्रम में होस्ट ने सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई से जुड़ा एक नया लिखित संदेश पढ़ा, जिसमें अमेरिका को 'भूल न सकने वाला सबक' सिखाने की चेतावनी दी गई है.

    संदेश में कहा गया है कि समझौते के उल्लंघन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की कोई अहमियत या विश्वसनीयता नहीं है.

    लिखित संदेश में आगे कहा गया, "अमेरिका ने एक बार फिर अपना असली चेहरा दुनिया के सामने दिखा दिया है. उसके कदम यह साबित करते हैं कि उसकी नीतियां झूठी, भरोसे के लायक नहीं और धोखे से भरी हैं."

    संदेश में कहा गया, "अगर अमेरिका युद्ध भड़काने की कोशिश करेगा, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. ईरान और उसके सहयोगी अमेरिका को ऐसा जवाब देंगे, जिसे वह लंबे समय तक याद रखेगा."

    गौरतलब है कि अपने पिता के बाद सर्वोच्च नेता का पद संभालने के बाद से मोजतबा ख़ामेनेई न तो सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं और न ही उन्होंने कोई ऑडियो या वीडियो संदेश जारी किया है.

    अब तक उनके नाम से जुड़े सभी संदेश केवल लिखित रूप में ही सामने आए हैं.

  9. ईरान-अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ा, जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए, कैथरीन आर्मस्ट्रांग, वॉशिंगटन डीसी

    मिसाइल

    इमेज स्रोत, Wisam Hashlamoun/Anadolu via Getty Images

    इमेज कैप्शन, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने मारे गए सैनिकों की पहचान, घटना की जगह और हमले से जुड़ी अन्य जानकारी साझा नहीं की (सांकेतिक तस्वीर)

    ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों में शुक्रवार को जॉर्डन में अमेरिका के दो सैनिकों की मौत हो गई, जबकि एक सैनिक अब भी लापता है. इसकी जानकारी अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने दी.

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुताबिक़, चार अमेरिकी सैनिकों को इलाज के लिए जॉर्डन के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था. इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. वहीं, वो सैनिक फिर से ड्यूटी पर लौट आए हैं, जिन्हें मामूली चोट लगी थी.

    हालांकि, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने मारे गए सैनिकों की पहचान, घटना की जगह और हमले से जुड़ी अन्य जानकारी साझा नहीं की है.

    इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिका ने शनिवार रात ईरान पर एक बार फिर हवाई हमले किए. सेंटकॉम ने इसकी पुष्टि की है.

    सेंटकॉम के बयान के अनुसार, लगातार आठवीं रात किए गए इन हमलों का मकसद होर्मुज़ स्ट्रेट में कॉमर्शियल जहाज़ों के लिए ख़तरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को और कमज़ोर करना है.

    बयान में कहा गया कि इन हमलों का उद्देश्य इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर की उन ताक़तों को तुरंत जवाब देना है, जिन्होंने पिछली रात जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमला किया था. हालांकि, इस बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी गई.

    यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब पिछले एक हफ़्ते से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है. अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी दोबारा लागू कर दी है, जबकि ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर दिया है.

    दोनों देशों के बीच हुआ युद्धविराम एक महीने से भी कम समय में टूट गया.

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  10. फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2026: इंग्लैंड ने फ़्रांस को 6-4 से हराकर जीता कांस्य पदक

    इंग्लैंड टीम

    इमेज स्रोत, Jamie Squire/Getty Images

    इमेज कैप्शन, सेमीफ़ाइनल में अर्जेंटीना से दर्दनाक हार के बाद इंग्लैंड ने तीसरे स्थान के मुक़ाबले में शानदार वापसी की

    फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के तीसरे स्थान के मुक़ाबले में बुकायो साका ने हैट्रिक लगाकर इंग्लैंड को फ़्रांस पर 6-4 की रोमांचक जीत दिलाई. इस शानदार मुक़ाबले के साथ इंग्लैंड ने 2026 फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप में तीसरा स्थान हासिल किया.

    सेमीफ़ाइनल में अर्जेंटीना से दर्दनाक हार के बाद इंग्लैंड ने तीसरे स्थान के मुक़ाबले में शानदार वापसी की. इस मैच में इंग्लैंड ने बेहद आक्रामक खेल दिखाया. इंग्लैंड ने पहले हाफ़ में ही चार गोल दागकर मुक़ाबले पर अपनी मज़बूत पकड़ बना ली.

    शुरुआती 20 मिनट में डेकलन राइस और एज़री कॉन्सा ने इंग्लैंड को बढ़त दिलाई. इसके बाद साका ने दो गोल कर टीम को 4-0 से आगे कर दिया और फ़्रांस को भारी दबाव में ला दिया.

    हालांकि, दूसरे हाफ़ में मुक़ाबले का रंग पूरी तरह बदल गया. फ़्रांस ने तीन गोल कर वापसी की और बराबरी करने के कई आसान मौक़े भी बनाए, लेकिन उन्हें भुना नहीं सका.

    किलियन एम्बापे ने एक गोल पहले और दूसरा गोल ब्रैडली बारकोला (54वें मिनट) के गोल के बाद 66वें मिनट में किया. इसके साथ ही वह 2026 वर्ल्ड कप के गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे पहुँच गए. साथ ही, उन्होंने वर्ल्ड कप इतिहास में 22 गोल के साथ लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ते हुए सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया.

    हालांकि, 87वें मिनट में इंग्लैंड के बुकायो साका ने मालो गुस्टो के जेड स्पेंस पर किए गए फ़ाउल के बाद मिली पेनल्टी को गोल में बदलकर अपनी हैट्रिक पूरी की. साका ने पहला गोल 37वें मिनट में और दूसरा गोल पहले हाफ़ के आख़िरी लम्हों में किया.

    इंजरी टाइम के छठे मिनट में उस्मान डेम्बेले ने सटीक शॉट लगाकर फ़्रांस के लिए चौथा गोल किया और स्कोर 5-4 कर दिया.

    लेकिन इसके तुरंत बाद, 98वें मिनट में जूड बेलिंगहैम ने फ़्रांस की रक्षा पंक्ति को भेदते हुए गोल दागा और इंग्लैंड की 6-4 की यादगार जीत पर मुहर लगा दी.

    वर्ल्ड कप में इंग्लैंड का पिछले 60 साल में ये सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा. 1966 में इंग्लैंड ने वर्ल्ड कप का खिताब जीता था.

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  11. नमस्कार!

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