लाइव, पाकिस्तान: लैंडमाइन विस्फोट में चार युवकों की मौत, भारत पर क्या आरोप लगाया

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के पुंछ क्षेत्र में लाइन ऑफ़ कंट्रोल (एलओसी) के पास लैंडमाइन विस्फोट में चार युवकों की मौत हो गई.

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लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा

  1. पाकिस्तान: लैंडमाइन विस्फोट में चार युवकों की मौत, भारत पर क्या आरोप लगाया

    पाकिस्तान
    इमेज कैप्शन, सूचना विभाग की ओर से सोमवार शाम जारी बयान में बताया गया कि यह घटना महेंदला मदारपुर गांव में हुई (फ़ाइल फ़ोटो)

    पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के पुंछ क्षेत्र में लाइन ऑफ़ कंट्रोल (एलओसी) के पास लैंडमाइन विस्फोट में चार युवकों की मौत हो गई.

    पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के सूचना विभाग ने दावा किया है कि भारत की ओर से आए एक लैंडमाइन में विस्फोट होने से चारों युवकों की जान गई.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, सूचना विभाग की ओर से सोमवार शाम जारी बयान में बताया गया कि यह घटना महेंदला मदारपुर गांव में हुई, जो एलओसी के नज़दीक स्थित है.

    शुरुआती जानकारी के अनुसार, चारों युवक गांव के पास पानी की पाइपलाइन की मरम्मत करने गए थे. इसी दौरान वहां अचानक ज़ोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें चारों की मौके पर ही मौत हो गई.

    पुंछ डिवीज़न के आयुक्त सरदार वहीद ख़ान ने आरोप, "जिस जंगल से होकर युवक गुज़रे थे, वहां भारतीय सेना ने लैंडमाइन बिछा रखी थीं."

    ज़िला प्रशासन के एक अधिकारी ने बीबीसी संवाददाता शहज़ाद मलिक को बताया कि चारों युवकों ने खुदाई शुरू करने से पहले वहां तैनात सैनिकों से संपर्क किया था.

    अधिकारी के मुताबिक़, सैनिकों ने युवकों को बताया था कि इलाक़ा एलओसी के बेहद क़रीब है, इसलिए खुदाई से पहले क्षेत्र की सफ़ाई के लिए एक दिन का समय दिया जाना चाहिए.

    हालांकि, ज़िला प्रशासन का दावा है कि युवकों ने सैनिकों की सलाह नहीं मानी और खुदाई शुरू कर दी. इसी दौरान विस्फोट हुआ और चारों की मौत हो गई.

    इस घटना पर भारत की ओर से फ़िलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

  2. पीएम मोदी पर की गई टिप्पणी के मामले में राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत

    राहुल गांधी
    इमेज कैप्शन, अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की याचिका पर नोटिस जारी किया (फ़ाइल फ़ोटो)

    सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ एक टिप्पणी करने के मामले में अंतरिम राहत दी है.

    अदालत ने मंगलवार को उनके ख़िलाफ़ चल रहे आपराधिक मानहानि मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर अस्थायी रोक लगा दी है.

    जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर नोटिस जारी किया. इस याचिका में बॉम्बे हाई कोर्ट के 8 सितंबर के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें आपराधिक मानहानि के मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने चार हफ़्ते में जवाब देने को कहा है.

    लाइव लॉ के मुताबिक़, राहुल गांधी की ओर से सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए.

    दरअसल, यह मामला भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ता की ओर से दायर आपराधिक मानहानि की शिकायत से जुड़ा है.

    शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी की कथित टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ बीजेपी और उसके सदस्यों की प्रतिष्ठा को भी नुक़सान पहुंचाती है.

    शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि पार्टी का कार्यकर्ता होने के नाते उसे मानहानि की शिकायत दर्ज कराने का अधिकार है.

  3. पीएम मोदी बोले- भारत मदर ऑफ़ डेमोक्रेसी है, यहां मुद्दों पर खुलकर बहस होती है

    नरेंद्र मोदी
    इमेज कैप्शन, पीएम मोदी ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फ़ोरम को संबोधित किया

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत मदर ऑफ़ डेमोक्रेसी है और यहां अलग-अलग मुद्दों पर खुलकर बहस होती है.

    पीएम मोदी ने यह बात मंगलवार को दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फ़ोरम को संबोधित करते हुए कही.

    पीएम ने कहा, "भारत मदर ऑफ़ डेमोक्रेसी है. भारत में 100 से अधिक भाषाएं हैं. क़रीब 80,000 रजिस्टर्ड न्यूज़ पेपर और पब्लिकेशन्स हैं. 1,000 से ज़्यादा सैटेलाइट टीवी चैनल्स हैं. इतना ही नहीं, सोशल मीडिया के दौर में भारत में 500 मिलियन से ज़्यादा यूट्यूब यूज़र्स हैं. 500 मिलियन से ज़्यादा इंस्टाग्राम यूज़र्स हैं."

    उन्होंने कहा, "हमारे यहां अलग-अलग मुद्दों पर खुलकर बहस होती है, हमारे यहां अलग-अलग मुद्दों पर जनता चर्चा करती है.इसमें डिजिटल पावर ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है."

    पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले भारत में कुछ सौ स्टार्टअप ही हुआ करते थे, लेकिन अब देश में इनकी संख्या 2.5 लाख से अधिक हो चुकी है.

    उन्होंने कहा, "दुनिया में पावर की इस भागदौड़ में भारत एक अलग मिज़ाज लेकर चल रहा है, और इसका गवाह यह दशक भी है. 21वीं सदी का यह दशक अभूतपूर्व ग्लोबल चुनौतियां लेकर आया है."

    "हमने महामारी देखी, फिर दुनिया के अलग-अलग देशों में युद्ध छिड़ गया. जैसे इतना ही काफ़ी नहीं था, ट्रेड हो, क्रिटिकल मिनरल्स हो, एनर्जी सप्लाई हो, इनमें भी अड़चनें आ रही हैं. दुनिया एक संकट से बाहर निकलने का रास्ता तलाशती है, तब तक एक नया संकट आ जाता है. जिन चीज़ों ने कभी दुनिया को जोड़ा था, वही आज हथियार बन रही हैं. सप्लाई चेन हो, एनर्जी हो, मिनरल्स हो, पेमेंट हो या तकनीक, ये दबाव और दबदबे का माध्यम बन रही हैं."

    "बीते दशकों में ग्लोबलाइज़ेशन से जो रूट्स बने थे, वे कब और कहां चोक प्वाइंट्स बन गए, यह हम देख रहे हैं. इन सबके बीच आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस हर सेक्टर में काम करने के तरीक़े बदल रही है. अनेक देशों में एजिंग से जुड़े चैलेंजेज़ भी देखने को मिल रहे हैं."

    पीएम ने कहा, "ऐसे में आज दुनिया के सामने सबसे बड़ा सवाल ट्रस्ट का है, यानी ज़रूरत के समय सप्लाई जारी रहेगी. भरोसा यह कि जो वादा किया है, वह निभाया भी जाएगा. भरोसा यह कि हमारा पार्टनर देश साथ खड़ा रहेगा. यहीं पर भारत एक अलग मिज़ाज और सोच के साथ आपके सामने है."

    गौरतलब है कि ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फ़ोरम पहली बार भारत में हो रहा है. तीन दिन का यह कार्यक्रम 15 अक्तूबर को ख़त्म होगा.

  4. पवन खेड़ा बोले- सरकार दो चुनाव आयुक्तों को कर रही ब्लैकमेल

    पवन खेड़ा
    इमेज कैप्शन, पवन खेड़ा का आरोप है कि चुनाव आयुक्तों को डराया-धमकाया जा रहा है और ब्लैकमेल किया जा रहा है (फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने आरोप लगाया है कि सरकार दो चुनाव आयुक्तों पर संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस करने का दबाव बना रही है.

    पवन खेड़ा का कहना है कि चुनाव आयुक्तों को डराया-धमकाया जा रहा है और ब्लैकमेल किया जा रहा है.

    उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "हमें बताया जा रहा है कि सरकार दोनों चुनाव आयुक्तों पर एक साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस करने के लिए दबाव बना रही है और उन्हें ब्लैकमेल कर रही है."

    पवन खेड़ा ने पीएम मोदी पर तंज़ कसते हुए लिखा, "56 की हालत के बारे में सोचिए. वह और उसके लोग इतने हफ्तों में दोनों चुनाव आयुक्तों को ज्ञानेश के साथ एक साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस करने के लिए राज़ी नहीं कर पाए हैं!"

    गौरतलब है कि अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में भारत निर्वाचन आयोग के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दो अन्य चुनाव आयुक्तों (सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी) के बीच गंभीर आंतरिक मतभेद सामने आए थे.

  5. सौरव दास और आशुतोष रांका को पुलिस ने फिर हिरासत में लिया

    सौरव दास और आशुतोष रांका
    इमेज कैप्शन, सीजेपी के दोनों नेताओं को जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया गया (फ़ाइल फ़ोटो)

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर हिरासत में ले लिया है.

    सीजेपी के दोनों नेताओं को जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया गया.

    इनके अलावा, पार्टी से जुड़े अजिंक्य शिंदे समेत कई अन्य समर्थकों को भी पुलिस ने डिटेन किया है.

    इस घटनाक्रम को लेकर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया है. वीडियो में पार्टी के कुछ समर्थक जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं.

    दीपके ने वीडियो के साथ लिखा, “तिरंगा लेकर कॉकरोच आज सुबह-सुबह जंतर-मंतर में घुस गए, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया. आशुतोष रांका, सौरव दास, अजिंक्य शिंदे और टीम के दूसरे सदस्यों को हिरासत में लिया गया है.”

    उन्होंने लिखा, "नरेंद्र मोदी, आप विरोध-प्रदर्शन को खत्म नहीं कर सकते."

  6. कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने विपक्ष के मार्च पर क्या कहा?

    अभिजीत दीपके
    इमेज कैप्शन, सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि सबसे अहम ये है कि हम नागरिक के तौर पर चुप नहीं हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने सोमवार को हुए विपक्ष के मार्च के बाद प्रतिक्रिया दी है.

    अभिजीत दीपके ने कहा है कि यह मायने नहीं रखता कि प्रदर्शन कौन करता है, सबसे अहम ये है कि हम नागरिक के तौर पर चुप नहीं हैं.

    दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि विरोध कौन कर रहा है, कहाँ कर रहा है या किसके साथ मिलकर कर रहा है. मायने यह रखता है कि हम, इस देश के नागरिक होने के नाते चुप रहने से इनकार करें. जो ज़रूरी है, उस पर ध्यान दें."

    दरअसल, एक्स पर एक यूज़र ने लिखा था कि सीजेपी प्रोटेस्ट करे या इंडिया गठबंधन, लेकिन ज्ञानेश कुमार के प्रति लोग अविश्वास ज़ाहिर कर चुके हैं.

    इसी एक्स पोस्ट के रिप्लाई में दीपके ने विपक्ष के मार्च पर अपनी बात रखी.

    गौरतलब है कि विपक्ष का मार्च कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट जाना था लेकिन बीच में मंडी हाउस के पास रोक दिया गया. शाम सात बजे के क़रीब राहुल गांधी और विपक्ष के कुछ नेता पुलिस को चकमा देते हुए नेता सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए.

    वहां विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग और एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाख़िल की.

  7. किम जोंग से मुलाक़ात करने के सवाल पर क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप

    डोनाल्ड ट्रंप
    इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि किम जोंग उन से उनके संबंध अच्छे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल ट्रंप ने कहा है कि वो उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से मुलाक़ात कर सकते हैं.

    दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ़िलीपींस में आसियान शिखर सम्मेलन और चीन के शेन्ज़ेन में एपेक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.

    ट्रंप से सोमवार को पत्रकारों ने पूछा कि क्या वो इस एशियाई दौरे के वक्त किम जोंग उन से मिलेंगे?

    इस पर ट्रंप ने जवाब दिया, "मैं उनसे मिल सकता हूं... यह एक रोमांचक मुलाकात होगी. मेरी उनके साथ अच्छी बनती है."

    गौरतलब है कि ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान किम जोंग के साथ तीन बार आमने-सामने मुलाक़ात की. पहली जून 2018, दूसरी फ़रवरी 2019 और तीसरी जून 2019 में हुई.

  8. राहुल गांधी प्रदर्शन के बाद बोले - 'आरएसएस के वो कायर लोग कहां थे...'

    राहुल गांधी
    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने सोमवार रात को सोशल मीडिया पर जारी किए गए वीडियो में कहा कि वो डरने वाले नहीं हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को मार्च में शामिल लोगों को धन्यवाद कहते हुए एक वीडियो जारी किया है.

    राहुल गांधी ने सोमवार रात को सोशल मीडिया पर जारी किए गए वीडियो में कहा कि वो डरने वाले नहीं हैं और गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे.

    राहुल गांधी ने कहा, "आज (सोमवार) के इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले हर एक व्यक्ति का मैं दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं. उन करोड़ों लोगों का भी धन्यवाद, जिन्होंने दोपहर 3 बजे अपने-अपने तरीक़े से इस आंदोलन को समर्थन दिया. इंडिया गठबंधन के नेताओं, कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के तमाम कार्यकर्ताओं का भी बहुत-बहुत धन्यवाद."

    "यह दिन बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि हमें सरकार को यह दिखाना था कि भारत की जनता डरने वाली नहीं है. आप हमें मारिए, धमकाइए, डराने की कोशिश कीजिए, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं. हम आपकी गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे."

    उन्होंने कहा, "मैं सोच रहा था कि आरएसएस के वो कायर लोग कहां थे, जो परसों हमारे युवा साथियों को पीट रहे थे? कहां थे वो लोग? आज तो मुझे उनमें से कोई दिखाई नहीं दिया. जब हम वहां खड़े हैं, जब देश की जनता वहां खड़ी है, तो तुम बाहर क्यों नहीं आते? अपनी छोटी-छोटी गमछियां पहनकर क्यों नहीं बाहर आते हो और देखते हो कि क्या होता है? क्योंकि तुम भी देश के प्रधानमंत्री की तरह सिर्फ़ गुंडागर्दी करना जानते हो. तुममें सामने आकर खड़े होने की हिम्मत नहीं है. तुम सिर्फ़ सत्ता और ताक़त के दम पर लड़ सकते हो."

    राहुल ने कहा, "आज जो कुछ हुआ, उसे देखकर बहुत ख़ुशी होती है. मुझे आप सभी पर गर्व है. सबने एक टीम की तरह काम किया. जैसा कि मैंने अपनी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा था, ये अलग-अलग प्रदर्शन नहीं हैं. यह एक ही आंदोलन है, जिसमें हम सब एक साथ खड़े हैं. हममें से हर एक व्यक्ति संविधान के इन हत्यारों, हमारे लोकतंत्र को कुचलने वालों के ख़िलाफ़ खड़ा होगा. और हम एक क़दम भी पीछे नहीं हटेंगे."

    गौरतलब है कि विपक्ष का मार्च कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट जाना था लेकिन बीच में मंडी हाउस के पास रोक दिया गया. शाम सात बजे के क़रीब राहुल गांधी और विपक्ष के कुछ नेता पुलिस को चकमा देते हुए नेता सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए.

    वहां विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग और एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाख़िल की.

  9. ईरानी राष्ट्रपति ने सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई से हुई मुलाक़ात के बारे में क्या बताया

    मोजतबा ख़ामेनेई और मसूद पेज़ेश्कियान
    इमेज कैप्शन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने बताया कि इस बैठक के दौरान देश को चलाने में आ रही समस्याओं और प्रशासनिक चुनौतियों पर चर्चा की गई (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई के साथ हुई सात घंटे की मुलाक़ात के बारे में जानकारी साझा की है.

    उन्होंने बताया कि इस बैठक के दौरान देश को चलाने में आ रही समस्याओं और प्रशासनिक चुनौतियों पर चर्चा की गई. मसूद पेज़ेश्कियान ने ईरान में विश्वविद्यालयों के उद्घाटन समारोह और नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के मौक़े पर यह बात कही.

    यह दूसरी बार है, जब उन्होंने मोजतबा ख़ामेनेई के साथ सात घंटे तक चली बैठक का ज़िक्र किया है. इससे पहले उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति चुने जाने के बाद सात महीनों के दौरान उनकी नए सर्वोच्च नेता से दो बार मुलाक़ात हुई थी.

    राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने अपने संबोधन में कहा कि समस्या ये नहीं है कि देश में संसाधनों की कमी है, बल्कि विशेषज्ञों की कमी और योजनाओं को लागू करने की इच्छाशक्ति का अभाव है. उन्होंने सरकारी कंपनियों के कामकाज पर भी सवाल उठाए.

    पेज़ेश्कियान ने कहा कि कुछ सरकारी कंपनियों में जो हो रहा है, उसे सही मैनेजमेंट नहीं कहा जा सकता. उन्होंने ईरान की सार्वजनिक प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, ईरानी राष्ट्रपति ने सक्षम और योग्य लोगों को अहम पदों पर नियुक्त करने में आने वाली मुश्किलों का भी मुद्दा उठाया.

    उन्होंने कहा, "कई बार किसी व्यक्ति को पद पर नियुक्त करने का फ़ैसला लिया जाता है, लेकिन अचानक न्यायपालिका या किसी अन्य संस्था की ओर से उसके ख़िलाफ़ कोई मुद्दा सामने आ जाता है, जिससे नियुक्ति की प्रक्रिया में बाधाएं पैदा हो जाती हैं."

    पेज़ेश्कियान के इन बयानों से ईरान की प्रशासनिक व्यवस्था, सरकारी कंपनियों के प्रबंधन और अधिकारियों की नियुक्ति से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी चिंता सामने आई है.

  10. भारत के सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और ईरान के सुरक्षा प्रमुख की फ़ोन पर हुई बातचीत

    अजित
    इमेज कैप्शन, भारत स्थित ईरानी दूतावास ने सोमवार को हुई इस बातचीत की जानकारी साझा की है (फ़ाइल फ़ोटो: अजित डोभाल)

    भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल और ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव डॉ. मोहसिन रेज़ाई की फ़ोन पर बातचीत हुई है.

    भारत स्थित ईरानी दूतावास ने सोमवार को हुई इस बातचीत की जानकारी साझा की है. दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की है.

    दूतावास के मुताबिक़, "ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव डॉ. मोहसिन रज़ाई ने सोमवार शाम भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल से फ़ोन पर बातचीत की."

    "इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के साथ-साथ भारत और ईरान के बीच आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की."

    ईरान के सुरक्षा प्रमुख और भारत के एनएसए के बीच यह बातचीत सऊदी अरब की राजधानी रियाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले के दो दिन बाद हुई है.

    इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई. हमले के लिए ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को ज़िम्मेदार बताया गया है.