प्रदर्शन से पहले बोले अभिजीत दीपके- मेरी गिरफ़्तारी हो जाती है तो...

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कॉकरोच जनता पार्टी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा है कि यदि उनकी गिरफ़्तारी हो जाती है, तो भी निष्पक्ष चुनाव के लिए लड़ाई जारी रहेगी.
अभिजीत दीपके शनिवार सुबह मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं. इससे पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत की और कहा कि विरोध प्रदर्शन उनका मौलिक अधिकार है.
अभिजीत दीपके ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, “मुझे हैरानी होती है कि प्रधानमंत्री इस देश के युवाओं और जनता से इतने डरे हुए क्यों हैं. सभी रेलवे सेवाएं और मेट्रो स्टेशन बंद करने की क्या ज़रूरत थी? उन्होंने इंटरनेट बंद कर दिया और सड़कें रोक दी हैं."
"उन्होंने जम्मू-कश्मीर से सेना लाकर दिल्ली में तैनात कर दी है. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से सीआरपीएफ बल बुलाकर दिल्ली में तैनात कर दिए हैं. क्या नरेंद्र मोदी और अमित शाह अपने ही देश की जनता के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ना चाहते हैं? क्या ज्ञानेश कुमार उनके लिए इतने प्यारे हैं कि वे अपनी ही जनता पर पुलिस और आर्मी देंगे?"
उन्होंने कहा, “पीएम मोदी डर गए हैं. उन्हें डर है कि इस घटना के बाद इस देश की जनता उन्हें वोट नहीं देगी. इसलिए, बस सत्ता में बने रहने के लिए, वे ट्रेनों से लोगों को उठा रहे हैं. सोसाइटियों में एलान किए जा रहे हैं कि लोग प्रदर्शनों में शामिल न हों."
"दिल्ली पुलिस घर-घर जाकर लोगों से कह रही है कि प्रदर्शनों में भाग न लें. लेकिन हम क्यों न करें? विरोध प्रदर्शन हमारा मौलिक अधिकार है. अनुच्छेद 19 हमें लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीक़े से विरोध करने का मौलिक अधिकार देता है, और हम ठीक वैसा ही करने वाले हैं."
दीपके से पूछा गया कि दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर क्या उनकी गिरफ़्तारी हो सकती है?
इस पर उन्होंने जवाब दिया, “अगर वे मुझे हिरासत में लेना या गिरफ़्तार करना चाहते हैं, करें. मैं इसके लिए तैयार हूं. इससे मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता. यूएपीए लगा दें, एनएसए लगा दें. लेकिन हम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों तथा इस देश की लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ते रहेंगे.”
दूसरी ओर, जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाक़ों में दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ गई है. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई है.















