मोरक्को से स्पेन के स्यूटा में पहुंचने वाले प्रवासियों की संख्या 60 हज़ार हुई
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, स्पेन के स्यूटा से 25,000 से ज़्यादा लोग अपनी मर्ज़ी से मोरक्को लौट चुके हैं
स्पेन का कहना है कि पिछले 24 घंटों में मोरक्को से लगभग 60 हज़ार प्रवासी स्यूटा पहुंचे हैं.
स्यूटा के प्रेसिडेंट ने बताया कि पिछले 24 घंटों में मोरक्को से लगभग 60 हज़ार प्रवासी स्पेन के स्यूटा में दाखिल हुए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान कम से कम 43 लोगों की मौत हो गई.
स्यूटा के प्रेसिडेंट जुआन जीसस विवास ने कहा कि हालात "संभालने लायक नहीं" हैं और हाल ही में आए लोगों की संख्या शहर की आबादी के लगभग 70% के बराबर है. स्थानीय आंकड़ों के अनुसार शहर की आबादी करीब 83,600 है.
यह संख्या तब बढ़ी है जब स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुनाया कि स्यूटा या मेलिला (स्पेन का एक और इलाक़ा) पहुंचने की कोशिश के दौरान समुद्र में रोके गए प्रवासियों को तुरंत मोरक्को वापस नहीं भेजा जा सकता.
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने इस स्थिति को "हमला" बताया और कहा कि सभी अवैध प्रवासियों को "जितनी जल्दी हो सके" मोरक्को वापस भेज दिया जाएगा.
कई यूरोपीय नेताओं ने इस मामले पर चिंता जताई है और कुछ ने सीमा पर नियंत्रण कड़ा करने का वादा किया है.
अधिकारियों ने बताया कि अब तक 25 हज़ार से ज़्यादा लोग अपनी मर्ज़ी से मोरक्को लौट चुके हैं.
मोरक्को के उत्तरी तट पर स्थित स्यूटा, जिब्राल्टर स्ट्रेट से स्पेन की मुख्य भूमि से अलग होता है और लंबे समय से यूरोप पहुंचने की कोशिश कर रहे प्रवासियों के लिए एक मुख्य केंद्र रहा है.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने जूडो में जीता गोल्ड मेडल
इमेज स्रोत, PTI
इमेज कैप्शन, भारत के हर्ष सिंह ने जूडो के 60 किग्रा वर्ग मुक़ाबले में यह मेडल जीता है
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने जूडो में दो गोल्ड मेडल जीते हैं.
हर्ष सिंह इन राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बने हैं. हर्ष ने फ़ाइनल (60 किग्रा) में मौजूदा कॉमनवेल्थ पदक विजेता जोशुआ काट्ज़ को हराया.
वहीं भारत की अस्मिता डे ने भी जूडो में 48 किलो ग्राम वर्ग में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता.
गोल्ड मेडल जीतने के बाद अस्मिता डे ने कहा, "यह मेरा पहला कॉमनवेल्थ गेम है. मैं इसमें गोल्ड मेडल जीतकर बहुत खुश हूं. यह मेडल मेरे देश, मेरे राज्य के लिए हैं. मैं यह मेडल अपने कोच और अपने पिता को समर्पित करना चाहती हूं."
इसके अलावा लवप्रीत सिंह ने पुरुषों के (110 किलो ग्राम+ वर्ग) वेटलिफ्टिंग इवेंट में सिल्वर मेडल जीता है.
सीमा कालीरामना ने महिलाओं के डिस्कस थ्रो में 58.65 मीटर के शानदार प्रदर्शन के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल जीता.
एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री को किया फ़ोन, जानिए क्या हुई बात
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर (फ़ाइल फ़ोटो)
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची से फ़ोन पर बातचीत की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी है.
एस जयशंकर ने कहा, "शाम को मेरी ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची से फोन पर बात हुई. मैंने उन्हें क्षेत्र में जारी तनाव और संघर्ष को लेकर भारत की गहरी चिंता से अवगत कराया."
उन्होंने कहा, "मैंने साफ़ तौर पर कहा कि किसी भी हाल में व्यापारिक जहाज़ों और उन पर काम करने वाले नाविकों पर हमला नहीं होना चाहिए. भारत ऐसे किसी भी हमले की कड़ी निंदा करता है, चाहे वह किसी भी पक्ष की ओर से किया जाए."
"ईरान के विदेश मंत्री ने मौजूदा हालात और चल रही बातचीत पर अपना पक्ष भी साझा किया. भारत हमेशा बातचीत और कूटनीतिक समाधान का समर्थन करता है."
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर 'इंडिया' गठबंधन के विरोध पर क्या बोलीं सायोनी घोष?
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, सायोनी घोष के साथ टीएमसी के 20 बाग़ी सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी में अपने गुट का विलय कर लिया था
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर 'इंडिया' गठबंधन की ओर से संसद के बाहर और अंदर विरोध जताया जा रहा है.
इसे लेकर टीएमसी की बाग़ी सांसद और नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी की नेता सायोनी घोष ने कहा, "सत्र चल नहीं पा रहा है. हर दिन सदन की कार्यवाही में बाधा डाली जा रही है. टैक्सपेयर्स के पैसे बर्बाद हो रहे हैं. चाहे वो प्रश्नकाल हो या शून्यकाल हम अपने क्षेत्र के मुद्दे नहीं उठा पा रहे हैं."
उन्होंने कहा, "यह बहुत ही दुखद है. लोगों की हमसे बहुत सारी अपेक्षाएं हैं. मेरा सिर्फ़ एक ही अनुरोध है कि सदन को चलने दें. बाहर जो करना हो करें. सदन के अंदर अगर ये ट्रेज़री बेंच का काम है कि सदन चलाए तो यह विपक्ष का भी काम है कि सदन चलने दें."
मोरक्को से स्पेन में आ रहे प्रवासियों पर ये बोलीं यूरोपियन यूनियन की अध्यक्ष
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, स्पेन के अधिकारियों के मुताबिक मोरक्को से अब तक 49 हज़ार से अधिक प्रवासी स्पेन में आ चुके हैं
मोरक्को से स्पेन के स्यूटा एन्क्लेव में हज़ारों की संख्या में आ रहे प्रवासियों पर यूरोपियन यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "स्यूटा से आ रही तस्वीरें मंज़ूर करने लायक नहीं हैं. हम किसी को भी हमारे नियमों का पालन किए बिना हमारे यूनियन में आने की इजाज़त नहीं दे सकते."
यूरोपियन यूनियन अध्यक्ष ने कहा, "ख़तरनाक रास्तों से आने-जाने का सिलसिला तुरंत बंद होना चाहिए. तस्करी करने वाले नेटवर्क को ख़त्म किया जाना चाहिए. और हमारे नियमों के मुताबिक़ लोगों की वापसी तेज़ी से होनी चाहिए."
"मैंने हालात को काबू में लाने में मदद के लिए दो कमिश्नरों को काम सौंपा है. मुझे यकीन है कि मोरक्को के साथ हमारी करीबी साझेदारी से ठोस नतीजे मिलेंगे."
पीएम मोदी ने यूके के नए पीएम एंडी बर्नम को दी बधाई, बताया फ़ोन पर क्या हुई बात
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, किएर स्टार्मर के इस्तीफ़ा देने के बाद एंडी बर्नम को यूनाइटेड किंगडम का नया पीएम बनाया गया है
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नम को प्रधानमंत्री का पद ग्रहण करने पर बधाई दी है.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री एंडी बर्नम से बात करके खुशी हुई. मैंने उन्हें पद संभालने पर बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं."
उन्होंने लिखा, "हम टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, डिफेंस, सिक्योरिटी, क्लीन एनर्जी, एजुकेशन और लोगों के बीच आपसी संबंधों जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने और भारत-यूके कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को नई ऊंचाइयों पर ले जाने पर सहमत हुए."
"हम दोनों देशों के लोगों की साझा समृद्धि और भलाई के लिए, हाल ही में लागू हुए भारत-यूके कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट से मिलने वाले व्यापार और निवेश के अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए भी मिलकर काम करेंगे."
कार्टून: टाइम का ध्यान रखें जरा
इमेज कैप्शन, पीएम मोदी के इंस्टाग्राम वीडियोज़ पर आज का कार्टून.
कावेरी जल बंटवारे को लेकर डीके शिवकुमार बोले- विजय अपनी बेंगलुरु यात्रा टालें, इमरान क़ुरैशी, बीबीसी हिन्दी के लिए
इमेज स्रोत, ANI/GETTY
इमेज कैप्शन, तमिलनाडु को कावेरी नदी का पानी देने के आदेश के बाद कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ़ विजय से कावेरी जल बंटवारे पर बातचीत के लिए बेंगलुरु आने के उनके प्लान को टालने का अनुरोध किया है.
दोनों मुख्यमंत्रियों की बैठक सोमवार, 3 अगस्त को होनी थी. विजय ने कुछ हफ़्ते पहले ही शिवकुमार को फ़ोन करके यह पहल की थी, जिसका मुख्य मक़सद पानी की कमी वाले साल में पानी छोड़े जाने की मांग करना था.
गुरुवार को कावेरी वाटर मैनेजमेंट अथॉरिटी (सीडब्लूएमए) ने कर्नाटक को निर्देश दिया कि वह कावेरी वाटर रेगुलेशन कमेटी (सीडब्लूआरसी) के आदेश के अनुसार अगले 15 दिनों तक रोज़ाना 3500 क्यूसेक पानी छोड़े. इसके कारण कर्नाटक के कावेरी बेसिन इलाके में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "विरोध करना तमिलनाडु का अधिकार है. उन्हें अपने राज्य के हितों की रक्षा करनी है. हमें अपने राज्य के हितों की रक्षा करनी है. मुझे नहीं लगता कि अभी का माहौल सही है. मैं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि वे इस समय यहां आने से बचें."
उन्होंने कहा, "जब भी बैठक हो, उससे दोनों राज्यों को फ़ायदा होना चाहिए."
शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक इस महीने तमिलनाडु को सिर्फ़ 0.6 टीएमसी (हज़ार मिलियन घन फ़ीट) फ़ीट पानी ही दे सकता है. यह पिछले 100 सालों में कर्नाटक की ओर से तमिलनाडु को दिया गया पानी का सबसे कम हिस्सा है.
शिवकुमार ने कहा, "पानी की उपलब्धता के मामले में पिछले तीन साल सबसे अच्छे रहे हैं. पिछले साल ख़ूब बारिश हुई थी. हमने पूजा भी की थी. तय किए गए 177 टीएमसी फ़ीट पानी के मुकाबले, तमिलनाडु में 400 टीएमसी फ़ीट से ज़्यादा पानी बह गया. न तो हम इसे बचा पाए और न ही तमिलनाडु. वह अतिरिक्त पानी समुद्र में चला गया."
कावेरी वाटर रेगुलेशन कमेटी (सीडब्लूआरसी) ने कर्नाटक को 15 दिनों तक हर दिन 3,500 क्यूसेक कावेरी का पानी छोड़ने का निर्देश दिया. यह कुल मिलाकर 4.50 टीएमसी फ़ीट पानी होता है. इस आदेश के ख़िलाफ़ कावेरी वाटर मैनेजमेंट अथॉरिटी में अपील की गई, जिसने सीडब्ल्यूआरसी के आदेश को बरकरार रखा.
शिवकुमार ने विपक्ष के कुछ नेताओं के इस आरोप का खंडन किया कि सरकार ने मामले में ठीक से दलीलें पेश नहीं कीं. उन्होंने कहा, "मैं उन आरोपों का जवाब नहीं दूंगा, लेकिन मैं लोगों को यह बताना चाहता हूं कि हमारे सभी अधिकारी मौजूद थे, जिनमें बोम्मई सरकार द्वारा नियुक्त सलाहकार भी शामिल थे, जिनकी सेवाएं हमने जारी रखी हैं."
उन्होंने कहा, "अभी हमारे पास लगभग 2 टीएमसी पानी आ रहा है. यह ऐसी बात है जिसे छिपाया नहीं जा सकता. कर्नाटक के हितों की रक्षा करना हमारी सरकार का कर्तव्य है. हमने किसानों और पीने के पानी की ज़रूरतों, दोनों के हितों की रक्षा की है. कांग्रेस ने हमेशा राज्य के हितों की रक्षा की है, यहाँ तक कि सूखे के वर्षों में भी."
शिवकुमार ने कहा, "मैंने दिल्ली में कर्नाटक के सांसदों की सर्वदलीय बैठक बुलाई. जब भी राज्य में पानी का संकट आता है, तो सभी को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए. बैठक में 36 सांसद और तीन केंद्रीय मंत्री शामिल हुए. अपील दायर करने से पहले, मैंने केंद्रीय मंत्रियों प्रह्लाद जोशी, वी. सोमन्ना और शोभा करंदलाजे को जानकारी दी. वे भी ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं."
उन्होंने कहा, "मैंने अब सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जो रविवार को सुबह 11 बजे होगी."
दिल्ली: स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के दौरान घायल हुए सब इंस्पेक्टर के परिवार ने क्या कहा
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, दिल्ली में स्टूडेंट्स के प्रोटेस्ट के दौरान छात्र-छात्राओं के साथ ही कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और स्टूडेंट्स संगठन के प्रदर्शन के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षाबलों के परिजनों ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
प्रोटेस्ट के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर की बेटी ने कहा, "मेरे पिता मुख्य धरना स्थल पर मौजूद थे. जब भी मेरे पिता रात में घर आते तो वे कहते कि 'यह विरोध अब छात्रों का विरोध नहीं लग रहा'. इसमें कई असामाजिक तत्व शामिल हो गए थे."
उन्होंने कहा. "ठीक अगले दिन, 25 तारीख को एक उपद्रवी भीड़ ने मेरे पिता को खींच लिया और जंतर-मंतर पर मंच के पास उनकी पीट-पीटकर लगभग हत्या करने की कोशिश की. यह घटना दोपहर करीब 2:00 बजे हुई. वे राम मनोहर लोहिया अस्पताल में लगभग चार घंटे तक बेहोश रहे. रात क़रीब 10:00 बजे उनके साथी उन्हें घर लाए. उनकी वर्दी पूरी तरह खून से सनी हुई थी. "
"उन्हें उस हालत में देखना हमारे लिए बहुत दर्दनाक था. जब मैंने सोशल मीडिया में देखा, तो मेरे पिता को अपराधी कहा जा रहा था. ठीक अगले दिन मुझे पता चला कि जिन लोगों ने मेरे पिता पर हमला किया था, वे अपने अपराधों को छिपाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जा रहे थे और उनके और सभी पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ शिकायतें दर्ज करा रहे थे."
उन्होंने कहा. "मुझे बहुत दुख हुआ और मैंने तय किया कि मुझे भी अपने पिता के लिए न्याय मांगना चाहिए. मुझे पुलिस के अन्य परिवारों से समर्थन मिला और हम सुप्रीम कोर्ट गए."
"हमने एक वकील से माननीय सुप्रीम कोर्ट के सामने हमारा पक्ष रखने का अनुरोध किया. वकील ने हमें भरोसा दिलाया कि इस देश के नागरिक के तौर पर हमें भी समान अधिकार हैं और हमें भी न्याय मिलेगा."
सरकार और सीजेपी के अधिकारियों के बीच हुए समझौते में स्टूडेंट्स पर दर्ज हुईं सभी एफ़आईआर को वापस लेने की मांग की गई है.
वहीं 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के एसीपी की पत्नी ने कहा, 20 जुलाई की देर रात जब वो चोटिल हालत में घर पहुंचे. वो पल मेरी और मेरी दो साल की बेटी के लिए बहुत दर्दनाक था.
आरा के भरत तिवारी एनकांउटर केस में एसटीएफ़ जवान की गिरफ़्तारी, सीटू तिवारी, बीबीसी संवाददाता
इमेज स्रोत, Preeti Prabha
इमेज कैप्शन, 17 जून 2026 को भोजपुर ज़िले में भरत तिवारी की पुलिस एनकांउटर के बाद मौत हो गई थी
बिहार के भोजपुर ज़िले के भरत तिवारी एनकांउटर केस में एसटीएफ़ जवान अक्षय कुमार की गिरफ़्तारी हुई है.
भोजपुर एसपी राज ने बीबीसी से इसकी पुष्टि की है. ये गिरफ़्तारी गुरुवार देर रात हुई है.
इस गिरफ़्तारी के बाद भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा, “मेरे बेटे पर पहली गोली अक्षय कुमार ने चलाई थी. जो बचे हुए हैं, उनकी भी गिरफ़्तारी होनी चाहिए. मुख्यमंत्री से मिलने के बाद ही कार्रवाई हुई है.”
वहीं भरत के पिता काशीनाथ तिवारी ने इस गिरफ़्तारी पर कहा, "मुझे खुशी है कि एक आदमी गिरफ़्तार हुआ."
बता दें बीती 17 जून को भोजपुर ज़िले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के भरत तिवारी की पुलिस एनकांउटर के बाद मौत हो गई थी.
24 जुलाई को भरत तिवारी के परिवार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी.
इससे पहले भरत तिवारी एनकांउटर केस की न्यायिक जांच के लिए रिटायर जज विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया था.
आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या मामले में ताहिर हुसैन समेत पांच को उम्रक़ैद की सज़ा
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पांचों दोषियों को कोर्ट ने उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है
क़ानूनी मामलों की ख़बरों और विश्लेषण की वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक़, दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत चार अन्य दोषियों को 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है.
कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज प्रवीण सिंह ने अभियोजन पक्ष की मौत की सज़ा की मांग को ख़ारिज कर दिया और इसके बजाय पांचों दोषियों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई.
बार एंड बेंच के मुताबिक़ कोर्ट ने कहा कि भले ही यह अपराध बहुत ही बर्बर और घिनौना था, लेकिन दोषियों के सुधरने की गुंजाइश अभी भी है.
दिल्ली पुलिस ने हुसैन और दूसरे दोषियों के लिए मौत की सज़ा की मांग की थी. पुलिस का कहना था कि शर्मा की हत्या बहुत बेरहमी से और सोच-समझकर की गई थी.
अदालत ने नज़ीर, आसिम, जावेद और अनस को भी उन्हीं अपराधों के लिए दोषी ठहराया.
कोर्ट की सुनवाई के बाद ताहिर हुसैन ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि हाई कोर्ट से इंसाफ़ मिलेगा.
हमास के हथियार डालने की चर्चा के बीच इसराइल ने ग़ज़ा पर किया हमला
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि हमास हथियार डालने के लिए राज़ी हो गया है (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हमास के हथियार डालने और इसराइली सैनिकों की वापसी से जुड़े समझौते की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद ग़ज़ा पर इसराइल के एक और हवाई हमले की ख़बरें आ रही हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने स्वास्थ्यकर्मियों के हवाले से बताया है कि इस हमले में कई फ़लस्तीनी घायल हुए हैं.
वहीं, समाचार चैनल अल जज़ीरा के अनुसार ग़ज़ा शहर के उत्तर में करामा इलाके में एक मस्जिद के पास हमला हुआ है.
इसराइल डिफेंस फोर्सेस (आईडीएफ़) ने बीबीसी को बताया है कि वे इस घटना की जांच कर रहे हैं.
ग़ज़ा में हमास की ओर से संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, पिछले साल अक्तूबर में इसराइल और हमास के बीच युद्धविराम लागू होने के बाद से इसराइली हमलों में कम से कम 1168 फ़लस्तीनी मारे गए हैं. वहीं इसी दौरान चार इसराइली सैनिक मारे गए हैं.
83 हज़ार की आबादी वाले स्पेन के इस शहर में घुस गए 49 हज़ार प्रवासी, सोफ़िया फरेरा सैंटोस
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, मोरक्को से भारी संख्या में प्रवासी स्पेन में दाखिल हो रहे हैं
स्पेन के अधिकारियों ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटे में मोरक्को से स्पेन के स्यूटा एन्क्लेव में लगभग 49 हज़ार प्रवासी दाखिल हुए हैं.
गुरुवार को सामने आए वीडियो और तस्वीरों में हज़ारों लोगों को तैरकर स्पेन के इस शहर में घुसते देखा जा सकता है. स्थानीय मीडिया ने दावा किया है कि लोगों के आने का सिलसिला पूरी रात जारी रहा.
स्पेन के अधिकारियों का कहना है कि स्पेन में दाखिल होने के क्रम में कम से कम 18 लोगों की मौत हो चुकी है.
अधिकारियों के अनुमान से पता चलता है कि पिछले कुछ दिनों में स्यूटा एन्क्लेव में आने वाले प्रवासियों की संख्या शहर की आबादी के आधे से भी ज़्यादा हो सकती है. शहर की आबादी स्थानीय आंकड़ों के अनुसार लगभग 83,600 है.
स्पेन के अधिकारियों का कहना है कि पिछले 24 घंटे में स्पेन के स्यूटा में दाखिल होने वाले लोगों में से कम से कम 7000 बच्चे हैं.
BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह.
कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.
पीएम मोदी पर टिप्पणी करने वालीं रुचिका सिंह के मामले में क्या बोली सीजेपी
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है कि लोग रोज़मर्रा की ज़िंदगी में हर समय ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं
जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर नोएडा की युवती के ख़िलाफ़ दर्ज हुई एफआईआर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा, ''प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल की आलोचना की जा सकती है. लेकिन पुलिस के ज़रिए उन्हें निशाना बनाना और परेशान करना बिल्कुल जायज़ नहीं है. इस देश में गाली-गलौज करना कब से अपराध हो गया?''
उन्होंने कहा, ''लोग रोज़मर्रा की ज़िंदगी में हर समय ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं. लोकसभा के 50 प्रतिशत सांसदों के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें बलात्कार, हत्या और डकैती जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं, फिर भी उनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं होती. आप सिर्फ़ इन्हें निशाना बनाना और इनके लिए मिसाल कायम करना चाहते हैं.''
उन्होंने कहा, ''यह पूरी तरह निंदनीय है. मैं एक बार फिर सरकार और उसकी पुलिस मशीनरी से अपील करता हूं कि युवाओं को परेशान करना बंद करें. इस तरह युवाओं को निशाना बनाना बंद करें और इस लड़की को अकेला छोड़ दें. इस तरह के मामलों में पुलिस बल का दुरुपयोग पूरी तरह अस्वीकार्य है.”
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, "25 साल की प्रदर्शनकारी रुचिका सिंह के ख़िलाफ़ सरकारी मशीनरी का इतनी बदले की भावना से इस्तेमाल करना शर्मनाक है. यह सरकार कभी नहीं सुधरेगी. किसी को भी इन पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए."
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस को एक अधिकारी ने बताया कि ग़ाज़ियाबाद निवासी स्मृति सिंह ने बुधवार को एक्सप्रेसवे थाने में नोएडा निवासी रुचिका सिंह के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई.
शिकायत में स्मृति सिंह ने आरोप लगाया कि रुचिका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया.
शिकायत में यह भी कहा गया है कि "इन टिप्पणियों ने न केवल संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई बल्कि जानबूझकर नफ़रत फैलाने और सार्वजनिक शांति भंग करने का भी प्रयास किया."
उमर अब्दुल्लाह के तलाक को सुप्रीम कोर्ट से मिली मंजूरी
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, पायल अब्दुल्लाह और उमर अब्दुल्लाह (तस्वीर 2009 की है)
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने पत्नी पायल अब्दुल्ला के साथ तलाक से जुड़े विवाद को मध्यस्थता के ज़रिये सुलझा लिया है.
क़ानूनी मामलों की ख़बरों और विश्लेषण की वेबसाइट बारएंडबेंच के मुताबिक़ जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच को उमर अब्दुल्लाह के वकील कपिल सिब्बल ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच सभी विवाद आपसी सहमति से सुलझा लिए गए हैं.
सिब्बल ने कहा, “दोनों ने आज़ादी अपना ली है. सब कुछ सुलझ गया है. अदालत तलाक की मंज़ूरी दे सकती है. बाकी सभी मामले वापस ले लिए जाएंगे.”
इस पर बेंच ने कहा, ''यह अच्छी बात है. हम इन्हीं शर्तों के आधार पर मामले का निपटारा कर देंगे.''
उमर अब्दुल्लाह और पायल अब्दुल्ला ने सितंबर 1994 में शादी की थी, लेकिन दोनों लंबे समय से अलग रह रहे हैं.
उमर अब्दुल्लाह की तलाक की याचिका को पहली बार 30 अगस्त 2016 को पारिवारिक अदालत ने खारिज कर दिया था. अदालत ने कहा था कि वह यह साबित करने में नाकाम रहे कि उनका वैवाहिक संबंध इस हद तक टूट चुका था कि उसे फिर से बहाल करना संभव नहीं था.
पारिवारिक अदालत ने यह भी कहा था कि उमर अब्दुल्लाह अपने साथ हुई “क्रूरता” या पत्नी द्वारा “परित्याग” के आरोपों को साबित नहीं कर सके. अदालत के मुताबिक, वह ऐसी एक भी परिस्थिति नहीं बता पाए जिससे यह साबित हो कि पायल के साथ संबंध जारी रखना उनके लिए असंभव हो गया था.
इसके बाद उमर अब्दुल्लाह ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया. हालांकि, हाई कोर्ट ने भी उनकी तलाक की याचिका खारिज कर दी. इसके बाद उन्होंने राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया.
अभी तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता सौरभ यादव रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी हिन्दी पर मौजूद अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें.
दो दशक बाद कोलकाता लौटीं तस्लीमा नसरीन, किताब के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के बाद छोड़ा था शहर
इमेज स्रोत, Getty Images
निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन शुक्रवार को नई दिल्ली से कोलकाता पहुंचीं.
करीब दो दशक पहले विवादित किताब ‘द्विखंडितो’ के ख़िलाफ़ हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद उन्हें शहर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्वागत के लिए इंतज़ार कर रहे लोगों का तस्लीमा नसरीन ने हाथ जोड़कर अभिवादन किया और कहा, ''वापस आकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है.''
उन्होंने कहा, "मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं अपने ही देश लौट रही हूं. बंगाल कभी मेरे दिल में बंटा नहीं. मैं मेहमान बनकर नहीं, बल्कि बंगाल का हिस्सा बनकर लौटी हूं."
उनका कोलकाता आना एक अगस्त को होने वाले एक सार्वजनिक कार्यक्रम से पहले हुआ है.
साल 2007 के बाद कोलकाता शहर में तस्लीमा नसरीन की यह पहली सार्वजनिक उपस्थिति होगी.
यूपी: देवरिया में आंबेडकर की प्रतिमा हटाने को लेकर तनाव के बाद पथराव, प्रेरणा, बीबीसी संवाददाता
इमेज स्रोत, PRERNA/BBC
उत्तर प्रदेश में देवरिया ज़िले के गौरी बाज़ार थाना क्षेत्र के लवकनी गांव में आंबेडकर की प्रतिमा हटाने को लेकर गुरुवार को तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई.
प्रतिमा हटाने की कार्रवाई के दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए और पथराव की घटना हुई.
इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों के हाथ और पैरों में हल्की चोटें आईं.
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके बाद भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया गया.
पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर ने बताया कि जनपद देवरिया के थाना गौरीबाज़ार के गांव लवकनी में कुछ लोगों की ओर से अवैध तरीके से बिना अनुमति सरकारी भूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति रखवाने का मामला सामने आया.
इस सूचना पर प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की.
पुलिस के मुताबिक़ मूर्ति हटाते वक्त वहीं पर मौजूद कुछ लोगों ने ईंट-पत्थरों से उन पर हमला किया. जिसमें प्रशासन के कुछ लोगों और कुछ पुलिसकर्मियों को चोट आई.
पुलिस ने कहा है कि अब वहां शांति बहाल कर ली गई है. मामले की जांच चल रही है. आगे और कार्रवाई हो सकती है
दिल्ली दंगा मामला: उमर ख़ालिद और शरजील इमाम की ज़मानत पर एक साथ सुनवाई
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, उमर ख़ालिद दिल्ली दंगे में साजिश के आरोप में जेल में बंद हैं
दिल्ली दंगों की साज़िश से जुड़े मामले में जमानत की मांग कर रहे जेएनयू के पूर्व शोधार्थी उमर ख़ालिद की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा.
क़ानूनी ख़बरों और विश्लेषणों की वेबसाइट बारएंडबेंच के मुताबिक जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की बेंच ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई 27 अगस्त को सह अभियुक्त शरजील इमाम की ज़मानत याचिका के साथ करने का फ़ैसला किया.
अदालत ने उमर ख़ालिद की उस याचिका पर भी नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने अंतरिम ज़मानत की मांग की है.
ट्रायल कोर्ट ने 4 जुलाई को उमर ख़ालिद की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी थी. इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख़ किया.
ट्रायल कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि वह जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश से बंधा हुआ है, जिसमें इस साल की शुरुआत में उमर ख़ालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं ख़ारिज कर दी गईं थीं.