जंतर-मंतर: पुलिस ने सड़कों पर कीलें लगाईं, सीजेपी का शीर्ष नेतृत्व हिरासत में

दिल्ली पुलिस
इमेज कैप्शन, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर लोगों को आने से रोकने के लिए सड़कों कीलें लगी दी हैं
सारांश
  • जंतर मंतर पर प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था
  • राजधानी में पुलिस और अर्द्धसैनिकों बलों के 25 से 30 हजार जवान तैनात
  • सीजेपी के प्रदर्शन से पहले सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया
  • अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को पुलिस ने फ्लाइट से ही हिरासत में ले लिया
  • ध्रुव राठी को विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले पुलिस ने हिरासत में लिया
  • मेट्रो स्टेशन बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाख़िल
प्रकाशित
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर आज दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को रोकने के लिए हर तरफ़ पुलिस बलों का पहरा है.

समाचार एजेंसी एएनआई और आईएएनएस की ओर से शेयर किए गए वीडियो में दिल्ली पुलिस सड़कों पर कीलें बिछाती दिख रही है.

कीलें लगाने पर पॉलिटिकल एक्टिविस्ट योगेंद्र यादव ने लिखा है, ''मोदी सरकार ने किसान आंदोलन वाली नुकीली कीलें जनता के स्वागत में आज फिर दिल्ली की सड़कों पर बिछा दी हैं.''

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत सौरव दास और आशुतोष रांका को पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से ही हिरासत में ले लिया.

इससे पहले लोकप्रिय यूट्यूबर ध्रुव राठी को हिरासत में लिया गया था

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ दिल्ली में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 25 हज़ार जवानों को तैनात किया गया है.

देश के अलग-अलग हिस्सों से दिल्ली आने वाली 245 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है.

साथ ही दिल्ली के अंदर 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है. जंतर-मंतर और इससे चार किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट बंद कर दिया गया है.

सीजेपी ने वामपंथी छात्र संगठनों, किसान संगठनों और अन्य समूहों के साथ मिलकर शनिवार को जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है.

ये संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.

इनका कहना है कि चुनाव आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ी की है, जिसकी वजह से 13 करोड़ से ज़्यादा लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कट गए हैं.

शॉर्ट वीडियो देखिए
वीडियो कैप्शन, सीजेपी के प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने क्यों नहीं दी इजाज़त?

लोगों को हिरासत में लिए जाने की ख़बरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने एक्स पर लिखा, '' सरकार अपने ही नागरिकों से जंग लड़ रही है.''

जंतर मंतर
इमेज कैप्शन, जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन से पहले इलाके की निगरानी करते रैपिड एक्शन फ़ोर्स के जवान

लीगल मामलों की न्यूज़ वेबसाइट लाइव लॉ के अनुसार, शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशन बंद हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि परिवहन सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं किया जाना चाहिए.

यह अवमानना याचिका गृह मंत्रालय के सचिव आईएएस गोविंद मोहन, दिल्ली पुलिस आयुक्त आईपीएस अनुराग कुमार और डीएमआरसी की अध्यक्ष आईएएस डी. थारा के ख़िलाफ़ दायर की गई है.

याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि बिना किसी उचित कारण के ट्रेन सेवाएं रद्द की जा रही हैं.

याचिका में कहा गया है कि अधिकारियों की ओर से अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किए जाने के कारण दिल्ली में जनजीवन ठप हो गया है.

जंतर-मंतर के बाहर प्रदर्शकारियों पर नज़र रखने के लिए तैनात महिला पुलिसकर्मी
इमेज कैप्शन, जंतर-मंतर के बाहर प्रदर्शकारियों पर नज़र रखने के लिए तैनात महिला पुलिसकर्मी

सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की 120 से ज़्यादा कंपनियों के तैनात रहने की उम्मीद है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ रणनीतिक रूप से अहम जगहों पर जवानों को तैनात किया गया है.

सुरक्षा तैयारियों और इमरजेंसी हालातों में कार्रवाई की व्यवस्था का आकलन करने के लिए कई जगहों पर मॉक ड्रिल की गईं.

जंतर मंतर
इमेज कैप्शन, पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवान जंतर मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन से पहले एक्शन में

नई दिल्ली ज़िले को निगरानी के लिए 20 ज़ोन में बांटा गया है. इनकी निगरानी संयुक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त स्तर के वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं.

अलग-अलग इकाइयों के प्रमुख विशेष पुलिस आयुक्त भी घटनाक्रम पर कड़ी नज़र रख रहे हैं.

संयुक्त पुलिस आयुक्त नूपुर प्रसाद ने शुक्रवार को कहा कि 10 अक्तूबर को होने वाले प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन 7 अक्टूबर को दिया गया था. यानी प्रस्तावित प्रदर्शन से महज़ तीन दिन पहले, जबकि निर्धारित प्रक्रिया के तहत कम से कम 10 दिन पहले सूचना देना ज़रूरी है.

पुलिस की तैनात
इमेज कैप्शन, जंतर-मंतर के सामने तैनात पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवान

'मोदी हार मान चुके हैं'

आशुतोष रांका
इमेज कैप्शन, जंतर मंतर पर प्रदर्शन से पहले सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने अपने एक्स हैंडल पर ये तस्वीर की पोस्ट की

अभिजीत दीपके ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, "मुझे हैरानी होती है कि प्रधानमंत्री इस देश के युवाओं और जनता से इतने डरे हुए क्यों हैं. सभी रेलवे सेवाएं और मेट्रो स्टेशन बंद करने की क्या ज़रूरत थी? उन्होंने इंटरनेट बंद कर दिया और सड़कें रोक दी हैं."

दीपके से पूछा गया कि दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर क्या उनकी गिरफ़्तारी हो सकती है?

इस पर उन्होंने जवाब दिया, "अगर वे मुझे हिरासत में लेना या गिरफ़्तार करना चाहते हैं, करें. मैं इसके लिए तैयार हूं. इससे मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता. यूएपीए लगा दें, एनएसए लगा दें. लेकिन हम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों तथा इस देश की लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ते रहेंगे."

शुक्रवार को उन्होंने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा, ''यदि गिरफ़्तारी मेरी गिरफ़्तारी हो जाती है तो भी निष्पक्ष चुनाव के लिए लड़ाई जारी रहेगी.''

जंतर मंतर
इमेज कैप्शन, जंतर मंतर पर प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में 25 से 30 हजार पुलिसकर्मियों और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है

कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए मुंबई से दिल्ली रवाना हो चुके हैं.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, '' मोदी ने हमारे प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही हार मान ली है. प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर कार्रवाई और दिल्ली को बंद कर देना मज़बूती के नहीं, बल्कि इस बात के संकेत हैं कि एक नेता अपने ही लोगों से डरा हुआ है.''

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अंग्रेज़ी अख़बार 'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक़, कॉकरोच जनता पार्टी और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की ओर से बुलाए गए विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में रातभर में कम से कम 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया. अब ये संख्या और भी बढ़ गई है.

दिल्ली पुलिस के एक सूत्र ने 'द इंडियन एक्सप्रेस' को बताया कि शनिवार रात 12:30 बजे तक हिरासत में लिए गए लोगों में से क़रीब 250 दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी ज़िले से थे.

इनमें ख़ास तौर पर शाहीन बाग के आसपास के इलाक़ों के लोग शामिल थे. साल 2020 में सीएए विरोधी प्रदर्शनों का केंद्र शाहीन बाग ही था.

दिल्ली पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि 100 से अधिक लोगों को शाहदरा और पूर्वी दिल्ली ज़िले से हिरासत में लिया गया है. ये दोनों ज़िले उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे हैं.

अधिकारियों के मुताबिक, ये हिरासत एहतियातन की गई हैं. ऐसे लोगों की पहचान करने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया है, जिनका पहले प्रदर्शनकारियों को जुटाने और 'ग़ैरक़ानूनी' स्थिति पैदा करने का इतिहास रहा है.

प्रदर्शन से पहले हर ज़िले में निर्धारित किए गए 13 प्रमुख हिरासत केंद्रों में इन लोगों को ले जाया जाएगा.

वीडियो कैप्शन, विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने की तैयारी कर रहे कुछ अपेक्षाकृत छोटे-छोटे संगठन के सदस्य क्या बोल रहे हैं?

दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में बड़े पैमाने पर जवानों की तैनाती की है. कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं के शनिवार सुबह करीब 10:15 बजे राजधानी पहुंचने की संभावना है.

'इंडियन एक्सप्रेस' के मुताबिक़ मौक़े पर 30,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे जबकि दिल्ली के सभी सीमावर्ती इलाक़ों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी.

तैनाती योजना के मुताबिक़, इन स्थानों पर पहली पाली में पुलिस इंस्पेक्टरों के साथ पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों की प्लाटून और टुकड़ियां तैनात रहेंगी.

सेंट्रल दिल्ली और नई दिल्ली ज़िले के बीच अंतर-ज़िला सीमा चौकियां स्थापित की गई हैं. इसके अलावा दक्षिण, दक्षिण-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली ज़िलों को जोड़ने वाले स्थानों पर भी ऐसी चौकियां बनाई गई हैं.

नई दिल्ली के नज़दीकी इलाक़ों, जैसे अशोक रोड और टॉल्स्टॉय रोड, से भी प्रवेश करना मुश्किल होगा. ये इलाक़े पैदल दूरी पर हैं, लेकिन इस मार्ग पर 10 बैरिकेड लगाए गए हैं और दर्जनों अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात हैं

शुक्रवार की रात से ही चाक-चौबंद तैयारी

जंतर-मंतर
इमेज कैप्शन, 9 अक्तूबर की रात को जंतर-मंतर के आसपास मेट्रो स्टेशन का नज़ारा

जंतर-मंतर के आसपास पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को देखने पहुंचीं बीबीसी संवाददाता शुभ राणा के मुताबिक़ कि शुक्रवार रात करीब दस बजे प्रदर्शनकारी चार-पांच लोगों के छोटे-छोटे समूहों में जुटने लगे थे. रात बढ़ने के साथ इन समूहों में लोगों की संख्या बढ़ने लगे थे.

इंटरनेट कनेक्टिविटी में दिक़्क़तों की ख़बरों के बीच कुछ प्रदर्शनकारी तस्वीरें खींच रहे थे.

उन्होंने बताया, ''यहां अलग-अलग राज्यों से लोग आए थे. हमारी मुलाक़ात जेन ज़ी के एक ऐसे समूह से हुई, जिसने सीजेपी के प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया था. एसएफ़आई के सदस्यों ने कहा कि उन्होंने अपने ठहरने की जगह बदल दी है. उनका कहना था कि पुलिस प्रदर्शनकारियों की पहचान कर रही है और उन्हें घरों में नज़रबंद कर रही है.''

शॉर्ट वीडियो देखिए
वीडियो कैप्शन, एसआईआर के ख़िलाफ़ बेंगलुरु में सीजेपी का प्रदर्शन, क्या बोले लोग?

उन्होंने बताया, ''पुलिस लगातार बैरिकेड बढ़ाती रही और सड़कों के कई किलोमीटर लंबे हिस्से में पाबंदियां लगा दीं. पुलिस सतर्क नज़र आई और उसने हमारी फ़िल्मिंग और हिरासत में लिए गए लोगों से बात करने की कोशिशों पर रोक लगाई.''

''हमने हिरासत में लिए गए दर्जनों लोगों को ले जा रही दो बसें देखीं, लेकिन अधिकारियों ने उनकी संख्या की पुष्टि नहीं की.रात भर जामिया, जेएनयू और दिल्ली विश्वविद्यालय के परिसरों में सुरक्षा बढ़ाए जाने की ख़बरें आईं.''

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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