अब इस लाइव ब्लॉग को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े को दीजिए इजाज़त. कल सुबह एक नए लाइव ब्लॉग के साथ फिर हाज़िर होंगे.
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नेपाल बाढ़ः 540 विदेशी पर्यटक लापता, सबसे ज़्यादा भारत के लोग
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इमेज कैप्शन, बाढ़ प्रभावित त्रिशुली में कीचड़ और दलदल में फंसे लोगों को निकालते राहतकर्मी
नेपाल पुलिस के मुताबिक़, देश में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 389 हो गई है. नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बताया है कि बचावकर्मियों ने अब तक क़रीब 600 लोगों को सुरक्षित बचाया है.
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने बताया है कि बाढ़ के बाद 31 देशों के 540 विदेशी नागरिक लापता हैं.
इस क्षेत्र में पर्यटकों के रूप में आने वालों में सबसे अधिक संख्या भारत से है, जिनकी तादाद 178 है.
बीबीसी नेपाली के मुताबिक़ लापता नागरिकों की अगली सबसे बड़ी संख्या अमेरिका (65), यूक्रेन (53), मलेशिया (51), ऑस्ट्रेलिया (35) और ब्रिटेन (33) से है.
बोर्ड ने यह भी बताया कि गुरुवार को प्रभावित क्षेत्रों से विभिन्न देशों के 31 विदेशी नागरिकों को बचाया गया.
इस बीच नेपाल के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि देश में बाढ़ प्रभावित इलाक़ों की संवेदनशील तस्वीरें, वीडियो या ऑडियो को प्रसारित न करें.
इसके अलावा लोगों से यह भी गुज़ारिश की गई है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी को प्रसारित न करें.
नेपाल पुलिस के मुताबिक़, बुधवार को आई बाढ़ के बाद देश में 359 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं. जबकि क़रीब 1000 लोग अब भी लापता हैं.
नेपाल की नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) ने बताया है कि सबसे ज़्यादा शव चितवन में बरामद किए गए हैं.
नेपाल: पावर प्रोजेक्ट से जुड़े 63 भारतीयों को बचाया गया, 290 से अब भी कोई संपर्क नहीं
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इमेज कैप्शन, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि गुरुवार शाम तक नेपाल में मौजूद 290 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पाया
भारती विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया है कि अब तक त्रिशुली-1 प्रोजेक्ट से जुड़े 63 कर्मचारियों को सुरक्षित बचाया गया है.
ख़बर लिखे जाने तक उनके मुताबिक़, नेपाल में बाढ़ के बाद 290 लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है.
इससे पहले रणधीर जायसवाल ने बताया था कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान नेपाल की बाढ़ में फंसे 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है.
रणधीर जायसवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में इन लोगों के नाम भी बताए हैं. जिन लोगों के बचाया गया है.
आईटी सेक्टर के बड़े अधिकारी गए थे कैलाश मानसरोवर, नेपाल बाढ़ के बाद संपर्क नहीं, इमरान क़ुरैशी, बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, लक्ष्मीनाथ गोपिसेट्टी भारतीय मूल के उन 10 अमेरिकी लोगों के ग्रुप में हैं, जो कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर थे
अमेरिका में इन्फ़ोसिस कंपनी में पब्लिक सर्विसेज के प्रेसिडेंट लक्ष्मीनाथ गोपिसेट्टी भारतीय मूल के उन 10 अमेरिकी लोगों के ग्रुप में हैं, जो कैलाश मानसरोवर जाने वाले रास्ते पर थे.
फ़िलहाल उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.
उनकी पत्नी सुशीला गोपिसेट्टी ने वॉशिंगटन से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "यह आधिकारिक यात्रा नहीं थी. वह अपने दोस्तों के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे."
52 वर्षीय लक्ष्मीनाथ पिछले 11 साल से अमेरिका में रह रहे हैं. उनकी पत्नी सुशीला ने संक्षिप्त बातचीत में उन्हें घूमने-फिरने और दिलचस्प जगहों की यात्रा करने वाला व्यक्ति बताया.
यात्रा शुरू करने से पहले उन्होंने अपनी पत्नी से बात की थी. सुशीला को बुधवार सुबह नेपाल के समयानुसार 7 बजे आपदा की जानकारी मिली.
उन्होंने कहा, "हां, बच्चे भी तनाव में हैं." उन्होंने इससे ज़्यादा जानकारी नहीं दी.
लक्ष्मीनाथ के भाई और सुशीला के भाई दोनों हैदराबाद में रहते हैं.
आंध्र प्रदेश के तत्कालीन (साल 2014-2019) मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के आईटी सलाहकार रहे जेए चौधरी ने बीबीसी को बताया, "समूह के बाक़ी सभी सदस्य भी आईटी प्रोफ़ेशनल हैं."
चौधरी ने कहा, "हमने साथ काम नहीं किया. अमेरिका जाने से पहले वह हैदराबाद में इन्फ़ोसिस के साथ थे. मैं सरकारी सेवा में था. लेकिन वह बहुत अच्छे इंसान और बेहद सज्जन व्यक्ति हैं."
महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी ड्राइवर को मराठी सीखने के लिए एक साल का टाइम
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इमेज कैप्शन, महाराष्ट्र सरकार ने एक बार फिर से मोहलत दी है (मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की फ़ाइल फ़ोटो)
महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो रिक्शा चालकों को कामचलाऊ मराठी सीखने के लिए एक साल का समय दिया है.
इससे पहले देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा था, "जो हिन्दी भाषी लोग यहां पर टैक्सी या ऑटो चलाते हैं उन्हें मराठी का एक्सपर्ट बनाने की कोई वजह नहीं है. उन्हें कामचलाउ मराठी आनी चाहिए, इसी तरह का आग्रह किया गया है. इसमें कोई सख्ती नहीं बरती गई है."
उन्होंने कहा था, "हमारी सरकार भाषा के साथ किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी. इनमें से कई लोग तीन-तीन पीढ़ियों से यहां (मुंबई) में रहते हैं, उन्हें मराठी सिखाने की कोशिश हो रही है."
दरअसल महाराष्ट्र में मराठी भाषा के व्यवहारिक ज्ञान का नियम लागू किया गया था. इसे लेकर 20 अगस्त से जांच अभियान भी चलाया जा रहा था.
इस दौरान ऑटो-टैक्सी वालों की जांच की जा रही थी कि उन्हें सामान्य बातचीत के लायक मराठी आती है या नहीं.
नेपाल: भोटे कोशी नदी में फिर से बाढ़ का ख़तरा, लोगों से की गई ये अपील
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इमेज कैप्शन, नेपाल पुलिस के मुताबिक़ बुधवार को आए विनाशकारी बाढ़ से अब तक 359 लोगों की मौत हो चुकी है
नेपाल में जल और जल संसाधन अनुसंधान केंद्र ने नदी के निचले तटवर्ती इलाक़ों में रहने वालों से अधिक सतर्कता बरतने का आग्रह किया है.
इसकी वजह है कि रसुवा में भोटे कोशी नदी में फिर से बाढ़ आने का ख़तरा है.
बीबीसी नेपाली के अनुसार, सैटेलाइट के मिली तस्वीरों और चीन से मिले शुरुआती विश्लेषण के आधार पर, बुधवार को आई बाढ़ के स्रोत के आसपास के इलाक़े में एक झील बन गई है.
केंद्र ने कहा कि अगर नदी का जलस्तर बढ़ता है तो झील के फटने का ख़तरा है.
इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्थानीय लोगों, यात्रियों, भोटे कोशी नदी के निचले इलाक़ों में तैनात बचाव कर्मियों और सभी संबंधित लोगों से अगली सूचना तक विशेष सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है.
यहां लोगों से नदी के किनारों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने और संभावित बाढ़ के ख़तरे को गंभीरता से लेने का अनुरोध किया गया है.
इस बीच नेपाल के विदेश मंत्रालय ने एक आपातकालीन टीम का गठन किया है.
इस टीम का मक़सद विदेशी नागरिकों की खोज, बचाव और कॉन्सुलर सहायता मुहैया कराना है.
मणिपुर के कांगपोकपी में हिंसा, 4 नगा लोगों की मौत के बाद सेनापति में बंद, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी हिदी के लिए
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इमेज कैप्शन, हमले के बाद नगा बहुल सेनापति शहर को बंद कर दिया गया
मणिपुर के कांगपोकपी पुलिस थाना क्षेत्र के तहत गुरुवार की सुबह हुए एक सशस्त्र हमले में 4 लोगों की मौत हो गई है. यह हमला गुरुवार सुबह इंफाल-तामेई आईटी रोड पर किया गया.
इस हमले के बाद नगा पीपल्स ऑर्गनाइज़ेशन ने विरोध जताते हुए सेनापति ज़िला मुख्यालय में सभी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को तुरंत बंद करवा दिया.
कांगपोकपी थाने में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर इस हमले की पुष्टि की है.
उन्होंने बताया, "यह हमला आज सुबह क़रीब साढ़े 8 बजे कांगपोकपी में आईटी रोड के पास मकुई आशांग से मकुई थानाम्बा गांव के बीच हुआ है. हमले में चार लोगों की मौत हुई है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है."
इस बीच हमले में मारे गए लोगों की शिनाख्त की गई है और सभी मृतक नगा समुदाय से बताए गए है.
मणिपुर में बसे नगा जनजाति के प्रमुख संगठन यूनाइटेड नगा काउंसिल ने लियांगमाई समुदाय के निर्दोष नगा नागरिकों पर हुए इस हमले को सुनियोजित बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है.
यूनाइटेड नगा काउंसिल के सूचना और प्रचार सचिव एच. जेम्स हाउ ने बीबीसी को बताया, "यह हमला सस्पेंशन ऑफ़ ऑपरेशन्स में चल रहे हथियारबंद कुकी उग्रवादियों ने किया है. इस सोची-समझी और कायरतापूर्ण हरकत के कारण नगा समुदाय के चार होनहार युवाओं की दुखद मौत हुई है. सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर यहां कुछ नहीं बचा है."
नगा नेता ने आरोप लगाते हुए कहा, "यह सरकार की तरफ से पूरी तरह भेदभावपूर्ण सुरक्षा तैनाती और 'सस्पेंशन ऑफ़ ऑपरेशन' के तहत कुकी उग्रवादियों को खुली छूट देने जैसा लगता है, जो सरकार के पेरोल पर हैं."
इस हमले में मारे गए लोगों की शिनाख्त विसोबौ चारेनामाई, टडसोंगबौ रिंगकांगमाई, मारियाकदिबौ विजुनामाई, अनिल विजुनामाई के तौर पर की गई है.
जबकि हमले में घायल हुए व्यक्ति का नाम गाइकमांग रिंगकांगमाई बताया गया है. नगा काउंसिल ने मारे गए लोगों के प्रति शोक और सम्मान के लिए 28 अगस्त सुबह 6 बजे से नगा बहुल इलाक़ों में 12 घंटे का बंद क एलान किया है.
सुभाष चंद्रा का 22,000 करोड़ का कर्ज़ माफ़, देना होगा सिर्फ़ 6.5 करोड़
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इमेज कैप्शन, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस ने तर्क दिया कि उसे ₹1,322.39 करोड़ के स्वीकृत दावे के मुक़ाबले केवल ₹38.09 लाख मिलेंगे
बार एंड बेंच के मुताबिक़ अलग-अलग कर्जदाताओं को एस्सेल ग्रुप के संस्थापक सुभाष चंद्रा से एक रीपेमेंट योजना के तहत उनके मूल दावों का केवल 0.028% ही वापस मिलने की उम्मीद है. इस योजना को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने बहुमत के आधार पर मंजूरी दी है.
वहीं, समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से मनीकंट्रोल ने ख़बर दी है कि एनसीएलटी ने सुभाष चंद्रा के 6.5 करोड़ रुपये के भुगतान को मंजूरी दे दी है. उन्हें 22,006 करोड़ रुपये के बकाये के मुक़ाबले अब महज़ इतनी ही रकम चुकानी होगी.
मनीकंट्रोल ने लिखा है कि यह मामला अब बहुमत की राय के मुताबिक औपचारिक आदेश के लिए मूल डिवीजन बेंच के पास जाएगा.
इस ख़बर के मुताबिक़, "एनसीएलटी के इंसॉल्वेंसी ट्रिब्यूनल (दिवाला न्यायाधिकरण) ने एक रीपेमेंट योजना को मंजूरी दी है."
"इसके तहत मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा कर्जदाताओं के क़रीब 22,006.57 करोड़ रुपये के स्वीकृत दावों के निपटारे के लिए सिर्फ 6.5 करोड़ रुपये का भुगतान करेंगे."
बार एंड बेंच ने क्या बताया है?
बार एंड बेंच ने बताया है कि साल 2022 से सुभाष चंद्रा के ख़िलाफ़ इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड की ओर से दिवाला घोषित करने की कार्यवाही चल रही है.
कर्ज के बैड लोन में बदलने के बाद इंडियाबुल्स ने साल 2022 में चंद्रा के ख़िलाफ़ कार्यवाही के लिए एनसीएलटी का रुख़ किया था. यह याचिका 2024 में स्वीकार की गई.
बार एंड बेंच के मुताबिक़, कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने इस योजना का विरोध किया था.
एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस ने तर्क दिया कि उसे 1,322.39 करोड़ रुपये के स्वीकृत दावे के मुक़ाबले केवल 38.09 लाख रुपये मिलेंगे.
कार्टून: वैधानिक चेतावनी
इमेज कैप्शन, बच्चों में सोशल मीडिया की लत पर आज का कार्टून
आरक्षण हटाओ आंदोलन- जेपी नड्डा आंदोलनकारियों से फिर से मिलेंगे, सीजेपी ने पूछा ये सवाल
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इमेज कैप्शन, 21 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाति आधारित आरक्षण का विरोध करने के लिए कई लोग इकट्ठा हुए थे
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया है कि वे 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर आंदोलन करने वाले नेताओं से जल्द ही दोबारा मिलने वाले हैं.
जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "21 अगस्त को जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के बाद पहले से तय समय के अनुसार टीम के सदस्यों हर्ष दुबे, रण बहादुर सिंह चौहान और मृत्युंजय पाठक से सौहार्द पूर्ण बातचीत हुई. इस सिलसिले में हम जल्द ही फिर मिलेंगे."
हालांकि उन्होंने आंदोलन का नाम या उसके बारे में अन्य कोई जानकारी साझा नहीं की. दरअसल 21 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचकर काफ़ी लोगों ने जाति आधारित आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन किया था.
दीपके ने जेपी नड्डा के पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, "21 अगस्त के जिस आंदोलन का नड्डा जी नाम नहीं ले रहे हैं, उस आंदोलन पर प्रधानमंत्री जी का क्या कहना है? देश जानना चाहता हैं."
नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 332 तक पहुंची, क़रीब एक हज़ार लापता
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इमेज कैप्शन, बाढ़ के बाद फंसे हुए लोगों को बचाने की कोशिश करते राहतकर्मी
नेपाल पुलिस ने ताजा अपडेट में बताया है कि बाढ़ के बाद देश में अब तक 332 लोगों की मौत हो चुकी है.
वहीं नेपाल की नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) के मुताबिक़ बाढ़ के बाद 910 लोग लापता हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है.
इन लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक, नेपाल सेना के 44 सदस्य और नेपाल पुलिस के 28 अधिकारी शामिल हैं.
इमेज कैप्शन, अचानक आई बाढ़ से प्रभावित हुए नेपाल के ज़िले
एनडीआरआरएमए ने कहा कि अब तक 258 शव बरामद किए गए हैं, जबकि 351 लोगों को बचाया गया है.
नेपाल पुलिस ने सोशल मीडिया एक्स पर बताया है कि रसुआ ज़िले में मारे गए वैसे लोग जिनकी पहचान नहीं हो सकी है, उनके बारे में जानने के लोग पुलिस की वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं.
चीन ने बताया, नेपाल में क़रीब 100 चीनी नागरिक लापता
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इमेज कैप्शन, बाढ़ के बाद नेपाल का एक बड़ा इलाक़ा कीचड़ में दब गया है और वहां राहत कार्य चलाना मुश्किलों से भरा है
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान के अनुसार, नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद क़रीब 100 चीनी नागरिक लापता हैं.
लिन ने कहा कि चीन नेपाल के साथ क़रीबी संपर्क बनाए हुए है. वह खोज और बचाव के संयुक्त अभियान में मदद कर रहा है. उन्होंने कहा कि चीन नेपाल की जरूरत के आधार पर आपातकालीन सहायता भी देगा.
चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार, तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में भूस्खलन की घटना में लापता लोगों की संख्या बढ़कर 558 हो गई है, जिसमें 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं.
नेपाल की नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) से मिले ताज़ा अपडेट के मुताबिक़, नेपाल में 900 से ज़्यादा लोग लापता हैं.
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इन आंकड़ों में चीन द्वारा बताए गए लापता लोगों की संख्या भी शामिल है या नहीं.
नेपाल में फंसे 21 भारतीयों को बचाया गया, 288 लोगों से अब भी संपर्क नहीं
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इमेज कैप्शन, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया है कि अब भी 288 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पाया है
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान नेपाल की बाढ़ में फंसे 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है.
उनके मुताबिक़ ये लोग तमिलनाडु के रहने वाले हैं.
रणधीर जायसवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में इन लोगों के नाम भी बताए हैं. जिन लोगों के बचाया गया है, उनके बारे में जानने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.
रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया है कि नेपाल में बाढ़ आने के बाद से वहां मौजूद 288 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पा रहा है.
इनमें से 73 लोग ‘त्रिशुली-1’ पावर प्रोजेक्ट के लिए काम कर रहे हैं. नेपाल में भारतीय दूतावास इस प्रोजेक्ट के प्रमुख से लगातार संपर्क में है.
रणधीर जायसवाल के मुताबिक़, "इनके अलावा कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए तमिलनाडु के दो ग्रुपों से संपर्क नहीं हो पा रहा है. इनमें से एक ग्रुप में 37 और दूसरे में 49 भारतीय हैं. जबकि पश्चिम बंगाल के 32 लोगों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है. जो बाढ़ से प्रभावित रसुआ ज़िले के तिमुरे में थे."
उन्होंने बताया है कि भारत के अलग-अलग राज्यों के 61 अन्य लोगों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिनमें 33 केरल से हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया है कि इस बाढ़ के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए क़रीब 200 भारतीय चीन की तरफ भी फंसे हुए हैं.
नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 270 पहुंची
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इमेज कैप्शन, नेपाल में बाढ़ प्रभावित इलाक़े का मंज़र
नेपाल में बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या 270 तक पहुंच गई है.
नेपाल पुलिस ने सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा अपडेट जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि बाढ़ प्रभावित इलाक़ों से 270 शव बरामद किए गए हैं.
नेपाल में बुधवार को आई बाढ़ के बाद प्रभावित इलाक़ों में बेहद गंभीर स्थिति बनी हुई है. यहां अब भी सैकड़ों लोग लापता हैं.
नेपाल की नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक़लापता लोगों में सुरक्षाबलों के जवान, पर्यटक और आम नागरिक शामिल हैं.
कई इलाक़ों तक पहुंचने वाली सड़क और पुल पूरी तरह तबाह हो गए हैं.
जैसे-जैसे प्रभावित इलाक़ों में राहत का काम आगे बढ़ रहा है, नेपाल में इस तबाही से हुए नुक़सान की तस्वीर भी सामने आ रही है.
इस बीच दुनिया के कई देशों ने नेपाल में आई इस त्रासदी पर शोक जताया है.
वहीं भारत समेत दुनिया के कई देश नेपाल के लिए राहत सामग्री भी भेज रहे हैं.
रेड क्रॉस ने कहा बाढ़ के बाद नेपाल में हालात गंभीर, लोगों को मदद की ज़रूरत
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इमेज कैप्शन, नेपाल में बाढ़ प्रभावित इलाक़ों तक पहुंचना काफ़ी मुश्किल है, क्योंकि कई सड़कें और पुल तबाह हो गए हैं
नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से अब तक कम से कम 177 लोगों की मौत की पुष्टि चुकी है और 800 से ज़्यादा लोग लापता हैं.
नेपाल में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ द रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख डेविड फिशर ने कहा है कि बुधवार को आई बाढ़ से प्रभावित इलाक़ों में "अभी भी बेहद गंभीर स्थिति" बनी हुई है.
उन्होंने बीबीसी के '5 लाइव ब्रेकफ़ास्ट' कार्यक्रम से बातचीत में कहा कि नेपाल के उत्तरी हिस्से के कुछ इलाक़ों में "सिर्फ हेलीकॉप्टर के जरिए ही पहुंचा जा सकता है, क्योंकि बाढ़ ने पुलों और सड़कों को तबाह कर दिया है."
उन्होंने कहा, "हमारी टीम वहां से कुछ दक्षिण में ज़मीन पर मौजूद है और वह स्थानीय वोलंटीयर्स से संपर्क करने के लिए वहां तक पहुंचने में सफल रही है."
फिशर ने कहा, "हमारे लिए यह बिल्कुल स्पष्ट है कि लोगों की जरूरतें बहुत ज़्यादा हैं."
उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों को बीती रात "खुले में सोना पड़ा. नेपाल में बहुत ही ज़्यादा मदद की जरूरत है."
उन्होंने कहा कि पूरे गांव और बाज़ार "बहकर तबाह हो गए हैं" और डर है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.
अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा को इजाज़त दीजिए. अब से रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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नेपाल बाढ़ पर आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने क्या कहा, पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह ने भी जताया दुख
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इमेज कैप्शन, तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा और पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह
नेपाल में आई भीषण बाढ़ पर तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा और पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने दुख जताया है.
दलाई लामा ने नेपाल के रसुवा क्षेत्र और तिब्बत के ग्यिरोंग में बाढ़ से हुई जनहानि और भारी नुक़सान पर संवेदना व्यक्त की.
दलाई लामा ने कहा, "रसुवा और ग्यिरोंग में आई विनाशकारी बाढ़ से जान-माल के भारी नुक़सान की ख़बर से मैं बेहद दुखी हूं. मैं उन सभी लोगों के लिए प्रार्थना करता हूं, जिनकी मौत हो गई है. इस दुख की घड़ी में मैं शोक में डूबे परिवारों और इससे प्रभावित सभी लोगों के प्रति अपनी संवेदना और गहरी सहानुभूति व्यक्त करता हूं."
उन्होंने लिखा, "चूंकि इस क्षेत्र में पहले भी ऐसी आपदाएं आई हैं, इसलिए ये निश्चित रूप गहरे संकेत हैं. चाहे वह जलवायु परिवर्तन हो या कोई और कारण. मुझे उम्मीद है कि जहां तक संभव हो, ऐसे क़दम उठाए जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस तरह की आपदाएं दोबारा न आएं."
युवराज सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "नेपाल में आई बाढ़ ने ऐसी तबाही मचाई है, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है. मेरी संवेदनाएं इससे प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं, ख़ासकर उन परिवारों के साथ जो अभी भी अपने प्रियजनों का इंतज़ार कर रहे हैं."
उन्होंने कहा, "उम्मीद है कि नेपाल के लोगों की हिम्मत उन्हें इस बेहद मुश्किल समय से निकलने में मदद करेगी."
गौरतलब है कि नेपाल बाढ़ में अब तक 177 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 826 लोग लापता हैं.
कानपुर में ट्रेनिंग विमान क्रैश हुआ, इंस्ट्रक्टर और ट्रेनी पायलट की मौत
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इमेज कैप्शन, उड़ान भरने के लगभग 20 मिनट बाद विमान कानपुर के कटरी क्षेत्र स्थित नाथापुरवा गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया
उत्तर प्रदेश केकानपुर में गुरुवार को गंगा किनारे एक ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसे में विमान में सवार इंस्ट्रक्टर और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने हादसे की पुष्टि की है.
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक़, गर्ग एविएशन की ओर से संचालित इटली निर्मित टेकनम विमान ने क़रीब सुबह 11:30 बजे उड़ान भरी थी.
उड़ान भरने के लगभग 20 मिनट बाद विमान कानपुर के कटरी क्षेत्र स्थित नाथापुरवा गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
हादसे में गुजरात निवासी इंस्ट्रक्टर सचिन भाटिया और कर्नाटक निवासी ट्रेनी पायलट अभिषेक पुजारी की मौत हुई है.
पुलिस के अनुसार, सचिन भाटिया को क़रीब 3,000 घंटे का उड़ान अनुभव था.
तिब्बत: बाढ़ के बाद 558 लोग लापता, तीन लोगों की मौत
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इमेज कैप्शन, चीन ने बताया है कि लापता लोगों में 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं
तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में बाढ़ और भूस्खलन के बाद लापता लोगों की संख्या बढ़कर 558 हो गई है. चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी ने गुरुवार सुबह यह जानकारी दी.
सीसीटीवी के मुताबिक़, लापता लोगों में 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं. हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.
ग्यिरोंग सीमा चीन और नेपाल के बीच पर्यटकों और यातायात के आवागमन के लिए मुख्य क्रॉसिंग प्वाइंट है. बुधवार को भूस्खलन के कुछ ही समय बाद चीनी सरकारी मीडिया ने हादसे में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की जानकारी दी थी.
दूसरी ओर, नेपाल में बाढ़ के बाद 826 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. वहीं, 177 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि चीन और नेपाल की ओर से बताए गए लापता लोगों के आंकड़ों में कुछ लोगों की गिनती दो बार तो नहीं हुई है.
ब्रेकिंग न्यूज़, नेपाल बाढ़ में लापता लोगों की संख्या 826 हुई, तलाश जारी
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इमेज कैप्शन, लापता लोगों में सुरक्षाबलों के जवान, पर्यटक और आम नागरिक शामिल हैं
नेपाल में आई बाढ़ के बाद 826 लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है. नेपाल की नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) ने यह जानकारी साझा की है.
एनडीआरआरएमए के मुताबिक़, लापता लोगों में सुरक्षाबलों के जवान, पर्यटक और आम नागरिक शामिल हैं.
आंकड़ों के अनुसार, लापता पर्यटकों की संख्या 529 से अधिक बताई जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक़, बाढ़ के बाद लापता लोगों की तलाश और राहत-बचाव अभियान जारी है.
वहीं, मौतों का आंकड़ा 165 तक पहुंच गया है. नेपाल के विदेश मंत्री ने बताया है कि लापता लोगों में 300 भारतीय भी शामिल हैं.