पल्माइरा की विरासत आईएस के रहमोकरम पर

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सीरिया से मिल रही ख़बरों के मुताबिक चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों ने ऐतिहासिक शहर पल्माइरा के सदियों पुराने खंडहर पर कब्ज़ा कर लिया है.

यूनेस्को ने इन पुरातात्विक भग्नावशेषों को विश्व विरासत सूची में शामिल किया है और आशंका जताई जा रही है कि इस्लामिक स्टेट के चरमपंथी उन्हें तबाह कर सकते हैं.

उधर, संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि उसे मिली खबरों के अनुसार सीरियाई सेना ने इस्लामिक स्टेट के पल्माइरा पर कब्ज़े से पहले वहां की आबादी को पलायन करने से रोका था.

संयुक्त राष्ट्र का कोई प्रतिनिधि पल्माइरा में मौजूद नहीं है लेकिन विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से उसका कहना है कि सीरियाई सेना ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक नहीं जाने दिया.

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार के एक अधिकारी ने इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ अमरीका के नेतृत्व वाले पश्चिमी देशों के गठबंधन से कहा है कि वो इस ऐतिहासिक विरासत को चरमपंथियों के हाथों नष्ट होने से बचाने के लिए कार्रवाई करें.

यूनेस्को का कहना है कि इन ऐतिहासिक अवशेषों की तबाही 'मानवता के लिए बड़ा बहुत नुकसान होगा.' हालांकि अभी तक इन पुरातात्विक इमारतों को नुकसान पहुंचाए जाने की कोई ख़बर नहीं आई है.

बेरूत में मौजूद बीबीसी संवाददाता जिम म्यूर का कहना है कि पूरी सारी दुनिया का ध्यान पल्माइरा की सांस्कृतिक विरासत पर है. इस वजह से चरमपंथियों की पहली प्राथमिकता इस बहुमूल्य ऐतिहासिक विरासत को नष्ट करने की होगी.

पल्माइरा के प्राचीन शहर का मध्य पूर्व के इतिहास में काफी महत्वपूर्ण स्थान है.

पल्माइरा शहर प्राचीन काल में मध्य पूर्व का मुख्य वाणिज्यिक शहर था, जिसकी वजह से इसे 'रेगिस्तान का वेनिस 'भी कहा जाता है.

अभी पल्माइरा के एक छोटे हिस्से की खुदाई हुई है और अब भी बहुत बड़ा पुरातात्विक हिस्सा भूमिगत हैं और उनकी आसानी से खुदाई कर उन्हें लूटा जा सकता है.

अगर इस्लामिक स्टेट ने पल्माइरा की ऐतिहासिक विरासत को नष्ट कर दिया तो मध्य पूर्व की एक और विरासत युद्ध की भेंट चढ़ जाएगा.

पल्माइरा की कलाकृतियों को 'रेगिस्तान की दुल्हन' भी कहा जाता है. पल्माइरा की ऐतिहासिक इमारतें दूसरी शताब्दी में निर्मित हुई और वह ग्रीक, ईरान और रोमन वास्तुकला का मिश्रण हैं.

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