ईरान मुद्दे पर खाड़ी देशों को आश्वासन

बराक़ ओबामा खाड़ी देशों के नेता के साथ बातचीत करते हुए.
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अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कैंप डेविड में हुए अमरीका और छह खाड़ी देशों के शिखर सम्मेलन में कहा है कि वह बाहरी हमले की स्थिति में खाड़ी-अरब देशों का समर्थन करेंगे.

ईरान के साथ समझौते को लेकर खाड़ी देशों के संदेह को दूर करने की कोशिश में ओबामा ने साफ़ कर दिया कि वह अपने सहयोगियों की मदद करने के लिए सेना का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.

बराक ओबामा खाड़ी देशों के नेताओं के साथ

उन्होंने कहा कि अमरीका क्षेत्रीय स्तर पर मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने में इन देशों की मदद करेगा साथ ही हथियारों के स्थानांतरण की रफ़्तार भी तेज़ करेगा.

इसके अलावा अमरीका विशेष बलों और सीमा नियंत्रण इकाइयों को प्रशिक्षण भी देगा.

कैसी आशंका

खाड़ी देशों को आशंका है कि अमरीका और ईरान के बीच संभावित परमाणु समझौते से तेहरान इतनी बेहतर स्थिति में होगा कि वह मध्यपूर्व को अस्थिर करने की कोशिश कर सकता है.

ओबामा और खाड़ी नेता
इमेज कैप्शन, सऊदी अरब और अमरीका के अन्य सहयोगी खाड़ी देश ईरान के साथ क़रार को लेकर हैं चिंतित.

यह सम्मेलन दरअसल उस आशंका को ही दूर करने के लिए बुलाया गया था.

ओबामा ने कहा है कि खाड़ी देशों के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे यह चिंता जताई है कि ईरान प्रतिबंधों से मिली राहत की राशि का इस्तेमाल मध्यपूर्व को अस्थिर करने के अभियान में लगा सकता है.

एक संयुक्त बयान में खाड़ी देशों ने कहा कि वे इस बात पर सहमत हैं कि परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान के साथ प्रामाणिक क़रार उनके अपने सुरक्षा हित में था.

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