अब 'टैंकों में नहीं समा रहे' चीनी सैनिक

चीन के सैनिक
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चीन की सेना का कहना है कि पिछले दो दशकों में उसके सैनिकों की लंबाई और मोटापा इतनी तेज़ी से बढ़ रहा है कि उन्हें टैंकों में बैठने में मुश्किलें हो रही हैं.

सेना के आधिकारिक समाचार पत्र में कहा गया है कि अब सैनिकों की बंदूकें छोटी पड़ रही हैं और उन्हें फिर से डिज़ाइन करने की ज़रूरत है.

पिछले दो दशकों में हुए एक सर्वेक्षण के मुताबिक पहले के मुक़ाबले चीन के सैनिकों की लंबाई दो सेंटीमीटर और कमर की चौड़ाई पांच सेंटीमीटर ज़्यादा हो गई है.

इसका ये मतलब है कि सैनिकों को दशकों पहले बनाए गए टैंकों में बैठने में दिक्कतें आ रही हैं क्योंकि अन्य तकनीकी सुधारों के बावजूद टैंकों की माप में कोई फ़र्क नहीं आया है.

सेना की रिपोर्ट के मुताबिक अब शरीर के 28 नापों के आधार पर नए उपकरण डिज़ाइन किए जाएंगे.

चीन में भी कुछ अन्य एशियाई देशों की तरह लोगों की संपन्नता में तेज़ी से बढ़ोत्तरी और बेहतर खान-पान के चलते युवा लोगों के शारीरिक माप पर काफ़ी असर पड़ा है.

समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक अमरीका के बाद चीन का दुनिया में दूसरा सबसे ज्यादा रक्षा बजट है. इस पैसे को चीन नए विमानों, जहाज़ों, टैंकों और सभी तरह के हथियारों पर ख़र्च करता है.

चीन की सेना दुनिया की सबसे बड़ी सेना है और इसमें 23 लाख सैनिक हैं.

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