बाढ़ राहत शिविरों में क्यों मर रहे हैं जानवर?

    • Author, रवि प्रकाश
    • पदनाम, भागलपुर से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
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बिहार के भागलपुर ज़िले के विशुनपुर के रामदुलार मंडल दहाड़ मार कर रो रहे थे. दरअसल उनकी प्यारी भैंस हेमला की भागलपुर हवाई अड्डे के राहत शिविर में मौत हो गई थी. लगातार धूप में खड़ी रहने के कारण वो बीमार हो गयी तो डाक्टरों ने देखा. लेकिन उसे बचा नहीं सके.

जब मैं इस राहत शिविर में पहुंचा, तो सैकड़ों जानवर कड़ी धूप में खड़े थे. उनके लिए शेड की व्यवस्था नहीं थी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भागलपुर दौरे के दौरान जानवरों के लिए बने राहत शिविर में पूरी नज़र रखने और शेड बनाने के निर्देश दिए थे.

रामदुलार मंडल ने सूद पर कर्ज लेकर यह भैंस खरीदी थी. उन्होंने बीबीसी को बताया कि जेठ माह में उनकी भैंस ने बच्चा दिया था. अब उस बच्चे को बचाना कड़ी चुनौती है.

इसी गांव के रमाकांत मंडल की भैंस की भी मौत हुई है. उसका पेट फूल गया था. उन्होंने बताया कि मरने के पहले उनकी भैंस का गला बंद हो गया. इसके बाद वह तड़पने लगी. कुछ देर में ही उसकी मौत हो गयी. इस राहत शिविर में दो और जानवरों की मौत हुई है.

विशुनपुर के बबलू मंडल ने बीबीसी को बताया कि प्रशासन जानवरों के लिए पार्याप्त चारे का प्रबंध नहीं कर पा रहा है. इस कारण लोग बाहर भाहर से ऊंची क़ीमत पर चारा खरीदने को विवश हैं.

दिलदारपुर की नंदिनी देवी ने भागलपुर विश्वविद्यालय स्थित टील्हा कोठी राहत शिविर में शरण ली है.

उन्होंने बताया कि घर में आय का कोई साधन नहीं था, तो कर्ज लेकर पिछले साल गाय खरीदी थी. बाढ़ के कारण जब गांव छोड़ना पड़ा तो गाय उनके साथ ही आई. अचानक वह बीमार हुई और डाक्टरों की कोशिश के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी.

भागलपुर पशु चिकित्सालय के चिकित्सक डॉक्टर सुभाष चंद्र ने कहा कि जानवरों की मौत का कारण कड़ी धूप है. शेड की व्यवस्था नहीं होने के कारण जानवरों को धूप में रहना पड़ता है. इस कारण उन्हें डायरिया और कोल्ड जैसी शिकायतें हो रही हैं. उन्होंने बताया कि पशुओँ का टीकाकरण किया जा रहा है. इससे उन्हें बीमारी से बचाया जा सकेगा.

इस बीच आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक़ बिहार में अब तक कुल 61 जानवरों की मौत बाढ़ के कारण हुई है.

सरकार ने राज्य में जानवरों के लिए 185 बाढ़ राहत शिविरों का प्रबंध किया है.

पटना, भागलपुर, सारण, बक्सर, खगड़िया, मुंगेर, पूर्णिया, कटिहार समेत बाढ़ प्रभावित 12 ज़िलों में चल रहे राहत शिविरो में जानवरों का टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है.

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