'संतोषजनक काम नहीं किया तो हटाया'

नए कैबिनेट मंत्री
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प् रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैबिनेट में मंगलवार फेरबदल हुआ जिसके बाद नए चेहरों को इसमें शामिल किया गया है जबकि कई पुराने चेहरों की अलग विभाग दे दिए गए हैं.

इस फेरबदल के कारणों पर वरिष्ठ पत्रकार और विश्लेषक अदिति फड़निस से बीबीसी संवाददाता अमरेश द्विवेदी ने बात की.

प्रश्न: इस बदलाव के पीछे कारण हो सकते हैं, और क्या अहमियत है इसकी?

हाल में प्रधानमंत्री ने नेताओं के काम का विश्लेषण किया था यानि कि परफोर्मेंस ऑडिट किया था, उसे गंभीरता से लिया गया है.

जिन मंत्रियों का काम संतोषजनक नहीं पाया गया उन्हें या तो हटा दिया गय़ा है और जिनका काम अच्छा पाया गया उन्हें तरक्की दी गई है.

मनोज सिन्हा

मनोज सिन्हा को रेल राज्य मंत्री से तरक्की दे कर संचार का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है. अनंत कुमार जो पहले अटल बिहारी बाजपेयी सरकार में शहरी विकास मंत्री रह चुके हैं, उन्हें तरक्की के साथ संसदीय कार्य मंत्री का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.

इस फेरबदल की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि स्मृति ईरानी को मानव संसाधन मंत्रालय से हटा कर कपड़ा विभाग में डाल दिया है. मुझे लगता है कि यह एक ज़रूरी कदम है क्योंकि इस विभाग में करने के लिए बहुत कुछ है और स्मृति ईरानी का लगभग सभी लोगों से झगड़ा चल रहा था.

प्रकाश जावड़ेकर

प्रकाश जावड़ेकर एक परिपक्व और सुलझे नेता हैं और उन्हें कोई तकलीफ़ नहीं होगी मानव संसाधन मंत्रालय संभालने में. मुझे लगता है कि अब आगे सामाजिक क्षेत्र में जो उदारीकरण होगा वो इसी मंत्रालय से शुरू होगा.

<bold>प्रश्न:</bold> क्या <link type="page"><caption> स्मृति ईरानी</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2016/07/160705_smriti_irani_controversy_ml" platform="highweb"/></link> को उनके बयानों और उनके उग्र स्वभाव के लिए सज़ा दी गई है?

स्मृति ईरानी

अदिति कहती हैं, मुझे नहीं पता कि उन्हें सज़ा दी गई है या नहीं. लेकिन निश्चित रूप से उन्होंने ख़ुद टीएसआर सुब्रमण्यम की अध्यक्षता में एक समिति बनाई. इस समिति की रिपोरेट को उन्होंने लागू नहीं किया, सार्वजनिक नहीं किया.

यह मामला इतना बढ़ गया कि ख़ुद टीएसआर सुब्रमण्यम को बोलना पड़ा कि हम अपने आप ही इस रिपोर्ट को वो सार्वजनिक कर देंगे.

इस रिपोर्ट में मंत्रालय को किस प्रकार चलाना चाहिए, इस संबंध में महुत साधारों बदलावों की बात की गई थी. इस तरह के बातों से सरकार की छवि को बहुत अच्छी नहीं दिखाई देती है.

स्मृति ईरानी के स्वभाव की बात करें को उनका स्वभाव निश्चित रूप से थोड़ा गर्म है और मुझे लगता है हर चीज़ में राजनीति लाना कोई उचित नहीं है.

आपको सरकार के साथ कदम से कदम मिला कर काम करना होगा. करने को मानव संसाधन मंत्रालय में बहुत कुछ है जबकि बहुत कम हो रहा था.

प्रश्न: राज्य मंत्री जयंत सिन्हा को नागरिक उड्डयन मंत्रालय भेजा गया है. यशवंत सिन्हा कई बार पार्टी के ख़िलाफ़ बोलते हुए सुने गए हैं. क्या इस कारण उन्हें वित्त मंत्रायल से हटाया गया है? (जयंत सिन्हा, यशवंत सिन्हा के बेटे हैं.)

जयंत सिन्हा

अदिति कहती हैं इसे हमें पदावनति की तरह नहीं देखना चाहिए. क्योंकि हाल में नागरिक उड्डयन पॉलिसी लागू हुई है जिसके कार्यान्वयन के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी और वहां पर एक सुलझे हुए दिमाग़ की ज़रूरत है. उनके भेजा गया है ताकि वो मंत्रालय को सरकार की सोच के अनुकूल ढाल सकें.

नागरिक उड्डयन पॉलिसी में बहुत सारी पेचीदा चीज़ें हैं. जयंत सिन्हा समझते हैं कि कहां निवेश होना चाहिए, कहां प्रत्यक्ष विदेशी निवेश होना चाहिए, निजी हाथों में क्या जाना चाहिए और क्या नहीं जाना चाहिए.

प्रश्न: विजय गोयल को खेल मंत्रालय दिया जाना और एमजे अकबर को विदेश राज्य मंत्री दिया जाना कैसा चुनाव है?

एमजे अकबर

अदिति कहती हैं कि एमजे अकबर को विदेश मामलों का राज्य मंत्री बनाना अच्छा कदम है.

मुझे लगता है वो बहुत सफल रहेंगे. वो भारत का इतिहास ओर भारत का परिप्रेक्ष्य समझते हैं. शायद जो अनर्गल बातें जनरल वीके सिंह कभी-कभी बोल देते हैं उनके ठीक करने के लिए उन्हें वहां भेजा गया है. सुषमा स्वराज का स्वास्थ्य बहुत अच्छा नहीं है वो बहुत ज़्यादा बाहर नहीं जा पाएंगी.

विजय गोयल

विजय गोयल जो पहले प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री थे, और जिन्हें अब खेल का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है, यह उनके लिए उचित है.

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