'भारत माता की वंदना ग़ैर इस्लामी'

प्रकाशित

दारुल-उलूम देवबंद ने एक फ़तवे में कहा है कि देवी के रूप में भारत माता की वंदना करना ग़ैर-इस्लामी है.

दारुल-उलूम के प्रवक्ता अशरफ़ उस्मानी ने बीबीसी को बताया कि दारुल-उलूम की जिस शाखा से फ़तवा जारी किया जाता है वहां पर भारत के कई हिस्से से लोगों के सवाल आ रहे थे कि क्या 'भारत माता की जय' बोला जा सकता है और लोगों के सवाल के जवाब में ये फ़तवा जारी किया गया है.

लेकिन क्या ‘जय’ कहना पूजा करने के बराबर है? इस पर उस्मानी ने कहा, “कल को आप कहेंगे कि जय हनुमान कहिए.”

इससे पहले महाराष्ट्र में एमआईएम के विधायक <link type="page"><caption> वारिस पठान</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2016/03/160316_waris_pathan_mim_aa.shtml" platform="highweb"/></link> को भारत माता की जय नहीं बोलने पर <link type="page"><caption> निलंबित</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2016/03/160316_waris_pathan_mim_aa.shtml" platform="highweb"/></link> कर दिया गया था.

दूसरी तरफ़, राष्ट्रीय स्वयंसेवक प्रमुख <link type="page"><caption> मोहन भागवत</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2016/03/160329_rss_mim_bhagwat_waris_pathan_za.shtml" platform="highweb"/></link> की बात पर प्रतिक्रिया देते हुए एमआईएम नेता असदउद्दीन ओवैसी ने कहा था कि उनकी गर्दन पर चाक़ू रख दिया जाए तो भी वे भारत माता की जय नहीं बोलेंगे.

ओवैसी ने कहा था कि ऐसा करने के लिए देश का संविधान उन्हें इजाज़त देता है.

दारुल-उलूम के फ़तवे पर भाजपा नेता और केंद्र सरकार में मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा, "ये फ़तवा शहीदों का अपमान है और ये इस्लाम के कट्टरपंथी चेहरे को दर्शाता है."

लेकिन अशरफ़ उस्मानी ने कहा कि लोगों ने अपने सवालों के साथ भारत माता की तस्वीर भी भेजी थी कि क्या इस तस्वीर की जय या इसकी वंदना की जा सकती है.

उस्मानी ने कहा, “इस्लाम में किसी तरीके से मूर्ति पूजा नहीं की जा सकती. भारत माता को अगर देवी की शक्ल में पेश कर दिया जाए और कहा जाए कि इसकी जय बोली जाए या वंदना की जाए तो इस्लाम में ये मना है, नाजायज़ है.”

उन्होंने कहा कि भारत माता की संकल्पना देवी के रूप में की गई है जिनके हाथ में एक झंडा है, इसलिए उसकी पूजा नहीं की जा सकती है.

उस्मानी ने कहा कि ये सवाल मुसलमानों से ही नहीं सिखों, ईसाइयों और आर्य-समाजियों से पूछा जाना चाहिए कि क्या वो मूर्ति पूजा कर सकते हैं.

अशरफ़ उस्मानी का कहना था, “हमारे पास इस अंदाज़ कभी ये मामला नहीं आया. हमने तो हिंदुस्तान की आज़ादी की लड़ाई लड़ी है, हिंदुस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाए हैं. क्या ज़रूरत है कि उसको माता कहा जाए?”

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां <link type="page"><caption> क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)