गुजरात: बारिश और बाढ़ से 50 लोगों की मौत

गुजरात में आई बाढ़
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भारी बारिश और बाढ़ की वजह से गुजरात के राजकोट और अमरेली ज़िले में कम से कम 50 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

गांधीनगर में बनाए गए नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों के मुताबिक़ सबसे अधिक 23 मौतें अमरेली ज़िले में हुई हैं. मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल ने बाढ़ से प्रभावित इलाक़ों का हवाई सर्वेक्षण किया.

प्रभावित लोगों को बचाते वायुसेना के जवान

बुधवार से हो रही भारी बारिश हालांकि थम गई है. लेकिन कई इलाकों में पानी जमा हो गया है. वहीं क़रीब 30 गांवों का संपर्क शेष गुजरात से कट गया है, जिन्हें फिर से जो़ड़ने का प्रयास किया जा रहा है. गिर सोमनाथ, जूनागढ़ द्वारका, बोटड और सुरेंदरनगर ज़िलों में भी भारी बारिश की ख़बर है.

अधिकारियों के मुताबिक़ शत्रुंजया नदी का पानी कई गांवों में घुस गया. इससे स्थिति और भी भयावह हो गई.

राहत और बचाव कार्य

हेलिकॉप्टर में बैठे बचाए गए लोग.

दोनों प्रभावित ज़िलों में एनडीआरएफ़, भारतीय वायुसेना और स्टेट रिर्जव पुलिस (एसआरपी) की टीमों को राहत और बचाव कार्यों में लगाया गया है. राहत और बचाव कार्यों में वायुसेना के दो हेलिकॉप्टरों को लगाया गया है.

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सितांशु कर ने ट्विट कर बताया कि भारतीय वायुसेना के जामनगर केंद्र से एमआई-17 वीएस हेलिकॉप्टर अमरेली ज़िले में राहत और बचाव कार्य कर रहे हैं.

प्रवक्ता के मुताबिक़ अमरेजी ज़िले में वायुसेना ने 87 लोगो को बचाया और 120 किलो खाद्य सामग्री गिराई.

बाढ़ पीड़ितों को बचाता वायु सेना का जवान

बारिश की वजह से बिजली आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुई है.

राजकोट के ज़िलाधिकारी के मुताबिक़ भादर नदी के किनारे बसे 17 गांवों से क़रीब चार हज़ार लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

बाढ़ के पानी से घिरा एक गांव

मौसम विभाग ने गुजरात के सौराष्ट्र इलाके में भारी बारिश की आशंका जताई है.इसे देखते हुए अगले 48 घंटे के लिए प्रशासन ने हाई अर्ट जारी कर दिया है.

रेल यातायात

गुजरात में आई बाढ़ का पानी
इमेज कैप्शन, वायु सेना ने प्रभावित इलाक़ों में 120 किलो खाद्य सामग्री गिराई है.

वेस्टर्न रेलवे के प्रवक्ता के मुताबिक़ ट्रैक पर पानी आ जाने की वजह से रेल यातायात प्रभावित हुआ है.

अहमदाबाद में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल ने स्थिति की समीक्षा की और प्रभावित ज़िलों के प्रभारी मंत्रियों को अपने इलाक़े में जाने के निर्देश दिए.

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