शपथ ग्रहण में पूरा नहीं बजा राष्ट्रगान

    • Author, इमरान क़ुरैशी
    • पदनाम, बैंगलौर से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
  • प्रकाशित

शनिवार को चेन्नई में मुख्यमंत्री के रूप में जयललिता के शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रगान को संक्षिप्त कर बजाए जाने की घटना ने लोगों को हैरानी में डाल दिया.

यह एक मानक परंपरा है कि जब भी किसी औपचारिक सरकारी समारोह में राज्य या देश के संवैधानिक मुखिया, राज्यपाल या राष्ट्रपति मौजूद होते हैं तो उनके आने और जाने पर राष्ट्रगान बजाया जाता है.

लेकिन, शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रगान को 20 सेकेंड पहले ही ख़त्म कर दिया गया.

क्या है नियम?

एक पूर्व नौकरशाह एमजी देवसहायम ने बीबीसी हिंदी को बताया, “यह अजीब है. परंपरा यह है कि जब राष्ट्रपति या राज्यपाल मौजूद हों तो पूरा राष्ट्रगान बजाया जाता है.”

हालांकि राष्ट्रगान का एक संक्षिप्त संस्करण भी है. लेकिन, संवैधानिक मुखिया की उपस्थिति का मामला हो तो संक्षिप्त संस्करण को बजाना केंद्रीय गृह मंत्रालय के बनाए बुनियादी क़ायदे क़ानून का उल्लंघन है.

इस नियम के अंतर्गत कहा गया है, “अपने राज्य या केंद्र प्रशासित राज्य के किसी औपचारिक सरकारी समारोह में राज्यपाल या उप राज्यपाल के पहुंचने और ऐसे समारोहों से विदा लेते समय राष्ट्रगान बजाया जाता है.”

कई राज्यपालों के सेक्रेटरी रह चुके, एक सेवानिवृत्त प्रोटोकॉल अधिकारी ने कहा, “इस तरह के अवसरों पर संक्षिप्त संस्करण बजाने का कोई क़ायदा नहीं है.”

अपना नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर एक वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक ने कहा, “केवल 30 मिनट में सारी औपचारिकताएं पूरी करनी थीं, इसका मतलब ये नहीं कि राष्ट्र गान का अपमान किया जाए. शपथ ग्रहण करने वाले मंत्रियों के समूह के लिए यह कोई असामान्य बात नहीं है. ऐसा कई राज्यों में होता है.”

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